उन्माद” कहानी है सत्ता और राजनीती से कुप्रभावित वर्तमान समय की:अभिनेता ज्ञान प्रकाश

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मुंबई /करन निम्बार्क:

ज्ञान प्रकाश, टिमटिमाती मुम्बई की गलियों में एक उभरता सितारा । देश के कोने-कोने से हर दिन हजारों लोग अपने सपनों को पूरा करने यहाँ आते हैं और मुंबई किसी माँ की तरह सबको अपना लेती है, अपना बना लेती  है । ऐसे ही एक दिन उत्तर भारत के शहर कानपूर से ७ जुलाई २०१२ को अपने सपने पूरे करने आए ज्ञान प्रकाश । वे मध्यम वर्गीय परिवार में पले-बढें और बचपन से ही मुंबई के विषय में सुनते आए, सपने बुनते आए । हालाँकि मुंबई आने के लिए वैसे तो आपको भारतीय रेल का एक टिकट मात्र खरीदना होता है पर यहाँ बसने के लिए आपको बहुत लंबी, कठिनाईयों भरी यात्रा करनी पड़ती है । संघर्षों से जूझते उन्होंने शादियों और ऐसे ही कार्यक्रमों में बैरे का कार्य भी किया ताकि किसी तरह छत और भोजन की व्यवस्था बनी रहे । गुजराती नाट्य मंचो में सहायक का कार्य किया पर उनकी अंतरात्मा ने उन्हें झंकजोरा कि वे यहाँ किस उद्देश्य से आये हैं ! और एक दिन उन्होंने निर्णय किया कि अब केवल एक ही लक्ष्य, स्वयं को एक अच्छा अभिनेता बनाना है और वे जुड़ गए कबीर नाट्य समूह से ।

“रंगमंच ने जहाँ अभिनय सिखाया वही संघर्ष ने पैसों का महत्त्व ।  ऐसे ही कर्म और संघर्ष के पहाड़ों-नदियों को लांघते हुए एक वह दिन भी आया जब स्वयं की प्रतिभा को सिद्ध करने का अवसर मिला । इप्टा द्वारा आयोजित रंगमंच प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के सम्मान से पुरस्कृत किया गया । मेरे इस संघर्ष में, इस यात्रा में जो आज भी गतिमान है, उसमें मेरा धैर्य, मेरी हिम्मत बढ़ाई मेरे माता-पिता के संस्कारों ने, उनके विचारों ने और उनकी बातों ने । मैं राजस्थान की पृष्ठभूमी पर आधारित एक प्रादेशिक चलचित्र में अभिनय कर चुका हूँ । मुंबई में अपने पिता के नाम से ‘नारायण आर्ट एंड मीडिया प्रोडक्शन’ नाम से फिल्म और नाट्य निर्माण संस्था भी प्रारम्भ की है । जिसका ध्येय है कि कला और कलाकरों को बढ़ावा देना ।“  – ज्ञान प्रकाश ।

मेहनत और त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता । ज्ञान प्रकाश की हिन्दी फिल्म “उन्माद” जिसमें वे मुख्य भूमिका में हैं, शीघ्र ही संपूर्ण भारत के सिनेमाघरों में १० अगस्त २०१८ को प्रदर्शित होने जा रही है । “उन्माद” का निर्देशन किया है शाहिद कबीर ने, जो बहुत ही अच्छे रचनाकार हैं और जिनके निर्देशन में कई नाटक मुंबई और भारत भर में हुए हैं । “उन्माद” कहानी है सत्ता और राजनीती से कुप्रभावित वर्तमान समय की, जिसकी धारा में अकारण आम लोगों में गौ-हत्या जैसे मुद्दे के कारण वैमनस्य और भेदभाव पनपने लगा है । इस ज्वलंत मुद्दे को बहुत ही रचनात्मकता और सकारात्मकता के साथ फिल्म में दर्शाया गया है । भारत में कई बार अच्छी फिल्में और अच्छे अभिनेता पीछे रह जाते हैं केवल इस कारण कि नए चेहरों और नामों को देखकर हम सिनेमाघरों तक नहीं पहुँच पाते बल्कि आनेवाले कल में यहीं लोग आपके दिलों तक पहुँचने में सफल होंगे । अजेयभारत समाचार और मुंबई प्रमुख करन निम्बार्क, अभिनेता ज्ञान प्रकाश और “उन्माद” फिल्म के सभी लोगों को शुभकामनाएँ देते हैं।                         

         

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