‘किसी भी नेता का प्रवेश करना मना है’

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अजेय भारत:भोपाल:इस गांव में ‘किसी भी नेता का प्रवेश करना मना है’, यह कोई स्लोगन नहीं बल्कि गांव वालों की खुली चेतावनी है उन नेताओं के लिए जिन्होंने कभी बदहाली से गुजर रहे इस गांव की ओर कभी मुड़कर नहीं देखा। जी हां मध्यप्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन आगर मालवा जिले के अंतर्गत आने वाले गांव तेहरीपाल चक के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना लिया है।

इतना ही नहीं इन लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने के साथ ही यहां वोट मांगने के लिए आ रहे नेताओं को भी खुले शब्दों में चेतावनी दे रखी हैं, कि यदि कोई नेता इस गांव का रुख करता है तो यह उसके लिए अच्छा नहीं होगा। करीब 150 घरों के इस गांव की हर एक दीवार पर नेताओं के लिए कुछ न कुछ चेतावनी भरे शब्द जरूर लिखे हैं। इन शब्दों में यहां के लोगों का दर्द भी साफ नजर आ रहा है।

गांव में प्रवेश करते ही हवा के बीचों-बीच झुलता एक बड़ा सा बैनर आपका स्वागत करता दिखाई देगा। इस बैनर पर लिखा है किसी भी राजनैतिक पार्टी के लोगों का इस गांव में आना सख्त मना है। साथ ही यह भी लिखा है कि ‘किसी भी दल के चुनाव प्रचारक का बंजारा समाज के गांव में प्रवेश करना निषेध है’। यह मात्र एक पोस्टर या बैनर नहीं है इस तरह के पोस्टर और बैनरों से पूरा का पूरा गांव पटा पड़ा है।

करीब 150 घरों के इस गांव में 500 से ज्यादा वोटर्स रहते हैं, लेकिन इनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। गांव की हर दीवार पर विभिन्न दलों के लोगों के लिए तरह-तरह की चेतावनी लिखी है। इनमें ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं, मजदूरी नहीं तो वोट नहीं’,’ शौचालय नहीं तो वोट नहीं’, जैसे स्लोगन शामिल है। दीवारों और पोस्टर पर लिखे ये स्लोगन बताते हैं कि यहां के लोग नेताओं के अधूरे वादों से किस कदर परेशान है।
ग्रामीणों की माने तो गांव में लगे बिजली के खंभे सालों से इसी तरह खड़े हैं, लेकिन इनसे आज तक एक बल्ब तक न जलाया जा सका है। ग्रामीण अपनी समस्या लेकर कई बार संबंधित दल के पास गए भी, पर उनकी समस्याओं की अब तक सुनवाई नहीं हो पाई है।

यह गांव सिर्फ सड़क की समस्या से ही नहीं गुजर रहा है, बल्कि पीने योग्य साफ पानी की भी इस गांव के लोगों को सालों से दरकार है। सरकार ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान यहां हैंड पंप और नल तो लगवा दिए गए, लेकिन इनमें एक बार भी पानी की सप्लाई नहीं हुई। गांव की औरतें आज भी मीलों पैदल चलकर झरने से पानी लाने को मजबूर है।
इस गांव के कच्चे-पक्के रास्तों को देखकर आप खुद इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि इस गांव में कभी सड़क रही ही नहीं। सालों से गांव के लोग इन पगडंडियों के माध्यम से अपना मीलों लंबा सफर तय करते आए हैं। सरकार के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने गांव में बैनर लगा रखा है जिस पर लिखा है ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’। इस तरह के कई और बैनर व पोस्टर आपको यहां के घरों पर देखने को मिल जाएंगे।

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