….तो वे समाज को बर्बाद कर देंगे:ASJ डॉ. कामिनी लॉ

0
218

अजेय भारत ब्यूरो :नई दिल्ली:राधा कृष्ण वैष्णव:बहन पर फब्तियां कसने का विरोध करने पर सरेआम भाई के हत्या के मामले पर रोहिणी कोर्ट ने दो भाइयों सुनील व सुधीर को फांसी की सजा सुनाई। जबकि चार अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली।

कोर्ट ने चारों आरोपियों पर एक-एक लाख का जुर्माना भी किया है। जुर्माने की राशि बतौर मुआवजा मृतक के परिवार को देने का आदेश दिया है।

मामले पर फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. कामिनी लॉ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ खास तरह के अपराधों को अंजाम देने वालों को फैलने से नहीं रोका गया तो वे समाज को बर्बाद कर देंगे। दोषी सुनील व सुधीर ने सरेआम उस साहसी भाई की आवाज बंद कर दी, जिसने अपनी बहन की आबरू बचाने के लिए आवाज उठाने की हिम्मत की। यह घटना समाज को आक्रोशित व सदमे में डालने वाली थी। ऐसे आरोपियों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। अपराध रोकने के लिए कानून से अधिक लोगों के विचार में बदलाव की जरूरत है। समाज में हर जगह महिलाएं असुरक्षित हैं और खुद को अलग महसूस करती हैं। महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा, छेड़खानी, तेजाब डालने जैसी घटनाएं बढ़ रही है। इन पर रोक लगना चाहिए।

पेश मामले में, सुल्तानपुरी इलाके में 20 जुलाई, 2009 को कांवड़िये नाच रहे थे। मृतक सुभाष भी हरिद्वार से जल लेकर आया था। कॉलोनी के लोगों के साथ सुभाष की बहन भी नाच देख रही थी। इसी दौरान सुनील व सुधीर दोनों भाई रास्ते से गुजर रहे थे। उन्होंने सुभाष की बहन पर फब्तियां कसी। जब भाई ने विरोध किया तो सुभाष ने विरोध किया तो वे अपने चार दोस्तों को बुलाकर ले आए। उन्होंने लोहे की रॉड, चाकू व शराब की बोतल से सुभाष पर हमला किया। जिसके उसकी मौत हो गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here