दीवाली की मिठाई के साथ ही तौला जा रहा डिब्बे का वजन, विभाग निष्क्रिय,  ग्राहकों के साथ हो रही ठगी

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साक्षी वालिया, सतनाली: 

दीवाली का पर्व होने के कारण त्योहारी सीजन में दुकानदारों द्वारा ग्राहकों की आंखों में धूल झोंककर उनके साथ धोखाधड़ी शुरू हो गई है। त्योहारी सीजन में मिठाईयों की मांग अधिक होती है, ऐसे में मिठाई के वजन के साथ डिब्बे का वजन तोलकर दुकानदार ग्राहकों के साथ ठगी कर रहे है। मापतोल विभाग की निष्क्रियता के कारण अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में व्यापारी व कारोबारी ग्राहकों की आंखों में धूल झोंक सामान को कम तोल कर उनसे पूरे पैसे वसूल कर रहे है। इस ठगी को ग्राहक पकड़ भी नहीं पा रहे हैं। बात चाहे मापतौल के उपकरणों में गड़बड़ी की हो, मिठाई के साथ डिब्बा का वजन तोलने या घरों में कम मात्रा में गैस सिलेंडर डिलीवर करने की, कई बार पता ही नहीं चलता कि हमें उचित मात्रा या वजन मिल भी रहा है या नहीं। यह भी जरूरी नहीं कि आप दुकानदार के कांटे पर जो वजन देख रहे हैं वह सही ही हो। ग्राहकों व लोगों को इस प्रकार की ठगी से आए दिन दो-चार होना पड़ रहा है, लेकिन जिस विभाग को मापतौल में धोखा करने वाले पर शिकंजा कसने की जिम्मा सौंपा गया है वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में नकारा साबित हो रहा है। दुकानदारों द्वारा बेझिझक बिना लाइसेंस के तराजू व बटखरे का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद आज तक सतनाली कस्बे व आसपास के क्षेत्र में विभाग द्वारा कभी भी अभियान चलाकर जांच नहीं की गई। इससे दुकानदारों के हौंसले बुलंद है। इसके अलावा गैस एजेंसियों द्वारा भी गैस उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम मात्रा के गैस के सिलेंडर देकर उन्हें भारी चूना लगाया जा रहा है। वहीं अगर कोई इस मापतौल में गड़बड़ी की शिकायत भी करना चाहे तो इस विभाग के कार्यालय की जानकारी तो दूर विभाग का ही अधिकांश लोगों को पता नहीं है।
 

गांव के लोगों को लगा रहे चूना:-
सतनाली कस्बा व खंड के गांवों में दीवाली पर्व पर मिठाईयों के लिए दुकानें सजनी शुरू हो चुकी है तथा मिठाईयों की बिक्री भी हो रही है। ऐसे में दुकानदार मिठाईयों के साथ ही डिब्बे का वजन तोल रहे है तथा उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी कर रहे है। दीपावली पर भीड़ के चलते लोग जल्दबाजी में इस ओर ध्यान नहीं देते, यदि कोई विरोध भी करता है तो दुकानदार मिठाई देने से ही इंकार कर देते है। कई फल-सब्जी व अन्य सामान विक्रेता लोगों के साथ तौल में जमकर धोखा कर रहे हैं। बस स्टैंड पर आने वाले यात्री अक्सर जल्दबाजी में होते हैं। इसका फायदा उठाते हुए ये दुकानदार व ठेले वाले ग्राहकों की आंखों में धूल झोंककर या तो सामान की मात्रा में कटौती कर देते हैं या फिर घटिया सामान देते हैं। ठेले वालों द्वारा पहले ही घटिया फल सब्जी को पैक कर रख ली जाती है। ग्राहक द्वारा ली गई वस्तु को बड़ी चतुराई से बदलकर पहले से पैक घटिया वस्तु की थैली ग्राहक को दे दी जाती है। इसके अलावा अनेक दुकानदारों द्वारा बगैर लाइसेंस के बटखरे का इस्तेमाल किया जा रहा है।


धोखाधड़ी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान:-
व्यापारियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मापतौल के उपकरण सही हैं या नहीं, यह परखने के लिए उपकरण पर लगी मापतौल विभाग की सील जांच सकते हैं। मिठाई के साथ डिब्बे का वजन नहीं तोला जाता है। दुकानदार वजन एडजेस्ट की बात करता है तो वह भी गलत है। अगर कोई ऐसा करता है तो आप इसकी शिकायत कर सकते है। लोहे के बट्टे व काउंटर मशीन के लिए दो साल व इलेक्ट्रानिक मशीन के लिए हर साल विभाग से लाइसेंस रिन्यू कराना जरूरी है। कम तौलने वाले शख्स को जुर्माने के साथ-साथ सजा भी हो सकती है। किसी भी चीज के अधिकतम मूल्य पर अगर व्यापारी नए मूल्य का स्टिकर लगाता है तो यह गैरकानूनी है। घर पर वजन मापने की मशीन रखें। इससे आप गैस सिलेंडर आदि का वजन कर सकते हैं।

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