बुद्ध पूर्णिमा विशेष:जिंदगी जीने का तरीका बदल देंगे गौतम बुद्ध के ये 15 विचार

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नई द‍िल्‍ली : बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) हर साल वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है. इस दिन बौद्ध धर्म के संस्‍थापक गौतम बुद्ध का जन्‍म हुआ था.  इसी दिन उन्‍हें ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी यानी कि वे सिद्धार्थ से गौतम बुद्ध बने थे. हिन्‍दू धर्म को मानने वाले गौतम बुद्ध को भगवान विष्‍णु का नौवां अवतार मानते हैं. बुद्ध पूर्ण‍िमा का त्‍योहार सत्‍य, अहिंसा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. यहां पर हम आपको गौतम बुद्ध के ऐसे 15 अनमोल विचारों के बारे में बता रहे हैं जिन्‍हें अपनाकर आप अपनी जिंदगी और बेहतर ढंग से जी सकते हैं:

जानिए बुद्ध पूर्णिमा का महत्‍व 

1. "तीन चीजें ज्‍़यादा देर तक नहीं छिप सकतीं- सूर्य, चंद्रमा और सत्‍य." 

2. "हज़ारों खोखले शब्‍दों से अच्‍छा वह शब्‍द है जो शांति लाए."

3. "स्‍वास्‍थ्‍य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफादारी सबसे बड़ा संबंध है."

4. "मैं कभी नहीं देखता कि क्‍या किया जा चुका है; मैं हमेशा देखता हूं कि क्‍या किया जाना बाकी है." 

5. "बुराई होनी चाहिए ताकि अच्‍छाई उसके ऊपर अपनी पवित्रता साबित कर सके." 

6. "सबसे अंधेरी रात अज्ञानता है." 

7. "शांति अंदर से आती है, इसे बाहर मत ढूंढो." 

8. "शरीर को अच्‍छी सेहत में रखना हमारा कर्तव्‍य है, नहीं तो हम अपना मन मजबूत और स्‍पष्‍ट नहीं रख पाएंगे." 

9. "जो आप सोचते हैं वो आप बन जाते हैं." 

10. "आप केवल वही खोते हैं जिससे आप चिपक जाते हैं."  

11. "पहुंचने से अधिक जरूरी ठीक से यात्रा करना है." 

12. "जुनून जैसी कोई आग नहीं है, नफरत जैसा कोई दरिंदा नहीं है, मूर्खता जैसा कोई जाल नहीं है, लालच जैसी कोई धार नहीं है." 

13. "पवित्रता या अपवित्रता अपने आप पर निर्भर करती है, कोई भी दूसरे को पवित्र नहीं कर सकता." 

14. "जो जगा है उसके लिए रात लंबी है, जो थका है उसके लिए दूरी लंबी है, जो मूर्ख सच्‍चा धर्म नहीं जानता उसके लिए जीवन लंबा है."

15. "एक मोमबत्ती से हज़ारों मोमबत्तियां जलाई जा सकती हैं और उस मोमबत्ती का जीवन घटेगा नहीं. खुशी कभी भी बांटने से घटती नहीं." 

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