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मन को हमेशा स्थाई रखें, भटकता मन कामयाबी में रुकावट : एडीसी आमना तस्नीम

Ajeybharat/Jind/ पढ़ाई करते समय मन को एकाग्र रखना सफलता की निशानी है, जो विद्यार्थी पढ़ते समय मन में अन्य विचारों को स्थान देते है उन्हें सफलता मिलने में समय लगता है। उक्त विचार जिला प्रशासन द्वारा हुड्डा के वाणिज्यिक परिसर में चल रहे स्वामी विवेकानन्द कैरियर काउंसलिंग सेंटर के विद्यार्थियों द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त आमना तस्नीम के सम्मान में आयोजित विदाई पार्टी के दौरान एडीसी ने व्यक्त किए। 

एडीसी आमना तस्नीम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी विद्यार्थी अपनी डिग्री की पढ़ाई करते समय ही जारी रखें। हमेशा पढ़ाई का वह फार्मूला अपनाया जाये जो आपको कम समय में अधिक शब्दों को कवर कर सकें। सहायक शब्दों को अपने मन दिमाग में स्थाई रखें ताकि उन्हें पढऩे की जरुरत ही ना पड़े तथा वह शब्द अपने आप जुड़ते चले जायें। इसके लिए कुछ दिन प्रैक्टिस करने की जरुरत है। विद्यार्थियों द्वारा यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के सवाल पर एडीसी ने कहा कि आपका लक्ष्य निश्चित होना चाहिये। अपने लक्ष्य के अनुसार पाठयक्रम व समय का प्रबंधन करें, उससे संबंधित अच्छे लेखकों की पुस्तकों को लेकर अपनी तैयारी करें। एडीसी ने बताया कि साक्षात्कार के समय वह ड्रेस पहने, जो आपके सभ्य होने का संकेत देती है ऐसी ड्रेस कभी भी न पहनें जिससे आपको खुद परेशानी महसूस होती हो। विद्यार्थी जीवन में समय का सदूउपयोग करें क्योंकि यही समय आपके जीवन को बुलंदियों तक लेकर जाता है।

उन्होंने सेंटर के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि मैं सेंटर में वह कुछ ही क्लास ले सकीं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के लिए कुछ पुस्तकों के नाम लिखे जिनमें 'दा ट्राचटेनबर्ग स्पीड सिस्टम ऑफ बेसिक मैथेमेटिक्सÓ 'वारेन एडं मार्टिनÓ 'थोमसन एडं मार्टिनजÓ 'नार्मन लविनÓ में हाऊ टू रीड बेटर एडं फास्टर आदि पुस्तकों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सेंटर संयोजक जितेन्द्र अहलावत, शिक्षक प्रवेश कुमार, राजेन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश गिल, संजय फुलिया तथा संध्या, प्रियंका, कविता, शकुंतला, मनीषा, रमेश कुमारी, रजनी, संजना, सुजाता, देवन्द्र, श्योरण आदि विद्यार्थियों ने एडीसी को स्मृति चिह्न भेंट किये । 
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