ये IAS ऐसा कुछ करता था कि लोग परेशान हो गये थे, जिसके बाद गये कोर्ट

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पूरे देश के सभी गाँवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए सरकार ने कई नई नीतियाँ बनाई हैं. केन्द्र सरकार देश के सभी गाँवों को निर्मल बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत कई ग्रामीण योजनाओं का संचालन कर रही है. इस योजना के तहत ऐसे परिवार हैं जिनके घरों में शौचालय नहीं है जिसकी वजह से उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. लेकिन उनके पास पैसे नहीं है कि वे लोग अपने घर में शौचालय बनवा सकें तो इसलिए सरकार ऐसे लोगों को आर्थिक रूप से मदद देकर शौचालय निर्माण के साथ ही नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं. ऐसे में ही हरियाणा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसनें वहां के जिला डिप्टी कमिश्नर मणिराम शर्मा की नौकरी को खतरे में डाल दिया है.

जी हाँ असल में डिप्टी कमिश्नर मणिराम शर्मा ने कुछ लोगों की फोटो फेसबुक पर डाली थी और उसके साथ एक आपत्तिजनक कमेंट भी लिखा था. ये फोटो कोई आम फोटो नहीं थी बल्कि ये फोटो खुले में शौच कर रहे लोगों का फोटो था. जिसके लिए इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनसे उनके ऐसा करने का जवाब माँगा है.

आपको बता दें कि कोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर मणिराम शर्मा को साफ़-साफ़ लताड़ा है कि क्या उनके पास कोई और अन्य रेवेन्यू और प्रशासनिक काम नहीं बचा था जिसकी वजह से वो यह काम कर रहे थे? इतना ही नहीं कोर्ट ने तो सरकार को आदेश दिए हैं कि सरकार कोर्ट को मणिराम शर्मा द्वारा उनके कार्यकाल में किये गए कार्यों का लेखा-जोखा भी दें कि वो अब तक क्या करते आये हैं. इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होनी है.

@क्या था पूरा मामला@ 

जून के महीने में ओडीएफ अभियान के समय डिप्टी कमिश्नर मणिराम शर्मा सालरडेही और सलम्बा गांव के दौरे के लिए इन गावों में गए थे. यहीं इस दौरे के दौरान गाँव के कुछ लोग खुले में शौच कर रहे थे. इतने में ही मणिराम शर्मा वहां पहुँच गए और उन्होंने उन सभी लोगों की पहले तो फोटो खिची और फिर सभी का 1100-1100 रुपए का चालान भी काटा. इतना सब कुछ करने के बावजूद उनहोंने उन सभी गाँव वालों की फोटो फेसबुक पर शेयर करते हुए भद्दा कमेंट भी लिखा था.

जिन लोगों की तस्वीर डिप्टी कमिश्नर मणिराम शर्मा ने शेयर की थी उनमें से कुछ लोगों ने मणिराम शर्मा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और अब इनके पिटिशनर के वकील डॉ. मज्लिश खान का आरोप है कि मणिराम शर्मा ने तो पहले खुले में शौच करने वालों को गिरफ्तार करवाया और फिर उन्हें अपराधी की तरह बैठाकर उनका फोटो लिया और फिर फेसबुक पर पोस्ट किया था जिसकी वजह से गाँव वालों की काफी बदनामी भी हुई. हम अपनी इस पोस्ट के ज़रिये किसी को भी खुले में शौच करने के लिए प्रेरित नहीं कर रहे हैं लेकिन जिन लोगों को मजबूरी के चलते खुले में शौच करना पड़ा और उनके साथ जो गलत हुआ हम उसके साथ हैं.

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