सुकन्या समृद्धि योजना के प्रति बढ़ा अभिभावकों का रूझान: एसडीएम

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सफीदों 12 जुलाई। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा की पावन धरा से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना के प्रति अभिभावकों का रूझान बढ़ रहा है। एसडीएम वीरेंदर सांगवान ने बताया कि योजना के बारे में व्यापक प्रचार -प्रसार करने से अभिभावकों में जागृति आई है। उन्होने बताया कि महिला एवं बाल विकास , स्कूलों, सरकारी अस्पतालों में कार्यरत्त महिला कर्मियों को योजना के बारे में महिलाओं को जागरूक करने को कहा गया है। एसडीएम ने कहा कि लाडली योजना के साथ-साथ सुकन्या समृद्धि योजना भी बेटी बचाने में कारगार साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि तरह से अभिभावक स्थानीय डाकघर में योजना की विस्तार से जानकारी और योजना से संबंधित फार्म लेने के लिए पहुँच रहे हैं । एसडीएम ने कहा कि अच्छी बात यह है कि समाज के सभी वर्गो के लोग बेटियों के लिए खाता खुलवा रहे हैं। 

बेटी की समृद्धि को समर्पित है योजना
एसडीएम सांगवान ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा के पानीपत शहर से 22 जनवरी 2015 को देश भर में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों की समृद्धि को समर्पित की गई है। योजना के तहत जीरो से दस वर्ष तक आयु की बेटी के नाम से सुकन्या समृद्धि खाता पोस्ट आफिस में एक हजार रूपये की धनराशि के साथ खोला जाता है। इस योजना के तहत जमा धनराशि पर सबसे ज्यादा ब्याज दर दिया जाता है। बेटी की आयु 21 वर्ष की आयु होने पर खाता परिपक्कव होगा। अभिभावक खाताधारक बेटी की आयु 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच में भी बेटी की शिक्षा व शादी के लिए पचास प्रतिशत धनराशि निकाल सकते हैं। 

 कैसे खोले सुकन्या समृद्धि योजना खाता
एसडीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि डाकखाने में निशुल्क फार्म उपलब्ध है। खाता खोलने के लिए बेटी का जन्म प्रमाण-पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो,अभिभावक के दो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड , राशन कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राईविंग लाईसेंस आदि। खाता खोलने के समय बेटी की आयु जीरो से दस वर्ष तक होनी चाहिए। 
श्री सांगवान ने बताया कि अभिभावक सुकन्या समृद्धि खाते में बेटी की आयु दस वर्ष होने तक प्रति वर्ष कम से कम एक हजार रूपये और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा करवा सकते हैं। खाते में राशि मासिक किस्तों में या फिर एक साथ भी जमा करवाई जा सकती है। जमा राशि और ब्याज आयकर की धारा 80 सी के अंर्तगत आयकर मुक्त होगा, साथ ही बेटी की आयु 21 वर्ष होने पर अच्छी ब्याज दर के साथ जमा धनराशि मिलेगी।

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