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हरियाणा के खनन माफियाओं को लीज देने के विरोध में 15000 साधु संतों द्वारा शुक्रवार को धरने की चेतावनी

हरियाणा के खनन माफियाओं को लीज देने के विरोध में  15000 साधु संतों द्वारा शुक्रवार को धरने की चेतावनी

अजय कुमार विद्यार्थी/डीग /बृज क्षेत्र की आरक्षित वन भूमि पर राजस्थान सरकार द्वारा हरियाणा के माफियाओं को खनन लीज देने के विरोध में गुरुवार को मान मंदिर सेवा संस्थान गह्वर वन बरसाना  के कार्यकारी अध्यक्ष राधा कांत शास्त्री ने सैकड़ों साधु संतों के साथ डीग एसडीएम एवं ए डी एम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया। 
ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व में महीनों चले आंदोलन के पश्चात भी नियुक्त कमेटी ने आज तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की जबकि इस कमेटी को 1 महीने में ही रिपोर्ट देनी थी । 8 महीने बीत जाने के पश्चात भी अभी तक कमेटी द्वारा रिपोर्ट पेश नहीं की गई की गई है ,अतः  गठित कमेटी द्वारा  अभिलंब रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए  I ज्ञापन में कहा गया है कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर  खनन पट्टों की स्वीकृति दी गई है I अतः उन्हें तुरंत निरस्त किया जाएI 
स्थानीय निवासियों की स्वास्थ्य के साथ  खनन माफियाओं द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है । उनकी फसल नष्ट हो रही है ,भेड़ बकरी एवं अन्य पशुधन भयंकर विस्फोटों से मर रहे हैं ,तथा मानव जीवन भी असुरक्षित हो गया है । 
ज्ञापन में ग्राम नांगल एवं बुआपुर गढी से  खनन लीज की दूरी के मात्र 500 एवं 700 मीटर है का लिखित में सक्षम अधिकारी द्वारा लीज पत्र जारी किया जाए ।
खसरा नंबर 611 के 

ऊपर तालवन है  जिस पर मनरेगा के तहत कार्य हुआ है  फिर खनन पट्टा क्यों दिया गया ,यह लिखित में चाहिए I 

कब्रिस्तानों को खनन माफियाओं ने घेर रखा है ,जो लीज क्षेत्र में है फिर मुस्लिम भाइयों के हितों की अनदेखी क्यों ।

अवैध खनन को की सारी गतिविधियां  को अविलंब रोका जाए ।
ज्ञापन में चेतावनी दी कि अगर आज रात्रि 10:00 बजे तक अवैध खनन रोकने व संरक्षित वन क्षेत्र में लीज को निरस्त करने की के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई तो ब्रज यात्रा में चल रहे 15000 से अधिक साधु संतों के साथ साथ हजारों बृज के लोग एसडीएम एवं ए डी एम कार्यालय के समक्ष धरना देंगे जिस की समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी I

मान मंदिर सेवा संस्थान के अध्यक्ष राधा कांत शास्त्री ने कहा कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर राजस्थान सरकार द्वारा पौराणिक महत्व की आदि ब्रद्री के पर्वत के आसपास खनन पट्टों को लीज पर दिया गया है जिसके कारण पौराणिक महत्व के पर्वत नष्ट होने की कगार पर पहुंच गए हैं अगर रात्रि 10:00 बजे तक अवैध खनन को रोकने के लिए और संरक्षित क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए कोई कार्यवाही का आश्वासन प्रदान नहीं किया गया तो शुक्रवार को प्रातः से ही 15000 से अधिक साधु संत डीग में हरि नाम कीर्तन करते हुए एसडीएम और एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना देंगे

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