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GST की जानकारी देने के लिए सेमीनार का आयोजन किया गया

Ajeybharat/Jind/ केन्द्र सरकार द्वारा विगत एक जुलाई से देश में शुरू किये गए वस्तु एवं सेवा कर की जानकारी देने के लिए शुक्रवार को डीआरडीए के सभागार में एक सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त सत्यबाला ने की। कार्यक्रम मेें ई टी ओ नरेश अहलावत,तेजेन्द्र सिंह,ए ई टी ओ रामभज शर्मा तथा संजीव गिल मौजूद रहे। 


उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त सत्य बाला ने बैठक में उपस्थित व्यापारियों एवं आम जन को जीएसटी के सम्बंध में जानकारी देते हुए कहा कि वस्तु एवं सेवाकर के लागू हो जाने से देश विकास के पथ पर आगे तेजी से बढेगा। यह व्यवस्था शुरू होने से देश में एक बाजार एक कर की व्यवस्था शुरू हो गई है। उन्होनें व्यापारियों से कहा कि जी एस टी आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। जिस वस्तु पर पहले कई प्रकार के टैक्स लगा करते थे, अब एक टैक्स ही लगेगा। उन्होनें कहा कि जीएसटी के तहत टैक्स अदा करने की काफी आसान प्रक्रिया है। व्यापारी आनॅलाईन घर बैठे ही टैक्स की अदायगी कर सकते है। उन्होनें जी एस टी के सम्बंध में व्यापारियों एवं उपस्थित अन्य लोगों को विस्तार से जानकारी दी। 

सेमीनार में व्यापारियों द्वारा वस्तु एवं सेवाकर के सम्बंध में सवाल भी पूछे । अधिकारियों ने उनके सभी सवालों के जवाब देकर व्यापारियों की शंकाओं को दूर किया। एक सवाल के जवाब में उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने बताया कि 20 लाख रूपए तक की राशि का टर्नओवर करने वाले व्यापारियों एवं उद्यमों को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जी एस टी के तहत कम्पोजिट स्कीम भी शुरू की गई है। इस स्कीम पर 75 लाख तक का टर्न ओवर करने वाले उद्यमों एवं व्यापारियों को काफी फायदा मिलेगा।

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भारतीय व्यापारियों ने निकाल लिया GST से बचने का जुगाड़

जैसे ही रात के 12 बजे और कैलेंडर में 30 जून की तारीख, 1 जुलाई में बदली, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के हॉल से देश में GST लागू करने की बात कह दी. एक देश, एक टैक्स की सोच के साथ GST को लागू किया गया है. इसके लागू होते ही सबसे ज़्यादा असर व्यापारियों पर पड़ा है. एक दिन पहले तक लोगों को इसके बारे में कुछ भी साफ़ समझ नहीं आ रहा था और यही कारण था पूरे देश में GST को लेकर डर पैदा होना.

Source: lawctopus

लेकिन ये भारत है दोस्त, यहां कानून बनने से पहले उसकी कमज़ोरियां खोज निकाली जाती हैं. जब हमारे यहां इतने होनहार लोग हैं, तो इससे GST कैसे अछूता रहता. देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यापारियों ने अब इसका भी इलाज खोज लिया है. ET Now चैनल ने खुलासा किया है कि कैसे ये बिज़नेसमैन टैक्स बचाने के लिए काम कर रहे हैं.

ET Now के अनुसार सबसे पहले इसकी शुरुआत फ़ुटवेयर कंपनी और दुकानदारों द्वारा की गई है. GST के अनुसार 500 तक के फ़ुटवेयर पर 5 प्रतिशत GST लगेगा, वहीं इसके ऊपर GST की दर 18 प्रतिशत हो जाएगी. ऐसे में फ़ुटवेयर बेचने वाले दुकानदारों ने इनके अलग-अलग बिल बनाने शुरू किए हैं. अब अगर आप फ़ुटवेयर खरीदते हैं, तो दाएं और बाएं पैर, दोनों के फ़ुटवेयर का अलग-अलग बिल आपको मिलेगा.

Source: shutterstock

कुछ यही हाल कपड़ों का भी है. दुकानदार कपड़ों के साथ भी अलग-अलग बिल बनाने का गेम खेल रहे हैं. अगर आप सूट खरीदते हैं, तो ब्लेज़र और पैंट के अलग-अलग बिल देख कर हैरान न हो जाएं. कपड़ों पर सरकार ने 1000 रुपये तक पर 5 प्रतिशत और इससे ऊपर 12 प्रतिशत की GST दर लगाई है. अब इससे बचने के लिए दुकानदारों ने इसका भी तोड़ ऐसे निकाल लिया है.

Source: riverisland

कई कंपनियों ने टैक्स दर को कम से कम रखने के लिए कई और तरीके अपनाए हैं. सरकार ने GST की दर को 5 प्रतिशत से 28 प्रतिशत तक रखा है. अगल-अलग सामानों पर लगने वाली दर अभी क्या-क्या और खुलासे करवाती है, ये तो देखने वाली बात होगी.

Story Source: Financial Express

Feature Image Source: lawctopus

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लॉकर में रखे किसी भी कीमती सामान के प्रति बैंक की कोई जवाबदेही नहीं है- RBI

कई दिनों तक घर से बाहर जाने की सूरत में बहुत से लोग गहने, प्रॉपर्टी के कागज़ आदि जैसे अपने कीमती सामानों को बैंक लॉकर में रखना ज़्यादा भरोसेमंद समझते हैं. पर हाल ही में दिए RBI के जवाब के बाद आपका बैंक लॉकरों से भी भरोसा उठ जायेगा.

दरअसल, एक पब्लिक लॉयर Kush Kalra द्वारा डाली गई RTI के जवाब में RBI ने कहा कि किसी भी तरह की अनपेक्षित घटना होने पर लॉकरों में रखे किसी भी सामान के प्रति बैंक की कोई जवाबदेही नहीं है. RBI के इस जवाब को बैंक ऑफ़ इंडिया, ओरियंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, कैनरा बैंक समेत 19 बैंकों ने सही बताया है.

Source: bankhouse

इसके साथ ही RTI में RBI की तरफ़ से कहा गया है कि 'लॉकर को ले कर बैंक और ग्राहकों के बीच वैसा ही संबंध होता है, जैसा एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच होता है.

Source: livemint

बैंक इसे अपने ग्राहकों के साथ हुए लॉकर एग्रीमेंट में ही साफ़ कर देते हैं कि लॉकर में रखा सामान ग्राहक की रिस्क पर ही रहेगा. किसी भी तरह की हुई अनपेक्षित घटना जैसे युद्ध, चोरी, लूट आदि की सूरत में हुए नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा. 

 

Source: toi

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जीएसटी को लेकर न घबरायें समझे तो लगेगा सबसे आसान-राघवेन्द्र सिंह

वर्तमान की आवश्यकता तो स्वर्णिम भविष्य है जीएसटी -मलैया

जीएसटी को लेकर न घबरायें समझे तो लगेगा सबसे आसान-राघवेन्द्र सिंह

एक जुलाई से देश में पुराना रदद् नया कर कानून लागू होगा

डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव/

दमोह/ एक राष्ट्र,एक निशान,एक विधान के साथ ही एक समान कानून के तहत भारत में समान कर को लेकर एक नया कानून लागू होने जा रहा है। एक स्वर्णिम युग की शुरूआत के तहत जहां विभिन्न प्रकार के करों से मुक्ति मिलेगी तो वहीं एक ही कर के साथ होने वाली तमाम झंझटों से मुक्ति भी मिलेगी। जी हां हम बात कर रहे हैं जीएसटी की जिसको आने वाली एक जुलाई से लागू कर दिया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत के संसद के सेन्ट्रल हॉल में 30 जून की रात्रि 11 बजे देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी,प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ देश भर के अपेक्षित मंत्री,सांसद की उपस्थिति में मध्य रात्रि में लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। उक्त नये कानून जिसको ”जीएसटी ” नाम दिया गया है जिसमें  एक देश, एक कर और एक बाजार व्यवस्था 01 जुलाई से लागू हो जायेगी। उक्त कर कानून को लेकर देश भर में विभिन्न माध्यमों से जनता को इसके लाभ बतलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय पर एक वृहद कार्यशाला का आयोजन स्थानीय मानस भवन में किया गया। जिसमें ”जीएसटी ” की परिकल्पना,लागू करने,उसके फायदों के साथ उपस्थित व्यवसाईयों की शंकाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

साकार होते अटल के सपने-

ज्ञात हो कि तत्कालीन प्रधान मंत्री पं.अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा समान कर को लेकर शुरूआत एवं उसको मूर्तरूप देने का कार्य किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार बर्ष 2000 में पं.बाजपेयी सरकार में राज्य वित्त मंत्रियों की एम्पावर्ड कमेटी बनायी गयी थी। उद्ेश्य था वर्तमान करों को हटाकर नये वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) का प्रारूप तैयार करना। एम्पावर्ड कमेटी का अध्यक्ष पश्चिम बंगाल के वित्त एवं एक्साईज मंत्री असीम दास गुप्ता को बनाया गया था। श्री गुप्ता के नेतृत्व में उक्त कमेटी ने कार्य करना प्रारंभ किया। आने वाली एक जुलाई को पं.बाजपेयी का सपना साकार होने जा रहा है जिसमें एक देश एक कानून के तहत कार्य प्रारंभ हो जायेगा।

सरकार ने कसी कमर-

उक्त जीएसटी के मामले को लेकर सरकार पूरी तरह से कमर कस चुकी है जिसको लेकर वह सभी प्रकार की शंकाओं का समाधान करने के लिये देश भर में व्यापारियों,आम नागरिकों के असमंजस को दूर करने के लिये छोटे व्यापारियों का संगठन कैट देशभर में 100 जीएसटी क्लीनिकों का आयोजन करने जा रहा है। जो कि (जीएसटी) को अपनाने में व्यापारियों की मदद करेगा। वहीं ई-कामर्स, नई कंपनियों के लिए जीएसटी पंजीकरण 25 जून से प्रारंभ कर दिया गया है। ई-कामर्स परिचालकों तथा टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) काटने वाले 25 जून से खुद का जीएसटी नेटवर्क पर पंजीकरण करा पाएंगे.उस दिन पोर्टल नए पंजीकरणों के लिए फिर खुलेगा.। प्राप्त जानकारी के अनुसार जीएसटीएन मौजूदा कर दाताओं को भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन से पांच दिन पहले स्थानांतरण का मौका देगी.कुल 81 लाख करदाताओं में से 65.5 लाख पहले ही इस पोर्टल पर स्थानांतरित हो चुके हैं। 

जीएसटी है देश का स्वर्णिम भविष्य-मलैया

स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के वित्त एवं वाणिज्यक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया ने जीएसटी को वर्तमान की आवश्यकता और आने वाले समय का स्वर्णिम भविष्य बतलाया। उन्होने कार्यशाला में उपस्थितों को संबोधित करते हुये कहा कि संघीय व्यवस्था में केन्द्र के साथ राज्यों के अपने अधिकार है। पूर्व में जीएसटी पर विरोधाभास था इसे दूर किया गया है। अलग-अलग जीएसटी की 18 बैठके हुई, एक बार भी वोटिंग नहीं हुआ, निर्णय आम सहमति से हुए। गरीबों को राहत देने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा जीएसटी कानून आसान कानून है, श्री मलैया ने सेमीनार में मौजूद व्यापारियों से कहा कि मन में शंका ना रखें, प्रश्न पूछे, उसका समाधान अधिकारियों द्वारा किया जायेगा। उन्होंने व्यापारियों और मीडिया से पॉजिटिव एटीट¬ूड अपनाने का आग्रह किया। श्री मलैया ने कहा 30 जून को दिल्ली में जीएसटी की बैठक है। उन्होंने कहा जीएसटी शुरूआती पहल कांग्रेस सरकार ने की थी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा यह आसान है, किसी तरह की शंका मन में ना पालें। श्री मलैया ने कहा पढ़ने सुनने को मिलता है, जीएसटी को विरोध हो रहा है कि महंगाई बढ़ जायेगी। लोगों को यह भी शंका थी कि वे जेल चले जायेंगे। ऐसा इसमें कुछ नहीं है, आसान प्रक्रिया हैं, आसान कानून है। यह भी कहा कि एक फार्म भरना है शेष दो फार्म कम्प्यूटर डेवलप करेगा। टेक्सेंशन की बारीकियां आप जान सकते हैं।

न घबरायें समझे तो लगेगा सबसे आसान-राघवेन्द्र सिंह

कार्यशाला में आयुक्त वाणिज्यिक कर राघवेन्द्र सिंह ने जीएसटी को लेकर विस्तार से बात रखते हुये कहा कि देश की आजादी से आज तक एक बड़ा कर सुधार और एक क्रांतिकारी कदम और उपलब्धि है। उन्होने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र, एक कर की परिकल्पना है। उन्होंने ने कहा केन्द्र और राज्यों के अधिकार कराधान को सबको एक करने के कोशिश की गई है। केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अन्य बहुत से उपकर वेल्यू एडीट टेक्स, इंट्री टेक्स और एक राज्य से दूसरे राज्य में गुड्स जाने पर टेक्स देना होता था, अब 01 जुलाई से सब खत्म होकर जीएसटी लागू हो जायेगा और देश में एक कानून हो जायेगा। श्री सिंह ने कहा 16-17 वर्षो से इसकी तैयारी चल रही थी, छोटी-छोटी बारीकियों पर गौर किया गया, चर्चा की गई, 18 बैठके जीएसटी काउंसिल की केन्द्रीय वित्त मंत्री और राज्यों के वित्त मत्रीयों तथा अधिकारियों के साथ हुई। उन्होनें कहा 160 देशों में ऐसा कानून बनाये गये हैं। जीएसटी में आम आदमी को बिन्दु में रखा गया है। 300 वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दर समेकित रूप से कम रखी गई है। श्री सिंह ने कहा कि जीएसटी का बीजारोपण तत्कालीन प्रधान मंत्री पं.बाजपेयी के कार्यकाल में हुआ था जो कि अब मूर्तरूप लेने जा रहा है। आयुक्त श्री सिंह ने जीएसटी को लेकर विस्तार से अपनी बात रखते हुये उपजे प्रश्नों का समाधान भी किया। 

किसने क्या कहा-

उक्त कार्यशाला में उपायुक्त वाणिज्यिक कर एनएस चौहान ने जीएसटी के बारे में कहा कि एक क्रांतिकारी कदम और उपलब्धि है। इसमें जितनी कठिनाईयां थी उनका समाधान लेकर हम आये हैं, हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है, जुलाई से पूरा देश में एक कानून हो जायेगा। जीएसटी एक राष्ट्र, एक कर की परिकल्पना है। वहीं वरिष्ठ उपायुक्त वाणिज्यिक कर एवं मध्यप्रदेश राज्य जीएसटी के र्सोस पर्सन सुदीप गुप्ता ने कहा जीएसटी में बिजनिस करने पंजीयन जरूरी है जो वेट कर में रजिस्टर्ड है, सेन्टल टैक्स, सर्विस टेक्स में है उनका आटोमेटिक पंजीयन होगा। उन्होंने कहा जिस तरह से काम कर रहे यहां पर मौजूद व्यापारियों और अन्य लोगों के प्रश्न के समाधान किया गया। उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणापाणी के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ मंत्री जयंत कुमार मलैया एवं आयुक्त राधवेन्द्र सिंह ने किया। जबकि भाजपा जिला अध्यक्ष देव नारायण श्रीवास्तव, विधायक लखन पटैल, विधायक उमादेवी खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल, नगरपालिका अध्यक्ष मालती असाटी, संचालक वाणिज्यिक कर एनएस मरावी ने सहभागिता की। इस अवसर पर नवोदित निगम विद्या भारद्वाज द्वारा भक्ति गीत और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। 

एक जुलाई से प्रदेश में कमर्शियल चेक पोस्ट बंद होंगे-

मध्यप्रदेश के व्यापारियां और ट्रांसपोटर्स के लिये एक अच्छी और बड़ी खबर है, अब प्रदेश सरकार एक जुलाई से प्रदेश की तमाम कमर्शिलय टैक्स चेक पोस्ट बन्द करने जा रही है। इस आशय के उद्गार आज प्रदेश के वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया ने जीएसटी सेमीनार अवसर पर व्यक्त किये। मंत्री श्री मलैया ने कहा सरकार के इस कदम का लाभ सूबे के व्यापारियों और ट्रांसपोटर्स को मिलेगा। प्रदेश में फिलहाल कुल 29 कमर्शियल चेक पोस्ट है, जिनमें 3 अस्थाई चौकियां, 2 प्रदेश के एयरपोर्ट पर बनी चौकियां है, और 18 इट्रीगेटेड चौकियां है जो दूसरे विभागों के साथ काम करती है। शेष 24 चौकियां साधारण तौर पर काम करती है। आंकड़े बताते हैं कि बीते वर्ष 2016-17 में इन चौकियों से तकरीबन 22 करोड़ की राजस्व आय हासिल हुई थी जबकि साल, दर साल ये आंकड़ा बढ़ता जाता है। इसके साथ ही सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि दूसरे विभागों की चेक पोस्ट भी बन्द की जाएं।

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सरकार ने व्यापारियों को एकमुश्त सेटलमेंट का दिया एक मौका

Government gave to traders a chance of a one-time settlement - Kaithal News in Hindi

 

कैथल। आबकारी एवं कराधान विभाग अंबाला के ज्वाइंट कमिश्नर सुधीर शर्मा एवं विभाग के अन्य अधिकारी ने कहा कि टैक्स से संबंधित सात अधिनियमों के तहत बड़ी मात्रा में एरियर बकाया है। इसकी वसूली के लिए विभाग ने ऐसे व्यापारियों को एकमुश्त सेटलमेंट का मौका दिया है, जिनके खिलाफ टैक्स का एरियर और ब्याज खड़ा है। वे 28 जून को ओटीएस-एक फार्म भरकर आवेदन कर सकते हैं। शर्मा विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उनके साथ जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त एएस कटारिया भी थे। 

शर्मा ने बताया कि बार-बार रिमाइंडर व नोटिस के बाद भी लोग टैक्स नहीं दे रहे हैं। आउट स्टेंडिंग हर साल बढ़ता जा रहा है। सरकार ने व्यावहारिक तौर पर वन टाइम सेटलमेंट की योजना दी है। इसके तहत हरियाणा जनरल सेल्स टैक्स, हरियाणा वैट, सीएसटी, हरियाणा लोकल एरिया डेवलपमेंट टैक्स, हरियाणा टैक्स ऑन एंट्री आफ गुड्स इन लोकल एरिया, हरियाणा लग्जरी टैक्स एक्ट और पंजाब मनोरंजन ड्यूटी एक्ट आते हैं। इनमें टैक्स में तो कोई छूट नहीं होगी, लेकिन ब्याज और पेनल्टी की राशि में सेटलमेंट का प्रावधान रखा गया है। शर्मा ने बताया कि कहीं तो 90 फीसदी तक भी छूट दी जा सकती है।

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Government gave to traders a chance of a one-time settlement - Kaithal News in Hindi

 

ज्वाइंट कमिश्नर सुधीर शर्मा ने बताया कि व्यापारी को ओटीएस-वन फार्म भरकर ईटीओ को देना होगा। एक कमेटी गठित की जाएगी, जो उसकी जांच करेगी। कमेटी अपनी रिपोर्ट के साथ फार्म को डीईटीसी को भेजेंगे और अंतिम मुहर वहीं से लगेंगी। डीईटीसी संबंधित फर्म या व्यापारी को 90 दिन के भीतर देना होगा।

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हरियाणा विमानन की वेबसाइट शुरू

अजेयभारत.कॉम //राणा ओबराय/ हिसार में अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र की स्थापना के लिए चार हजार एकड़ जमीन विमानन विभाग को ट्रांसफर हो चुकी है और जल्द ही इस योजना को फास्ट ट्रैक पर लाया जाएगा।

हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में हिसार में बनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र के सम्बंध में प्रमुख एयरलाइंस

ऑपरेटर्स, कंसल्टेंट्स, मैनुफैक्चर्स, निर्माण कंपनियों व विमानन क्षेत्र से जुड़े प्राइवेट बिजनेस ऑपरेटर्स के साथ एक बैठक की।

विमानन क्षेत्र व्यावसाय में बड़ी तेजी से बदलाव आ रहे हैं और इन सब बातों को ध्यान में रखते में बैठक में मंथन हुआ। इस दौरान कई सुझाव सामने आए, जिसपर अब सरकार काम करेगी इस अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से भी क्लीयरेंस लेने के लिए राज्य सरकार ने हाथपांव मारने शुरू कर दिए हैं।

देवेन्द्र सिंह ने बैठक के दौरान वेबसाइट www.haraviation.gov.in भी लॉन्च की। उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग की गतिविधियों व हिसार में बनाए जाने वाले केंद्र के संदर्भ किए जा रहे कामों की पूरी जानकारी दी गई है।

बैठक में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (गुप्तचर) अनिल राव, कंसल्टेंट कैप्टन राजेश प्रताप सिंह, जेट एयरवेज की महाप्रबंधक मधु शरोफ, यूनाइटेड टेक्नोलॉजीज की निदेशक समिता राय, टाईटन एविएशन की वाइस प्रेसिडेंट समीना हक, फ्रोस्ट एंड सुल्लिवैन के वरिष्ठ प्रबंधक प्रतीक दिवान, बिजनेस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रोहित कपूर, सी डी एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की वाइस प्रेसिडेंट अलिसा पाठक व सराया एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल एस.एस. चौहान ने भी भाग लिया

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Boeing, SpiceJet Announce Commitment for 40 737 MAX airplanes

Agreement includes 20 new 737 MAX 10s, 20 conversions to 737 MAX 10s from airline's existing 737 MAX 8 order book



SpiceJet joins 737 MAX 10 launch customer group

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सुब्रत राय को 10 दिनों में जमा करने होंगे 709.82 करोड, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय को सहारा सेबी खाते में वायदे के मुताबिक 1500 करोड रूपए में से 709.82 करोड रूपए जमा कराने लिए सोमवार(19 जून) को 10 और कार्यदिवसों की मोहलत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत की अवधि 5 जुलाई तक के लिए बढा दी।

न्यायमूर्त दीपक मिश्र और न्यायमूर्त रंजन गोगाई की पीठ ने राय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इन दलीलों पर विचार किया कि 790.18 करोड रूपए पहले ही सेबी सहारा के खाते में जमा कराए जा चुके हैं और उन्हें शेष रकम जमा कराने के लिये 10 दिन और दिए जाएं।

राय ने इससे पहले 1500 करोड रूपए के दो चेक जमा कराए थे और 552.22 करोड सेबी के खाते में क्रमश: 15 जून और 15 जुलाई को जमा कराने थे। यह धनराशि जमा नहीं कराये जाने से अप्रसन्न न्यायालय ने 17 अप्रैल को सहारा समूह की महाराष्ट्र में एम्बी वैली की 34000 करोड रूपए की संपाि बेचने का निर्णय लिया था और राय को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया था।

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वाट्स एप के बारे में 25 रोचक तथ्य | Whatsapp In Hindi

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व्हाट्सप्पदो दोस्तों ने यह सोचकर नौकरी छोड़ दी कि अपना कोई काम किया जाए, लेकिन जब बात नहीं बनी तो दोनों ने दोबारा नौकरी ज्वाइन कर ली। हालांकि दोनों ने कुछ अलग करने की अपनी उम्मीद नहीं छोड़ी। इसके बाद उन्होंने कुछ प्रयोग किए और देखते ही देखते उनका काम लोकप्रिय होने लगा। बाजार में उसकी कीमत अरबों डॉलर की हो गई और फेसबुक जैसे लोकप्रिय ब्रांड को उसे खरीदने का प्रस्ताव भेजना पड़ा। यहां बात हो रही है वाट्स एप की, जिसे Jan Koum और Brian Acton नाम के दो दोस्तों ने तैयार किया हैं. आज हम आपको ऐसे “Whatsapp In Hindi” बताएंगे, जो आपको Whatsapp पर भी नही मिलेंगे.

Whatsapp Facts in Hindi
वाट्स एप के बारे में रोचक तथ्य

1. Whatsapp नाम इसलिए चूज़ किया गया क्योकिं इसकी साउंड “Whats UP” जैसी हैं.

2. Whatsapp के सबसे ज्यादा यूज़र भारत में हैं.

3. Whatsapp ने आज तक advertise पर एक पैसा भी खर्च नही किया. इसके बावजूद भी वाट्स एप इतनी हिट हैं.

4. Whatsapp पांचवी सबसे ज्यादा Download की जाने वाली application हैं.

5. Whatsapp “no ads” policy पर काम करता हैं, आपने कभी Whatsapp पर किसी और कंपनी की advertise नही देखी होगी.

6. Whatsapp टीम में 55 engineers हैं, और एक engineer 18 millon users को handle करता हैं.जो per engineer सबसे ज्यादा हैं.

7. Whatsapp पर हर रोज़ 4300 करोड़ मैसेज भेजे जाते हैं.

8. Whatsapp पर हर रोज़ 160 करोड़ फोटो शेयर किए जाते हैं.

9. Whatsapp पर हर रोज़ 25 करोड़ विडियों शेयर की जाती हैं.

10. Whatsapp का इस्तेमाल 53 भाषाओं में कर सकते हैं.

11. Whatsapp के monthly active users 100 करोड़ हैं, जो facebook messenger से भी ज्यादा हैं.

12. Whatsapp पर 100 करोड़ से भी ज्यादा ग्रुप बने हुए हैं, इनमें से 1-2 तो आपका भी होगा.

13. Whatsapp founder “Jan Koum” और “Brian Acton दोनों ने ही 2009 में फेसबुक में एक जॉब के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया था.

14. व्हाट्सप्प के को-फाउंडर जैन कॉम का जन्म यूक्रेन के एक छोटे से गांव कीव में हुआ था. इनका परिवार इतना गरीब था कि उनके घर में बिजली तक नहीं थी.

15. आपको ज़ानकर हैरानी होगी की Whatsapp बनाने वाले जैन कॉम दुकान में सफाई और पोछा लगाने का काम करते थे. लेकिन आज ये अरबपति हैं.

16. 2009 के शुरुआती दिनों में ही वाट्स एप के आविष्कार का बीज पड़ गया। कॉम ने एक आईफोन खरीदा और इस नतीजे पर पहुंचे की आने वाले समय में ऐप्स काफी बड़ी चीज होंगे. उन्होंने सोचा कि एक ऐसा एप्लिकेशन तैयार किया जाए जिसके माध्यम से बड़ी ही आसानी से मैसेजिंग की जा सके.

17. Whatsapp का ट्रायल कुम के कुछ Russian दोस्तो के फोन पर हुआ था.

18. Whatsapp ज़ितनी तेजी से इतिहास में किसी कंपनी ने ग्रोथ नही की.

19. Whatsapp और Skype जैसी सेवाओं की वज़ह से दुनियाभ़र की दूरसंचार कंपनियों को $386 बिलियन का नुकसान उठाना पड़ा हैं.

20. Facebook ने Whatsapp को 1182 अरब रूपए में खरीदा, जो अब तक की सबसे महंगी डील हैं. ये डील 2014 में Valentine’s Day के दिन हुई.

21. अगर आप वाट्स एप पर किसी की profile picture नही देख पा रहे तो 2 बाते हो सकती हैं, या तो आप उस व्यक्ति की contact list में नही हैं या फिर उसने आपको block कर दिया हैं.

22. वाट्स एप की एक साल की कमाई NASA के बज़ट से भी ज्यादा हैं.

23. Internet पर खींची गई 27% Selfies के लिए व्हाट्सप्प जिम्मेदार हैं.

24. January 2012, में Whatsapp को IOS App store से बिना बताए remove कर दिया था, but 4 दिन बाद दोबारा add कर दिया.

25. अगर आपको शक है कि किसी contact ने आपको Whatsapp पर ब्लॉक कर दिया है, तो उसे एक ग्रुप में एड करें. अगर उसने आपको ब्लॉक किया होगा, तो यह नहीं हो पाएगा.

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हर दिन बदलेगी पेट्रोल और डीज़ल की कीमत, ऐसे पता कर सकते हैं आप रोज़ाना बदले हुए दाम

इसी साल अप्रैल महीने में तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट के हिसाब से रोजाना पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल के रेट बदलने की योजना बनायी थी, जिसे 1 मई से देश पांच शहरों चंडीगढ़, जमशेदपुर, पुडुचेरी, उदयपुर और विशाखापट्नम में लागू कर दिया गया था और तब से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर रोजाना बदलाव किया जा रहा है. इसके सफल कार्यान्वयन के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के ओएमसी ने अब 16 जून, 2017 से पूरे देश में पेट्रोल और डीजल के RSP में डेली संशोधन शुरू करने का निर्णय लिया है.

Source: india

इस फैसले के खिलाफ़ जहां एक तरफ पेट्रोल पंप डीलर्स ने पेट्रोल की कीमतों में 16 जून से होने वाले रोजाना बदलव को कारण हड़ताल की चेतावनी दे दी है. वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा है कि वो सभी कस्टमर्स को उचित दाम पर ईंधन देगी. ये सब तो ठीक है, लेकिन कल यानी कि 16 जून से पेट्रोल और डीज़ल के दामों में होने वाले डेली बदलाव की जानकारी ग्राहकों को कैसे मिलेगी.

तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेट्रोल और डीज़ल के 26,000 से अधिक डीलर्स को अगले दिन के ईंधन की कीमतों की जानकारी पूर्व-निर्धारित समय पर दे दी जाती है. देश के 10,000 से ज्‍यादा पेट्रोल पंप ऑटोमेटेड हैं और इन पेट्रोल पम्पों पर ईंधन की कीमतें रात के 12 बजे ऑटोमैटिकली बदल जाती हैं.

Source: khabartak

मगर अब नए नियम के अंतर्गत, 16 जून (यानी कल) से ईंधन दामों में होने वाले डेली बदलाव के बारे में पेट्रोल पंप डीलर्स को पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी. साथ ही जो पेट्रोल पंप ऑटोमेटेड नहीं हैं, उन्‍हें SMS, ई-मेल, मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के द्वारा कीमतों में होने वाले बदलाव की सूचना पहले से ही दे दी जाएगी. इसी कीमत के अनुसार, डीलर्स दाम को तय करेंगे और इसे ग्राहकों के लिए जारी भी करेंगे.

अब आप परेशान होंगे कि आपको कीमतों में होने वाले रोजाना के बदलाव कैसे पता चलेंगे, तो परेशान मत हों. पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में होने वाले रोजाना बदलाव की जानकारी आप IOCL के Mobile App Fuel@IOC से जान सकते हैं. इस ऐप के द्वारा आपको पता चल जाएगा कि देश के किस शहर में पेट्रोल-डीजल के क्‍या भाव हैं.

Source: financialexpress

इसके अलावा आप SMS के जरिए भी अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत का पता कर सकते हैं. इसके लिए आपको RSP के बाद स्‍पेस देकर डीलर का कोड लिखना होगा (SMS RSP< SPACE >DEALER CODE) और इस SMS को 9224992249 भेजना होगा. अब से हर पम्प के लिए अपने डीलर कोड को प्रदर्शित करना अनिवार्य है.

 

Feature Image Source: catchnews

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वो 66 वस्तुएं कौन सी है जिन पर टैक्स दर में कटौती की गई हैं।

नई दिल्लीः GST काउंसिल के 16 वी बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 66 वस्तुओं की टैक्स दरों में संशोधन का फैसला किया हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह संशोधन उद्योग जगत के सिफारिशों के बाद किया गया। GST काउंसिल के बैठक के बाद वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नए दरों की जानकारी दी। जेटली ने कहा की GST काउंसिल ने 133 वस्तुओं में से 66 वस्तुओ के टैक्स दरों में कटौती का फैसला किया हैं। जिन 66 वस्तुओं के टैक्स में कटौती की गई है वित्त मंत्री ने उन वस्तुओं के नाम भी बताए।

जो इस प्रकार हैं। 

काजू पर टैक्स में कटौती पहले 12 फीसद अब 5 फीसद

डिब्बा बंद खाद्य सामग्रियों पर टैक्स दर पहले 18 फीसद अब 12 फीसद

अगरबती पहले 12 फीसद अब 5 फिसद

डेंटल वैक्स पहले 28 फीसद अब 18 फीसद

इंसुलिन पहले 12 फीसद अब 5 फीसद

किताब 18 फिसीद अब 12 फीसद

प्लास्टिक बीड़्ज भी अब 5 फिसद

प्लास्टिक तिरपाल पहले 28 फीसद अब 18 फिसद

स्कूल बैंग पहले 28 फीसद अब 18 फिसद

इसके साथ ही रंगीन किताबों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पाइप पर भी टैक्स दर में कटौती की गई। पहले इसपे 28 फीसद टैक्स दर लगने वाला था अब 18 फिसद लगेगा। साथ ही छुरी-काँटा पर 12 फीसद टैक्स लगेगा। ट्रैक्टर से जुड़े समान पर अब 18 फीसद टैक्स लगेगा। कंप्यूटर प्रिंटर्स पर भी 18 फीसद टैक्स लेगेगा।

इनके साथ ही इंटरटेनमेंट टैक्स में भी कटैती की गई हैं। जिन टिकटों की कीमत 100 रुपए से कम होगी उन पर 18 फिसद टैक्स लगेगा। और जीन टिकटों की किमत 100 रुपए से ज्यादा होगी उन पर 28 फिसद का टैक्स लगेगा।

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बैलेंस चेक कीजिए, पुलिस दे रही है 490 करोड़

Ajeybharat:30 May, 2017

मुंबई
जो लोग अपने अकाउंट में 15-15 लाख रुपये आने का सपना देख रहे हैं, वे अब इससे भी बड़े सपने को हकीकत में बदलता देख सकते हैं। मुंबई पुलिस अगले कुछ दिनों में 490 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने वाली है। यह रकम उन्हीं निवेशकों को मिलेगी, जिनकी रकम पिछले दो दशकों में डूबी है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह वह रकम है, जिन्हें बांटने का पुलिस कोर्ट से आदेश निकलवा चुकी है। हमें पता चला है कि यह रकम 11 उन बड़ी कपंनियों की प्रॉपर्टी को बेचकर मिली है, जिन्होंने हजारों निवेशकों को ठगा था। इनमें से किसी के 50 हजार तो किसी के 20 से 25 लाख या इससे भी अधिक डूबे थे। इन्हीं 11 कंपनियों के निवेशकों को यह रकम मिलेगी। पुलिस ने इन कंपनियों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए हैं।

इन रुपयों को बांटने की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी और इसके लिए भायखला में एक स्पेशल सेल भी बनाया जा रहा है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस सेल के लिए शहर में कई जगहें देखीं, पर बाद में इसे भायखला ट्रैफिक पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बिल्डिंग में खोलने का फैसला किया गया, क्योंकि यहां निवेशकों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए काफी जगह है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इ स सेल को एसीपी रैंक का एक अधिकारी सुपरवाइज करेगा। उसके अंडर में एक सीनियर पीआई, एक पीएसआई, एक एपीआई और आठ सिपाही होंगे। इस सेल को गाड़ियां व बाइक भी दी जाएंगी। जिन 11 कंपनियों से पुलिस को यह रकम मिली है, उन कंपनियों ने सन 1998 से 2005 तक निवेशकों को ठगा था। पुलिस को उम्मीद है कि बहुत जल्द उसे कई और ठग कंपनियों के मामलों में भी निवेशकों को रकम बांटने के संबंध में कोर्ट से आदेश मिल सकता है।

फिलहाल पुलिस इन दिनों दो मामलों से मिली कुल 5 करोड़ 63 लाख रुपये रकम निवेशकों के अकाउंट में ट्रांसफर कर रही है। इस रकम के लिए निवेशक जीपीओ के पास डीजीपी जोन वन के दफ्तर में स्थित आर्थिक अपराध शाखा की ब्रांच में जा रहे हैं। यहां निवेशकों को पुलिस को अपने सभी पुराने दस्तावेजों को दिखाना पड़ता है, साथ ही उन्हें उन अकाउंट नंबरों का कैंसल लिखा हुआ चेक भी देना पड़ता है, जिन अकाउंट नंबरों में वे पुलिस को रकम ट्रांसफर करने का अनुरोध करते हैं।

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ग्राहकों को झटका: 1 जून से SBI इन सेवाओं के लिए वसूलेगा एक्‍स्‍ट्रा चार्ज, ये होंगे बदलाव

Ajeybharat:30 May, 2017, 8:40

देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई 1 जून से अपनी कई सेवाओं के शुल्‍क में बढ़ोतरी करने जा रहा है। पहली जून से अगर आप एसबीआई जाकर कटे-फटे नोट बदलवाते हैं या एक सीमा से अधिक बार पैसे निकालते हैं तो एसबीआई आपसे चार्ज वसूलेगा। बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट के ग्राहकों को पैसे निकालने, नए कार्ड इश्यू करवाने जैसी सुविधाएं के लिए भी 1 जून से चार्ज देना होगा।

कैश विड्रॉल पर लगेगा चार्ज
एसबीआई से कैश विड्रॉल सिर्फ 4 बार तक के लिए ही मुफ्त रहेगी। इसमें एटीएम ट्रांजैक्शंस भी शामिल हैं। 4 बार से ज्यादा एसबीआई की ब्रांच से भी कैश विड्रॉल करेंगे तो हर ट्रांजैक्शन पर 50 रुपए का सर्विस चार्ज+सर्विस टैक्स लगेगा। एसबीआई के एटीएम से 4 बार से ज्यादा विड्रॉल करेंगे तो हर ट्रांजैक्शन पर 10 रुपए सर्विस चार्ज+सर्विस टैक्स देना होगा। दूसरे बैंक के एटीएम से 4 बार से ज्यादा कैश विड्रॉल पर हर ट्रांजैक्शन पर 20 रुपए सर्विस चार्ज+सर्विस टैक्स लगेगा।

आरबीआई ने दिए कटे-फटे नोट को लेकर दिए थे ये निर्देश
30 अप्रैल को ही आरबीआई ने बैंकों को कटे, लिखे, पुराने व फटे नोटों को लेने के लिए कहा था. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंकों को साफ निर्देश दिया है कि उन्हें गंदे नोट लेने ही होंगे और इसे लेने से वे इनकार नहीं कर सकते। लेकिन अगर आप एसबीआई में कटे-फटे या गले-गीले नोट जमा कराएंगे तो आपके ऊपर अतिरिक्त चार्ज देना होर्गा।

पुराने कटे-फटे नोट बदलने पर भी लगेगा चार्ज
एसबीआई 20 से ज्यादा या 5,000 रुपए से ज्यादा कटे-फटे नोट बदलवाने पर अब 2 से लेकर 5 रुपए तक का चार्ज+सर्विस टैक्स वसूलेगा। इसके तहत हर नोट पर 2 रुपये या हरेक 1,000 रुपये पर 5 रुपये चार्ज, जो भी ज्यादा होगा, वह वसूला जाएगा। 5,000 रुपए तक कीमत होने पर हर नोट पर 2 रुपये चार्ज+सर्विस टैक्स वसूला जाएगा और 5000 रुपये से ज्यादा कीमत होने पर हर नोट पर 5 रुपये चार्ज+सर्विस टैक्स लिया जाएगा। कटे-फटे 20 नोट जिनकी कुल कीमत 5,000 रुपये से ज्यादा नहीं होगी तक बदलने पर एसबीआई कोई सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।

बेसिक बैंक डिपॉजिट अकाउंट के नए कार्ड पर भी लगेगा चार्ज
1 जून से एसबीआई एक्स्ट्रा डेबिट कार्ड इश्यू करने पर भी चार्ज लेने की तैयारी कर रहा है। एक जून से बैंक सिर्फ रुपे डेबिट कार्ड ही मुफ्त में जारी करेगा। बाकी सभी कार्ड जारी करने पर बैंक ने सर्विस चार्ज लेने का ऐलान कर दिया है। 1 जून से बैंक मास्टर और वीजा कार्ड इश्यू करने पर सर्विस चार्ज लेगा।

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Good News For EPF Holders As Provident Fund Withdrawals Now Made Easy

Certificate not required for taking advance from the Employees Provident Fund

The government has recently allowed people to withdraw money from Employees' Provident Fund through self-declaration for treatment of an illness, purchase of equipment for any handicap, and funding house building and education. Expected to help around 4 crore EPF members, this will save the time otherwise spent on getting certificates and will speed up the process of withdrawal from EPF.

EPFO members can seek an advance from their corpus without any certificates for the treatment of illness, major surgery as well as hospitalisation of over one month.

EPFO members can seek an advance from their corpus without any certificates for the treatment of illness, major surgery as well as hospitalisation of over one month in case they are suffering from TB, leprosy, paralysis, cancer, mental derangement or heart ailment. The advance was earlier granted only after receipt of a certificate from employers or employees that the member or his dependent were not covered under the Employees State Insurance Scheme (ESI). A doctor's certificate regarding the illness was also required. Physically challenged employees will now not be required to produce a certificate from a medical practitioner to withdraw their EPF savings for purchasing any equipment or aid.

Composite Single Page Form for withdrawal

Recently, the EPFO also made withdrawing provident fund savings simpler by introducing a composite single page form for all types of PF withdrawals. EPF subscribers are no longer required to submit evidential documents for withdrawing PF for grant of advances. Previously, employees were required to fill and submit different forms to the EPFO for withdrawing provident fund for different purposes.

Withdrawal up to 90 % to buy a home

EPF members can now withdraw up to 90 percent of their accumulation (employer's as well as employee's share along with interest) in the PF account or the cost of the purchase and construction of property, whichever is less. Earlier, EPFO members could withdraw up to 36 months of basic salary plus dearness allowance for purchase or construction of house or flat and 24 months of basic salary and dearness allowance for purchase of land.

An employee who has been a member of EPF organisation for three years can withdraw money to buy a home.

Also, now an employee who has been a member of EPF organisation for three years can withdraw money to buy a home. Earlier, membership of five years in EPF organisation was required to withdraw the money.

Other conditions to be fulfilled for withdrawal from EPF to buy home:

  • The accumulated EPF balance must be more than ₹20, 000. If the spouse of the member is also an EPF member, then the combined balance will be considered for eligibility.
  • Payment will be made by the EPF organisation directly to the housing society or the government agency or the bank or the prime lending institution and not to the member of EPF organisation.
  • If the amount of such withdrawal is more than the actual cost or expenses of acquiring the property, then member must refund such excess amount to EPF organisation in lump sum within 30 days from the date of allotment/completion of project/alteration of house etc.
  • If the member fails to get allotted a flat/house or in case of cancellation of the allotment, the amount must be refunded to the EPF organisation within a period of 15 days.
  • To withdraw money under this scheme, the EPF organisation member must be a member of the co-operative society or a society registered under any law for housing purpose and should have at least 10 members.
  • EPF member can also opt for payment of monthly installments from the PF money against any outstanding loan to the government/housing agency/primary lending agency or banks. Loan should be in the name of the EPF organisation member or spouse, provided both are EPF members.

Tax on withdrawals from EPF

Tax on EPF is the major concern for every employee. Some believe EPF withdrawal are not taxable, but that is not entirely true. Withdrawal from EPF can be taxable. TDS is also deducted in some cases.

If the employee withdraws the EPF balance before completing 5 yrs of service, then EPF balance is taxable.

For calculating the period of 5 years of service, it is not necessary that service should be continued with the same employer. He may have worked in different organisations. But whenever a person changes job, he must get the PF balance in previous company transferred to new company PF Account.

Can a person withdraw full EPF before retirement?

If a person leaves the job and remains unemployed for 2 months or more, then he/she can withdraw the EPF amount. But full EPF withdrawal is not allowed until the age of retirement. The PF account consists of contribution made by the employer, contribution made by employee and interest earned on employer and employee contribution. Now the employer contribution and the interest earned on it cannot be withdrawn till the age of retirement. Employee can only withdraw his contribution and the interest earned on it.

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कीमत और फ़ीचर्स के साथ एंड्रॉइड फ़ोन्स को टक्कर देने बाज़ार में उतरा Nokia 3310

दिल को थाम कर हो जाइये तैयार क्योंकि इतने लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार नोकिया ने अपने एंड्रॉइड वर्ज़न 3310 को लॉन्च कर ही दिया. लोगों की पहुंच में रखने के लिए नोकिया 3310 की कीमत भी 3310 रुपये रखी गई है.

भारत में इस फ़ोन को चार डार्क ब्लू, ग्रे, Red और पीले रंगों में उतारा गया है. 2.4 इंच वाले इस फ़ोन में QVGA डिस्प्ले है, जिसे 1200mAh की बैटरी दूसरे फ़ोन्स की तुलना में ज़्यादा पावरफ़ुल बनाती है.

Source: techradar

मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2017 के दौरान नोकिया 3310 को स्पेन के बार्सिलोना में दिखाया गया था. Dual-SIM फैसिलिटी के साथ 3310 में 2-मैगपिक्सेल का कैमरा दिया गया है. इस फ़ोन में 16MB इनबिल्ट का स्टोरेज रखा गया है, जिसे 32GB तक बढ़ाया जा सकता है. 18 मई से ये फ़ोन स्टोर्स पर बिकने के लिए उपलब्ध हो जायेगा. इन सब के अलावा नोकिया की पहचान इसका सांप वाला गेम भी इसमें खेलने को मिलेगा.

 

Feature Image Source: cnet

 

Source: news18

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कोटा के इस किसान ने विकसित की आम के पेड़ की ऐसी किस्म, जो पूरे साल दे सकता है आम

महात्मा गांधी अकसर कृषि प्रधान देश का सपना देखा करते थे, इसी सपने को भारत का भविष्य भी कहा करते थे. गांधी जी इसी सपने को साकार करता हुआ एक किसान राजस्थान के कोटा में दिखाई दे रहा है, जिसने आम की एक ऐसी फसल विकसित की है, जो साल भर फल देने में सक्षम है.

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोटा के रहने वाले किशन सुमन 4 बीघा खेत में आम की खेती करते हैं. उनके द्वारा उगाये गए पेड़ साल भर आम देते हैं, जिसकी वजह से इस पेड़ के 4 पौधे राष्ट्रपति भवन में लगाए गए हैं. इस किस्म का नाम किशन ने सदाबहार रखा है. इन पेड़ों में रोग से लड़ने की क्षमता है, जिसकी वजह से फसल बर्बाद होने का डर नहीं रहता. इस पेड़ को गमलों में भी उगा कर फल पाया जा सकता है.


किशन खुद इस किस्म के 22 मदर प्लांट्स लगा कर 300 दूसरे पौधे पैदा कर चुके हैं. उनके ये पौधे राष्ट्रपति भवन की शोभा भी बढ़ा रहे हैं. किशन के मुताबिक, 17 साल पहले उनके आम के बगीचे में एक-दो पेड़ ऐसे थे, जो साल भर फल दे रहे थे. उन्होंने इन पेड़ों पर ध्यान देना शुरू किया और संरक्षित करके नई किस्म विकसित की. फ़िलहाल किशन इन पौधों के पेटेंट की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं, जिससे इन्हें सुरक्षित किया जा सके.

तो किसान भाइयों सोच क्या रहे हो, देख लो आज यहां हम खेती की जानकारी भी दे रहे हैं.

 

Source: naiduniya

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Zen Mobile launches 4G VoLTE smartphone for Rs 5,749 With Dual WhatsApp

Zen Mobile launched its new smartphone, Admire Metal, on Friday. The smartphone is the latest addition to Zen Mobile’s Zeneration series of 4G smartphones. One of the highlighted features of the smartphone is its metallic design, which is also its USP as well. The smartphone is available at a price of Rs 5,749 in Champagne and Metallic Grey colours.

The Zen Admire Metal is a dual-SIM smartphone which runs on Android 6.0 Marshmallow out-of-the-box. It also supports 4G VoLTE calling. It is powered by a 1.3GHz quad-core processor coupled with 1GB of RAM. The smartphone sports a 5-inch IPS display.

The Zen Admire Metal packs a 5-megapixel autofocus camera on the rear side. It also has a 5-megapixel camera on the front side. Both cameras come with flash. Inbuilt storage is pegged at 16GB and expandable up to 32GB. It also houses a 2500mAh battery under the hood. The connectivity options include Bluetooth, Wi-Fi, GPS apart from 4G LTE support.

One of the main features of the smartphone like ‘Twin Whatsapp’, which is essentially a clone app allowing the operation of two different WhatsApp accounts on the same phone. The smartphone also comes preloaded with 22 regional languages along with Swalekh keyboard as an input method. It also features ‘Motion and Gesture’ for easy smartphone usage.

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यात्रीगण कृपया ध्यान दें, भारत में पहली बार चलेगी कांच की छत, यानि विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन

एक A.C. ट्रेन, आॅटोमैटिक दरवाज़े, आरामदायक कुर्सियां, छत और दोनों तरफ़ लगे कांच के शीशे और बाहर ख़ूबसूरत नज़ारा. अगर ये सब सुन कर आपके दिमाग में मेट्रो की छवि बन रही है, तो रुक जाइए! यहां किसी मेट्रो की नहीं, बल्कि भारतीय रेल की बात हो रही है.


अगर आपने कभी भी विशाखापत्तनम और अराकू के बीच सफ़र किया है, तो आप जानते होंगे कि ये रास्ते कितना ख़ूबसूरत है. बीते रविवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस ख़ूबसूरत अनुभव को और बेहतर करने के लिए यहां की ट्रेनों में विस्टाडोम कोच लगाए जाने का ऐलान किया.

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Suresh Prabhu @sureshpprabhu

Glad to share pictures of new vistadome coaches having features like glass roofs,LED lights,rotatable seats,GPS based info system etc

रेलमंत्री ने इन कोचों की तस्वीरें ट्वीट कर जानकारी दी कि आने वाले गुरुवार को इनका टेस्ट रन होगा.

क्या है खास इस ट्रेन में?

 

आपकी रेल यात्रा का अनुभव दोगुना करने के लिए इसमें बाहरी नज़ारों के लिए खास ग्लास रूफ़ और वॉल हैं. ए.सी. कोच संग LED लाइट, घूमने वाली आरामदायक कुर्सियां, आॅटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाज़े और सामान रखने के लिए मल्टीलेवल रैक.

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Suresh Prabhu @sureshpprabhu

Vistadome coaches have glass roof with electrically controlled opalescence,can be made transparent to enable outside view

Economic Times की रिपोर्ट अनुसार, इन चार कोचों को बनाने में कुल ख़र्चा चार करोड़ रुपये आया है.

अगर ये ट्राइल रन सफ़ल रहा, तो भारतीय रेल के लिए ये एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रहेगा. वैसे प्रभु ने पहले भी महिला सुरक्षा ऐप्प, बायो टॉयलेट्स, फ्री WiFi, नेत्रहीन लोगों के लिए ब्रेल साइन वाले कोच पर सफ़लता पूर्वक कार्य किया है.  


 

Article Source- Economic Times

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Jagriti Mobile App Launched in Uttar Pradesh for Women Empowerment

Lucknow-Yogi Adityanath new CM of Uttar Pradesh launches many new schemes for the welfare of the public of UP. Reeta Bahuguna Joshi Women Welfare Minister launches Jagriti mobile app for the empowerment of the women of the state. The state government of Uttar Pradesh launches this mobile app to provide security to the women of the state. The people can give their suggestions regarding the empowerment of the women of the state.

Joshi said that the people of the state can also give their suggestions at  Mahilakalyana.up.nic.in.apk. The Jagriti Mobile App will also provide the benefit to the children of the state for their development. Uttar Pradesh government is working fastly for the women empowerment in the state.

Chief Minster Yogi Adityanath set up Anti Romio Squad for the safety of the women in the state. It was the first decision of the CM after the BJP government comes in power in Uttar Pradesh. He also launched helpline number for the women and to stop the cheating in the board exam.

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रिलायंस जियो फिर लाया हाहाकारी प्लान… जल गए जियो को टक्कर देने वाले !

New Delhi : रिलायंस जियो लगातार चैंपियन बनने की राह पर आगे बढ़ता जा रहा है। अपनी लॉन्चिंग के साथ ही इस कंपनी ने फ्री वॉयस कॉलिंग और फ्री डेटा जैसे कई ऑफर्स अपने कस्टमर्स को दिए। इस वजह से देशभर में जियो का ही  बोलबाला है। लॉन्चिंग से 1 महीने के भीतर ही जियो ने 1 करोड़ का कस्टमर्स बेस तैयार कर लिया था। इसके बाद 2 महीने के भीतर तो जियो ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2 करोड़ कस्टमर्स अपने साथ जोड़ दिए। आज जियो के पास 10 करोड़ से ज्यादा का कस्टमर्स बेस हो गया है। ये वो वजह है कि देशभर की तमाम टेलिकॉम कंपनियों के बीच सस्ते प्लानंस की बाढ़ सी आ गई है। इस बीच आपको बता हैं कि 31 मार्च को रात 12 बजे जियो का हैप्पी न्यू ईयर प्लान खत्म हो जाएगा।

अब आगे जियो क्या करने जा रहा है इस बारे में जानना भी आपका बेहद जरूरी है। हैप्पी न्यू ईयर प्लान के खत्म होने का मतलब है कि ग्राहकों को डाटा यूज करने के लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे। कंपनी इसके लिए नया टैरिफ प्लान ला रही है। इसके लिए कंपनी ने जियो की प्राइम मेंबरशिप भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जियो प्राइम मेंबरशिप का ये आखिरी हफ्ता है। लेकिन बताया जा रहा है कि अब कंपनी इसको आगे बढ़ाने जा रही है। अब तक ये डेडलाइन 1 अप्रैल तक थी, लेकिन बताया जा रहा है कि इसको 30 अप्रैल तक किया जा सकता है। इस बीच कंपनी का कहना है कि जियो के करीब 50 फीसदी कस्टमर्स जियो प्राइम मेंबरशिप का हिस्सा बन चुके हैं। एक रिपोर्ट के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

TeleAnalysis की एक रिपोर्ट कहती है कि प्राइम मेंबरशिप सब्सक्रिप्शन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल तक बढ़ाई जा सकती है।हालांकि कंपनी ने इस बारे में कोई भी ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है। TeleAnalysis की रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो इस वक्त प्राइम मेंबरशिप  को लेकर ‘अनलिमिटेड मजा कंटीन्यूइंग होंइगा’ का प्रमोशन कर रही है। अगर ऐसा होता है तो जियो के कस्टमर्स के लिए ये किसी खुशखबरी से कम नहीं है। कंपनी का कहना है कि अभी और भी ज्यादा कस्टमर्स को जियो प्राइम मेंबरशिप का हिस्सा बनाना है। इसके लिए कंपनी लगातार काम कर रही है। इस बीच सूत्रों का कहना है कि इस मेंबर शिप को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है। इस बीच देशभर की टेलिकॉम कंपनियां जियो को टक्कर देने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

अब 1 अप्रैल 2017 से रिलायंस का प्राइम सब्सक्रिप्शन भी शुरु होने जा रहा है। इस वजह से टेलिकॉम कंपनियों के बीच प्राइस वॉर छिड़ गई है। लेकिन इस बीच सिटी रिसर्च ने एक रिपोर्ट जगजाहिर की है। रिसर्च में कहा गया है कि आने वाले वक्त में एयरटेल ही जियो को कड़ी टक्कर देगी । रिसर्च में कहा गया कि एयरटेल ही वो कंपनी होगी, जो प्राइस वॉर में जियो का मुकाबला करने वाली सबसे आक्रामक कंपनी बनेगी। रिसर्च में कहा गया है कि सभी टेलिकॉम कंपनियां अपने स्तर पर जियो से मुकाबले के लिए तैयार हैं और अपने अपने प्लानंस ला रही हैं। लेकिन एयरटेल सबसे आक्रामक प्रतिद्वंदी के रूप में सबसे आगे मौजूद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रिलायंस जियो के तमाम प्लान्स की कीमतों के साथ एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के प्लान्स की तुलना करने के लिए इनके मुंबई में आउटलेट्स का दौरा किया गया।

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