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प्रद्युमन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, हत्या में शामिल एक और व्यक्ति का खुल गया राज!

हरियाणा के गुरुग्राम में रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुए छात्र प्रद्युमन की हत्या से जुड़े नए नए राज सामने आ रहे है. पुलिस के अनुसार प्रद्युमन की हत्या में बस का कंडक्टर अकेले शामिल था जो कि इस समय पुलिस की गिरफ्त में है. घटना के कुछ ही घंटों के बाद पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद कंडक्टर अशोक ने हत्या का गुनाव कबूल भी किया था लेकिन अब इस मामले सब कुछ उल्टा होता नजर आ रहा है. अशोक से जेल में मिलने गयी उसकी पत्नी ने जो बात कही है उससे हर तरफ सन्नाटा पसर गया है. पुलिस भी अशोक की पत्नी के दावों पर चुप्पी साधी हुई है.

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घटना स्थल पर मौजूद था ‘काला चश्मा’ पहने संदिग्ध व्यक्ति 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेल में बंद अशोक से मिलने के लिए उसकी पत्नी और उसकी भाभी गयी थी. जिनसे अशोक ने कहा कि उसने किसी को नही मारा है बल्कि घटना के सथल पर प्रिंसिपल के अलावा वहां एक काला चस्मा पहना हुआ एक व्यक्ति खड़ा हुआ था. आपको बता दें कि जिस व्यक्ति की बात अशोक की पत्नी कर रही है पुलिस के पास भी उस व्यक्ति की कोई जानकारी नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि वह व्यक्ति कौन था?

 

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काला चश्मा पहने व्यक्ति पर पुलिस का बोलने से इनकार

अशोक कुमार के वकील मोहित वर्मा ने भी इस बात का जिक्र किया है कि वहां एक काला चश्मा पहने एक शख्स भी मौजूदा था, जिसे पुलिस अभी तक नहीं पहचान पाई है.पुलिस ने इस मामले पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है. वहीँ अशोक की पत्नी ममता का कहना है कि पुलिस अशोक को टॉर्चर कर रही  हैं. पति पर आरोप सिद्ध करने के लिए पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की हैं. 

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अशोक की भाभी अनुराधा का कहना है कि अशोक ने बताया कि वो “जब बाथरूम में गया था तो प्रद्युमन के अलावा दो बच्चे और मौजूद थे जो कराटे सीखकर आये थे. उसके बाद बाथरूम से निकलकर वो पानी पीकर जा ही रहा था कि पीछे स्कूल टीचर ने आवाज लगाई कि अशोक इस बच्चे को क्या हो गया इसको उठाओ जल्दी.”  अशोक ने आगे कागे कहा कि  ” उस वक्त वहां प्रिंसिपल, एक टीचर, और एक छह फुट लंबा काला चश्मा पहना आदमी खड़ा था”

 

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भारतीय जवान को सरेआम मारा था थप्पड़ उससे जुड़ी आई एक और बड़ी खबर, इस बार उस महिला को पुलिस ने…

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में एक महिला सेना के जवान को सरेआम बेशर्मी से पीटती नजर आ रही थी. यकीनन इस वीडियो को देखकर हर हिन्दुस्तानी का खून खौल उठा था. ऐसे में इस महिला से जुड़ी एक बड़ी ख़बर ये आ रही है कि उस महिला को अब गिरफ्तार कर लिया गया है. अबतक मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि महिला गुरुग्राम की रहने वाली है.

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जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जिस जवान पर महिला थप्पड़ बरसाती नज़र आई थी उस जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अपने कुछ और साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे. मामले के अनुसार वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी. इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को बड़ी ही बेशर्मी से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.

जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जिस जवान पर महिला थप्पड़ बरसाती नज़र आई थी उस जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अपने कुछ और साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे. मामले के अनुसार वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी. इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को बड़ी ही बेशर्मी से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.

पीड़ित सैनिक के मुताबिक महिला बिना किसी कारण उनपर लगातार ही थप्पड़ बरसाये जा रही थी. सैनिक का दावा है कि उनका वाहन महिला की गाड़ी से कई मीटर दूर था और वो इस बात को नहीं समझ पाए कि आखिर महिला इतने तैश में आई तो आयीं क्यों? सैनिक महावीर ने ये तक बताया कि जब उन्होंने महिला से कहा कि आप भारतीय सेना के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कैसे कर सकती हैं, तब भी महिला ने सेना को गंदी गालियां भी दी थी.

 

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दिल्ली विश्वविधालय में हुए चुनाव में बड़ा खुलासा…तो इस घपले की वजह से जीती है NSUI

दिल्ली विश्वविधालय में हुए चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा था लेकिन असल में इस चुनाव के पीछे का खेल कुछ और ही है. दरअसल यह चुनाव ABVP हारी नहीं है बल्कि हराई गयी है. सुनने में अजीब है लेकिन यही सच है. आज हम आपको इसके पीछे का पूरा माजरा समझाने वाले हैं.

दरअसल ABVP का उम्मेदवार था रजत चौधरी जो मात्र 2000 वोटों से हारा है, सवाल यह है कि एक ऐसा प्रताशी भी इस चुनाव में लड़ा था जिसका नाम और परचा दोनों ही रजत चौधरी से मिलते हुए थे. आपको बता दें राजा चौधरी नाम से भी एक कैंडिडेट ने इस चुनाव में भाग लिया था जिसे 3000 वोट मिली हैं.

राजा चौधरी की पार्टी का नाम भी ABVP था जिसका मतलब है अखिल भारतीय विद्या परिषद. यानी खेल साफ़ है रजत चौधरी हारा नहीं है बल्कि हराया गया है.

Vikrant  @vikrantkumar

कांग्रेस  जीतने के बाद अच्छे दिन के सब्जबाग ऐसे ही देख रही है जैसे कमिनिस्ट JNU विद्यार्थी परिषद जीतने के बाद देखते है!

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Congress used Dummy confidante to trick ABVP voters, but real concern should be NOTA, check their numbers.  pic.twitter.com/daIGpFSCpw

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आपको बता दें यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का खुलासा हुआ है इससे पहले भी कई बार डमी कैंडिडेट की मदद से इस तरह का चुनाव लड़ा गया है. बता दें इस चुनाव में मात्र कैंडिडेट का नाम लिखा होता है जिसके चलते डमी कैंडिडेट काफी कारगर साबित होता है.

 

बहुगुणा ने बीबीसी हिंदी से कहा, ”इस हार के कई कारण हैं. स्थानीय मुद्दे, यूनिवर्सिटी से जुड़े विषय और हमारे ख़िलाफ़ खड़े किए गए डमी उम्मीदवार, सब मिलाकर इस हार के लिए ज़िम्मेदार हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ना चाहिए.”

यह बात साफ़ है कि चुनाव में धांधलेबाजी की गयी है लेकिन यह तरीक अभी कानूनी रूप से गलत नहीं है

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ऐसे थे प्रद्युम्न के आखिरी 10 मिनट जिसे जानकर आप रो पड़ेंगे !

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल में 8 सितंबर को प्रद्युम्न नाम के 7 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. पुलिस ने इस हत्या के आरोपी कंडक्टर, बस ड्राईवर और स्कूल के ही स्टाफ को गिरफ्तार किया है. जानकरी के अनुसार आरोपी कंडक्टर ने 7 साल के बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश की और नाकाम होने पर उसने मासूम बच्चे की हत्या कर दी. स्कूल के अंदर चाकू लेकर जाने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं.

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स्कूल में हुई हत्या के बाद पूरे देश में यह सवाल बन गया है कि अब बच्चे कहां सुरक्षित हैं. जिस स्कूल के भरोसे बच्चे को छोड़ दिया जाता वहां भी अब इस तरह के काम किये जा रहे हैं. स्कूल में 7 साल के मासूम की इतनी बेरहमी से गला रेतकर हत्या करने के मामले ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं. इस मासूम की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.

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कुछ ऐसे थे मासूम प्रद्युम्न के आखिरी 10 मिनट

प्रद्युम्न के पिता ने सुबह 7.55 बजे उसे स्कूल छोड़ा. प्रद्युम्न ने स्कूल रिसेप्शन से प्रवेश करने के बजाय बस स्टॉप वाले दरवाजे से एंट्री की. 8 बजे प्रद्युम्न टॉयलेट गया, 2-3 मिनट के अंदर ही उसकी हत्या कर दी गयी. 5 मिनट तक वह वहीं पड़ा रहा. 8.08 पर उसे अस्पताल ले जाया गया. 8.10 पर प्रद्युम्न के परिवार वालों को इस मामले की जानकारी दी गयी.

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हैरान करने वाली बात यह है आरोपी कंडक्टर ही उसे अस्पताल तक लेके आया. पकड़े गए आरोपी कंडक्टर से पुलिस ने पूछताछ की और उसने 2 घंटे के अंदर ही अपना गुनाह कबूल लिया. आरोपी कंडक्टर अशोक ने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि बच्चों के टॉयलेट में मैं गलत काम कर रहा था. उसी समय वह बच्चा वहां आ गया और उसने मुझे यह सब करते हुए देख लिया. यह सब देखकर वह शोर मचाने लगा तो मैंने उसे दो बार चाकू से मारा और फिर उसका गला रेत दिया. इसके आगे आरोपी कंडक्टर ने कहा कि- उस समय मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गयी थी. मैं गलत काम करना चाहता था. आपको बता दें कि इस हत्या में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. मामले की अभी जाँच चल रही है.

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प्रद्युम्न्न का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने किया ऐसा खुलासा…

गुडगाँव में रेयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की हत्या को काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं आया है जिससे केस को कोई ठोस दिशा मिल सके. केस सामने आने के बाद से ही एक ही थ्योरी है जिस पर लगातार ही स्कूल दबाव बने पर तुला हुआ है तो वहीँ दूसरी ओर प्रद्युम्न के घर वाले इस बात को मानने से सिरे से इनकार कर रहे हैं कि प्रद्युम्न की हत्या कंडक्टर ने की है.

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पहली थ्योरी के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या कंडक्टर ने की थी वो भी महज़ इस वजह से कि वो प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण करने की कोशिश में नाकाम रहा था. हालाँकि परिवार ने हमेशा इस थ्योरी पर सवाल उठाये थे. ऐसे में परिवार की इस विश्वास को मनाओ उस वक़्त और ही मजबूती मिल गयी जब प्रद्युम्न की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. जानकारी के लिए बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये बात साफ़ हो गयी है कि प्रद्युम्न की हत्या से पहले उसका यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था. प्रद्युम्न की पोस्मॉर्टम करने वाले डॉक्टरों में से एक दीपक माथुर ने कहा कि उसके साथ यौन उत्पीड़न नहीं किया गया था.

पोस्टमार्टम में हुए इस खुलासे के बाद स्कूल प्रशासन पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. सवाल ये कि अगर प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण की कोशिश हुई ही नहीं तो कंडक्टर ने उसे मारा क्यूँ? आखिर पहले ही दिन से ये थ्योरी क्यों चलायी जा रही है कि प्रद्युम्न के यौन शोषण की कोशिश की गयी थी और नाकाम होने पर उसे मौत के घाट उतार दिया गया? अब जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये बात साफ़ हो गयी है कि प्रद्युम्न के साथ कोई गलत काम की कोशिश नहीं की गयी थी तो आखिर क्या इअसी वजह रही होगी जिसके चलते मासूम प्रद्युम्न को इतनी बेरहमी से मार दिया गया?

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हेलीकॉप्टर में अपनी बेटी के साथ कुछ ऐसा करते नज़र आये बाबा रहीम.

25 अगस्त को देश ने वो नज़ारा देखा जो आजतक हम सिर्फ फिल्मों में देखा या कहानियों में सुना करते थे. मौका था हाईकोर्ट की तरफ से आने वाले उस एक फैसले का. फैसले एक “इंसानी-बाबा” पर लगे यौन शोषण का. अपने कारनामों का फैसला सुनने के लिए बाबा राम रहीम सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर करीब 800 गाड़ियों के साथ सिरसा से पंचकुला के लिए निकले थे.

 

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मीडिया रिपोर्ट्स की ख़बरों की मानें तो बताया जा रहा है कि बाबा के इस पांच घंटे के सफर में साए की तरह उनकी  बेटी हरमनप्रीत उनके साथ ही मौजूद थी. बता दें कि हरमनप्रीत, रहीम की गोद ली बेटी हैं. मिली जानकारी के मुताबिक बाबा जब कोर्ट में पहुंचे थे उनके साथ में हरमनप्रीत भी साथ में थी.

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बताया जा रहा है कि फैसले के बाद जब आर्मी के हेलीकॉप्टर से राम रहीम को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) रोहतक के अंदर अस्थायी जेल में पांच बजकर एक मिनट पर हेलीपेड पर उतारा गया, तो भी सबको चौंकते हुए हरमनप्रीत भी उनके साथ ही उतरी.

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..लेकिन बेटी का साथ होना से भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये रही कि जिस वक़्त बाबा को फैसला सुनाते हुए दोषी करार दिया गया, जिसको सुनकर ही उनके समर्थक दंगा-फ़साद करने लगे वहीँ दूसरी तरफ बाबा इन सब के बावजूद मज़े में हेलीकॉप्टर में बैठे चॉकलेट खाते नज़र आये.

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जी हाँ, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां साध्वियों से दुष्कर्म का दोषी जरूर ठहराया गया है लेकिन इससे उनके रुतबे में शायद ही कोई आंच आई हो. 5 साल पुराने इस केस में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोषी बेशक सुनाये गए हों लेकिन उनको देखकर आप बिलकुल नहीं कह सकते कि ये बलात्कार के दोषी ठहराए गए हैं.

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फैसले के बाद ही जहाँ डेरे के गुंडों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया, मीडिया पर ताबड़तोड़ हमला किया वहीँ राम रहीम मज़े में दिखे. एक तरफ जहां लाशों गिर रही थीं, वहीं राम रहीम हेलिकॉप्टर से रोहतक जाते समय टेंशन मिटाने के लिए चॉकलेट खाता रहा.

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जानिए कोर्टरूम में क्या हुआ था?

बता दें कि राम रहीम के कोर्ट में पहुंचते ही सीबीआई जज जगदीप सिंह ने उसके केस की फाइल देखी, फिर अपने नायब कोर्ट को कहा कि आरोपी राम रहीम को हिरासत में ले लो. जज का फैसला आया और जैसे ही बाबा को हिरासत में लिया गया, सबको समझ में आ गया कि बाबा को सजा होनी तय है, समर्थक तो वहीँ गले फाड़ कर रोने लगे.

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लाखों रुपये और 1.23 Kg सोने से पूजा कर रहा था ब्रोकर, भगवान ने तो नहीं पर आयकर विभाग ने देख लिया

बेंगलुरु के रहने वाले रियल एस्टेट ब्रोकर, के. सूर्यनारायण ने घर पर ऐसी पूजा कराई कि वो भगवान की नज़रों में तो नहीं, पर आयकर विभाग की नज़रों में आ गए. इस ब्रोकर ने घर पर वरलक्ष्मी पूजा कराई थी, जिसके चढ़ावे मे इन्होंने लाखों रुपये और सोने के कलश चढ़ाए थे. जनाब की किस्मत के तारे तब गर्दिश में आ गए जब इन्होंने ये तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. देखते ही देखते भगवान और उनके चढ़ावे के दर्शन हज़ारो लोगो ने कर लिए और उन पर सवाल उठाने लगे.

इस पर सूर्यनारायण का कहना है कि ये कमाई उनकी मेहनत की है. उन्होंने बताया कि इस साल उन्होंने 13 लाख का टैक्स भरा है और उनकी कुल संपत्ति 15 करोड़ की है. सूर्यनारायण का कहना है कि उन्होंने बैंक से 88 लाख रुपये निकाले थे, 1.23 किलो सोने से मंदिर सजाया था.

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सोशल मीडिया पर लोग इस पर विश्वास नहीं कर रहे और इनकी संपत्ति की जांच की मांग कर रहे हैं. सूर्यनारायण का कहना है कि वो एक आॅटो ड्राइवर के बेटे हैं और ये सब उनकी मेहनत की कमाई है. उन्हें अफ़सोस है कि ये तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसके बाद लोग उन्हें ग़लत समझ रहे हैं. 

 

Source- Indiatoday

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विकास बराला को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी ने दिया बड़ा बयान, विकास ने दी थी ऐसी धमकी जिसे सुनकर…

Chandigarh/ IAS की बेटी वर्णिका कुंडू की गाड़ी का पीछा करने और छेड़छाड़ के आरोपी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास और उसके दोस्त आशीष को जब कोर्ट में पेश किया गया तो दोनों की हालत ख़राब थी. दोनों डरे और सहमे हुए थे. वहां मौजूद लोगों का कहना है कि विकास और उसका दोस्त डर के कारण कांप रहे थे गुरूवार को इन दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था. इन दोनों से पूछताछ हुई और उसके बाद इन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में डाल दिया गया.

 

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जिन पुलिसवालों ने आशीष और विकास को दबोचा उन्होंने दिया बयान 

इस घटना को लेकर उन पुलिसवालों ने जिन्होंने विकास और आशीष को मौका-ए-वारदात से दबोचा था ने कई बड़े खुलासे किये हैं. पुलिसवालों ने बताया कि जब विकास और आशीष को पकड़कर ले जाने लगे तो  इन रईसजादों ने उन्हें केवल धमकाया ही नहीं पिता की पावर का रौब भी दिखाया और इसके बाद इन्होंने पुलिसवालों को वर्दी तक उतरवाने की धमकी दे डाली.

 

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मौका-ए-वारदात पर तैनात हेडकांस्टेबल सतीश कुमार व उनके साथ मौजूद वालंटियर बैसाखी ने बताया कि वो रात को एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे. रात को करीब 12:33 पर कंट्रोल रूम से उनको सूचना मिली कि एक युवती को मदद चाहिए जो हाउसिंग बोर्ड की तरफ जा रही है. उनको बताया गया कि 2 लड़के उस लड़की का पीछा कर रहे हैं और छेड़छाड़ व किडनैप करने की कोशिश कर रहे हैं.

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जब मिली थी लड़की का पीछा करने की सूचना 

ये सूचना मिलने के तुरंत बाद उन्हें ये भी बताया गया कि युवक भी हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट की ओर ही आ रहे हैं. ये जानकारी मिलते ही दोनों PCR कर्मी उसी समय हाउसिंग बोर्ड चौक पर पहुंच गए और PCR वैन को साइड में लगा दी. इसके थोड़ी देर बाद ही उन्हें तेज रफ्तार से एक सफ़ेद रंग की कार सामने से आती दिखी.

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नंबर प्लेट देखते ही पुलिसकर्मियों ने तत्काल विकास की गाड़ी रुकवा दी. गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर आशीष बैठा हुआ था. ड्राइविंग सीट की तरफ से खुली विंडो से हाथ डालकर PCR कर्मियों ने चाबी निकाल ली.

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पुलिस घटनाक्रम को री-क्रिएट करने की कर रही है कोशिश 

इस मामले पर नज़र बनाए हुए लोगों का मानना है कि अब पुलिस का पूरा ध्यान घटनाक्रम को री-क्रिएट करके नए सबूत जुटाने में है. सूत्रों की माने तो, इन आरोपियों को थाने में जो VVIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा था वो भी अब बंद हो गया है. पुलिस ने इन आरोपियों को फ्लैग लगी गाड़ी के साथ थाने के अन्दर तो आने दिया था लेकिन अब आरोपियों को इधर-उधर ले जाने में पुलिस की गाड़ी को इस्तेमाल किया जा रहा है.

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IAS की बेटी से छेड़छाड़ के मामले में रोज कोई न कोई मोड़ आ रहा है. पुलिस इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरे प्रयास कर रही है. पुलिस ने आरोपियों से कई सवाल पूछे जिनके उत्तर सुनकर आप भी शर्मिंदा महसूस करेंगे. आपको बता दें कि सेक्टर 26 के थाने में आशीष कुमार और विकास बराला से जो पूछताछ हुई उसमें इन दोनों ने सीनियर IAS की बेटी वर्णिका कुंडू के आरोपों को नकार दिया था.

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पुलिस ने ढूंढ ही निकाला चोटी काटने वाला आरोपी

New Delhi/बीते कई दिनों से देश के कई कोनों से एक खबर आ रही थी जिसने देश की जनता को परेशान कर रखा था. खबर थी महिलाओं की चोटी अपने अप कट जाने की. अबतक जितने मामले सामने आये उनमे कहा गया कि कोई आता है और महिलाओं की चोटी काट ले जाता है. इससे पहले की वो चोटी काटे वो महिलाओं को बेहोश कर देता है, और फिर बेहोशी की हालत में उनके बाल काट कर फुर्र हो जाता है. ऐसे में जब महिलाएं अपनी बेहोशी से जागती हैं तो उनके पास उनकी कटी चोटी के अलावा और कुछ नहीं रहता. इस मामले की जानकारी मिलते ही देश भर की महिलाओं में दहशत थी.

 

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पुलिस ने किया दावा कि सुलझ गयी है गुत्थी

ऐसी में देश भर में फैली इस खबर के बाद अब दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि राजधानी दिल्ली में चोटी काटने के एक केस को सुलझा लिया गया है. दरअसल इस मामले में आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीड़िता के रिश्तेदार ही निकले हैं.

 

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क्या है मामला ?

दरअसल दिल्ली के दक्षिणपुरी से संजय गांधी झुग्गी में शुक्रवार को 14 साल की एक लड़की ने ये दावा किया कि दोपहर को किसी ने उसकी चोटी काट ली, और उसके कटे हुए बाल उसके ही कपड़े पर ही मिले थे. हालाँकि बच्ची ने इस मामले पर साफ़ कहा था कि उसने किसी को देखा नहीं, बस कोई आया और उसकी चोटी काट डाली.

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इस मामले की पड़ताल करने वाले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब उन्होंने केस की जांच शुरू की तो एक के एक सारी सच्चाई सामने आती गई. दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी रोमिल बानिया के मुताबिक, “जब उन लोगों ने तथ्यों की जांच के लिए वहां पर एक पुलिस टीम भेजी, तो शुरुआती जांच में सामने आया कि लड़की का 10 साल का छोटा भाई और 12 साल के उसके एक भतीजे ने शरारत में लड़की चोटी काट दी थी.” बताया जा रहा है कि घटना के वक्त लड़की सो रही थी.

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इस मामले में जब पुलिस ने लड़की के घरवालों से पूछताछ की तो उन्हें इन बच्चों की बात में कुछ गड़बड़ी नजर आई. यहाँ पुलिस को पहला सुराग मिल चुका था. ऐसे में  पुलिस ने जब जोर देकर बच्चों से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई.

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पुलिस के आगे सच्चाई बताते हुए बच्चों ने क़ुबूला कि उन्होंने शरारतवश अपनी बहन की चोटी काट दी थी. दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि लड़की के माता पिता ने लिखित रुप से ये बात पुलिस को बताई इसके बाद केस को बंद कर दिया गया.

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हालांकि राजधानी के दूसरे चोटी काटने के केस में पुलिस को अब तक सुराग नहीं मिल पाया है. लोग अबतक डरे हुए हैं, और तरह तरह की अंधविश्वास भरी बातें कर रहे हैं. कोई इस चोटी काटने वाली बात को भूत-प्रेत से जोड़ कर देख रहा है तो कोई इसे काला जादू समझ रहा है.

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आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि दिल्ली , हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में चोटी काटने की लगभग 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इस घटना से लोग इस कदर डर चुके हैं कि लोग इसे प्रेतात्मा की करतूत बता रहे हैं.

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खुद के घर की महिलाओं और बेटियों को इस हमले से बचाने के लिए लोग अपने घर में नीम की टहनियां लगाने समेत कई टोटके कर रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मामले में महिलाएं खुद इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही हैं. तो कुछ केस में ये पीड़ित महिलाओं के रिश्तेदारों का काम लगता है. हालांकि पुलिस इन केस में अबतक कोई सबूत नहीं दे सकी है..

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छात्राओं के साथ अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली, लेकिन गिरफ़्तार नहीं हुआ शिक्षक

शिक्षकों के हाथ में हर मासूम का भविष्य होता है. एक अच्छा गुरु किसी को भी सफ़लता के मुकाम तक पहुंचा देता है. लेकिन हमारे सामने कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ लोगों ने इस पवित्र पेशे को ख़राब किया है.


एक बार फिर ऐसे ही एक टीचर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं. असम के Hailakandi ज़िले के छोटे से कस्बे में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने वहां की छोटी-छोटी बच्चियों के साथ कुछ तस्वीरें क्लिक करवाई हैं. इस तस्वीर को देख कर आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि टीचर उन बच्चियों के साथ क्या कर रहा है.

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सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ये तस्वीरें उसने स्कूल के अंदर ही ली हैं और खुद ही उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.



जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने उस टीचर को आड़े हाथों लिया. इस ख़बर को वही के एक लोकल चैनल ने उठाया था. इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद उस टीचर के खिलाफ़ FIR दर्ज हुई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक उसे हिरासत में नहीं लिया है.



अब सवाल ये उठता है कि क्या ये टीचर सरकारी कर्मचारी है या फिर उसे कुछ वक़्त के लिए रखा गया था. आखिर छात्राओं ने टीचर के साथ ऐसा करने पर सवाल क्यों नहीं उठाए और सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस शख़्स को अभी तक हिरासत में क्यों नहीं लिया गया है?

Image Source: Dainik bharat

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रेलवे ट्रैक पर मिली महिला खिलाड़ी की लाश, लापरवाही की हद तो तब हो गई जब जांच दल ने कहा कि…

एक समय ऐसा भी था जब भारत में महिलाओं को घरों से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता था, लेकिन वक्त बदला और देश की बेटियों ने घरों से बाहर कदम बढ़ाए और पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया. अभी हाल ही में देश की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने महिला विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसी तरह और खेलों में भी देश की बेटियां देश का मान बढ़ा रही हैं. बात करें अगर भारतीय महिला हॉकी की तो भारत की महिला हॉकी टीम ने भी बीते सालों में काफ़ी बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन आज हम महिला खेलों की बात नहीं कर रहे हैं आज हमारा मुख्य मुद्दा है देश में महिला खिलाड़ियों को कितनी इज्जत दी जाती है अभी हाल ही में एक महिला हॉकी खिलाड़ी के साथ हुए हादसे से पता चल जाता है कि महिलाओं की देश में क्या स्थिति है.

 

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जी हाँ आज हम उस भारतीय महिला हॉकी प्लेयर की बात कर रहे हैं जिसने अभी हाल ही में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. आपको बता दें उस महिला खिलाड़ी का नाम है ज्योति गुप्ता जिसकी डेडबॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली है और पुलिस इस केस की बिना छानबीन किए इसे आत्महत्या का रूप दे रही है आप खुद ही इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि यहीं अगर कोई हमारे देश का नेता, अभिनेता या क्रिकेट जगत का कोई खिलाड़ी इस हालत में मिलता तो हड़कंप मच जाता.

 

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इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर ज्योति गुप्ता की मृत्यु का केस जिसे पुलिस सुसाइड बता रही है ये मामला गले से नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है. यहाँ तक कि ज्योति के परिवार वाले भी इस मामले को सुसाइड नहीं मान रहे है. क्योंकि इस घटना के बाद ऐसे कई सवाल है जो हर किसी के मन में शक पैदा कर रहे हैं.

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क्या था पूरा मामला…

ज्योति गुप्ता अभी महज 21 साल की थी और इतनी कम उम्र में उन्होंने अपने घर वालों के साथ साथ हमारे देश का भी नाम रौशन किया है. आपको बता दें ज्योति के घर में अभी मातम छाया हुआ है आखिर हो भी क्यों न उनके घर का कोहिनूर हीरा जो इस देश को अलविदा कह गई. ज्योति की मा से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी बुधवार की सुबह यानी 2 अगस्त को रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय जानें के लिए निकली थी क्योंकि ज्योति कि मार्कशीट में उसका नाम गलत लिखा हुआ था जिसे वो सही कराने के लिए घर से निकली थी.

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ज्योति सोनीपत की रहने वाली थी. ज्योति की माँ ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को शाम करीब 7 बजे घर से फोन किया तब उसने बताया था कि माँ बस खराब हो गई है इसलिए 1 घंटे में घर पहुँच जाएगी. लेकिन जब ज्योति 1 घंटे के बाद भी घर नहीं पहुंची तो तो घर वाले फिर से परेशान हो गए और इस बार जब माँ ने फ़ोन मिलाया तो ज्योति का फ़ोन बंद जा रहा था. घर वाले परेशान होकर फ़ोन करते रहे लेकिन फ़ोन ऑन नहीं हुआ. रात करीब 10:30 बजे जब फोन ऑन हुआ तो उनकी बेटी की आवाज़ नहीं बल्कि पुलिस की आवाज़ उन्हें सुनाई दी जिसमें उन्हें ये बताया गया कि आपकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है. आप खुद सोचिये उस वक्त उन माँ बाप पर क्या गुज़री होगी जब उन्हें पता चला होगा कि अभी सुबह तक जो बेटी उनके साथ थी अब वो इस दुनिया में नहीं है.

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पुलिस का क्या कहना है…

पुलिस का कहना है कि चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवर ने उन्हें इस बात की सूचना दी थी कि रात करीब 8.30 बजे जब ट्रेन झज्जर रोड के पुल के पास से गुजर रही थी तभी एक लड़की अचानक ट्रेन के सामने आ गई थी और इस घटना के फ़ौरन बाद ड्राइवर ने जीआरपी को फोन करके इस मामले की जानकारी दी थी और जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो शव के पास से एक हैंड बैग और मोबाइल मिला और जब मोबाइल ऑन किया गया तो घर वालों का फ़ोन आया तभी जाकर पुलिस वालों को भी ज्योति का नाम मालूम हो सका और ये भी कि वो एक इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर थी.

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इतनी कम उम्र में क्या कुछ हांसिल नहीं किया ज्योति ने… 

ज्योति महज 21 साल की थी और 4-5 से वे भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थी. ज्योति नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट थी. ज्योति स्पेन में भी खेल चुकी थीं. स्टेट व नेशनल के अतिरिक्त ज्योति ने एशिया कप और गुवाहाटी में हुए सैफ गेम्स में भी हिस्सा लिया था और इसके साथ ही ज्योति ने अपनी टीम को कई पदक भी दिलाए थे. ज्योति को अगले हफ्ते बंगलुरु में होने वाले हॉकी कैंप में भी जाना था. वहीँ ज्योति के कोच अनिल कुमार की मानें तो ज्योति टैलेंटेड होने के साथ ही मिलनसार भी थी और हादसे वाले दिन की सुबह भी ज्योति सोनीपत के महिला हॉकी ग्राउंड में प्रैक्टिस करने भी गयीं थी.

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कुछ ऐसे सवाल जो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देंगे कि कोई इतनी नामी खिलाड़ी आत्महत्या कैसे कर सकती है…

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जी हाँ हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि अगर ज्योति डिप्रेशन का शिकार थी और आत्महत्या ही करने वाली थी तो वो सुबह प्रैक्टिस पर क्यों गई? यूनिवर्सिटी जाकर उसको अपना नाम क्यों ठीक कराना था? अगले हफ्ते बंगलुरु जाने की तैयारी क्यों कर रही थी? और जैसा कि ज्योति के कोच ने बताया कि वो मिलनसार थी तो उसने कभी कोई दिक्कत ज़ाहिर क्यों नहीं की? सबसे बड़ी बात रोहतक से सोनीपत जाने के रास्ते में वो रेवाड़ी कैसे पहुंच गई?

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PAYTM ने बेचा चोरी का लेपटॉप, डायरेक्टर व मैनेजर के खिलाफ FIR

Ajeybharat/गुडगांव में एक शख्स को ऑनलाइन लैपटॉप मंगाना बेहद महंगा पड़ गया. दरअसल, लगभग 50 हजार रुपये की कीमत पर मंगाया हुआ लैपटॉप चोरी का निकला. पीड़ित ग्राहक ने ऑनलाइन कंपनी के निदेशक और मैनेजर के खिलाफ सेक्टर 50 पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है.

मामला गुडगांव के सेक्टर 46 का है. शेयर ब्रोकर गौरव ने 24 मई को पेटीएम एप से डेल का एक लैपटॉप खरीदा. 29 मई को लैपटॉप घर पर डिलीवर कर दिया गया. जिसकी एवज में 48 हजार 999 रुपये का भुगतान पहले ही ऑनलाइन कर दिया गया था. लेकिन जब गौरव ने लैपटॉप खोला तो दो दिन तक उसकी विंडो एक्टिव नहीं हुई. तंग आकर उसने पेटीएम के कस्टमर केयर पर शिकायत की, जहां उसे डेल कंपनी में शिकायत करने की सलाह दी गई.

इसके बाद जब गौरव ने डेल कंपनी में फोन किया तो उन्होंने लैपटॉप की डीटेल मांगी. डिटेल्स चेक करने के बाद कंपनी ने बताया कि यह लैपटॉप चोरी का है, इसलिए काम नहीं कर रहा है. इस बारे में कंपनी की तरफ से गौरव को एक मेल भी आया. इस बात से गुस्साए पीड़ित ने लगातार पेटीएम कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की. काफी मुश्किलों के बाद उसे लैपटॉप बदलने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ऐसा किया नहीं गया.

अपने आप को ठगी का शिकार पाकर पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. पीड़ित के मुताबिक, लैपटॉप ऑर्डर करते समय उसे बताया गया था कि लैपटॉप एक साल की गांरटी में है. पुलिस ने गौरव की शिकायत पर पेटीएम कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.

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दोहरी हत्याकांड का पर्दाफाश करने में पुलिस को मिली सफलता

Ajeybharat/डा.एल.एन.वैष्णव

दमोह/पुलिस को एक दुहरे हत्या कांड का पर्दाफाश करने में सफलता प्राप्त हुई है। मामला अकेले दुहरे हत्या कांड का ही नहीं था बल्कि एक आरोपी,दो हत्या एवं घटना स्थल दो जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों का था। कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा होना निश्चित रूप से पुलिस के लिये एक बडी सफलता कहा जा सकता है। इस संबध में स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक विवेक  अग्रवाल  ने पत्रकारों को पूरे घटना क्रम की जानकारी देने के साथ ही पुलिस को मिली सफलता को विस्तार से रखा,वहीं पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर भी दिये। एक प्रश्न के उत्तर में पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने बतलाया कि पुलिस की सर्तकता,पूंछताछ,मुखविर के साथ आधुनिक तकनीक का सहयोग खुलासे में बहुत काम आया। एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मुख्य रूप से महिला से अवैध संबध एवं बच्चे का संबधों में वाधक तथा महिला को भी पता न चल जाये बच्चे का यही रहा। जिसके चलते पहिले बच्चे को फिर महिला को मौत के घाट आरोपी ने उतार दिया। एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आरोपी दीना काछी के साथ अंतिम बार महिला को देखा जाना पाया गया इसलिये उसी से पूछंताछ कर जांच को आगे बढाया गया था जो बाद में घटना का आरोपी पाया गया। पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने पथरिया थाना प्रभारी एवं जांच टीम को बधाई देते हुये पांच हजार का नगद ईनाम देने की घोषणा भी इस अवसर पर की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविन्द दुबे सहित पुलिस विभाग के  उपस्थित थे। 

क्या है मामला-

गत 27 जून को पथरिया पुलिस की 100 डायल को सूचना प्राप्त होती है कि एक अज्ञात महिला का शव सिद्ध बाबा की पहाडी के समीप तलैया में पडा हुआ है। पुलिस ने पंचनामा,शव परीक्षण,पोस्टमार्टम कर मामला पंजीबद्ध किया। 15 जुलाई को लक्ष्मण आदिवासी ने फोटो एवं कपडे से अपनी पत्नि आरती उर्फ धनेश्वरी साहू होना पुलिस को बतलाया। पुलिस को पूछतांछ में लक्ष्मण ने बतलाया कि लगभग डेढ-दो माह पूर्व मैने बडे पिता के स्वर्गवास होने की सूचना पर दिल्ली से ट्रेन में बैठाकर रायपुर से रवाना किया था। उसी दिन ग्राम का ही दीना काछी भी घर आया था। विदित हो कि दीना एवं लक्ष्मण परिवार सहित दिल्ली में मजदूरी का कार्य करता था। ट्रेन से रवाना होने के बाद मोबाईल भी बंद हो गया तथा लक्ष्मण के रायपुर में पूंछने पर आरती का वहां न पहुंचने की जानकारी प्राप्त हुई थी। लक्ष्मण की शंका दीना काछी पर हुई  इसी बीच जानकारी मिली की एक अज्ञात महिला का शव प्राप्त हुआ है। मामले में लक्ष्मण की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 441/17 धारा 302,201 ता.हि.का मामला पंजीबद्ध कर जांच को आगे बढाया। जिसमें एक नहीं दो-दो हत्याओं का मामला सामने आया।

अवैध संबध की बाधा को हटाया-

उक्त मामले में अवैध संबध की बाधा को दूर करने बच्चे तथा खुलासा न हो इसके लिये महिला को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दीना काछी अपना नाम दीना पटेल तथा आरती अपना मनीषा बिहार निवासी बतलाकर सागर जिले के बहेरिया थाना अंर्तगत आने वाले एक फेक्टरी में कार्य करने लगे थे तथा वहीं के क्वाटर में रहने लगे थे। अवैध संबधों में बाधक बन रहे आरती के 3-4 बर्ष के पुत्र कृष्णा को मौत के घाट उतार तालाब में फेंक दिया था। सागर जिले बहेरिया थाना में उक्त मामले में मर्ग भी पंजीबद्ध किया गया था। वहीं बार-बार आरती द्वारा कृष्णा की जानकारी प्राप्त करने के लिये दीना से पूछां गया तो उसको पथरिया लेकर रात्रि में खेत पर गला दबाकर हत्याकर नग्नावस्था में शव को पानी में फेंक कर पुनःसागर चला गया था।

मेहनत लायी रंग-आरोपी गिरफतार-

उक्त दोहरे हत्या कांड का खुलासा करने में पथरिया थाना प्रभारी आरपी कुसमाकर,सहायकउप.नि.एम.के.पटेल,डी.एस.यादव,प्रधानआरक्षक अक्षेन्द्र,आरक्षक अनिल गौतम,अनिल कनौजिया,अरूण मिश्रा,डेलन सिंह की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी दीना काछी पिता गोली उर्फ कल्याण काछी निवासी ग्राम नंदरई थाना पथरिया को गिरफतार किया है।

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’बाहुबली’ के प्रभास की तरह झरने से कूदने के कारण मुंबई के एक बिज़नेसमैन की गयी जान

दुनिया का लगभग हर शख़्स अपने आप को किसी फ़िल्मी हीरो से कम नहीं समझता और उसकी यही ग़लतफ़हमी उसे ले डूबती है. ताज़ा मामला मुंबई का है, जहां एक बिज़नेसमैन को अपनी जान से इसलिए हाथ धोना पड़ गया, क्योंकि वो बाहुबली के प्रभास की तरह स्टंट करना चाहता था.


रिपोर्ट के मुताबिक, इंद्रपाल पाटिल नाम के एक बिज़नेसमैन ने मुंबई से 73 किलोमीटर दूर स्थित शाहपुर के माहुली फ़ोर्ट से छलांग लगा दी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ये सीन फ़िल्म 'बाहुबली द बिगनिंग' से प्रेरित था. बाहुबली में अभिनेता प्रभास ने भी कुछ इसी तरह का स्टंट किया है और दर्शकों को भी फ़िल्म का ये सीन बहुत पसंद भी आया था.


मामले की जांच में जुटी पुलिस ने कहा, 'पाटिल बाहुबली की तरह लंबी छलांग मारने की कोशिश कर रहा था, ऊंचाई ज़्यादा होने के कारण उसकी जान चली गई. पुलिस ने ये भी कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी वाटरफ़ॉल्स से कूदने की कोशिश करने वाले एक शख़्स की जान जा चुकी है.'

Source : indiatimes

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Actress Bidisha Bezbaruah allegedly commits suicide, husband arrested

 

Ajeybharat/Gurugram/Assamese actress and singer Bidisha Bezbaruah, who recently acted in Jagga Jasoos, allegedly committed suicide on Tuesday at her flat in Gurugram. Her husband Nisheet Jha was arrested on charges of abetting the suicide, reports The Hindu. The same report also stated that the deceased’s family had accused the husband of having an extra-marital affair, which had caused discord in the family and may also have led to Bidisha’s decision.

The 30-year-old actress was a well known TV personality who had performed many stage shows as well, police said. The actress recently shifted from Mumbai to Gurgram, The Quint reported.

“Bezbaruah was found hanging from a ceiling fan in her rented accommodation which she had taken recently,” Deputy Commissioner of Police (East) Deepak Saharan said. He added that her father informed police that his daughter had not been receiving his call.

“Her father suspected something foul as she was not picking the phone on Monday evening. He approached the police and gave details of her local address,” Saharan said. When the police reached the spot, the main gate and the door were locked from inside. The police team broke open the door and found her hanging, he said.

“The victim’s father claimed in his complaint that she had a love marriage but would often have quarrels with her husband,” Saharan said. Her mobile phone, Facebook and social networking site conversations are being examined by investigating teams.

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Male Molestation:कोचिंग में पास बैठी लड़की ने मुझे ग़लत ढंग से छुआ….

वो पुरुष हैं इसीलिये पूरी तरह सुरक्षित हों ये ज़रूरी तो नहीं,                                                                     

नारी, नारी है इसीलिये पूरी तरह निर्दोष हो ये ज़रूरी तो नही.

ये कहानी शुरू होती है भोपाल से, जब एक बार बस से सफ़र के दौरान मैंने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को 14-15 साल के लड़के के Private Part पर हाथ डालते देखा. समझ में नहीं आया कि क्या करना चाहिए, उस लड़के के चेहरे पर वही भाव थे, जो कई बार मेरे चेहरे पर भी उभर आते हैं, जब कोई 'उस तरह से' छूने की कोशिश करता है. हिन्दुस्तान में ज़्यादातर लड़कियां और कुछ सीखें या ना सीखें, पर ताकती नज़रों और छूने के बहाने ढूंढने वाले हाथों के साथ जीना सीख ही जाती हैं. पर किसी लड़के के साथ ऐसा होते मैंने पहली बार देखा था. इस बात का मलाल तो हमेशा ही रहेगा कि उस बच्चे की मदद नहीं कर पाई.

Source: Ilpiccolo

ये घटना एक बहुत बड़ा Turning Point था. उस दिन मैंने अपनी आंखों से देख लिया कि पुरुष भी Molestation का शिकार होते हैं. जिस समाज में स्त्री को कमज़ोर समझा जाता है, रेप या छेड़खानी का ज़िम्मेदार उसी के चाल-चलन और कपड़ों को ठहरा दिया जाता है, ऐसे समाज के लोग इस बात को कभी हज़म नहीं कर सकते कि पुरुष भी छेड़खानी का शिकार हो सकते हैं.

Male Molestation पर उतनी बात नहीं होती जितनी होनी चाहिए. इसके दो कारण हैं, पहला लोग ये मानने को तैयार नहीं होते की पुरुषों के साथ भी ऐसा होता है दूसरा पुरुष ख़ुद भी इस पर बात करने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उन्हें Judge करने लगेंगे. सच भी यही है कि लोग इसे पुरुषों की Machismo यानि कि मर्दानगी से जोड़कर देखने लगते हैं.

Source: Weight Training

फ़िल्में समाज का आईना होती हैं, ऐसा किताबों में लिखा गया है. कुछ फ़िल्मकार ये सोचकर ही फ़िल्में बनाते हैं. पर इस गंभीर विषय को Mainstream Cinema में भी जगह नहीं मिली. फ़िल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया में इस विषय को कुछ मिनटों के लिए जगह दी गई. पर इस फ़िल्म में Male Molestation को एक Funny Scene की तरह दिखाया गया. कुछ लोग हीरो 'बद्री' के साथ छेड़कानी करते हैं और हीरोइन 'वैदेही' उसे बचाती है और अपना दुपट्टा देती है और सभी हंसने लगते हैं. यहां इतने गंभीर विषय को इतने मज़ाकिया ढंग से पेश किया जाना सरासर ग़लत था और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

इस सिलसिले में जब मैंने कुछ लोगों से बात करने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने तो इस गंभीर समस्या को हंसी में उड़ा दिया, कुछ लोगों ने मुझे पागल करार दिया, तो कुछ लोगों ने इस पूरे So-Called Concept को ही आंखों का धोखा और एक Imagination बता दिया.

Source: El-tribuno

ये Human Nature है, हम बुरी यादों को भूला देना चाहते हैं. लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि जब तक समस्या पर बात नहीं होगी, समस्या का समाधान भी नहीं मिलेगा. बहुत ज़्यादा खोज-बीन करने के बाद मुझे कुछ ऐसे लोग मिले, जो इस मामले में खुलकर बात करने को तैयार हो गए. अगर हो सके तो उनके दर्द को समझने की कोशिश कीजियेगा.

उसने Lift मांगी थी और फिर मुझे कस के पकड़ लिया था

मुझे उस रात ऑफ़िस से लौटने में देर हो गई थी, मैं जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहता था. ऑफ़िस से थोड़ी ही दूरी पर एक 20-22 साल की लड़की ने मुझे इशारे से रुकने को कहा. मैं बगल में खड़ी गाड़ी देखकर समझ गया कि उसकी गाड़ी ख़राब हो गई थी. मैंने अपनी बाइक रोक दी और उससे पूछा कि उसे कहां जाना है. उसने कहा कि थोड़ा आगे जाकर ही उसका घर है. आमतौर पर अनजानी लड़कियां ज़रा अलग होकर बैठती हैं, पर वो मुझ से सट कर बैठ गई. मुझे अजीब लगा इसीलिये मैं थोड़ा आगे हो गया. रास्ता ख़राब था इसीलिये उसने अपने हाथ मेरी कमर पर रख दिये थे. मुझे अच्छा नहीं लग रहा था, पर मुसीबत भी तो मैंने ही मोल ली थी. मुश्किल से 6-7 मिनट हुए थे उसको बैठे हुए और उसने मेरे Private Part पर अपना हाथ रख दिया.

Source: Inverse

सच कहूं मैं बहुत डर गया था, क्योंकि ऐसा मेरे साथ कभी नहीं हुआ था. एक लड़की अगर ऐसा करे तो आमतौर पर लड़के इसे मौके की तरह देखते हैं, पर मुझे बहुत गंदा लगा. मैंने बाइक रोकी और उसे डांटकर उतरने को कहा. मैं क़िस्मतवाला था कि उसने मुझे सिर्फ़ Middle Finger दिखाई और उतर गई. मैंने अपनी बाइक की रफ़्तार बढ़ाई और जैसे-तैसे घर पहुंचा. इस घटना के कई दिनों बाद तक मैं किसी को भी Lift देने की हिम्मत नहीं कर पाया. किसी अनजान लड़की के सामने आज भी असहज महसूस करता हूं.

मेरी बॉस ने मुझे अपने घर पर बुलाकर, ग़लत ढंग से Touch किया था, मैंने Resign दे दिया

मेरी नई जॉब थी, Join किये हुए मुझे सिर्फ़ 10 दिन हुए थे. तब तक मैंने पूरा ऑफ़िस तक नहीं देखा था. मेरी बॉस ने मुझे अपने घर ये कहकर Invite किया कि मेरे लिए Employees ने मिलकर Surprise पार्टी रखी है. मैं जब उनके घर गया तो वहां कोई नहीं था. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यही Surprise था. मैंने ज़रा सा असहज महसूस किया. पर मेरे पास घर वापस जाने का कोई कारण नहीं था. उन्होंने मुझे ड्रिंक्स ऑफ़र की, मैं सोफ़े पर बैठ गया. वो भी अपना ग्लास लेकर बैठ गई, सोफ़ा बड़ा था फिर भी वो मेरे से सटकर बैठ गई. मुझे बहुत अजीब लगा. पर मैं चुपचाप बैठा रहा. पीते-पीते उसने मेरी Thigh पर हाथ रख दिये और उसे सहलाने लगी. ये बहुत ही अजीब था मैंने उसका हाथ हटाया तो उसने मुझे घूरकर देखा, मैं वहां से तेज़ी से भागा और घर जाकर ही दम लिया. लैपटॉप ऑन करके मैंने अपना Resignation HR को भेज दिया.

Source: Dagospia

अकाउंट्स की कोचिंग में पास बैठी लड़की ने मुझे ग़लत ढंग से छुआ, मैंने उस क्लास में जाना छोड़ दिया

अकसर Molestation का शिकार हुआ हूं. मुझे पता है कि लड़कियां कैसा Feel करती हैं. अकाउंट्स की कोचिंग की क्लास थी. उस कोचिंग में सैकड़ों बच्चे थे, तो ज़ाहिर सी बात है कि 1-2 लड़कों को छोड़कर किसी से उतनी दोस्त नहीं थी. उस दिन कोचिंग के Break में मेरे दोस्त ने बताया था कि एक लड़की मुझे पसंद करती है और मेरी वजह से वो सुबह से रो रही है, मुझे समझ नहीं आया कि मुझे क्या करना चाहिए. मेरे दोस्त ने ही कहा कि मुझे उसके पास जाकर बैठना चाहिए. मैं Break ख़त्म होने के बाद उसके पास जाकर बैठ गया, मुझे अजीब लग रहा था क्योंकि वो मेरी वजह से रो रही थी. पर मैं जैसे ही उसके पास बैठा वो Normal हो गई, न तो वो रो रही थी और न ही दुखी नज़र आ रही थी. इतना ही नहीं, वो खिलखिलाकर मुझ से बातें करने लगी. उसने ज़बरदस्ती अपना फ़ोन नंबर मेरी नोटबुक पर लिख दिया. यहां तक तो फिर भी सब ठीक था. पर फिर उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और मुझ से सटकर बैठने लगी. मुझे उसकी ये हरकत जितनी अजीब लगी, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है.

Source: Karnaval

इस घटना का ज़िक्र मैंने जब भी किसी के सामने किया है, ज़्यादातर लोग मुझे बेवकूफ़ कहकर निकल जाते हैं. क्योंकि मैंने एक 'मौका' छोड़ दिया था. क्या करूं मुझे लड़कियां मौका नहीं इंसान लगती हैं.

मंदिर के पंडित जी ने मंदिर में ही मेरे साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की

सुनने में अजीब लगता है, पर मुझे अच्छे से याद है मैं 12वीं कक्षा में पढ़ता था और मां के साथ मंदिर गया था. मां पूजा में व्यस्त थीं और मैं इधर-उधर घूम रहा था. तभी पीछे से आकर किसी ने मुझे कसकर पकड़ लिया. उसका Private Part मेरे Hips पर था. मैंने गर्दन घुमाकर देखा, तो वो मंदिर के ही पुजारी थे और मुस्कुरा रहे थे. मैं ख़ुद को जैसे तैसे छुड़ाकर भाग गया. मैंने ये घटना अपनी मां से भी नहीं कही.

Source: Valeriemall

ऐसे ना जाने कितने ही पुरुष हैं जो हर रोज़ ऐसी घटनाओं का शिकार होते हैं और चुपचाप रह जाते हैं, क्योंकि वो जानते हैं कि कोई भी उनकी बात का यक़ीन नहीं करेगा. अगर किसी पुरुष के साथ रेप भी हो जाए तो इससे जुड़ा एक भी क़ानून, हमारे देश में नहीं है. हमारे समाज ने तो यही मान लिया है कि स्त्रियां कभी ग़लत हो ही नहीं सकती. देश के क़ानून की तरफ़ भी देखें तो ज़्यादातर क़ानून स्त्रियों के ही पक्ष में है. Molestation के बारे में Victims को खुलकर बात करनी चाहिए. इसमें झिझक, शर्म महसूस हो, तो ऐसे लोगों से बातें करें जिन पर आप सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं. अगर आप भी कभी ऐसी घटना का शिकार हुए हैं, तो सबसे पहले ये सोच अपने दिमाग़ से निकालें, कि इस पर बात करने से आपकी मर्दानगी कम हो जाएगी.  

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पुरुषों के साथ छेड़खानी पुरुषों के साथ रेप पुरुषों के साथ हिंसा़ पुरुषों की सुरक्षा

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चालान काटने पर पार्टी के कार्यकर्ता हुड़दंग मचाने लगे, तो बोलती बंद कर दी

हीरो सिर्फ़ फ़िल्मों में नहीं, असल ज़िन्दगी में भी होते हैं. ये वो लोग होते हैं, जिनके आगे मुश्किलें, परेशानियां और हालात घुटने टेक देते हैं. ऐसी ही एक हीरो हैं UP पुलिस की Circle Officer, श्रेष्ठा ठाकुर.

बीजेपी के एक कार्यकर्ता का चालान काटने पर जब बाक़ी लोग उनका विरोध कर उन्होंने धमकाने की कोशिश करने लगे, तो श्रेष्ठा डरी नहीं, बल्कि ऐसे जवाब दिया कि सबके मुंह बंद हो गए.

 

श्रेष्ठा ने नारे लगा रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं से दो-टूक कहा कि . ये लिखवा कर ले आओ कि हमें अपना काम करने का अधिकार नहीं है.

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OLX पर बाइक का ऐड दिया था लेकिन टेस्ट-ड्राइव के बहाने बाइक लेकर चंपत हो गए चोर

OLX पर भले ही सब कुछ बिकता हो, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो कई बार आपका बहुत कुछ लुट भी सकता है. गोकुलपुरी में एक 19 साल के युवक के साथ एक ऐसी त्रासदी हुई है. वेबसाइट पर पुरानी बाइक बेचने के चक्कर में इस शख़्स को लेने के देने पड़ गए.

दरअसल नेहरु विहार के रहने वाले मोहम्मद सुहैल ने करीब 15 दिन पहले अपनी Yamaha R-15 बाइक को बेचने का ऐड दिया था. 22 जून को उसके मोबाइल पर एक युवक ने बाइक खरीदने के लिए कॉल किया. सुहैल ने 55 हजार रुपये मांगे, लेकिन सौदा 48 हज़ार में तय हो गया.

Source: Indiaretailing

कॉलर ने शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे सुहैल को वज़ीराबाद रोड पर बुलाया. वहां सुहैल से मिलने 19-20 साल के दो युवक पहुंचे. पैदल पहुंचने वाले इन लोगों ने पहले सुहैल से हाथ मिलाया और फिर बाइक पसंद की.

इनमें से एक युवक ने टेस्ट ड्राइव लेने के लिए बाइक की चाभी ली. दूसरे ने अपने मोबाइल से कॉल न होने का बहाना बनाकर रुपये मंगवाने के लिए सुहैल का मोबाइल ले लिया. वो मोबाइल पर बात करते-करते आगे बढ़ने लगा, जहां उसका साथी सुहैल की बाइक स्टार्ट करके खड़ा था. दोनों बाइक और मोबाइल लेकर चंपत हो गए.

सुहैल की शिकायत ने गोकलपुरी पुलिस को पशोपेश में डाल दिया है. वो तो अपनी लूट की कहानी सुना रहा था, लेकिन पुलिस के लिए इस अपराध की परिभाषा तय करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि सुहैल के साथ न जबरन लूट हुई थी, न स्नैचिंग, न चोरी. आखिरकार पुलिस ने लीगल ओपिनियन लेकर ब्रीच ऑफ ट्रस्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया है.

Source: nbt

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गैंगरेप-हत्या मामला: महिला के साथ चार घंटे तक हुआ दुष्कर्म, नही थी कोई पुलिस

गुरूग्राम: 29 मई को हुए महिला से गैंगरेप और बेटी की हत्या के मामले में दो आरोपी योगेन्द्र और अमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि आरोपी जयकेश अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। तीनों आरोपी बुलंदशहर के रहने वाले हैं। 23 वर्षीय पीड़ित महिला ने बताया कि चार घंटो तक उन्होंने उसके साथ दुश्कर्म किया लेकिन वहां पुलिस का नामोनिशान नहीं था।

महिला ने अपनी पूरी दर्दनाक दास्ता सुनाई उसने बताया कि उसका पति से झगड़ा हो गया था। जिसके बाद वो अपने मायके खांडसा गांव जा रही थी। महिला ने पहले एक ट्रक से लिफ्ट मांगी। जिसके बाद ट्रक ड्राईलर महिला से अश्लील हरकतें करने लगा तो महिला ने उसे उतारने के लिए कहा। महिला भीड़भाड़ वाले इलाके एनएच-8 पर उतर गई, लेकिन वउस वक्त वो उस जगह पर कोई भी नहीं था।

जिसके बाद एक टेम्पो में तीन लोग नशे की हालत में आए और उससे पूछने लगे कि वो कहां जाएगी। महिला ऑटो में बेठी जैसे ही वह मानेसर पहुंची तो तीनों महिला पर टूट पड़े।

महिला की बच्ची रोने लगी तो पहले आरोपियों ने उसका मुंह बंद किया जब बच्ची चुप नहीं हुई तो उन्होंने उसे सड़क पर फेंक दिया। तीनों से महिला से 4 घंटों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला उनसे छोड़ देने कि गुहार लगाती रही लेकिन वो अपनी घिनौनी हरकत करने से नहीं मानें। दुष्कर्म करने के बाद वो तीनो भाग गए। जिसके बाद महिला वहीं गई जहां उसकी बच्ची को फेंका था। उसने बच्ची को उठाया और तुरंत अस्पताल भागी।

जबतक सुबह हो चुकी थी। अस्पताल में डाक्टरों ने बताया कि बच्ची मर चुकी है। जिसके बाद महिला बच्ची का शव लेकर मेट्रो से एम्स पहुंची, और उसके बाद अपने पति के पास गुड़गाव गई। महिला को तब भी यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी बच्ची मर चुकी है।

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WhatsApp Group पर कुछ भी लिखने से पहले चार बार सोचना, नहीं तो हवालात के दर्शन हो सकते हैं

किसी के बारे में कुछ गलत बोलने से पहले ज़रा सोच लीजिएगा और Whatsapp Group पर ऐसा कुछ लिखने से पहले तो दस बार सोचिएगा. दिल्ली पुलिस ने हाल ही में दो आदमियों के खिलाफ़ FIR दर्ज की है, जो आॅफ़िस की दूसरी महिला के कैरेक्टर के बारे में भद्दे कमेंट Whatsapp Group पर लिख रहे थे. इस ग्रुप में 12 से 15 लोग थे. ये महिला Bharat Scouts and Guides (BSG) की वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी है और ये दोनों आदमी भी वहीं कार्य करते हैं. ये महिला 27 मई को BSG मुख्यालय एक मीटिंग के लिए गई थी. वो उस रात मुख्यालय में ही रुकी.

Source- Yallairaq   Representative Image

शिकायत के अनुसार, जब वो 28 मई को मीटिंग से बाहर निकली तब उसे WhatsApp Group के बारे में पता चला, जिसमें ये दो आदमी उसके चरित्र पर सवाल उठा रहे था और गंदे कमेंट कर रहे थे.

 

स्क्रीनशॉट के हिसाब से ये दो अदमी बात कर र​हे थे कि किस तरह ये महिला अपने कमरे से निकली और मुख्यालय के दूसरे व्यक्ति के कमरे में गई. उसने कहा कि-

मैं ये कहना चाहती हूं कि किसी को भी ये हक़ नहीं है, कि मेरे चरित्र पर कोई सवाल उठाए, वो भी पब्लिक प्लैटफ़ॉर्म पर. मैं किससे मिलती हूं, क्या करती हूं इस पर कमेंट करने का हक़ किसी को नहीं है.

Source- Huffpost Representative Image 

महिला के मुताबिक, वो पिछले साल BSG की वरिष्ठ पदाधिकारी चुनी गई थी. तब इन्हीं दोनों लोगों ने उसे अपना नॉमिनेशन हटाने को कहा था. जब ऐसा नहीं हुआ, तो वो ऐसे कर बदला ले रहे हैं.

महिला का कहना है कि वो दो महिलाओं और एक आदमी के साथ थी और वो उस पुरुष के कमरे में फ़ोन चार्जर लेने गई थी, जिसमें महज़ दो मिनट लगे थे. 

 

Source- Hindustan Times

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