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Actress Bidisha Bezbaruah allegedly commits suicide, husband arrested

 

Ajeybharat/Gurugram/Assamese actress and singer Bidisha Bezbaruah, who recently acted in Jagga Jasoos, allegedly committed suicide on Tuesday at her flat in Gurugram. Her husband Nisheet Jha was arrested on charges of abetting the suicide, reports The Hindu. The same report also stated that the deceased’s family had accused the husband of having an extra-marital affair, which had caused discord in the family and may also have led to Bidisha’s decision.

The 30-year-old actress was a well known TV personality who had performed many stage shows as well, police said. The actress recently shifted from Mumbai to Gurgram, The Quint reported.

“Bezbaruah was found hanging from a ceiling fan in her rented accommodation which she had taken recently,” Deputy Commissioner of Police (East) Deepak Saharan said. He added that her father informed police that his daughter had not been receiving his call.

“Her father suspected something foul as she was not picking the phone on Monday evening. He approached the police and gave details of her local address,” Saharan said. When the police reached the spot, the main gate and the door were locked from inside. The police team broke open the door and found her hanging, he said.

“The victim’s father claimed in his complaint that she had a love marriage but would often have quarrels with her husband,” Saharan said. Her mobile phone, Facebook and social networking site conversations are being examined by investigating teams.

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Male Molestation:कोचिंग में पास बैठी लड़की ने मुझे ग़लत ढंग से छुआ….

वो पुरुष हैं इसीलिये पूरी तरह सुरक्षित हों ये ज़रूरी तो नहीं,                                                                     

नारी, नारी है इसीलिये पूरी तरह निर्दोष हो ये ज़रूरी तो नही.

ये कहानी शुरू होती है भोपाल से, जब एक बार बस से सफ़र के दौरान मैंने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को 14-15 साल के लड़के के Private Part पर हाथ डालते देखा. समझ में नहीं आया कि क्या करना चाहिए, उस लड़के के चेहरे पर वही भाव थे, जो कई बार मेरे चेहरे पर भी उभर आते हैं, जब कोई 'उस तरह से' छूने की कोशिश करता है. हिन्दुस्तान में ज़्यादातर लड़कियां और कुछ सीखें या ना सीखें, पर ताकती नज़रों और छूने के बहाने ढूंढने वाले हाथों के साथ जीना सीख ही जाती हैं. पर किसी लड़के के साथ ऐसा होते मैंने पहली बार देखा था. इस बात का मलाल तो हमेशा ही रहेगा कि उस बच्चे की मदद नहीं कर पाई.

Source: Ilpiccolo

ये घटना एक बहुत बड़ा Turning Point था. उस दिन मैंने अपनी आंखों से देख लिया कि पुरुष भी Molestation का शिकार होते हैं. जिस समाज में स्त्री को कमज़ोर समझा जाता है, रेप या छेड़खानी का ज़िम्मेदार उसी के चाल-चलन और कपड़ों को ठहरा दिया जाता है, ऐसे समाज के लोग इस बात को कभी हज़म नहीं कर सकते कि पुरुष भी छेड़खानी का शिकार हो सकते हैं.

Male Molestation पर उतनी बात नहीं होती जितनी होनी चाहिए. इसके दो कारण हैं, पहला लोग ये मानने को तैयार नहीं होते की पुरुषों के साथ भी ऐसा होता है दूसरा पुरुष ख़ुद भी इस पर बात करने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उन्हें Judge करने लगेंगे. सच भी यही है कि लोग इसे पुरुषों की Machismo यानि कि मर्दानगी से जोड़कर देखने लगते हैं.

Source: Weight Training

फ़िल्में समाज का आईना होती हैं, ऐसा किताबों में लिखा गया है. कुछ फ़िल्मकार ये सोचकर ही फ़िल्में बनाते हैं. पर इस गंभीर विषय को Mainstream Cinema में भी जगह नहीं मिली. फ़िल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया में इस विषय को कुछ मिनटों के लिए जगह दी गई. पर इस फ़िल्म में Male Molestation को एक Funny Scene की तरह दिखाया गया. कुछ लोग हीरो 'बद्री' के साथ छेड़कानी करते हैं और हीरोइन 'वैदेही' उसे बचाती है और अपना दुपट्टा देती है और सभी हंसने लगते हैं. यहां इतने गंभीर विषय को इतने मज़ाकिया ढंग से पेश किया जाना सरासर ग़लत था और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

इस सिलसिले में जब मैंने कुछ लोगों से बात करने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने तो इस गंभीर समस्या को हंसी में उड़ा दिया, कुछ लोगों ने मुझे पागल करार दिया, तो कुछ लोगों ने इस पूरे So-Called Concept को ही आंखों का धोखा और एक Imagination बता दिया.

Source: El-tribuno

ये Human Nature है, हम बुरी यादों को भूला देना चाहते हैं. लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि जब तक समस्या पर बात नहीं होगी, समस्या का समाधान भी नहीं मिलेगा. बहुत ज़्यादा खोज-बीन करने के बाद मुझे कुछ ऐसे लोग मिले, जो इस मामले में खुलकर बात करने को तैयार हो गए. अगर हो सके तो उनके दर्द को समझने की कोशिश कीजियेगा.

उसने Lift मांगी थी और फिर मुझे कस के पकड़ लिया था

मुझे उस रात ऑफ़िस से लौटने में देर हो गई थी, मैं जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहता था. ऑफ़िस से थोड़ी ही दूरी पर एक 20-22 साल की लड़की ने मुझे इशारे से रुकने को कहा. मैं बगल में खड़ी गाड़ी देखकर समझ गया कि उसकी गाड़ी ख़राब हो गई थी. मैंने अपनी बाइक रोक दी और उससे पूछा कि उसे कहां जाना है. उसने कहा कि थोड़ा आगे जाकर ही उसका घर है. आमतौर पर अनजानी लड़कियां ज़रा अलग होकर बैठती हैं, पर वो मुझ से सट कर बैठ गई. मुझे अजीब लगा इसीलिये मैं थोड़ा आगे हो गया. रास्ता ख़राब था इसीलिये उसने अपने हाथ मेरी कमर पर रख दिये थे. मुझे अच्छा नहीं लग रहा था, पर मुसीबत भी तो मैंने ही मोल ली थी. मुश्किल से 6-7 मिनट हुए थे उसको बैठे हुए और उसने मेरे Private Part पर अपना हाथ रख दिया.

Source: Inverse

सच कहूं मैं बहुत डर गया था, क्योंकि ऐसा मेरे साथ कभी नहीं हुआ था. एक लड़की अगर ऐसा करे तो आमतौर पर लड़के इसे मौके की तरह देखते हैं, पर मुझे बहुत गंदा लगा. मैंने बाइक रोकी और उसे डांटकर उतरने को कहा. मैं क़िस्मतवाला था कि उसने मुझे सिर्फ़ Middle Finger दिखाई और उतर गई. मैंने अपनी बाइक की रफ़्तार बढ़ाई और जैसे-तैसे घर पहुंचा. इस घटना के कई दिनों बाद तक मैं किसी को भी Lift देने की हिम्मत नहीं कर पाया. किसी अनजान लड़की के सामने आज भी असहज महसूस करता हूं.

मेरी बॉस ने मुझे अपने घर पर बुलाकर, ग़लत ढंग से Touch किया था, मैंने Resign दे दिया

मेरी नई जॉब थी, Join किये हुए मुझे सिर्फ़ 10 दिन हुए थे. तब तक मैंने पूरा ऑफ़िस तक नहीं देखा था. मेरी बॉस ने मुझे अपने घर ये कहकर Invite किया कि मेरे लिए Employees ने मिलकर Surprise पार्टी रखी है. मैं जब उनके घर गया तो वहां कोई नहीं था. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यही Surprise था. मैंने ज़रा सा असहज महसूस किया. पर मेरे पास घर वापस जाने का कोई कारण नहीं था. उन्होंने मुझे ड्रिंक्स ऑफ़र की, मैं सोफ़े पर बैठ गया. वो भी अपना ग्लास लेकर बैठ गई, सोफ़ा बड़ा था फिर भी वो मेरे से सटकर बैठ गई. मुझे बहुत अजीब लगा. पर मैं चुपचाप बैठा रहा. पीते-पीते उसने मेरी Thigh पर हाथ रख दिये और उसे सहलाने लगी. ये बहुत ही अजीब था मैंने उसका हाथ हटाया तो उसने मुझे घूरकर देखा, मैं वहां से तेज़ी से भागा और घर जाकर ही दम लिया. लैपटॉप ऑन करके मैंने अपना Resignation HR को भेज दिया.

Source: Dagospia

अकाउंट्स की कोचिंग में पास बैठी लड़की ने मुझे ग़लत ढंग से छुआ, मैंने उस क्लास में जाना छोड़ दिया

अकसर Molestation का शिकार हुआ हूं. मुझे पता है कि लड़कियां कैसा Feel करती हैं. अकाउंट्स की कोचिंग की क्लास थी. उस कोचिंग में सैकड़ों बच्चे थे, तो ज़ाहिर सी बात है कि 1-2 लड़कों को छोड़कर किसी से उतनी दोस्त नहीं थी. उस दिन कोचिंग के Break में मेरे दोस्त ने बताया था कि एक लड़की मुझे पसंद करती है और मेरी वजह से वो सुबह से रो रही है, मुझे समझ नहीं आया कि मुझे क्या करना चाहिए. मेरे दोस्त ने ही कहा कि मुझे उसके पास जाकर बैठना चाहिए. मैं Break ख़त्म होने के बाद उसके पास जाकर बैठ गया, मुझे अजीब लग रहा था क्योंकि वो मेरी वजह से रो रही थी. पर मैं जैसे ही उसके पास बैठा वो Normal हो गई, न तो वो रो रही थी और न ही दुखी नज़र आ रही थी. इतना ही नहीं, वो खिलखिलाकर मुझ से बातें करने लगी. उसने ज़बरदस्ती अपना फ़ोन नंबर मेरी नोटबुक पर लिख दिया. यहां तक तो फिर भी सब ठीक था. पर फिर उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और मुझ से सटकर बैठने लगी. मुझे उसकी ये हरकत जितनी अजीब लगी, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है.

Source: Karnaval

इस घटना का ज़िक्र मैंने जब भी किसी के सामने किया है, ज़्यादातर लोग मुझे बेवकूफ़ कहकर निकल जाते हैं. क्योंकि मैंने एक 'मौका' छोड़ दिया था. क्या करूं मुझे लड़कियां मौका नहीं इंसान लगती हैं.

मंदिर के पंडित जी ने मंदिर में ही मेरे साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की

सुनने में अजीब लगता है, पर मुझे अच्छे से याद है मैं 12वीं कक्षा में पढ़ता था और मां के साथ मंदिर गया था. मां पूजा में व्यस्त थीं और मैं इधर-उधर घूम रहा था. तभी पीछे से आकर किसी ने मुझे कसकर पकड़ लिया. उसका Private Part मेरे Hips पर था. मैंने गर्दन घुमाकर देखा, तो वो मंदिर के ही पुजारी थे और मुस्कुरा रहे थे. मैं ख़ुद को जैसे तैसे छुड़ाकर भाग गया. मैंने ये घटना अपनी मां से भी नहीं कही.

Source: Valeriemall

ऐसे ना जाने कितने ही पुरुष हैं जो हर रोज़ ऐसी घटनाओं का शिकार होते हैं और चुपचाप रह जाते हैं, क्योंकि वो जानते हैं कि कोई भी उनकी बात का यक़ीन नहीं करेगा. अगर किसी पुरुष के साथ रेप भी हो जाए तो इससे जुड़ा एक भी क़ानून, हमारे देश में नहीं है. हमारे समाज ने तो यही मान लिया है कि स्त्रियां कभी ग़लत हो ही नहीं सकती. देश के क़ानून की तरफ़ भी देखें तो ज़्यादातर क़ानून स्त्रियों के ही पक्ष में है. Molestation के बारे में Victims को खुलकर बात करनी चाहिए. इसमें झिझक, शर्म महसूस हो, तो ऐसे लोगों से बातें करें जिन पर आप सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं. अगर आप भी कभी ऐसी घटना का शिकार हुए हैं, तो सबसे पहले ये सोच अपने दिमाग़ से निकालें, कि इस पर बात करने से आपकी मर्दानगी कम हो जाएगी.  

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पुरुषों के साथ छेड़खानी पुरुषों के साथ रेप पुरुषों के साथ हिंसा़ पुरुषों की सुरक्षा

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चालान काटने पर पार्टी के कार्यकर्ता हुड़दंग मचाने लगे, तो बोलती बंद कर दी

हीरो सिर्फ़ फ़िल्मों में नहीं, असल ज़िन्दगी में भी होते हैं. ये वो लोग होते हैं, जिनके आगे मुश्किलें, परेशानियां और हालात घुटने टेक देते हैं. ऐसी ही एक हीरो हैं UP पुलिस की Circle Officer, श्रेष्ठा ठाकुर.

बीजेपी के एक कार्यकर्ता का चालान काटने पर जब बाक़ी लोग उनका विरोध कर उन्होंने धमकाने की कोशिश करने लगे, तो श्रेष्ठा डरी नहीं, बल्कि ऐसे जवाब दिया कि सबके मुंह बंद हो गए.

 

श्रेष्ठा ने नारे लगा रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं से दो-टूक कहा कि . ये लिखवा कर ले आओ कि हमें अपना काम करने का अधिकार नहीं है.

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OLX पर बाइक का ऐड दिया था लेकिन टेस्ट-ड्राइव के बहाने बाइक लेकर चंपत हो गए चोर

OLX पर भले ही सब कुछ बिकता हो, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो कई बार आपका बहुत कुछ लुट भी सकता है. गोकुलपुरी में एक 19 साल के युवक के साथ एक ऐसी त्रासदी हुई है. वेबसाइट पर पुरानी बाइक बेचने के चक्कर में इस शख़्स को लेने के देने पड़ गए.

दरअसल नेहरु विहार के रहने वाले मोहम्मद सुहैल ने करीब 15 दिन पहले अपनी Yamaha R-15 बाइक को बेचने का ऐड दिया था. 22 जून को उसके मोबाइल पर एक युवक ने बाइक खरीदने के लिए कॉल किया. सुहैल ने 55 हजार रुपये मांगे, लेकिन सौदा 48 हज़ार में तय हो गया.

Source: Indiaretailing

कॉलर ने शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे सुहैल को वज़ीराबाद रोड पर बुलाया. वहां सुहैल से मिलने 19-20 साल के दो युवक पहुंचे. पैदल पहुंचने वाले इन लोगों ने पहले सुहैल से हाथ मिलाया और फिर बाइक पसंद की.

इनमें से एक युवक ने टेस्ट ड्राइव लेने के लिए बाइक की चाभी ली. दूसरे ने अपने मोबाइल से कॉल न होने का बहाना बनाकर रुपये मंगवाने के लिए सुहैल का मोबाइल ले लिया. वो मोबाइल पर बात करते-करते आगे बढ़ने लगा, जहां उसका साथी सुहैल की बाइक स्टार्ट करके खड़ा था. दोनों बाइक और मोबाइल लेकर चंपत हो गए.

सुहैल की शिकायत ने गोकलपुरी पुलिस को पशोपेश में डाल दिया है. वो तो अपनी लूट की कहानी सुना रहा था, लेकिन पुलिस के लिए इस अपराध की परिभाषा तय करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि सुहैल के साथ न जबरन लूट हुई थी, न स्नैचिंग, न चोरी. आखिरकार पुलिस ने लीगल ओपिनियन लेकर ब्रीच ऑफ ट्रस्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया है.

Source: nbt

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गैंगरेप-हत्या मामला: महिला के साथ चार घंटे तक हुआ दुष्कर्म, नही थी कोई पुलिस

गुरूग्राम: 29 मई को हुए महिला से गैंगरेप और बेटी की हत्या के मामले में दो आरोपी योगेन्द्र और अमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि आरोपी जयकेश अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। तीनों आरोपी बुलंदशहर के रहने वाले हैं। 23 वर्षीय पीड़ित महिला ने बताया कि चार घंटो तक उन्होंने उसके साथ दुश्कर्म किया लेकिन वहां पुलिस का नामोनिशान नहीं था।

महिला ने अपनी पूरी दर्दनाक दास्ता सुनाई उसने बताया कि उसका पति से झगड़ा हो गया था। जिसके बाद वो अपने मायके खांडसा गांव जा रही थी। महिला ने पहले एक ट्रक से लिफ्ट मांगी। जिसके बाद ट्रक ड्राईलर महिला से अश्लील हरकतें करने लगा तो महिला ने उसे उतारने के लिए कहा। महिला भीड़भाड़ वाले इलाके एनएच-8 पर उतर गई, लेकिन वउस वक्त वो उस जगह पर कोई भी नहीं था।

जिसके बाद एक टेम्पो में तीन लोग नशे की हालत में आए और उससे पूछने लगे कि वो कहां जाएगी। महिला ऑटो में बेठी जैसे ही वह मानेसर पहुंची तो तीनों महिला पर टूट पड़े।

महिला की बच्ची रोने लगी तो पहले आरोपियों ने उसका मुंह बंद किया जब बच्ची चुप नहीं हुई तो उन्होंने उसे सड़क पर फेंक दिया। तीनों से महिला से 4 घंटों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला उनसे छोड़ देने कि गुहार लगाती रही लेकिन वो अपनी घिनौनी हरकत करने से नहीं मानें। दुष्कर्म करने के बाद वो तीनो भाग गए। जिसके बाद महिला वहीं गई जहां उसकी बच्ची को फेंका था। उसने बच्ची को उठाया और तुरंत अस्पताल भागी।

जबतक सुबह हो चुकी थी। अस्पताल में डाक्टरों ने बताया कि बच्ची मर चुकी है। जिसके बाद महिला बच्ची का शव लेकर मेट्रो से एम्स पहुंची, और उसके बाद अपने पति के पास गुड़गाव गई। महिला को तब भी यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी बच्ची मर चुकी है।

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WhatsApp Group पर कुछ भी लिखने से पहले चार बार सोचना, नहीं तो हवालात के दर्शन हो सकते हैं

किसी के बारे में कुछ गलत बोलने से पहले ज़रा सोच लीजिएगा और Whatsapp Group पर ऐसा कुछ लिखने से पहले तो दस बार सोचिएगा. दिल्ली पुलिस ने हाल ही में दो आदमियों के खिलाफ़ FIR दर्ज की है, जो आॅफ़िस की दूसरी महिला के कैरेक्टर के बारे में भद्दे कमेंट Whatsapp Group पर लिख रहे थे. इस ग्रुप में 12 से 15 लोग थे. ये महिला Bharat Scouts and Guides (BSG) की वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी है और ये दोनों आदमी भी वहीं कार्य करते हैं. ये महिला 27 मई को BSG मुख्यालय एक मीटिंग के लिए गई थी. वो उस रात मुख्यालय में ही रुकी.

Source- Yallairaq   Representative Image

शिकायत के अनुसार, जब वो 28 मई को मीटिंग से बाहर निकली तब उसे WhatsApp Group के बारे में पता चला, जिसमें ये दो आदमी उसके चरित्र पर सवाल उठा रहे था और गंदे कमेंट कर रहे थे.

 

स्क्रीनशॉट के हिसाब से ये दो अदमी बात कर र​हे थे कि किस तरह ये महिला अपने कमरे से निकली और मुख्यालय के दूसरे व्यक्ति के कमरे में गई. उसने कहा कि-

मैं ये कहना चाहती हूं कि किसी को भी ये हक़ नहीं है, कि मेरे चरित्र पर कोई सवाल उठाए, वो भी पब्लिक प्लैटफ़ॉर्म पर. मैं किससे मिलती हूं, क्या करती हूं इस पर कमेंट करने का हक़ किसी को नहीं है.

Source- Huffpost Representative Image 

महिला के मुताबिक, वो पिछले साल BSG की वरिष्ठ पदाधिकारी चुनी गई थी. तब इन्हीं दोनों लोगों ने उसे अपना नॉमिनेशन हटाने को कहा था. जब ऐसा नहीं हुआ, तो वो ऐसे कर बदला ले रहे हैं.

महिला का कहना है कि वो दो महिलाओं और एक आदमी के साथ थी और वो उस पुरुष के कमरे में फ़ोन चार्जर लेने गई थी, जिसमें महज़ दो मिनट लगे थे. 

 

Source- Hindustan Times

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देश के ये 5 बहुचर्चित हत्याकांड आज भी बने हुए हैं पहेली, टीआरपी तो मिली, कब मिलेगा इंसाफ़?

दुनिया में आए दिन न जाने कितनी मौतें होती रहती हैं. मरने के बाद कुछ लोग मीडिया की सुर्ख़ियां बन जाते हैं, तो कुछ सिर्फ़ कब्र में दफ़्न हो कर रह जाते हैं. ज़िंदगी कब, क्या रंग लाएगी, ये कोई नहीं जानता. यहां किसी ने मरने से पहले ख़ूब नाम कमाया, तो चर्चा का विषय बन कर रह गया. कुछ ऐसी भी मौते हैं, जिनकी ख़बरें तो ख़ूब बनाई गईं, लेकिन इंसाफ़ आज तक नहीं मिला. आइए नज़र डालते हैं, ऐसी मौतों पर जिन्हें आज भी इंसाफ़ की तलाश है.

1. प्रत्यूषा बनर्जी

बालिका वधू की 'आनंदी' बनकर प्रत्यूषा बनर्जी देश की चहेती बहू बन गई थी. सफ़लता प्रत्यूषा के कदम चूम रही थी और एक दिन अचानक प्रत्युषा की मौत की ख़बर आ जाती है. प्रत्यूषा की मौत हर किसी के लिए चौंका देनी वाली थी. सभी के मन में एक सवाल ही था कि इतनी छोटी सी उम्र में, जिस लड़की ने इतनी शौहरत हासिल कर ली हो, वो भला सुसाइड कैसे कर सकती है? सवाल कई हैं, लेकिन ठोस जबाव फिलहाल किसी के पास नहीं है.


Image Source : starsunfolded

 

 

टीवी एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी ने पिछले साल 1 अप्रैल 2016 को अपने फ़्लैट में फ़ांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था. गोरेगांव स्थित 2 BHK फ़्लैट में प्रत्यूषा का शव पंखे से लटका पाया गया था. इस फ़्लैट में प्रत्यूषा अपने Boyfriend के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थीं. मौत के बाद उनके पेरेंट्स और फ्रेंड्स ने आरोप लगाए थे कि राहुल ने प्रत्यूषा को प्यार में धोखा दिया था, जिसके चलते उन्होंने सुसाइड किया.

टीवी की चर्चित बहू प्रत्यूषा के मर्डर के जुर्म में प्रत्यूषा के Boyfriend को गिरफ़्तार भी किया गया था. फ़िलहाल राहुल ज़मानत पर बाहर है. प्रत्यूषा की मां सोमा ने सीबीआई जांच की मांग भी की थी, जिसे हाईकोर्ट द्वारा ठुकरा दिया गया था. मुंबई पुलिस प्रत्यूषा मर्डर केस की जांच कर रही है, लेकिन अब तक प्रत्यूषा का कातिल सलाख़ों के बाहर हैं. हंसती-मुस्कुराती प्रत्यूषा, तो दुनिया से चली गई और अपने पीछे छोड़ गई कई सारे सवाल, जिसका जवाब सिर्फ़ प्रत्यूषा के पास है. सबसे बड़ा सवाल कब मिलेगा प्रत्यूषा को इंसाफ़?

2. जिया खान

3 जून, 2013 को बॉलीवुड अभिनेत्री जिया को उनके घर में पंखे से लटके हुए पाया गया. शुरुआती दौर में जिया की मौत को आत्महत्या का मामला बताया जा रहा था. लेकिन जिया खान की मां ने अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को जिया का कातिल बता कर, केस में नया मोड़ ला दिया. सूरज पंचोली को IPC की धारा-306 के तहत गिरफ़्तार भी किया गया था, लेकिन 21 दिन बाद उसे कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी. जिया की मां राबिया खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की थी, लेकिन इसी साल की शुरुआत में HC ने राबिया खान की इस याचिका को ख़ारिज कर दिया.


Image Source : indiatoday

 

रिपोर्ट के मुताबिक, 'मरने से कुछ महीने पहले जिया प्रग्नेंट हो गई थी. जिया के Boyfriend सूरज ने जिया को अबॉर्शन के लिए मेडिसिन खाने को दी थी. इस हादसे ने जिया को अंदर से पूरा तोड़ कर रख दिया था. इधर सूरज पंचोली बॉलीवुड में एंट्री करने के लिए बेकरार थे, इस वजह से सूरज ने जिया से दूरी बनाना सही समझा. वहीं जिया खान फ़िल्मी करियर भी ठीक नहीं चल रहा. प्यार और करियर दोनों में निराशा हाथ लगने के बाद, जिया खान डिप्रेशन का शिकार हो गई थी. आख़िरकार ज़िंदगी की सारी उलझनें जिया की मौत पर आकर ख़त्म हुई. जिया ने अभी तो अपनी ज़िंदगी का आगाज़ किया था, अंज़ाम ये होगा किसी ने सोचा न था. जिया की मौत ने मीडिया में ख़ूब सुर्ख़ियां बटोरी, लेकिन न्याय आज तक नहीं मिला.

3. दिव्या भारती

199,3 में मुंबई में वर्सोवा स्थित तुलसी अपार्टमेंट के 5वें फ्लोर से गिरकर एक्ट्रेस दिव्या भारती की मौत हुई थी. जब उन्होंने आखिरी सांस ली, तब उनकी उम्र महज़ 19 साल थी. दिव्या भारती ने ख़ुदकुशी की थी या फिर उनका मर्डर हुआ, इस पर से मुंबई पुलिस अभी तक कुछ साबित नहीं कर पाई. पुलिस के पास आज भी दिव्या भारती की मौत के ख़िलाफ़ कोई पुख़्ता सबूत नहीं है.


Image Source : filmfare

 

दिव्या भारती बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से एक थी, जिन्होंने काफ़ी कम उम्र में ही बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना ली थी.

4. आरुषि तलवार

दुनिया की सबसे सनसनीखे़ज मर्डर मिस्ट्री में शामिल आरुषि-हेमराज हत्याकांड को 9 साल हो चुके हैं. आरुषि-हेमराज की हत्या नोएडा के जलवायु विहार के एल-32 फ़्लैट 15 मई 2008 की रात की गई थी. मामले में सनसनीखे़ज मोड़ उस वक़्त आया, जब CBI की क्लोज़र रिपोर्ट को सीबीआई कोर्ट ने राजेश और नूपुर के खिलाफ़ चार्जशीट में बदल दिया.

CBI की रिपोर्रट के मुताबिक, 'वारदात की रात घर में सिर्फ़ चार लोग थे. आरुषि-हेमराज राजेश और नूपुर तलवार. इन चार में से दो की हत्या हो गई और दो बच गए. CBI ने कहा कि घर में कोई बाहरी शख़्स नहीं आया और ना ही उसके सबूत मिले हैं. इस आधार पर CBI ने तलवार दंपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने ही आरुषि-हेमराज की हत्या की और फिर घर से सबूत मिटाए.


Image Source : meabhi

 

 

वहीं आरुषि के माता-पिता राजेश और नूपुर तलवार ने CBI की सारी दलीलों को झूठा करार दिया है. CBI कोर्ट ने बाद में आरुषि के माता-पिता को दोषी करार देते हुए, आरुषि की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी. आज भी तलवार दंपत्ति ख़ुद को निर्दोष साबित करने के लिए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं. आरुषि हत्याकांड ने टीवी पर टीआरपी तो बहुत दी, लेन कुछ नहीं मिला, तो आरुषि को इंसाफ़.

5. भवंरी देवी

साल 2011 में सेक्स, सीडी और खूनी सियासत में सिमटा भंवरी देवी हत्याकांड सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहा था. एक नर्स ने कहा कि उसके पास एक सीडी है. ऐसी सीडी जिसमें एक कैबिनेट मंत्री और एक विधायक की गंदी करतूत कैद है. अगर ये सीडी बाहर आ गई, तो तीन दिन के अंदर ही राज्य की सरकार गिर जाएगी. लेकिन, ये क्या इससे पहले कि वह सीडी लीक होती ख़ुद नर्स ही गायब हो गई. जी हां, यह कहानी है भंवरी देवी की, जिसने राजस्थान के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया था. जिसके एक बयान ने तूफ़ान लाया, तो उसकी गायब होने की ख़बर पूरे देश में देखते ही देखते सुर्खी बन गई.


भंवरी देवी की नौकरी जा चुकी थी. लेकिन उसकी ख़ूबसूरती के चर्चे जोधपुर से जयपुर तक होने लगे थे. वो नौकरी बचाने के लिए इलाके के विधायक मलखान सिंह के पास गई. मलखान सिंह उसे जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा के पास ले गए. फिर दोनों ने कलेक्टर से भंवरी देवी की सिफ़ारिश की और भंवरी देवी का निलंबन ना सिर्फ़ रद्द हुआ, बल्कि उसे नई पोस्टिंग अपने घर के और नज़दीक जालीवाड़ा के सरकारी अस्पताल में मिल गई. वक़्त के साथ-साथ भंवरी देवी, मलखान सिंह और महिपाल की करीबी हो गई. भंवरी ने अगस्त 2011 में अपनी कार बेची थी. उसी का बकाया चार लाख रुपये देने के लिए एक सितंबर को सोहनलाल नामक व्यक्ति ने भंवरी को फोन कर अपने घर बुलाया. भंवरी उसी दिन पैसे लेने के लिए अपने घर से निकली और फिर कभी घर नहीं लौटी.


Image Source : indiatvnews

 

सीबीआई ने बाद में जो ख़ुलासा किया उसके मुताबिक, भंवरी के कत्ल की पहली कड़ी विधायक मलखान सिंह और दूसरी कड़ी पूर्व कैबिनेट मंत्री महिपाल मदेरणा था. भंवरी सीडी के जरिए मंत्री मदेरणा को ब्लैकमेल कर रही थी. उस सीडी में मंत्री आपत्तिजनक हालत में भंवरी देवी के साथ था. इस मर्डर केस से जुड़े सभी लोग मलखान और मधेरणा के लोग थे. बाद में महिपाल मदेरणा को ना सिर्फ़ मंत्रीपद से इस्तीफा देना पड़ा. बल्कि जेल भी जाना पड़ा. वही हाल मलखान सिंह का भी हुआ. अब यह केस एक बार फिर ज़िन्दा हो उठा है.

ये देश के बहुचर्चित हत्याकांड हैं. इनकी चर्चा राजनीति के गलियारों से बॉलीवुड तक हुई, लेकिन इनकी मौतें आज भी सभी के लिए एक पहेली बनी हुई है. सबसे बड़ा सवाल 'आख़िर कब मिलेगा इन लोगों को इंसाफ़'.

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Four Gurugram Crime Branch cops detained by HP police

Ajeybharat.com/Shimla, June 3

A member of the Haryana Police team from the Crime Branch, Gurugram, today opened fire from his service pistol at an employee of the plaza seriously injuring him at the Gara Maur toll barrier on the Kiratpur-Manali highway this morning.

A team of six persons was on its way to Kullu in connection with an investigation into a case and the trouble started when the driver of the vehicle allegedly tried to skip the barrier and escape without paying Rs 40 toll tax.

The employees on the toll barrier erected barricades, stopped the vehicle and asked for toll fee, but they started abusing the employees and a scuffle ensued.

Suddenly one of the occupants of the Safari in which the policemen were travelling opened fire from his service pistol and an employee, Ranvir, received deep bullet injury on his hip. He was rushed to Nalagarh hospital for operation to remove the bullet, but was referred to the PGI, Chandigarh, as his condition deteriorated, thed police said.

The assailants allegedly removed the CCTV and fled towards Punjab, but the staff at the toll barrier immediately informed the police. “Four out of six were nabbed near Maura village with the help of the locals. However, two of them are still at large. A massive manhunt has been launched to nab them,” said Bilaspur SP Rahul Nath.

He said four persons had been detained and investigations were in progress to identify the person who opened fire.

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सरकार ने लगाई मार्केट में रोक तो ONLINE बिकने लगीं गायें

Ajeybharat:1 June, 2017

केंद्र सरकार गौ हत्या पर रोक लगाने की हर कोशिश कर रही है और इसके लिए सख्त कदम भी उठाए जा रह हैं। इस बीच एक खबर सामने आई है कि मार्केट में मवेशियों के बेचने पर सरकार द्वारा रोक लगा दी गई, तो लोगों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। अब गाय, भैंस सहित अन्य मवेशियों की बिक्री ऑनलाइन होने लगी है।

 

पुराने सामान की खरीद-बिक्री करने वाली वेबसाइट ओएलएक्स पर इनको बेचा जा रहा है, जहां मवेशियों के मालिक इनको 5 हजार से लेकर के 2 लाख रुपये तक में बेच रहे हैं। दुनिया की तरह भारत में भी गाय की ऑनलाइन बिक्री हो रही है।

दरअसल, सरकार ने गाय की ऑनलाइन बिक्री की मंजूरी खेती, दूध व अन्य मकसद के लिए दी है। गाय की ऑनलाइन बिक्री पर एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें एक शख्स ने अपनी गाय को बेचने के लिए शर्त रख दी। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक जब वाराणसी के रहने वाले रवि शर्मा ने अपनी गाय की रेट 75 हजार रुपये रखा था। जब उससे गाय खरीदने के लिए संपर्क साधे गए तो कहा कि वो गाय को किसी दूसरी जाति और गरीब को नहीं बेचना चाहता है।

इतना ही नहीं गाय रखने वाले लोगों में खतरा पैदा हो रखा है। तीन गाय रखने वाले गाजीपुर के भीम सिंह ने कहा कि वो 50 फीसदी के रेट पर मार्केट में गाय को बेचने के लिए राजी है, क्योंकि इससे उसकी जान पर खतरा बना हुआ है।

बता दें कि पिछले दो सालों में गौ हत्या के नाम पर लोगों को निशाना बनाया गया है। अभी हाल ही में राजस्थान के भीलवाड़ा में एक शक्स को गौ रक्षकों ने कथित तौर पर पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले बड़ा मामला तब सामने आया था, जब यूपी के दादरी में अखलाख नाम के आदमी को मौत के घाट उतार दिया गया था।

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किडनी बेचने के लिए आया था एक अज्ञात कॉल, जिसके बाद हुआ किडनी रैकेट का पर्दाफ़ाश

September 2016 की बात है. 24 वर्षीय, SIMS, पुणे MBA के छात्र जयदीप इंटर्नशिप कर रहे थे. उसी दौरान उन्हें एक अज्ञात नंबर(8169299426) से फ़ोन आया. फ़ोन करने वाले ने अपना नाम इम्तियाज़ अली बताया और जयदीप के सामने एक बड़ा ही अजीब सा ऑफ़र रखा. इम्तियाज़ ने जयदीप से कहा कि क्या वो अपनी किडनी 20 लाख रुपए में बेचेंगे?

जयदीप के होश उड़ गए और उन्होंने इस ऑफ़र को लेने से सख़्त मना कर दिया. फ़ोन करने वाले ने फ़ोन तो रख दिया पर फ़ोन रखने से पहले ये कहा कि जयदीप अगर कभी भी अपना किडनी बेचना चाहें तो dnanetwork123@gmail.com पर, Subject Line में 'I want to sell my kidney' लिखकर मेल कर सकते हैं.


जयदीप का ऐसा कोई इरादा नहीं था, फिर भी उन्होंने वो नंबर सेव कर लिया. जयदीप फ़ोन कॉल के बारे में भूल ही चुके थे, पर अपने दोस्त से बात करने पर उन्हें पता चला कि उनके दोस्त के पास भी वैसे ही फ़ोन कॉल्स आए थे. जयदीप ये समझ चुके थे कि ये बहुत बड़ा जाल है और उन्होंने इस पर कुछ करने की ठानी.

जयदीप ने The Better India से हुई बातचीत में बताया,

'मैं उस अजीब से फ़ोन के बारे में सोच ही रहा था कि न्यूज़ 24 चैनल पर भी उसी से जुड़ी ख़बर दिखाई जा रही थी. मैंने चैनलवालों को फ़ोन किया और उन्होंने आख़िर तक मेरी मदद की.'

न्यूज़ चैनल ने जयदीप को एक लोकल रिपोर्टर का फ़ोन नंबर दिया, जिसने जयदीप को दिल्ली स्थित Correspondent राहुल प्रकाश से संपर्क करवाया. अप्रैल, 2017 में Correspondent राहुल ने जयदीप से संपर्क किया और दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में दोनों ने शिकायत दर्ज की.


सब इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने जयदीप को किडनी रैकेट वालों से संपर्क करने को कहा. रैकेट वाले पुलिस के जाल में फंस गए और जयदीप की किडनी बेचने की पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी.

भारत में किडनी डोनेट करने की प्रक्रिया से जुड़े कई क़ानूनी दांव-पेंच जुड़ें हैं. जयदीप को अपनी पहचान बदलनी पड़ी, उसे एक मरीज़ के बेटे की पहचान दी गई.

कि़डनी के सौदागरों ने जयदीप का फ़ेक आधार कार्ड से लेकर फ़र्ज़ी बैंक पासबुक तक बनवाई. जयदीप को एक नया नाम भी दिया गया, P.Sp Phani Kumar.


जयदीप को सबसे पहले लोकल लैब में जांच के लिए ले जाया गया, उसके बाद बत्रा अस्पताल ले जाया गया, जहां जयदीप का ऑपरेशन होना था. जयदीप के 17 टेस्ट लैब में हुए और फिर 17 टेस्ट अस्पताल में भी किए गए. उसके शरीर से लगभग 3 लिटर खून निकाला गया.

कि़डनी डोनेट करने से पहले जयदीप को IMA (Indian Medical Association) के मेमर्बस को इंटरव्यू देना था. जयदीप ने ये भी बताया कि उसे सवालों के जवाब देने के लिए भी ट्रेनिंग दी गई थी. ठीक मुन्ना भाई फ़िल्म के जैसे, जिस Sequence में मेमबर्स सवाल पूछेंगे, उसी Sequence में उसे जवाब याद करवाए गए थे.

जयदीप को क्राइम ब्रांच वालों ने कहा था कि वो कुछ सवालों का ग़लत जवाब दे, ताकि ये पता चले कि क्या अस्पताल के स्टाफ़ में से भी कोई रैकेट से जुड़ा हुआ है.


जयदीप ने वैसा ही किया, उन्होंने अपना और अपने पिता का नाम तो सही बताया, पर उसके पिता पहले किस अस्पताल में भर्ती थे, इसका जवाब उसने ग़लत दिया. अपने स्कूल का नाम और अपना पता भी उसने सकपकाते हुए बताया. इतनी ग़लतियों के बावजूद जयदीप की एप्लीकेशन को खारिज नहीं किया गया. जयदीप का इंटरव्यू 22 मई को लिया गया था, ऑपरेशन से ठीक 3 दिन पहले. पूरी घटना पर क्राइम ब्रांच ने कड़ी नज़र रखी हुई थी, एक भी ग़लती का मतलब था जयदीप की जान को ख़तरा.

किडनी के रैकेट वालों का अपना फ़ेसबुक पेज और 6 वेबसाइट्स भी थीं. इन सब पर क्राइम ब्रांच वालों ने कड़ी नज़र रखी हुई थी. ये लोग ऐसे लोगों कि तलाश करते थे, जो किडनी अस्पताल के बारे में सर्च करते थे. बहुत सारे पैसों का लालच देकर ये लोग मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाते थे.


25 मई, 2017 को जब जयदीप ऑपरेशन थियेटर में जाने ही वाले थे तब क्राइम ब्रांच ने किडनी रैकेट से जुड़े 6 लोगों को गिरफ़्तार किया. पुलिस मुजरिमों से पूछताछ कर रही है और अस्पताल में भी जांच कर रही है.

Source: Indian Express

जयदीप ने अपनी जान पर खेलकर न जाने कितने लोगों की जान बचाई. जयदीप की इस वीरता को ग़ज़बपोस्ट की पूरी टीम सलाम करती है.

Source: The Better India

Feature Image Source: HTIndian Express

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जमकर हो रहा डीजे का प्रयोग,नियम,कानून की उडती धज्जियां

डा.एल.एन.वैष्णव

दमोह/भले ही माननीय न्यायालय ने ध्वनी प्रदुषण की बात को गंभीरता से लेते हुये डीजे जैसे तेज सांउडों के प्रयोगों को प्रतिबंधित किया हो। परन्तु संबधित विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही उक्त निर्णय को लागू करने में नाकामयाब से दिखलाई देते हैंं? यह बात अलग है कि उनके द्वारा कागजों में उक्त निर्णय को पालन करने निर्देश एवं समाचारों का प्रकाशन कर संबधितों को सूचित कर दिया है।लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती देखी जा सकती है जिससे संबधित विभाग के अधिकारी,कर्मचारियों के दावों की पोल खुलती देखी जा सकती है। सडकों पर बारातों के निकलते समय जमकर तय सीमा को कई गुना पार कर बजते डीजे और उनसे होता शोर राहगीरों सहित समीप निवास करने वाले के लिये परेशानी का कारण बनता रहता है। वहीं संचालित मैरिज गार्डन एवं बारात घरों के उपर तो हाल ही मैं स्वयं नपा प्रश्न चिंह अंकित कर चुकी है। 

अंधे-बहरे और क्या लंगडे भी?-

उक्त नियमों की जमकर धज्जियों को उडाया जा रहा हो?और जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन सहित नपा खमोश दिखलायी दे तो फिर जनता में प्रश्न उपजना तो लाजमी है? शोर से होने वाले प्रदुषण से लोगों की परेशानी को आये दिन देखा जा सकता है?गत दिवस घंटाघर पर चारों से आयी बारातें और उनमें बजते डीजे के शोर के चलते अफराफरी का माहौल बना रहा। उपस्थित यातायात पुलिस कर्मियों को यातायात में आये व्यवधान को दूर करने काफी मशक्कत करनी पडी। परेशान लोगों के मुंह से सुना गया कि क्या किसी को यह दिखलायी नहीं देता प्रशासन के अधिकारी तो अंधे-बहरे और अब लंगडे हो गये हैं?

तेज ध्वनी से हानि-

जानकारों की माने तो तेज ध्वनि किसी प्राणी के लिये मृत्यू का कारण भी बन सकती है। अगर विश्व के कुछ महान लोगों के द्वारा उक्त विषय को लेकर की चिंताओं पर नजर डालें तो देखेंगे कि ध्वनि प्रदूषण से होने वाले खतरों की गम्भीरता को देखकर नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक राबर्ट कोच ने आठ दशक पूर्व प्रतिक्रिया व्यक्त की थी कि भविष्य में एक दिन ऐसा आएगा, जब मनुष्य को स्वास्थ्य के सबसे बड़े शत्रु के रूप में शोर से संर्घष करना पड़ेगा। वहीं कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के पूर्व चान्सलर डॉ. वर्ननुडसन का मत है कि शोर एक धीमी गति वाला मृत्युदण्ड है।

कार्यवाही पर उठते प्रश्न-

सूत्रों की माने तो कुछ मामलों को छोड दिया जाये तो कार्यवाही न होने का प्रतिशत सबसे ज्यादा होगा?शांति कमेटी के निर्णय और चर्चा हो या फिर समय-समय पर कागजी घोडा दौडा कर प्रशंसा बटोरने वाले अधिकारी सब अपनी कार्यप्रणालियों को लेकर चर्चाओं में बने रहते हैं?अनेक जगहों पर तो संबधित अधिकारियों की उपस्थिति में ही नियमों का उलंघन होना लगातार चर्चाओं में बना हुआ है।

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अपनी जान की भीख मांगते इस आदमी को देख रहे हैं? इसे भीड़ ने मार दिया…

मोहम्मद नईम की ज़िन्दगी की आख़री Groupie में वो ख़ून से लथपथ, हाथ जोड़े कुछ गांववालों के साथ खड़ा नज़र आ रहा है. गांववालों के चेहरे नज़र नहीं आ रहे क्योंकि नईम ज़मीन पर बैठा हुआ है. उसका आधा शरीर लहुलूहान है, शरीर पर एक बनियान है, कोई कमीज़ नहीं. कमीज़ शायद फाड़ दी गई है. उसकी पतलून भी भीगी है. काली पतलून में ख़ून दिखाई नहीं देता, वरना पतलून भी लाल ही नज़र आती. रक्तरंजित ये तस्वीर अगर आपके रोंगटे खड़े कर रही है, तो सिर्फ़ एक बार उसके बारे में सोचिए जिसको इससे गुज़रना पड़ा हो.

मोहम्मद नईम ने गांववालों को बहुत समझाने की कोशिश की. अपने जान की भी भीख मांगी, पर भीड़ पर मृत्यु देव सवार थे. बृहस्पतिवार को सोभापुर निवासियों ने 4 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला. गौर करने वाली बात ये है कि सोभापुर, जमशेदपुर से घंटे भर की दूरी पर है.

Source: HT

नईम WhatsApp पर फैले मैसेज का शिकार हो गया. WhatsApp पर मैसेज वायरल हुआ था कि बच्चा चोरी गैंग के कुछ सक्रीय लोग खुलेआम घूम रहे हैं. गांववालों में अधिकतर आदिवासी समुदाय से थे और पूर्वी सिंगभूम ज़िले के सरायकेला-खारसवान क्षेत्र से थे, सोभापुर भी इसी क्षेत्र का गांव है.

पिछले सप्ताह 2 अन्य लोगों को भी बच्चा चोरी करने के संदेह में पीट-पीटकर मारा डाला गया. ये दोनों ही लोग निर्दोष थे.

मोहम्मद नईम की तस्वीर कुछ याद दिलाती है. गुजरात के कुतुबुद्दीन अंसारी की हाथ जोड़कर रोती हुई तस्वीर, गुजरात दंगों की पहचान बन गई थी. अंसारी को बचा लिया गया था, पर नईम की किस्मत इतनी अच्छी नहीं थी.

Source: Okezone

नईम घाटशिला का रहने वाला था और अपने व्यापारी दोस्तों के साथ सोभापुर से गुज़र रहा था. गांववालों ने उनकी एसयूवी को रोका और चारों को खींचकर बाहर निकाला. घंटों तक प्रताड़ित करने के बाद उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई थी, पर पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया.

नईम के रिश्तेदार जलालुद्दीन ने बताया कि नईम अपने बूढ़े मां-बाप की अच्छे से देखभाल करता था और अपने बच्चों को अच्छी परवरिश दे रहा था. नईम की पत्नी डिप्टी ग्राम प्रधान हैं. परिवार ने 2 लाख रुपये के मुआवज़े को नामंज़ूर कर दिया है और न्याय की गुहार लगाई है.

Source: HT

ये पहला मौका नहीं है, जब कोई निर्दोष पागल भीड़ का शिकार हुआ हो. दादरी के मोहम्मद अख़लाक को आज भी इंसाफ़ नहीं मिला है.

Source: Manorama

कल्याणी यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर और उनकी बेटी को भीड़ ने ज़िंदा जलाने की कोशिश की. ये दोनों ही एनआरआई हैं और कुछ दिनों के लिए ही भारत लौटे थे. इन दोनों को भी गांववालों ने बच्चा बेचने वाला समझा था. पहचान-पत्र, पासपोर्ट दिखाने पर भी भीड़ के ऊपर कोई असर नहीं हुआ. ऐन मौके पर पुलिस ने आकर इन्हें बचा लिया.

कभी-कभी ख़बरें लिखते हुए ये तय करना मुश्किल हो जाता है कि हम इंसान हैं या मशीन. इंसानों के रूप में जानवरों से बदतर हो चुके हैं हम. क्या कानून नाम की कोई चीज़ नहीं या इंसानियत नाम की? ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए तो कोई हाथ उठता नहीं. छिड़ती हुई लड़की का वीडियो बन जाता है, पर इज़्ज़त बचाने के लिए कोई आगे नहीं आता. हमें सोचना पड़ेगा कि हम कहां जा रहे हैं.

Source: HT

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सेक्स वीडियो के ज़रिये वसूली करने के केस में फ़रार DJ, पकड़ी गयी

पिछले साल दिसंबर में मुंबई से एक DJ फ़रार हुई थी, जिसे अब पकड़ लिया गया है. इस 21 वर्षीय लड़की के पकड़े जाने की वजह बना उसके द्वारा पोस्ट किया गया फ़ेसबुक लाइव वीडियो. लड़की पर एक डॉक्टर को फंसा कर उसे ब्लैकमेल करने का इल्ज़ाम है.


शिखा तिवारी उर्फ़ DJ अदा, एक हाई प्रोफ़ाइल रैकेट चला रही थी. पैसे वाले लोगों को फंसा कर, वो उन्हें ब्लैकमेल कर के पैसे ऐंठती थी. मंगलवार को आख़िरकार फ़ेसबुक लाइव वीडियो के ज़रिये पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे पकड़ लिया.

दिसम्बर 2016 में राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने राज्य में चल रहे एक रैकेट का पर्दाफ़ाश किया था. इस रैकेट के ज़रिये लोगों को ब्लैकमेल कर के 15 करोड़ की रकम वसूली गयी है. ये रैकेट लोगों के यौन कृत्यों का वीडियो बना कर, उन्हें ब्लैकमेल करने का था. पैसे न मिलने पर रेप का केस करने की धमकी दी जाती थी.

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India Today @IndiaToday

DJ Adaa was arrested by Special Operations Group as the young lady couldn't resist to go live on Facebook.http://ow.ly/hobi30bNMdH 

Photo published for 21-year-old DJ runs away with Rs 1 crore, caught after going live on Facebook

21-year-old DJ runs away with Rs 1 crore, caught after going live on Facebook

The young DJ was caught by police after she ran away with a whopping 1 crore 5 lac from Jaipur and went live on Facebook.

indiatoday.intoday.in

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जयपुर के डॉक्टर सुनीत सोनी के साथ भी ये ही किया गया था. DJ अदा ने उन्हें मार्च 2016 में अपने साथ पुष्कर ले जाने के लिए राज़ी किया, जहां वो एक रिज़ॉर्ट में ठहरे थे. इसके बाद उसने डॉक्टर से एक करोड़ रुपये देने को कहा. जब वो ये रकम नहीं दे पाए, तो उसने उनके खिलाफ़ रेप का केस कर दिया.

इसकी वजह से डॉक्टर को 78 दिन जेल में गुज़ारने पड़े थे. अदा को मुंबई के अंधेरी वेस्ट से गिरफ़्तार किया गया है. उसके साथ 32 और लोग भी इसमें शामिल थे, जिन्हें भी हिरासत में ले लिया गया है. 

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गुरुग्राम के विधायक उमेश अग्रवाल दुष्कर्म के आरोप से हुए बरी

New Delhi: A BJP MLA from Haryana and another man have been acquitted by a Delhi court of the charges of raping a woman in a hotel after giving her sedative-laced drink.

The court absolved BJP legislator Umesh Aggarwal and Sandeep Luthra for alleged offences of rape, causing hurt by means of poison and criminal intimidation under provisions of the IPC, saying the prosecution has not been able to prove its case against them beyond reasonable doubt.

Additional Sessions Judge Shail Jain said the woman had turned hostile and there was nothing incriminating against the accused. The judge also dispensed with the recording of the statements of the accused.

The court also acquitted one Rekha Suri, a friend of the woman who had taken her to a hotel in Faridabad, for alleged offences of abetment to rape and causing her hurt by giving her poison. The three accused were out on bail.

The court noted that the alleged victim had deposed that "Suri had not administered any intoxicated substance in her cold drink or that Aggarwal and Luthra did not rape her".

She had also told the court that on January 1, 2015, the two men had not threatened or stopped her from disclosing the incident to anyone.

The court had framed charges against the three accused and they pleading not guilty and claimed trial. They had claimed innocence and that they were falsely implicated.

As per the police, the woman had alleged that on January 5, 2015 at the insistence of her friend Suri, both of them had gone to a hotel in Faridabad on January 3.

After sometime, Suri left on the pretext of some work and later, Aggarwal came to meet Suri and gave her a drink. After consuming it, she became unconscious, she had alleged, adding that she was raped thereafter.

Next morning, Aggarwal called Luthra, who also raped the woman, the victim alleged in the complaint, adding that Luthra later dropped her at Tilak Nagar in West Delhi.

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पत्नी के कत्ल के आरोप में गिरफ़्तार था पति, जबकि वो प्रेमी के साथ दूसरे शहर में रह रही थी

अख़बारों और न्यूज़ चैनलों में आपने ऐसी बहुत-सी ख़बरें पढ़ी होंगी, जिनमें अदालत ने किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा कर उस जुर्म की सजा सुना दी, जो उसने किया ही नहीं. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला है, जहां एक पति को उसकी ज़िंदा पत्नी के खून के आरोप में गिरफ़्तार किया गया.

Source: Reuters

ख़बर के मुताबिक, 2015 में पिंकी की शादी मनोज से हुई थी, पर शादी के कुछ दिनों बाद ही पिंकी रहस्यमी तरीके से गायब हो गई. पिंकी के घरवालों ने मनोज पर आरोप लगाया कि पंकज दहेज का लोभी था, जिसके चलते उसने पिंकी की हत्या कर दी. 

मुज़फ्फ़रपुर के सराइआ थाने के अंतर्गत एक महिला का क्षत-विक्षत शव भी बरामद हुआ, जिसे पिंकी के घरवालों ने अपनी बेटी बताया. इसके बाद मनोज को गिरफ़्तार कर लिया गया.

कुछ हफ़्ते पहले ही मनोज के घरवालों को किसी रिश्तेदार का फ़ोन आया, जिसने उन्हें बताया कि उसने पिंकी को जबलपुर में किसी और आदमी के साथ रहते हुए देखा है. इस ख़बर के बाद मनोज के घरवाले जबलपुर गए और वहां की लोकल पुलिस को सूचना दी. जबलपुर पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया और निर्दोष मनोज को बचाने के लिए तुरंत हरकत में आई.

जबलपुर पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि शादी के पहले से ही पिंकी, मयूर मलिक से प्यार करती थी, पर घरवालों के दवाब में पिंकी की शादी मनोज से हो गई. शादी के कुछ दिनों बाद ही पिंकी भाग कर मयूर के साथ रहने लगी.

Source: PTI

फ़िलहाल पुलिस ने पिंकी को वापिस बिहार भेज दिया है. जबलपुर पुलिस स्टेशन के SHO मंजीत सिंह का कहना है कि 'पिंकी के ज़िंदा रहने से बिहार पुलिस को सबूत मिल चुका है कि मनोज निर्दोष है. अब उन सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्यवाही करनी चाहिए, जिन्होंने मनोज को झूठे मामले में फंसा कर सलाखों के पीछे भिजवाया. इसमें पिंकी के माता-पिता भी शामिल होंगे कि उन्होंने झूठे शव को अपनी बेटी बता कर मनोज के साथ नाइंसाफ़ी की.'

 

Source: scoopwhoop

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उस बच्ची का 2 महीनों तक एक ऐसे व्यक्ति ने यौन शोषण किया, जिसे वो ‘भैया’ बुलाती थी !

मध्य प्रदेश स्थित कटनी, संगमरमर के लिए विख्यात है. साफ़-सुथरे. सफ़ेद संगमरमर. वही जिससे ताज महल बनाया गया है. पर संगमरमर के शहर से ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरी इंसानियत को कलंकित कर दिया है.

Source: Motherhood in Style

कटनी की पुलिस जब एक सरकारी अनाथालय का मुआयना करने गई, तो वहां एक 8 साल की बच्ची की हालत ने उन्हें चौंका दिया. उस बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स पर घाव थे.

पुलिस द्वारा पूछने पर बच्ची ने कहा,

'भैया ने बोला ये सेहत के लिए अच्छा है.'

पुलिस ने तुरंत समझ लिया कि उस बच्ची का बलात्कार किया गया है. बच्ची ने अपनी जो कहानी बताई, जिसने पुलिस को भी अंदर तक झकझोर दिया. उस बच्ची का 2 महीनों तक एक ऐसे व्यक्ति ने यौन शोषण किया, जिसे वो 'भैया' बुलाती थी.

Source: i heart

बच्ची इससे पहले 6 साल से कम उम्र के बच्चों के अनाथालय में थी और वहां के चपरासी ने ही उसके साथ बलात्कार किया था. आरोपी 30 साल का आदमी है और बच्ची के आरोप के आधार पर उसे गिरफ़्तार कर लिया गया.

बलात्कार से पीड़ित बच्ची ने 7 साल की बच्ची के Vagina में उंगलियां डालकर उसे ज़ख्मी कर दिया था. बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. जब पुलिस ने ऐसा करने का कारण पूछा, तब मासूमियत से उसने उत्तर दिया,

'भैया रोज़ मेरे साथ सोते थे. मैं जब भी कहती कि मुझे दर्द होता है, तो वो कहते कि ये मेरी सेहत के लिए अच्छा है.'

Source: Miami New Times

पुलिस ने HT को बताया,

'बच्ची की काउंसिलिंग चल रही है. 7 साल की बच्ची अस्पताल में है, पर उसकी हालत में सुधार है.'

बच्चे सबसे ज़्यादा असुरक्षित होते हैं, उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनके साथ जो हो रहा वो ग़लत है. बहुत से बच्चों को तो ये लगने लगता है कि यौन शोषण सबकी ज़िन्दगी का हिस्सा है. वहीं कुछ को डर लगता है कि अगर किसी को पता चल गया तो उन्हें डांट पड़ेगी.

Source: Vietnam Plus

कटनी की घटना से ये साफ़ है कि उस 8 साल की बच्ची यौन शोषण को नॉर्मल मानने लगी थी और इसलिए अपने से छोटी उम्र की लड़की के साथ भी उसने वही किया.

हम ऐसे समाज में रहते हैं, जहां बलात्कार या छेड़-छाड़ को लड़कियों के चरित्र से जोड़ दिया जाता है. 6 साल की बच्ची का चरित्र 

Source: HT

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नर्क से निकल कर दोबारा नर्क में फंसी ये बच्चियां, सरकारी शेल्टर होम में दिए जा रहे थे हॉर्मोन बढ़ाने के इंजेक्शन

रेप, मानव तस्करी जैसे अपराधों की शिकार किसी लड़की को एक सरकारी शेल्टर होम में रखा गया, ताकि वो अपनी ज़िन्दगी फिर से शुरू कर सकें. लेकिन इन लड़कियों के साथ इस रिहैब में जो हुआ, उसके बाद उनका किसी पर भरोसा न करना जायज़ है.

वेस्ट दिल्ली के जिस शेल्टर होम में इन सभी लड़किओं को रखा गया था, वहां इनके साथ वो सब कुछ हुआ, जिससे बच कर ये आयी थीं. इन लड़कियों को Oxytocin के इंजेक्शन दिए जा रहे थे, इनका शोषण किया जा रहा था और मना करने पर इन्हें मारा-पीटा जा रहा था. ऐसा करने वाले वो सभी अधिकारी थे, जिन्हें उनकी ज़िन्दगी बेहतर बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी थी.


इन लड़कियों को Oxytocin, जिसे आम भाषा में ग्रोथ हॉर्मोन के इंजेक्शन दिए जा रहे थे, ताकि कम उम्र में भी उनका शरीर बड़ी लड़कियों जैसा हो जाए. इन्हें न जाने कैसे-कैसे ड्रग दिए जा रहे थे और Retaliate करने पर इन्हें बेरहमी से मारा-पीटा जा रहा था. ये इंजेक्शन मानव तस्कर इस्तेमाल करते हैं, ताकि कम उम्र की लड़कियों को बड़ी उम्र का बता कर वेश्यालयों में बेच दिया जाए.

इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब इन्हें में से एक लड़की ने Delhi Legal Services Authority को लेटर लिखा. इस लेते में बाक़ी की लड़कियों ने भी अपनी आपबीती लिखते हुए कहा कि इस शेल्टर होम में उनके साथ हर तरह का ग़लत काम हो रहा है.

दिल्ली महिला कमीशन की स्वाति मालीवाल ने जब यहां पूछताछ की, तो उन्हें यहां चल रहे कुकृत्य के बारे में और जानकारी मिली. 16 अप्रैल को पुलिस ने इन सभी लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज किया. इन सभी के खिलाफ़ Juvenile Justice Act के तहत, क्रिमिनल Conspiracy और Poisoning का केस दर्ज किया गया है.

 

 

 

हिंदुस्तान टाइम्स में आयी इस रिपोर्ट के हिसाब से, इन लड़कियों को यहां बहुत बुरी परिस्थितियों में रखा जा रहा था. इन्हें ढंग से खाना न मिलने के कारण ये सभी कुपोषण का शिकार हैं. इन्हें रोज़ वही गंदे कप पहनने को दिए जाते थे.

 

Source: Huffington Post

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….कैसे एक घिनौना आदमी मांग रहा था उसकी दस साल की बेटी से न्यूड फ़ोटो

एक समय था, जब लोगों के घरों में एक फ़ोन हुआ करता था, पर आज बच्चे-बच्चे के हाथ में फ़ोन और इंटरनेट रहने लगा है. ऐसे में बच्चों को सोशल मीडिया पर मिलने वाले असामाजिक तत्वों से बचाना मां-बाप के लिए बड़ी चुनौती साबित होता है. लेकिन बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि यहां उनसे कोई भी संपर्क कर सकता है और उन्हें इतनी समझ नहीं होती कि ये फ़ैसला कर सकें कि किस से बात करनी है और किस से नहीं.


इसी बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए एक मां ने अपनी बेटी के Snapchat मेसेज शेयर किये हैं. इनमें आप देख सकते हैं कि कैसे एक आदमी दस साल की बच्ची से नाजायज़ मांग कर रहा है और उसका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है.


इस महिला ने पहचान न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एक अनजान आदमी उसकी बेटी से कपड़े उतार कर तस्वीर भेजने के लिए कह रहा था.


पहले बच्ची को लगा था कि वो सेल्फी मांग रहा है, लेकिन उस आदमी ने कहा कि उसे दूसरी तरह की फ़ोटो चाहिए, जिसमें बस उसका चेहरा ही न हो. आदमी का नाम Daniel Foreal है, पर अभी ये नहीं कहा जा सकता कि ये उसका असली नाम है या नहीं.


जब बच्ची ने कहा कि वो बस दस साल की है और ये सब नहीं कर सकती, तो आदमी ने उससे कहा कि वो इसके बारे में किसी को नहीं बताएगा.

जब महिला को इसके बारे में पता चला, तो उसने बेटी की जगह उस आदमी से बात करना शुरू किया. उसे पता चला कि इस आदमी ने Live.Me नाम के वीडियो प्लेटफ़ॉर्म से बच्ची से संपर्क किया था. उसने लड़की से कहा था कि वो उसे 'नॉटी डेयर' देगा.

महिला ने कहा कि उसे लगता है इस आदमी ने अन्य बच्चियों के साथ भी ये सब किया होगा.

महिला ने बताया कि उसकी बेटी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती है, क्योंकि उसके अन्य दोस्त भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर हैं. बच्चे यहां साथ गेम्स खेलते हैं. उन्होंने अपनी बेटी को समझा रखा है कि जब भी कोई अनजान व्यक्ति उससे संपर्क करे, तो वो उन्हें बताए.


उन्होंने बताया कि जब वो अपनी बेटी को भेजे हुए मेसेज देखती हैं, तो उन्हें बहुत बुरा लगता है. एक आदमी ने उसे अपने लिंग की तस्वीर भेजी थी, एक आदमी ने उससे कहा था कि अपने पेट की तस्वीर भेजे.

बच्ची ये सब अपनी मां को बताती रही. मां ने बताया कि उसने इस आदमी के मेसेज इसलिए पब्लिक किये, ताकि लोग जान सकें कि कैसे ये दरिन्दे, सोशल मीडिया के ज़रिये छोटे बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं.

वो बताती हैं कि वो नियमित रूप से अपनी बेटी की सोशल मीडिया की गतिविधियों पर नज़र रखती हैं, पर कई मां-बाप ऐसा करना ज़रूरी नहीं समझते. ऐसा न कर के वो अपने बच्चों को खतरे में डाल रहे हैं. कोई भी उन्हें यहां बहका सकता है और उनका गलत फ़ायदा उठा सकता है.

इस आदमी ने बच्ची से बेहद घिनौनी बातें कीं, उसने बच्ची से कहा कि अपनी शर्ट और ब्रा को हटा कर तस्वीर ले और उसे भेजे. जब मां ने बच्ची के नाम से मेसेज किया 'मैं ब्रा नहीं पहनती, वो बड़ी लड़कियां पहनती हैं' तो आदमी ने कहा 'शर्ट उठा कर तस्वीर भेज दो'.


मां ने इस आदमी के मेसेज, उसकी प्रोफ़ाइल और एक फ़ोटो भी शेयर की है. यही नहीं, उन्होंने उस आदमी की लिस्ट में मौजूद लोगों को भी मेसेज कर के इस आदमी की करतूतों के बारे में भी बताया है. फ्लोरिडा में Child Exploitation & Online Protection Centre में इस शख्स के खिलाफ़ शिकायत होने के बाद आदमी ने अपना अकाउंट डीएक्टिवेट कर लिया है.

आधुनिक समय की मांग यही है कि अन्य चीज़ों के साथ मां-बाप अपने बच्चों को सेफ़ तरीके से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना भी सिखाएं, क्योंकि बच्चों का शोषण करने वाले लोग अब सोशल मीडिया को हथियार बना कर उन तक पहुंचने लगे हैं. 

 

Source: Metro

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योगी राज में यूपी पुलिस ने दिखाया अपना दम, 72 घंटे में ढूंढ निकालीं 27 लापता लड़कियां

यूपी में योगी के सत्ता में आते ही, उत्तर प्रदेश पुलिस के काम करने का अंदाज़ कुछ बदला-बदला सा लग रहा है. इसका ताज़ा उदाहरण शाहजहांपुर में देखने को मिला. आला अधिकारी के सख़्त निर्देश के बाद शाहजहांपुर में पुलिस ने 72 घंटों के अंदर ही तमाम गुमशुदा लड़कियों को ढूंढ निकाला.

एस.पी. सिटी, के.बी. सिंह ने इलाके के दर्जनों पुलिसवालों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गायब हुईं 39 लड़कियों के पेंडिंग मामलों को निपटाने को लेकर चेतावनी दी और नतीजा ये रहा कि कुछ घंटों में 27 लड़कियां खोज निकाली गईं. वहीं अन्य लापता 12 लड़कियों की तालाश अब भी जारी है.

पुलिस वालों के लिए 'करो या मरो' का सख़्त निर्देश

इस इलाके में पुलिसवालों के लिए 'करो या मरो' का सख़्त निर्देश है. इस काम में लापरवाही बरतने वाले 8 सब इंस्पेक्टरों का पहले ही पुलिस लाइन्स में तबादला किया जा चुका है और समान रैंक के 24 अन्य को बेहतर प्रदर्शन के लिए 48 घंटों का वक़्त दिया गया है.

Image Source : oneindia

2015-2016 से पेंडिंग थे मामले

शाहजहांपुर इलाके में धारा 363 (किडनैपिंग) और 366 (किडनैपिंग, शादी के लिए मजबूर किए जाने) के तहत 39 मामले पेंडिंग पड़े थे. लड़कियों के परिजन बार-बार उन्हें खोज निकालने के लिए शिकायतें लेकर आते थे. इनमें से ज़्यादातर मामले 2016 से पेंडिंग पड़े थे. इनमें एक नाबालिग लड़की का भी मामला था, जो 2015 से पेंडिंग था. के.बी. सिंह से चेतावनी मिलने के बाद नाबालिग लड़की की तलाश तेज़ कर दी गई और उसे सुरक्षित बचा कर लिया गया. मामला रोज़ा थानाक्षेत्र का था.

लापता लड़कियों में से दो को 30 किमी दूर के क्षेत्र से बचाया गया, तीन को 55 किमी दूर से खोज निकाला गया. वहीं, एक लड़की को चंडीगढ़ से वापस लाया गया और दो को इलाहाबाद से.अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों को सुलझाने के लिए पुलिसवालों को पूरी छूट दी गई थी, उन्हें कहा गया था कि जल्द से जल्द इन लड़कियों को खोजकर इनके घरवालों तक पहुंचाया जाए.

Image Source : khulasatv

हम तो यही कहेंगे कि यूपी पुलिस देर आई, दुरुस्त आई. पुलिस इसी सख़्ती के साथ काम करती रही, तो वो दिन दूर नहीं, जब शहर-शहर यूपी की कानून व्यवस्था के चर्चे होंगे. 

 

Source : timesofindia

 

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OMG! जब मेट्रो स्टेशन पर चल गयी पोर्न फिल्म और ….

NEW DELHI: In an incident that has left the Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) red-faced, a porn clip was accidentally played on a large advertisement screen at one of the busiest metro stations in New Delhi.

Commuters at Delhi Metro's Rajiv Chowk station were shocked to see the explicit video being streamed on the big LED screen.

Some enterprising people stopped and recorded the entire episode on their mobile phones. One of these videos, shot on April 9, was shared on social media, and since then has gone viral.

In the video, while most walked past the TV screen playing the X-rated film, either clueless or faking nonchalance, a few slowed down to point and stare.

 

DMRC has ordered a probe into the bizzare incident, and issued a statement clarifying that the screen at Rajiv Chowk metro station on which porn was played is reserved for commercials.

 

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