Archive | CRIME

कर्ज से दबे किसान की आत्महत्या के बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

सीएम को जिले में नहीं घुसने देने की चेतावनी।कर्ज के बोझ के चलते किसान द्वारा आत्महत्या का मामला,किसानों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन,मिनी सचिवालय पर किया प्रदर्शन,मृतक किसान के कर्ज को माफ़ करने की है मांग,कर्ज माफ़ी के लिए कलेक्टर दिया ज्ञापन 

अजय कुमार विद्यार्थी /डीग, भरतपुर/ डीग थाना क्षेत्र के गाँव जाटौली में रबी की फसल नहीं उगने और कर्ज के बोझ में दबे होने से व्यथित 45 वर्षीय एक किसान भगवान् सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जिसके बाद मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अम्बाबाता,युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेम सिंह फौजदार के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने मृतक किसान के कर्ज माफ़ी व् उसके बच्चों को मुआवजे की मांग को लेकर मिनी सचिवालय पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया | 

प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मृतक किसान के कर्ज को माफ़ करने की मांग की साथ ही किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है की यदि सरकार ने मृतक किसान का कर्ज माफ़ नहीं किया और उसके बच्चों को मुआवजा नहीं दिया तो जिले के किसान आगामी 26 जनवरी को सीएम आगमन कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री को जिले में नहीं घुसने देंगे | 

गौरतलब है की विगत दिन डीग उपखण्ड के गाँव जाटौली में 45 वर्षीय किसान भगवान् सिंह ने कर्ज के बोझ के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी | उसने बैंक से कृषि लोन करीब 5 लाख रूपये ले रखा था साथ ही करीब 6 लाख रूपये गाँव के साहूकार से ले रखे थे जिसको चुकाने के लिए वह चिंतित रहता था | वह अपनी पशुओं के बाड़े में सोता था जहाँ आज सुबह जब उसकी पत्नी हरदेई वहां पहुंची तो उसका शव फांसी से लटका हुआ मिला | शोर मचाने पर ग्रामीण इकट्ठे हुए और पुलिस को सूचित किया | 

Posted in CRIMEComments (0)

रबडी खिलाकर बीस लाख की रकम उडाई

Rabdi-feeding-twenty-lakh-rupees-flying

मेरठ : ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र के तारापुरी में एक विधवा महिला को रबडी खिलाकर परिचित ने बीस लाख रूपये की नगदी उडा दी। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। तारापुरी निवासी महिला रूबी ने बताया कि उसके पति अमित वर्मा की 13 फरवरी को मौत हो गई थी। जिसके बाद संपत्ति के बंटवारे में पति के हिस्से में 22 लाख रूपये मिले थे। इस रकम में से दो लाख रूपये घरेलू कार्यों में खर्च हो गए, जबकि बीस लाख रूपये की रकम घर की अलमारी में रखी हुई थी। रूबी ने बताया कि सुबह एक परिचित घर पर रबडी लेकर आए। रबडी खाने के बाद वह बेहोश हो गई। उसने देखा कि अलमारी में रखे बीस लाख रूपये चोरी कर लिए गए। महिला ने शोर मचा दिया। उसने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शक के आधार पर लावड निवासी शकील को हिरासत में लिया है। पुलिस शकील से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

Posted in CRIMEComments (0)

बदमाश ने टीचर का फोन चोरी करके सेल्फी ली, गूगल से ऐसे मिला लोकेशन

नई दिल्ली: दिल्ली के दरियागंज इलाके में एक लेडी टीचर से मोबाइल छीनकर भागे स्नैचर को पता नहीं था कि सेल्फी लेने के चक्कर में वो मुसिबत में पड़ जाएगा. दरियागंज थाने की पुलिस लोकेशन खोजते-खोजते आरोपी के घर पहुंच गई. पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी एक छत से दूसरी छत कूदते-फांदते फरार हो गया. मोबाइल घर पर ही था, जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया. पुलिस के मुताबिक लेडी टीचर अपने परिवार के साथ फिरोजशाह कोटला इलाके में रहती हैं. वह दरियागंज इलाके में एक स्कूल में पढ़ाती हैं. यह घटना 2 नवंबर को हुई थी. वह स्कूल से घर लौटने के दौरान महावीर वाटिका बस स्टॉप पर बस में चढ़ीं. इसी दौरान बस में स्नैचर मोबाइल लेकर भाग गया.

टीचर यह सोचकर पुलिस तक मामला नहीं ले गईं कि मोबाइल नहीं मिलने वाला है. अगले दिन उन्होंने अपने घर लैपटॉप पर जीमेल अकाउंट खोला और गूगल ड्राइव पर जाकर देखा तो उसमें कुछ अनजान चेहरे की सेल्फी देखकर टीचर चौंक गईं. फोटो को गौर से देखा तो डेट और टाइम के साथ लोकेशन भी गूगल ड्राइव में दिख रही थी. वह समझ गईं कि यह उन्हीं के मोबाइल से खींची गई बदमाश की सेल्फी है. उन्होंने दरियागंज थाने जाकर पूरी बात पुलिस को बताई.

कंप्लेंट लेकर गूगल से मिल रही लोकेशन के लिए बीट स्टाफ को बुलाया गया और लुटेरे की सेल्फी दिखाई गई. इमेज में किसी घर की छत दिखाई दे रही थी. बीट स्टाफ ने अपने-अपने एरिया में चढ़कर छतों के हिसाब से लोकेशन का मिलान किया. इसके बाद आरोपी के घर तक पुलिस पहुंच गई. मोबाइल मिल गया, लेकिन आरोपी फरार हो गया.

Posted in CRIMEComments (0)

RYAN STUDENT WHO WANTED EXAMS POSTPONED KILLED PRADHUMAN: CBI

A 16-year-old student of Ryan International School in Gurugram who wanted exams and a scheduled meeting between teachers and parents delayed is the prime accused in the murder of Class 2 student Pradhuman Thakur, the CBI said on Wednesday.

 

CBI spokesperson Abhishek Dayal said the Class 11 student was detained on Tuesday night after "inspection of the crime spot, scrutiny of CCTV footage, call records, statements and questioning of several people" revealed that he had carried a knife inside the school campus on the day of the crime and used it to kill his junior school mate.

 

"The weapon used in the commission of crime is a knife which was recovered initially by police in Gurugram (Haryana). It is now with us," Dayal told reporters here.

 

He said the detained student was weak in studies and "wanted to have examination and parent-teacher meeting postponed". Pradhuman, 7, was his random target.

 

The parents of the detained student were kept informed throughout the investigation, said the spokesperson for the Central Bureau of Investigation.

 

The CBI took over the case on September 22 from Haryana Police, nearly two weeks after the Class 2 boy was found with his throat slit in a school bathroom.

 

The accused will now be produced before the Juvenile Justice Board, where the court is expected to decide whether he is to be treated as a major or a minor as per the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015. 

 

The Haryana Police had earlier claimed that Pradhuman was killed by school bus conductor Ashok Kumar inside the toilet as the boy resisted a bid to sodomise him.

 

While Ashok Kumar was arrested, Pradhuman's parents and two other staffers have claimed that he was being made a scapegoat.

Posted in CRIMEComments (0)

₹20 के लिए ऑटो चालक को मौत के घाट उतारने वाला गिरफ्तार

(हंसा वैष्णव)

दमोह /₹20 के लेन देन को लेकर एक ऑटो चालक को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस में सफलता हासिल की है ज्ञात हो कि गत दिवस स्थानीय खजरी मोहल्ला निवासी सूरज पटेल की हत्या  धारदार हथियार से कर दी गई थी जिसको लेकर गतो 27 सितंबर को मृतक के भाई कल्लू पटेल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस ने उक्त अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में सफलता हासिल की है

इस संबंध में स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने अंधे हत्याकांड को लेकर खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी घटना के दिन रात्रि में मृतक के ऑटो से खजरी मोहल्ला के लिए रवाना हुआ था ऑटो चालक द्वारा ₹20 की राशि किराए की मांगने पर आरोपी द्वारा इनकार करने तथा इसी से हुए वाद विवाद के चलते आरोपी द्वारा ऑटो चालक मौत के घाट कुल्हाड़ी के प्रहार से उतार दिया श्री अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान जुड़ती कड़ियों के माध्यम से हम आरोपी तक पहुंचे एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि आरोपी लकडी काटने का कार्य करता था जिसके लिए वह कुल्हाड़ी का उपयोग किया करता था

कुछ दिन पूर्व ही उसने तमीज थी वृक्ष काटने का कार्य किया था और उसको मालूम था की कुल्हाड़ी कहां रखी हुई है वह उठा कर लाया और ऑटो चालक के सिर पर जोरदार वार कर दिया जिससे ऑटो चालक की मौत हो गई श्री अग्रवाल ने बताया कि आरोपी प्रताप  पिता  हीरालाल पटेल उम्र 41 वर्ष  निवासी खजरी मोहल्ला  दमोह को कुल्हाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया गया है हत्या का खुलासा करने के लिए ₹5000 की राशि का नगद इनाम रखा गया था उन्होंने बतलाए कि खुलासा करने में थाना कोतवाली प्रभारी प्रदीप सोनी निरीक्षक सुश्री रीता सिंह जबलपुर नाका चौकी प्रभारी विनोद शंकर यादव उप निरीक्षक आरती चौधरी आरक्षक सौरभ टंडन आरक्षक नवीन मनीष राजेश संजय देवेंद्र राम पाठक का विशेष योगदान रहा पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने बताया कि साइबर सेल की विशेष भूमिका इसमें रही

Posted in CRIMEComments (0)

लाखों का सिंथेटिक खोवा पकड़ा कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्यवाही

(डा.एल.एन.वैष्णव)

दमोह/ दीपावली के त्यौहार के आते ही मिठाईयों के बाजार पर सजने का क्रम प्रारंभ हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर मावे के अवैध कारोबार में लगे लोग भी सक्रिय हो जाते हैं ।सूत्रों की माने तो हजारों लाखों कुंटल मावे का अवैध कारोबार होता है ।ऐसे ही अवैध कारोबार के मामले को लेकर सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा यात्री बस को भारी मात्रा में  मावा  सहित पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई है ।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबिर ने बतलाया की एक बस MP 36 पी 0 211 मैं रखकर काफी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक मामा लाया जा रहा है जो दमोह नगर की मिठाई की दुकानों के अलावा समीप के क्षेत्रों में पहुंचाया जाना है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक भूपेंद्र पटेल क्रमांक 65 आरक्षक देवेंद्र रैकवार क्रमांक 528  द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचित किया तथा बस को स्थानीय बस स्टैंड पर पकड़ लिया सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी सुश्री रीता सिंह ने अपने सहयोगी स्टाफ के साथ पहुंच कर बस को थाने लेकर आए बस की तलाशी के दौरान 85 बोरी मावा की बरामद की गई बताया जाता है कि प्रत्येक के बुरी लगभग 50 किलो की है

वही मावे के बने केक तथा कुछ और मिठाइयां भी बरामद की गई इस दौरान खाद्य अधिकारी राकेश अहिरवार ने पुलिस थाना पहुंचकर मावा की जांच करते हुए प्रथम दृष्टया ही सारे मावा को सिंथेटिक बतलाते हुए कार्यवाही प्रारंभ कर दी ।बरामद हो गए की कीमत लाखों में बतलाई जाती है ।सिटी कोतवाली पुलिस की सक्रियता के कारण हजारों लोगों के जीवन से खिलवाड़ होने से बच गया। यात्रियों से खचाखच भरी बस को पंचनामा के पश्चात रवाना कर दिया गया तो वहीं दूसरी ओर खाद्य विभाग एवं पुलिस द्वारा प्रकरण के संबंध में कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।

 

Posted in CRIMEComments (0)

How to Register FIR Online in Delhi for Lost Article or Document (Mobile App also Available)

Delhi Police has introduced this hassle free method to Register FIR Online(e-FIR). Previously, what used to happen was if you have lost any document you would have to go to the Police Station to File an FIR. However, with the introduction of e-FIR Service for people from Delhi most of the people would now do it online. You must also make note of some more things to do When your Wallet/Purse is Lost or Stolen.

Important NOTE : This service to Register FIR Online is only for people who have lost their Article(s) or Important Document(s). This service should not be used for any other queries, crime or theft related Complaints. Registering false report is a punishable offense.

You can use this Online FIR Portal for Lost Articles like :

  • Wallet/Purse
  • PAN Card
  • Passport
  • Important Documents like School or College Marksheets or Degree
  • Aadhaar Card
  • Driving License etc

Complete Procedure to Register FIR Online for Lost Article or Document in Delhi (Android App Also Available)

Step 1 : Click on this Link to Register FIR Online (www.delhipolice.nic.in/register.html)

Step 2 : Follow the Instructions to fill the Police Report Form :

  • Complainant’s Name : Enter the name of the person who wants to register the Complaint
  • Father’s/Mother’s Name : Enter the Father’s/Mother’s Name of the Complainant
  • Complainant’s Address : Enter the Postal Address of the Complainant
  • Complainant’s Mobile Number : Enter the Complainant’s Mobile Number
  • Complainant’s Email Address : Enter the E-mail address of the Complainant
  • Place of Loss in Delhi : Enter the name of the Area/Place/Locality where the Article or Document was lost
  • Date of Loss : Enter the Date, Month & Year of Loss
  • Time of Loss : Enter the time at which the article/document was lost
  • Lost Articles : Enter the name of Lost Article, Description : Enter the Description of Lost Article & Add the Article. You must add different Articles one by one.
  • Any other details : You can enter any other information you want to enter in this box. The information should not be the same as mentioned above.
  • Enter the Code as shown in the Box
  • Click on “Submit”

Register FIR Onine Form 1

 

Android Users can Download the Mobile App to Register FIR Online :

Android users can search for “Delhi Police Lost Report” App in Play Store. Alternatively, you can click the link below to download this app

Register FIR Onine android App

Posted in CRIMEComments (0)

यदि वह पुलिसकर्मी होता तब भी क्या उसे यात्रियों को मारने का अधिकार मिल जाता है…

करन निम्बार्क:मुंबई

मुंबई, 29 सितम्बर 2017,मुंबई की जीवन रेखा है लोकल ट्रेन सेवा। मुंबई का अस्तित्व इसके बिना अधुरा है। प्रतिदिन लाखों यात्री घर से कार्यालय और कार्यालय से घर लौटते हैं। इस सेवा को सुचारू रूप से चलाने का दायित्व है कई कन्धों पर और इसकी रक्षा का दायित्व है रेल्वे पुलिस बल पर। हालाँकि रेल यात्रियों का भी कुछ दायित्व है सार्वजनिक संपत्ति के प्रति और अन्य यात्रियों के प्रति। शुक्रवार की सुबह एलफिस्टन रोड पर घटित हुई घटना दुखद भी है और निंदनीय भी। इसमें कहीं ना कहीं बिना सोचे विचारे भगदड़ मचाने वाले यात्रियों की भी भूल है।

प्रतिदिन यात्रा के समय कुछ ना कुछ विवाद घटित होते रहता है। प्रतिदिन एक ही ट्रेन के एक ही डिब्बे में वर्षों से यात्रा करनेवाले सहयात्री एक परिवार की तरह हो जाते हैं। यात्रा के दौरान लगभग सभी यात्री एकदूजे का सहयोग करते हैं। एक ऐसी घटना जो शायद लोगों तक ना पहुँच सकी इसका उल्लेख हम करना चाहते हैं। शुक्रवार की सुबह जब विरार से चर्चगेट के लिए ८:४० की लोकल ट्रेन चलने लगी तभी एक सावला रंग, सशक्त शरीर लंबा कद, साधारण कपड़ों में एक युवक चढ़ा और अचानक गेट (द्वार) पर पहले से खड़े यात्रियों से अशिष्ट होकर गेट पर खड़े रहने के लिए कहने लगा। जब उन्होंने समझाया कि यहाँ पर्याप्त जगह नहीं है तब भी वह धक्का देकर आगे बढ़ा और जब एक यात्री ने उसे रोका तो उसे माँ-बहन की गाली देते हुए उस पर हाथ उठा दिया। जैसा हमने पहले उल्लेख किया कि प्रतिदिन एकसाथ यात्रा करने वाले एक परिवार की तरह होते हैं इसलिए सहयात्रियों ने उसका विरोध किया और उन्हें छुडाने लगें।

जब इस युवक पर ये लोग भारी पड़ने लगें तब वह चिल्लाया कि मैं रेल्वे पुलिस से हूँ और जब यात्रियों ने उसका पहचान पात्र माँगा तब उसने केवल एक पल के लिए कोई पहचान पत्र निकाला जिसपर उल्लेखित था कि वह अभी प्रशिक्षण ले रहा थायदि वह पुलिसकर्मी भी होता तब भी क्या उसे यात्रियों से अशिष्ट व्यवहार करने, उन्हें मारने का अधिकार मिल जाता है? शायद उसने सोचा होगा कि पुलिस में हूँ तो कोई विरोध नहीं होगा लेकिन जागरूक यात्रियों ने न केवल अपने सहयात्री का जीवन बचाया अपितु उसका विरोध भी किया। जैसा कि स्पष्ट है कोई भी कामकाजी व्यक्ति पुलिस के पचेडों में पड़ना पसंद नहीं करता लेकिन क्या यह रेलमंत्री और रेल्वे पुलिस दल के लिए एक बड़ा सवाल नहीं है कि पुलिस आम आदमी की रक्षक है या भक्षक?

जो व्यक्ति दिन दहाड़े ऐसा कृत्य कर सकता है क्या वह रात के सन्नाटे में पुलिस बनने के बाद कोई घिनौना अपराध नहीं कर सकता? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, न्याय करनेवाले ही अन्याय करने लगें तो आम आदमी कहाँ और किसके पास जाए? कल तो ये लोग आम आदमी को भी किसी झूठे मामले में फँसा सकते हैं। उम्मीद है कि सरकार और रेल्वे पुलिस अपने कर्मचारियों को जनता के प्रति उनके दायित्व और कर्तव्य से अवगत करायेगी और उन्हें सिखाएगी कि जनता तभी उन्हें सम्मान देगी तभी उनका सहयोग करेगी जब वे जनता का, आम आदमी का सम्मान करेंगे, उनकी रक्षा करेंगे।

Posted in CRIME, INDIAComments (0)

प्रद्युमन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, हत्या में शामिल एक और व्यक्ति का खुल गया राज!

हरियाणा के गुरुग्राम में रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुए छात्र प्रद्युमन की हत्या से जुड़े नए नए राज सामने आ रहे है. पुलिस के अनुसार प्रद्युमन की हत्या में बस का कंडक्टर अकेले शामिल था जो कि इस समय पुलिस की गिरफ्त में है. घटना के कुछ ही घंटों के बाद पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद कंडक्टर अशोक ने हत्या का गुनाव कबूल भी किया था लेकिन अब इस मामले सब कुछ उल्टा होता नजर आ रहा है. अशोक से जेल में मिलने गयी उसकी पत्नी ने जो बात कही है उससे हर तरफ सन्नाटा पसर गया है. पुलिस भी अशोक की पत्नी के दावों पर चुप्पी साधी हुई है.

Source

घटना स्थल पर मौजूद था ‘काला चश्मा’ पहने संदिग्ध व्यक्ति 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेल में बंद अशोक से मिलने के लिए उसकी पत्नी और उसकी भाभी गयी थी. जिनसे अशोक ने कहा कि उसने किसी को नही मारा है बल्कि घटना के सथल पर प्रिंसिपल के अलावा वहां एक काला चस्मा पहना हुआ एक व्यक्ति खड़ा हुआ था. आपको बता दें कि जिस व्यक्ति की बात अशोक की पत्नी कर रही है पुलिस के पास भी उस व्यक्ति की कोई जानकारी नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि वह व्यक्ति कौन था?

 

Source

काला चश्मा पहने व्यक्ति पर पुलिस का बोलने से इनकार

अशोक कुमार के वकील मोहित वर्मा ने भी इस बात का जिक्र किया है कि वहां एक काला चश्मा पहने एक शख्स भी मौजूदा था, जिसे पुलिस अभी तक नहीं पहचान पाई है.पुलिस ने इस मामले पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है. वहीँ अशोक की पत्नी ममता का कहना है कि पुलिस अशोक को टॉर्चर कर रही  हैं. पति पर आरोप सिद्ध करने के लिए पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की हैं. 

Source

अशोक की भाभी अनुराधा का कहना है कि अशोक ने बताया कि वो “जब बाथरूम में गया था तो प्रद्युमन के अलावा दो बच्चे और मौजूद थे जो कराटे सीखकर आये थे. उसके बाद बाथरूम से निकलकर वो पानी पीकर जा ही रहा था कि पीछे स्कूल टीचर ने आवाज लगाई कि अशोक इस बच्चे को क्या हो गया इसको उठाओ जल्दी.”  अशोक ने आगे कागे कहा कि  ” उस वक्त वहां प्रिंसिपल, एक टीचर, और एक छह फुट लंबा काला चश्मा पहना आदमी खड़ा था”

 

Posted in CRIMEComments (0)

भारतीय जवान को सरेआम मारा था थप्पड़ उससे जुड़ी आई एक और बड़ी खबर, इस बार उस महिला को पुलिस ने…

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में एक महिला सेना के जवान को सरेआम बेशर्मी से पीटती नजर आ रही थी. यकीनन इस वीडियो को देखकर हर हिन्दुस्तानी का खून खौल उठा था. ऐसे में इस महिला से जुड़ी एक बड़ी ख़बर ये आ रही है कि उस महिला को अब गिरफ्तार कर लिया गया है. अबतक मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि महिला गुरुग्राम की रहने वाली है.

source

जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जिस जवान पर महिला थप्पड़ बरसाती नज़र आई थी उस जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अपने कुछ और साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे. मामले के अनुसार वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी. इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को बड़ी ही बेशर्मी से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.

जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जिस जवान पर महिला थप्पड़ बरसाती नज़र आई थी उस जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अपने कुछ और साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे. मामले के अनुसार वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी. इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को बड़ी ही बेशर्मी से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.

पीड़ित सैनिक के मुताबिक महिला बिना किसी कारण उनपर लगातार ही थप्पड़ बरसाये जा रही थी. सैनिक का दावा है कि उनका वाहन महिला की गाड़ी से कई मीटर दूर था और वो इस बात को नहीं समझ पाए कि आखिर महिला इतने तैश में आई तो आयीं क्यों? सैनिक महावीर ने ये तक बताया कि जब उन्होंने महिला से कहा कि आप भारतीय सेना के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कैसे कर सकती हैं, तब भी महिला ने सेना को गंदी गालियां भी दी थी.

 

Posted in CRIMEComments (0)

दिल्ली विश्वविधालय में हुए चुनाव में बड़ा खुलासा…तो इस घपले की वजह से जीती है NSUI

दिल्ली विश्वविधालय में हुए चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा था लेकिन असल में इस चुनाव के पीछे का खेल कुछ और ही है. दरअसल यह चुनाव ABVP हारी नहीं है बल्कि हराई गयी है. सुनने में अजीब है लेकिन यही सच है. आज हम आपको इसके पीछे का पूरा माजरा समझाने वाले हैं.

दरअसल ABVP का उम्मेदवार था रजत चौधरी जो मात्र 2000 वोटों से हारा है, सवाल यह है कि एक ऐसा प्रताशी भी इस चुनाव में लड़ा था जिसका नाम और परचा दोनों ही रजत चौधरी से मिलते हुए थे. आपको बता दें राजा चौधरी नाम से भी एक कैंडिडेट ने इस चुनाव में भाग लिया था जिसे 3000 वोट मिली हैं.

राजा चौधरी की पार्टी का नाम भी ABVP था जिसका मतलब है अखिल भारतीय विद्या परिषद. यानी खेल साफ़ है रजत चौधरी हारा नहीं है बल्कि हराया गया है.

Vikrant  @vikrantkumar

कांग्रेस  जीतने के बाद अच्छे दिन के सब्जबाग ऐसे ही देख रही है जैसे कमिनिस्ट JNU विद्यार्थी परिषद जीतने के बाद देखते है!

 Follow

Vikrant @vikrantkumar

Congress used Dummy confidante to trick ABVP voters, but real concern should be NOTA, check their numbers.  pic.twitter.com/daIGpFSCpw

View image on Twitter

Twitter Ads info and privacy

 

 

आपको बता दें यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का खुलासा हुआ है इससे पहले भी कई बार डमी कैंडिडेट की मदद से इस तरह का चुनाव लड़ा गया है. बता दें इस चुनाव में मात्र कैंडिडेट का नाम लिखा होता है जिसके चलते डमी कैंडिडेट काफी कारगर साबित होता है.

 

बहुगुणा ने बीबीसी हिंदी से कहा, ”इस हार के कई कारण हैं. स्थानीय मुद्दे, यूनिवर्सिटी से जुड़े विषय और हमारे ख़िलाफ़ खड़े किए गए डमी उम्मीदवार, सब मिलाकर इस हार के लिए ज़िम्मेदार हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ना चाहिए.”

यह बात साफ़ है कि चुनाव में धांधलेबाजी की गयी है लेकिन यह तरीक अभी कानूनी रूप से गलत नहीं है

Posted in CRIMEComments (0)

ऐसे थे प्रद्युम्न के आखिरी 10 मिनट जिसे जानकर आप रो पड़ेंगे !

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल में 8 सितंबर को प्रद्युम्न नाम के 7 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. पुलिस ने इस हत्या के आरोपी कंडक्टर, बस ड्राईवर और स्कूल के ही स्टाफ को गिरफ्तार किया है. जानकरी के अनुसार आरोपी कंडक्टर ने 7 साल के बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश की और नाकाम होने पर उसने मासूम बच्चे की हत्या कर दी. स्कूल के अंदर चाकू लेकर जाने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं.

Source

स्कूल में हुई हत्या के बाद पूरे देश में यह सवाल बन गया है कि अब बच्चे कहां सुरक्षित हैं. जिस स्कूल के भरोसे बच्चे को छोड़ दिया जाता वहां भी अब इस तरह के काम किये जा रहे हैं. स्कूल में 7 साल के मासूम की इतनी बेरहमी से गला रेतकर हत्या करने के मामले ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं. इस मासूम की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.

Source

कुछ ऐसे थे मासूम प्रद्युम्न के आखिरी 10 मिनट

प्रद्युम्न के पिता ने सुबह 7.55 बजे उसे स्कूल छोड़ा. प्रद्युम्न ने स्कूल रिसेप्शन से प्रवेश करने के बजाय बस स्टॉप वाले दरवाजे से एंट्री की. 8 बजे प्रद्युम्न टॉयलेट गया, 2-3 मिनट के अंदर ही उसकी हत्या कर दी गयी. 5 मिनट तक वह वहीं पड़ा रहा. 8.08 पर उसे अस्पताल ले जाया गया. 8.10 पर प्रद्युम्न के परिवार वालों को इस मामले की जानकारी दी गयी.

Source

हैरान करने वाली बात यह है आरोपी कंडक्टर ही उसे अस्पताल तक लेके आया. पकड़े गए आरोपी कंडक्टर से पुलिस ने पूछताछ की और उसने 2 घंटे के अंदर ही अपना गुनाह कबूल लिया. आरोपी कंडक्टर अशोक ने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि बच्चों के टॉयलेट में मैं गलत काम कर रहा था. उसी समय वह बच्चा वहां आ गया और उसने मुझे यह सब करते हुए देख लिया. यह सब देखकर वह शोर मचाने लगा तो मैंने उसे दो बार चाकू से मारा और फिर उसका गला रेत दिया. इसके आगे आरोपी कंडक्टर ने कहा कि- उस समय मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गयी थी. मैं गलत काम करना चाहता था. आपको बता दें कि इस हत्या में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. मामले की अभी जाँच चल रही है.

Posted in CRIMEComments (0)

प्रद्युम्न्न का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने किया ऐसा खुलासा…

गुडगाँव में रेयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की हत्या को काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं आया है जिससे केस को कोई ठोस दिशा मिल सके. केस सामने आने के बाद से ही एक ही थ्योरी है जिस पर लगातार ही स्कूल दबाव बने पर तुला हुआ है तो वहीँ दूसरी ओर प्रद्युम्न के घर वाले इस बात को मानने से सिरे से इनकार कर रहे हैं कि प्रद्युम्न की हत्या कंडक्टर ने की है.

source

पहली थ्योरी के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या कंडक्टर ने की थी वो भी महज़ इस वजह से कि वो प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण करने की कोशिश में नाकाम रहा था. हालाँकि परिवार ने हमेशा इस थ्योरी पर सवाल उठाये थे. ऐसे में परिवार की इस विश्वास को मनाओ उस वक़्त और ही मजबूती मिल गयी जब प्रद्युम्न की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. जानकारी के लिए बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये बात साफ़ हो गयी है कि प्रद्युम्न की हत्या से पहले उसका यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था. प्रद्युम्न की पोस्मॉर्टम करने वाले डॉक्टरों में से एक दीपक माथुर ने कहा कि उसके साथ यौन उत्पीड़न नहीं किया गया था.

पोस्टमार्टम में हुए इस खुलासे के बाद स्कूल प्रशासन पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. सवाल ये कि अगर प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण की कोशिश हुई ही नहीं तो कंडक्टर ने उसे मारा क्यूँ? आखिर पहले ही दिन से ये थ्योरी क्यों चलायी जा रही है कि प्रद्युम्न के यौन शोषण की कोशिश की गयी थी और नाकाम होने पर उसे मौत के घाट उतार दिया गया? अब जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये बात साफ़ हो गयी है कि प्रद्युम्न के साथ कोई गलत काम की कोशिश नहीं की गयी थी तो आखिर क्या इअसी वजह रही होगी जिसके चलते मासूम प्रद्युम्न को इतनी बेरहमी से मार दिया गया?

Posted in CRIME, INDIAComments (0)

हेलीकॉप्टर में अपनी बेटी के साथ कुछ ऐसा करते नज़र आये बाबा रहीम.

25 अगस्त को देश ने वो नज़ारा देखा जो आजतक हम सिर्फ फिल्मों में देखा या कहानियों में सुना करते थे. मौका था हाईकोर्ट की तरफ से आने वाले उस एक फैसले का. फैसले एक “इंसानी-बाबा” पर लगे यौन शोषण का. अपने कारनामों का फैसला सुनने के लिए बाबा राम रहीम सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर करीब 800 गाड़ियों के साथ सिरसा से पंचकुला के लिए निकले थे.

 

source

मीडिया रिपोर्ट्स की ख़बरों की मानें तो बताया जा रहा है कि बाबा के इस पांच घंटे के सफर में साए की तरह उनकी  बेटी हरमनप्रीत उनके साथ ही मौजूद थी. बता दें कि हरमनप्रीत, रहीम की गोद ली बेटी हैं. मिली जानकारी के मुताबिक बाबा जब कोर्ट में पहुंचे थे उनके साथ में हरमनप्रीत भी साथ में थी.

source

बताया जा रहा है कि फैसले के बाद जब आर्मी के हेलीकॉप्टर से राम रहीम को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) रोहतक के अंदर अस्थायी जेल में पांच बजकर एक मिनट पर हेलीपेड पर उतारा गया, तो भी सबको चौंकते हुए हरमनप्रीत भी उनके साथ ही उतरी.

source

..लेकिन बेटी का साथ होना से भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये रही कि जिस वक़्त बाबा को फैसला सुनाते हुए दोषी करार दिया गया, जिसको सुनकर ही उनके समर्थक दंगा-फ़साद करने लगे वहीँ दूसरी तरफ बाबा इन सब के बावजूद मज़े में हेलीकॉप्टर में बैठे चॉकलेट खाते नज़र आये.

source

जी हाँ, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां साध्वियों से दुष्कर्म का दोषी जरूर ठहराया गया है लेकिन इससे उनके रुतबे में शायद ही कोई आंच आई हो. 5 साल पुराने इस केस में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोषी बेशक सुनाये गए हों लेकिन उनको देखकर आप बिलकुल नहीं कह सकते कि ये बलात्कार के दोषी ठहराए गए हैं.

source

फैसले के बाद ही जहाँ डेरे के गुंडों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया, मीडिया पर ताबड़तोड़ हमला किया वहीँ राम रहीम मज़े में दिखे. एक तरफ जहां लाशों गिर रही थीं, वहीं राम रहीम हेलिकॉप्टर से रोहतक जाते समय टेंशन मिटाने के लिए चॉकलेट खाता रहा.

source

जानिए कोर्टरूम में क्या हुआ था?

बता दें कि राम रहीम के कोर्ट में पहुंचते ही सीबीआई जज जगदीप सिंह ने उसके केस की फाइल देखी, फिर अपने नायब कोर्ट को कहा कि आरोपी राम रहीम को हिरासत में ले लो. जज का फैसला आया और जैसे ही बाबा को हिरासत में लिया गया, सबको समझ में आ गया कि बाबा को सजा होनी तय है, समर्थक तो वहीँ गले फाड़ कर रोने लगे.

Posted in CRIME, INDIAComments (0)

लाखों रुपये और 1.23 Kg सोने से पूजा कर रहा था ब्रोकर, भगवान ने तो नहीं पर आयकर विभाग ने देख लिया

बेंगलुरु के रहने वाले रियल एस्टेट ब्रोकर, के. सूर्यनारायण ने घर पर ऐसी पूजा कराई कि वो भगवान की नज़रों में तो नहीं, पर आयकर विभाग की नज़रों में आ गए. इस ब्रोकर ने घर पर वरलक्ष्मी पूजा कराई थी, जिसके चढ़ावे मे इन्होंने लाखों रुपये और सोने के कलश चढ़ाए थे. जनाब की किस्मत के तारे तब गर्दिश में आ गए जब इन्होंने ये तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. देखते ही देखते भगवान और उनके चढ़ावे के दर्शन हज़ारो लोगो ने कर लिए और उन पर सवाल उठाने लगे.

इस पर सूर्यनारायण का कहना है कि ये कमाई उनकी मेहनत की है. उन्होंने बताया कि इस साल उन्होंने 13 लाख का टैक्स भरा है और उनकी कुल संपत्ति 15 करोड़ की है. सूर्यनारायण का कहना है कि उन्होंने बैंक से 88 लाख रुपये निकाले थे, 1.23 किलो सोने से मंदिर सजाया था.

Advertisement

 

सोशल मीडिया पर लोग इस पर विश्वास नहीं कर रहे और इनकी संपत्ति की जांच की मांग कर रहे हैं. सूर्यनारायण का कहना है कि वो एक आॅटो ड्राइवर के बेटे हैं और ये सब उनकी मेहनत की कमाई है. उन्हें अफ़सोस है कि ये तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसके बाद लोग उन्हें ग़लत समझ रहे हैं. 

 

Source- Indiatoday

Posted in CRIMEComments (0)

विकास बराला को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी ने दिया बड़ा बयान, विकास ने दी थी ऐसी धमकी जिसे सुनकर…

Chandigarh/ IAS की बेटी वर्णिका कुंडू की गाड़ी का पीछा करने और छेड़छाड़ के आरोपी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास और उसके दोस्त आशीष को जब कोर्ट में पेश किया गया तो दोनों की हालत ख़राब थी. दोनों डरे और सहमे हुए थे. वहां मौजूद लोगों का कहना है कि विकास और उसका दोस्त डर के कारण कांप रहे थे गुरूवार को इन दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था. इन दोनों से पूछताछ हुई और उसके बाद इन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में डाल दिया गया.

 

source

जिन पुलिसवालों ने आशीष और विकास को दबोचा उन्होंने दिया बयान 

इस घटना को लेकर उन पुलिसवालों ने जिन्होंने विकास और आशीष को मौका-ए-वारदात से दबोचा था ने कई बड़े खुलासे किये हैं. पुलिसवालों ने बताया कि जब विकास और आशीष को पकड़कर ले जाने लगे तो  इन रईसजादों ने उन्हें केवल धमकाया ही नहीं पिता की पावर का रौब भी दिखाया और इसके बाद इन्होंने पुलिसवालों को वर्दी तक उतरवाने की धमकी दे डाली.

 

source

मौका-ए-वारदात पर तैनात हेडकांस्टेबल सतीश कुमार व उनके साथ मौजूद वालंटियर बैसाखी ने बताया कि वो रात को एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे. रात को करीब 12:33 पर कंट्रोल रूम से उनको सूचना मिली कि एक युवती को मदद चाहिए जो हाउसिंग बोर्ड की तरफ जा रही है. उनको बताया गया कि 2 लड़के उस लड़की का पीछा कर रहे हैं और छेड़छाड़ व किडनैप करने की कोशिश कर रहे हैं.

source

जब मिली थी लड़की का पीछा करने की सूचना 

ये सूचना मिलने के तुरंत बाद उन्हें ये भी बताया गया कि युवक भी हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट की ओर ही आ रहे हैं. ये जानकारी मिलते ही दोनों PCR कर्मी उसी समय हाउसिंग बोर्ड चौक पर पहुंच गए और PCR वैन को साइड में लगा दी. इसके थोड़ी देर बाद ही उन्हें तेज रफ्तार से एक सफ़ेद रंग की कार सामने से आती दिखी.

source

नंबर प्लेट देखते ही पुलिसकर्मियों ने तत्काल विकास की गाड़ी रुकवा दी. गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर आशीष बैठा हुआ था. ड्राइविंग सीट की तरफ से खुली विंडो से हाथ डालकर PCR कर्मियों ने चाबी निकाल ली.

source

पुलिस घटनाक्रम को री-क्रिएट करने की कर रही है कोशिश 

इस मामले पर नज़र बनाए हुए लोगों का मानना है कि अब पुलिस का पूरा ध्यान घटनाक्रम को री-क्रिएट करके नए सबूत जुटाने में है. सूत्रों की माने तो, इन आरोपियों को थाने में जो VVIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा था वो भी अब बंद हो गया है. पुलिस ने इन आरोपियों को फ्लैग लगी गाड़ी के साथ थाने के अन्दर तो आने दिया था लेकिन अब आरोपियों को इधर-उधर ले जाने में पुलिस की गाड़ी को इस्तेमाल किया जा रहा है.

source

IAS की बेटी से छेड़छाड़ के मामले में रोज कोई न कोई मोड़ आ रहा है. पुलिस इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरे प्रयास कर रही है. पुलिस ने आरोपियों से कई सवाल पूछे जिनके उत्तर सुनकर आप भी शर्मिंदा महसूस करेंगे. आपको बता दें कि सेक्टर 26 के थाने में आशीष कुमार और विकास बराला से जो पूछताछ हुई उसमें इन दोनों ने सीनियर IAS की बेटी वर्णिका कुंडू के आरोपों को नकार दिया था.

Posted in CRIMEComments (0)

पुलिस ने ढूंढ ही निकाला चोटी काटने वाला आरोपी

New Delhi/बीते कई दिनों से देश के कई कोनों से एक खबर आ रही थी जिसने देश की जनता को परेशान कर रखा था. खबर थी महिलाओं की चोटी अपने अप कट जाने की. अबतक जितने मामले सामने आये उनमे कहा गया कि कोई आता है और महिलाओं की चोटी काट ले जाता है. इससे पहले की वो चोटी काटे वो महिलाओं को बेहोश कर देता है, और फिर बेहोशी की हालत में उनके बाल काट कर फुर्र हो जाता है. ऐसे में जब महिलाएं अपनी बेहोशी से जागती हैं तो उनके पास उनकी कटी चोटी के अलावा और कुछ नहीं रहता. इस मामले की जानकारी मिलते ही देश भर की महिलाओं में दहशत थी.

 

source

पुलिस ने किया दावा कि सुलझ गयी है गुत्थी

ऐसी में देश भर में फैली इस खबर के बाद अब दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि राजधानी दिल्ली में चोटी काटने के एक केस को सुलझा लिया गया है. दरअसल इस मामले में आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीड़िता के रिश्तेदार ही निकले हैं.

 

source

क्या है मामला ?

दरअसल दिल्ली के दक्षिणपुरी से संजय गांधी झुग्गी में शुक्रवार को 14 साल की एक लड़की ने ये दावा किया कि दोपहर को किसी ने उसकी चोटी काट ली, और उसके कटे हुए बाल उसके ही कपड़े पर ही मिले थे. हालाँकि बच्ची ने इस मामले पर साफ़ कहा था कि उसने किसी को देखा नहीं, बस कोई आया और उसकी चोटी काट डाली.

source

इस मामले की पड़ताल करने वाले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब उन्होंने केस की जांच शुरू की तो एक के एक सारी सच्चाई सामने आती गई. दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी रोमिल बानिया के मुताबिक, “जब उन लोगों ने तथ्यों की जांच के लिए वहां पर एक पुलिस टीम भेजी, तो शुरुआती जांच में सामने आया कि लड़की का 10 साल का छोटा भाई और 12 साल के उसके एक भतीजे ने शरारत में लड़की चोटी काट दी थी.” बताया जा रहा है कि घटना के वक्त लड़की सो रही थी.

source

इस मामले में जब पुलिस ने लड़की के घरवालों से पूछताछ की तो उन्हें इन बच्चों की बात में कुछ गड़बड़ी नजर आई. यहाँ पुलिस को पहला सुराग मिल चुका था. ऐसे में  पुलिस ने जब जोर देकर बच्चों से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई.

source

पुलिस के आगे सच्चाई बताते हुए बच्चों ने क़ुबूला कि उन्होंने शरारतवश अपनी बहन की चोटी काट दी थी. दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि लड़की के माता पिता ने लिखित रुप से ये बात पुलिस को बताई इसके बाद केस को बंद कर दिया गया.

source

हालांकि राजधानी के दूसरे चोटी काटने के केस में पुलिस को अब तक सुराग नहीं मिल पाया है. लोग अबतक डरे हुए हैं, और तरह तरह की अंधविश्वास भरी बातें कर रहे हैं. कोई इस चोटी काटने वाली बात को भूत-प्रेत से जोड़ कर देख रहा है तो कोई इसे काला जादू समझ रहा है.

source

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि दिल्ली , हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में चोटी काटने की लगभग 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इस घटना से लोग इस कदर डर चुके हैं कि लोग इसे प्रेतात्मा की करतूत बता रहे हैं.

source

खुद के घर की महिलाओं और बेटियों को इस हमले से बचाने के लिए लोग अपने घर में नीम की टहनियां लगाने समेत कई टोटके कर रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मामले में महिलाएं खुद इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही हैं. तो कुछ केस में ये पीड़ित महिलाओं के रिश्तेदारों का काम लगता है. हालांकि पुलिस इन केस में अबतक कोई सबूत नहीं दे सकी है..

Posted in CRIMEComments (0)

छात्राओं के साथ अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली, लेकिन गिरफ़्तार नहीं हुआ शिक्षक

शिक्षकों के हाथ में हर मासूम का भविष्य होता है. एक अच्छा गुरु किसी को भी सफ़लता के मुकाम तक पहुंचा देता है. लेकिन हमारे सामने कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ लोगों ने इस पवित्र पेशे को ख़राब किया है.


एक बार फिर ऐसे ही एक टीचर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं. असम के Hailakandi ज़िले के छोटे से कस्बे में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने वहां की छोटी-छोटी बच्चियों के साथ कुछ तस्वीरें क्लिक करवाई हैं. इस तस्वीर को देख कर आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि टीचर उन बच्चियों के साथ क्या कर रहा है.

ADVERTISEMENT
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ये तस्वीरें उसने स्कूल के अंदर ही ली हैं और खुद ही उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.



जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने उस टीचर को आड़े हाथों लिया. इस ख़बर को वही के एक लोकल चैनल ने उठाया था. इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद उस टीचर के खिलाफ़ FIR दर्ज हुई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक उसे हिरासत में नहीं लिया है.



अब सवाल ये उठता है कि क्या ये टीचर सरकारी कर्मचारी है या फिर उसे कुछ वक़्त के लिए रखा गया था. आखिर छात्राओं ने टीचर के साथ ऐसा करने पर सवाल क्यों नहीं उठाए और सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस शख़्स को अभी तक हिरासत में क्यों नहीं लिया गया है?

Image Source: Dainik bharat

Posted in CRIME, INDIAComments (0)

रेलवे ट्रैक पर मिली महिला खिलाड़ी की लाश, लापरवाही की हद तो तब हो गई जब जांच दल ने कहा कि…

एक समय ऐसा भी था जब भारत में महिलाओं को घरों से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता था, लेकिन वक्त बदला और देश की बेटियों ने घरों से बाहर कदम बढ़ाए और पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया. अभी हाल ही में देश की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने महिला विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसी तरह और खेलों में भी देश की बेटियां देश का मान बढ़ा रही हैं. बात करें अगर भारतीय महिला हॉकी की तो भारत की महिला हॉकी टीम ने भी बीते सालों में काफ़ी बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन आज हम महिला खेलों की बात नहीं कर रहे हैं आज हमारा मुख्य मुद्दा है देश में महिला खिलाड़ियों को कितनी इज्जत दी जाती है अभी हाल ही में एक महिला हॉकी खिलाड़ी के साथ हुए हादसे से पता चल जाता है कि महिलाओं की देश में क्या स्थिति है.

 

source

जी हाँ आज हम उस भारतीय महिला हॉकी प्लेयर की बात कर रहे हैं जिसने अभी हाल ही में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. आपको बता दें उस महिला खिलाड़ी का नाम है ज्योति गुप्ता जिसकी डेडबॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली है और पुलिस इस केस की बिना छानबीन किए इसे आत्महत्या का रूप दे रही है आप खुद ही इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि यहीं अगर कोई हमारे देश का नेता, अभिनेता या क्रिकेट जगत का कोई खिलाड़ी इस हालत में मिलता तो हड़कंप मच जाता.

 

source

इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर ज्योति गुप्ता की मृत्यु का केस जिसे पुलिस सुसाइड बता रही है ये मामला गले से नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है. यहाँ तक कि ज्योति के परिवार वाले भी इस मामले को सुसाइड नहीं मान रहे है. क्योंकि इस घटना के बाद ऐसे कई सवाल है जो हर किसी के मन में शक पैदा कर रहे हैं.

source

क्या था पूरा मामला…

ज्योति गुप्ता अभी महज 21 साल की थी और इतनी कम उम्र में उन्होंने अपने घर वालों के साथ साथ हमारे देश का भी नाम रौशन किया है. आपको बता दें ज्योति के घर में अभी मातम छाया हुआ है आखिर हो भी क्यों न उनके घर का कोहिनूर हीरा जो इस देश को अलविदा कह गई. ज्योति की मा से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी बुधवार की सुबह यानी 2 अगस्त को रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय जानें के लिए निकली थी क्योंकि ज्योति कि मार्कशीट में उसका नाम गलत लिखा हुआ था जिसे वो सही कराने के लिए घर से निकली थी.

source

ज्योति सोनीपत की रहने वाली थी. ज्योति की माँ ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को शाम करीब 7 बजे घर से फोन किया तब उसने बताया था कि माँ बस खराब हो गई है इसलिए 1 घंटे में घर पहुँच जाएगी. लेकिन जब ज्योति 1 घंटे के बाद भी घर नहीं पहुंची तो तो घर वाले फिर से परेशान हो गए और इस बार जब माँ ने फ़ोन मिलाया तो ज्योति का फ़ोन बंद जा रहा था. घर वाले परेशान होकर फ़ोन करते रहे लेकिन फ़ोन ऑन नहीं हुआ. रात करीब 10:30 बजे जब फोन ऑन हुआ तो उनकी बेटी की आवाज़ नहीं बल्कि पुलिस की आवाज़ उन्हें सुनाई दी जिसमें उन्हें ये बताया गया कि आपकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है. आप खुद सोचिये उस वक्त उन माँ बाप पर क्या गुज़री होगी जब उन्हें पता चला होगा कि अभी सुबह तक जो बेटी उनके साथ थी अब वो इस दुनिया में नहीं है.

source

पुलिस का क्या कहना है…

पुलिस का कहना है कि चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवर ने उन्हें इस बात की सूचना दी थी कि रात करीब 8.30 बजे जब ट्रेन झज्जर रोड के पुल के पास से गुजर रही थी तभी एक लड़की अचानक ट्रेन के सामने आ गई थी और इस घटना के फ़ौरन बाद ड्राइवर ने जीआरपी को फोन करके इस मामले की जानकारी दी थी और जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो शव के पास से एक हैंड बैग और मोबाइल मिला और जब मोबाइल ऑन किया गया तो घर वालों का फ़ोन आया तभी जाकर पुलिस वालों को भी ज्योति का नाम मालूम हो सका और ये भी कि वो एक इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर थी.

source

इतनी कम उम्र में क्या कुछ हांसिल नहीं किया ज्योति ने… 

ज्योति महज 21 साल की थी और 4-5 से वे भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थी. ज्योति नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट थी. ज्योति स्पेन में भी खेल चुकी थीं. स्टेट व नेशनल के अतिरिक्त ज्योति ने एशिया कप और गुवाहाटी में हुए सैफ गेम्स में भी हिस्सा लिया था और इसके साथ ही ज्योति ने अपनी टीम को कई पदक भी दिलाए थे. ज्योति को अगले हफ्ते बंगलुरु में होने वाले हॉकी कैंप में भी जाना था. वहीँ ज्योति के कोच अनिल कुमार की मानें तो ज्योति टैलेंटेड होने के साथ ही मिलनसार भी थी और हादसे वाले दिन की सुबह भी ज्योति सोनीपत के महिला हॉकी ग्राउंड में प्रैक्टिस करने भी गयीं थी.

source

कुछ ऐसे सवाल जो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देंगे कि कोई इतनी नामी खिलाड़ी आत्महत्या कैसे कर सकती है…

source

जी हाँ हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि अगर ज्योति डिप्रेशन का शिकार थी और आत्महत्या ही करने वाली थी तो वो सुबह प्रैक्टिस पर क्यों गई? यूनिवर्सिटी जाकर उसको अपना नाम क्यों ठीक कराना था? अगले हफ्ते बंगलुरु जाने की तैयारी क्यों कर रही थी? और जैसा कि ज्योति के कोच ने बताया कि वो मिलनसार थी तो उसने कभी कोई दिक्कत ज़ाहिर क्यों नहीं की? सबसे बड़ी बात रोहतक से सोनीपत जाने के रास्ते में वो रेवाड़ी कैसे पहुंच गई?

Posted in CRIME, SPORTSComments (0)

PAYTM ने बेचा चोरी का लेपटॉप, डायरेक्टर व मैनेजर के खिलाफ FIR

Ajeybharat/गुडगांव में एक शख्स को ऑनलाइन लैपटॉप मंगाना बेहद महंगा पड़ गया. दरअसल, लगभग 50 हजार रुपये की कीमत पर मंगाया हुआ लैपटॉप चोरी का निकला. पीड़ित ग्राहक ने ऑनलाइन कंपनी के निदेशक और मैनेजर के खिलाफ सेक्टर 50 पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है.

मामला गुडगांव के सेक्टर 46 का है. शेयर ब्रोकर गौरव ने 24 मई को पेटीएम एप से डेल का एक लैपटॉप खरीदा. 29 मई को लैपटॉप घर पर डिलीवर कर दिया गया. जिसकी एवज में 48 हजार 999 रुपये का भुगतान पहले ही ऑनलाइन कर दिया गया था. लेकिन जब गौरव ने लैपटॉप खोला तो दो दिन तक उसकी विंडो एक्टिव नहीं हुई. तंग आकर उसने पेटीएम के कस्टमर केयर पर शिकायत की, जहां उसे डेल कंपनी में शिकायत करने की सलाह दी गई.

इसके बाद जब गौरव ने डेल कंपनी में फोन किया तो उन्होंने लैपटॉप की डीटेल मांगी. डिटेल्स चेक करने के बाद कंपनी ने बताया कि यह लैपटॉप चोरी का है, इसलिए काम नहीं कर रहा है. इस बारे में कंपनी की तरफ से गौरव को एक मेल भी आया. इस बात से गुस्साए पीड़ित ने लगातार पेटीएम कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की. काफी मुश्किलों के बाद उसे लैपटॉप बदलने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ऐसा किया नहीं गया.

अपने आप को ठगी का शिकार पाकर पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. पीड़ित के मुताबिक, लैपटॉप ऑर्डर करते समय उसे बताया गया था कि लैपटॉप एक साल की गांरटी में है. पुलिस ने गौरव की शिकायत पर पेटीएम कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.

Posted in CRIMEComments (0)

advert