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Photographer’s Murder On Delhi Road, His Last Moments On CCTV

New Delhi: Ankit Saxena, 23, is seen pacing and talking on the mobile phone in security camera footage caught just moments before he was ambushed by the family of his Muslim girlfriend and killed in the middle of the road last week

In CCTV visuals from a busy road in Raghubir Nagar in west Delhi, Ankit is seen in a black leather jacket around 8 pm on Thursday. Ten minutes later, the same camera captured the sound of a police siren and a group of people staring at the direction where the murder had taken place.

Just a few steps from where he was last seen speaking on the phone, Ankit was attacked and stabbed by the mother, father, uncle and younger brother of the 20-year-old Muslim woman he had been dating for three years. All four have been caught, including the woman's brother, who is underage.

Ankit Saxena, 23,  was beaten and then stabbed by the family of his Muslim girlfriend on Thursday

The police said her family had warned her against her relationship with a Hindu man, but the two kept meeting.

The woman has told the police that she was going to meet Ankit that evening. She had allegedly defied her family and left her house after they found out that she had stayed in touch with Ankit despite their objections.

Witnesses and footage from CCTV cameras reveal that the woman's family charged at Ankit at a traffic intersection and demanded to know where she was. After an argument, Ankit is shoved to the ground by the woman's father and uncle – and kicked.

Ankit's mother ran out of their home nearby and tried to stop the assault but she, too, was attacked.

In front of his helpless mother, Ankit was stabbed in the neck with a knife by his girlfriend's father and uncle.

There was heavy police presence in the area over the weekend to check any possible fallout of the public killing; reports suggest the woman's relatives, who live in the neighbourhood, stayed indoors for fear of reprisal. Despite shock among residents over the attack on a crowded road in the capital city, there has been no incident in the past four days, say the police.

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Padmaavat protests: Village of Gurugram bus attack accused plans mahapanchayat on Sunday

On Thursday, police had arrested 23 people and detained eight minors. Police said Amu was detained as a preventive measure and remanded in judicial custody by a Gurgaon court on Frida

Two days after groups protesting the release of Sanjay Leela Bhansali’s Padmaavat went on a rampage in Gurgaon, police have arrested Suraj Pal Amu, general secretary of the Rajput Karni Sena, and detained six others for the violence. On Thursday, police had arrested 23 people and detained eight minors.

Police said Amu was detained as a preventive measure and remanded in judicial custody by a Gurgaon court on Friday. Confirming this, Ravinder Kumar, PRO of Gurgaon Police, said, “Suraj Pal Amu, who was detained under sections 107/151 of the Code of Criminal Procedure (CrPC), has been sent to judicial custody until January 29. He will be lodged in Bhondsi Jail during this period.”

According to police, seven cases have been registered in connection with several incidents of violence across Gurgaon this week — including the torching of a bus in Bhondsi and a truck at Hero Honda Chowk, and a school bus being pelted with stones. Police said all 24 arrested accused have been sent to judicial custody.

Against the backdrop of posts on social media claiming that some of those apprehended were Muslims, PRO Kumar said: “No member from the Muslim community has been detained or arrested in connection with the Bhondsi violence or anywhere else in Gurgaon… The situation in Gurgaon is peaceful as of now, with police personnel still deployed at all malls and sensitive locations. Strenuous efforts are being made to identify the others involved in the violence. We expect to apprehend some more people soon.”

Meanwhile, residents of Gurgaon’s Bhondsi village — to which 18 of the accused belong — held a panchayat on Friday morning to discuss the release of “children” from the area, who were detained for allegedly torching the Haryana Roadways bus and attacking the G D Goenka school bus.

Claiming that the 18 were only bystanders, a resident claimed: “Those arrested include students returning from school or tuition… or those who had gone out to play. They were just watching what was happening. When police fired shots and ran after protesters, they also got scared and started running, but police arrested them.”

Residents also said a mahapanchayat will be held at 11 am on Sunday. Until then, they said, they will appeal to residents of nearby villages to join their “cause” and attend the meeting. Sanjay Raghav, ex-sarpanch of the village, said, “We want to appeal to the administration to release our children, all of whom are between 14 and 23 years of age… If they can prove that our children were involved in the violence, then we will support their arrest. However, if this cannot be proven, they should be released.”

“Neither our children nor any of us have anything to do with the Karni Sena…We also condemn the stoning of the school bus but it does not give police the right to arrest innocent people,” he said.

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दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषी रवि कपूर और अमित शुक्ला की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला:जिगिशा घोष हत्याकांड

नई दिल्ली: जिगिशा घोष की हत्या के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जिगिशा घोष हत्या मामले में दोषी रवि कपूर और अमित शुक्ला को फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है. तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्रकैद की सजा बरकार रहेगी. जस्टिस एस. मुरलीधर और जस्टिस आई. एस. मेहता की बेंच ने मौत की सजा पाने वाले दो दोषियों और एक अन्य दोषी की निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था.

ट्रायल कोर्ट ने दोषी रवि कपूर और अमित शुक्ला को मौत और तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बता दें कि एक आईटी कंपनी में ऑपरेशन मैनेजर रही 28 साल की जिगिशा को तीनों दोषियों ने 18 मार्च 2009 की रात में तब अगवा कर लिया जब वह अपने दफ्तर की कैब से घर के बाहर उतरी. तीनों आरोपी जिगिशा को अपनी सेंट्रों कार से महिपालपुर ,सरोजिनी नगर और साकेत ले गए.

उसके एटीएम कार्ड से पैसे निकाले, उसके मोबाइल और गहने छीनने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को सूरजकुंड में फेंक दिया. सुबह फिर साकेत मॉल में जिगिशा के क्रेडिट कार्ड से शापिंग की. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सबसे पहले बाएं हाथ में टैटू गुदवाए बलजीत की पहचान की और फिर तीनों कातिल पकड़े गए.

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मुंबई अग्निकांड : हेमा मालिनी ने बढ़ती आबादी पर फोड़ा ठीकरा और कहा…

मुंबई: मुंबई के लोअर परेल में गुरुवार देर रात लगी भीषण आग में 14 लोगों ने अपनी जान गंवा दी. हादसे के पीछे कई तरह की लापरवाही सामने आई. लोअर परेल में जहां रेस्त्रां में करीब 50 लोग मौजूद थे वहां आग बुझाने वाले यंत्रों का न होना, आपातकालनी निकास द्वार पर सामान का रखा होना, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बीएमसी की भी लापरवाही तमाम कारण सामने आए लेकिन बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने आग का ठीकरा बढ़ती आबादी पर फोड़ा है.

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं ज्यादा जनसंख्या होने के कारण होती हैं और सुझाव दिया कि हर शहर के लिए जनसंख्या को सीमित कर देना चाहिए. यह दुर्घटना अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई और उन्होंने आश्चर्य जताया कि ऐसे पब के संचालन की अनुमति देने से पहले वे सुरक्षा मानदंडों को नजरअंदाज कैसे कर सकते हैं.

मुंबई में लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, ऐसा मुंबई शहर में ज्यादा जनसंख्या के कारण है. हेमा ने कहा, “जनसंख्या पर कुछ रोक लगाई जानी चाहिए. सबसे पहले, सभी शहरों में कुछ निश्चित जनसंख्या होनी चाहिए, निश्चित सीमा होनी चाहिए. इसके बाद उन्हें (लोगों को) अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्हें किसी दूसरे शहर, अगले शहर जाने दिया जाना चाहिए.”

इनपुट- भाषा

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कर्ज से दबे किसान की आत्महत्या के बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

सीएम को जिले में नहीं घुसने देने की चेतावनी।कर्ज के बोझ के चलते किसान द्वारा आत्महत्या का मामला,किसानों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन,मिनी सचिवालय पर किया प्रदर्शन,मृतक किसान के कर्ज को माफ़ करने की है मांग,कर्ज माफ़ी के लिए कलेक्टर दिया ज्ञापन 

अजय कुमार विद्यार्थी /डीग, भरतपुर/ डीग थाना क्षेत्र के गाँव जाटौली में रबी की फसल नहीं उगने और कर्ज के बोझ में दबे होने से व्यथित 45 वर्षीय एक किसान भगवान् सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जिसके बाद मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अम्बाबाता,युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेम सिंह फौजदार के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने मृतक किसान के कर्ज माफ़ी व् उसके बच्चों को मुआवजे की मांग को लेकर मिनी सचिवालय पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया | 

प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मृतक किसान के कर्ज को माफ़ करने की मांग की साथ ही किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है की यदि सरकार ने मृतक किसान का कर्ज माफ़ नहीं किया और उसके बच्चों को मुआवजा नहीं दिया तो जिले के किसान आगामी 26 जनवरी को सीएम आगमन कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री को जिले में नहीं घुसने देंगे | 

गौरतलब है की विगत दिन डीग उपखण्ड के गाँव जाटौली में 45 वर्षीय किसान भगवान् सिंह ने कर्ज के बोझ के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी | उसने बैंक से कृषि लोन करीब 5 लाख रूपये ले रखा था साथ ही करीब 6 लाख रूपये गाँव के साहूकार से ले रखे थे जिसको चुकाने के लिए वह चिंतित रहता था | वह अपनी पशुओं के बाड़े में सोता था जहाँ आज सुबह जब उसकी पत्नी हरदेई वहां पहुंची तो उसका शव फांसी से लटका हुआ मिला | शोर मचाने पर ग्रामीण इकट्ठे हुए और पुलिस को सूचित किया | 

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रबडी खिलाकर बीस लाख की रकम उडाई


मेरठ : ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र के तारापुरी में एक विधवा महिला को रबडी खिलाकर परिचित ने बीस लाख रूपये की नगदी उडा दी। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। तारापुरी निवासी महिला रूबी ने बताया कि उसके पति अमित वर्मा की 13 फरवरी को मौत हो गई थी। जिसके बाद संपत्ति के बंटवारे में पति के हिस्से में 22 लाख रूपये मिले थे। इस रकम में से दो लाख रूपये घरेलू कार्यों में खर्च हो गए, जबकि बीस लाख रूपये की रकम घर की अलमारी में रखी हुई थी। रूबी ने बताया कि सुबह एक परिचित घर पर रबडी लेकर आए। रबडी खाने के बाद वह बेहोश हो गई। उसने देखा कि अलमारी में रखे बीस लाख रूपये चोरी कर लिए गए। महिला ने शोर मचा दिया। उसने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शक के आधार पर लावड निवासी शकील को हिरासत में लिया है। पुलिस शकील से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

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बदमाश ने टीचर का फोन चोरी करके सेल्फी ली, गूगल से ऐसे मिला लोकेशन

नई दिल्ली: दिल्ली के दरियागंज इलाके में एक लेडी टीचर से मोबाइल छीनकर भागे स्नैचर को पता नहीं था कि सेल्फी लेने के चक्कर में वो मुसिबत में पड़ जाएगा. दरियागंज थाने की पुलिस लोकेशन खोजते-खोजते आरोपी के घर पहुंच गई. पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी एक छत से दूसरी छत कूदते-फांदते फरार हो गया. मोबाइल घर पर ही था, जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया. पुलिस के मुताबिक लेडी टीचर अपने परिवार के साथ फिरोजशाह कोटला इलाके में रहती हैं. वह दरियागंज इलाके में एक स्कूल में पढ़ाती हैं. यह घटना 2 नवंबर को हुई थी. वह स्कूल से घर लौटने के दौरान महावीर वाटिका बस स्टॉप पर बस में चढ़ीं. इसी दौरान बस में स्नैचर मोबाइल लेकर भाग गया.

टीचर यह सोचकर पुलिस तक मामला नहीं ले गईं कि मोबाइल नहीं मिलने वाला है. अगले दिन उन्होंने अपने घर लैपटॉप पर जीमेल अकाउंट खोला और गूगल ड्राइव पर जाकर देखा तो उसमें कुछ अनजान चेहरे की सेल्फी देखकर टीचर चौंक गईं. फोटो को गौर से देखा तो डेट और टाइम के साथ लोकेशन भी गूगल ड्राइव में दिख रही थी. वह समझ गईं कि यह उन्हीं के मोबाइल से खींची गई बदमाश की सेल्फी है. उन्होंने दरियागंज थाने जाकर पूरी बात पुलिस को बताई.

कंप्लेंट लेकर गूगल से मिल रही लोकेशन के लिए बीट स्टाफ को बुलाया गया और लुटेरे की सेल्फी दिखाई गई. इमेज में किसी घर की छत दिखाई दे रही थी. बीट स्टाफ ने अपने-अपने एरिया में चढ़कर छतों के हिसाब से लोकेशन का मिलान किया. इसके बाद आरोपी के घर तक पुलिस पहुंच गई. मोबाइल मिल गया, लेकिन आरोपी फरार हो गया.

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A 16-year-old student of Ryan International School in Gurugram who wanted exams and a scheduled meeting between teachers and parents delayed is the prime accused in the murder of Class 2 student Pradhuman Thakur, the CBI said on Wednesday.


CBI spokesperson Abhishek Dayal said the Class 11 student was detained on Tuesday night after "inspection of the crime spot, scrutiny of CCTV footage, call records, statements and questioning of several people" revealed that he had carried a knife inside the school campus on the day of the crime and used it to kill his junior school mate.


"The weapon used in the commission of crime is a knife which was recovered initially by police in Gurugram (Haryana). It is now with us," Dayal told reporters here.


He said the detained student was weak in studies and "wanted to have examination and parent-teacher meeting postponed". Pradhuman, 7, was his random target.


The parents of the detained student were kept informed throughout the investigation, said the spokesperson for the Central Bureau of Investigation.


The CBI took over the case on September 22 from Haryana Police, nearly two weeks after the Class 2 boy was found with his throat slit in a school bathroom.


The accused will now be produced before the Juvenile Justice Board, where the court is expected to decide whether he is to be treated as a major or a minor as per the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015. 


The Haryana Police had earlier claimed that Pradhuman was killed by school bus conductor Ashok Kumar inside the toilet as the boy resisted a bid to sodomise him.


While Ashok Kumar was arrested, Pradhuman's parents and two other staffers have claimed that he was being made a scapegoat.

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₹20 के लिए ऑटो चालक को मौत के घाट उतारने वाला गिरफ्तार

(हंसा वैष्णव)

दमोह /₹20 के लेन देन को लेकर एक ऑटो चालक को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस में सफलता हासिल की है ज्ञात हो कि गत दिवस स्थानीय खजरी मोहल्ला निवासी सूरज पटेल की हत्या  धारदार हथियार से कर दी गई थी जिसको लेकर गतो 27 सितंबर को मृतक के भाई कल्लू पटेल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस ने उक्त अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में सफलता हासिल की है

इस संबंध में स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने अंधे हत्याकांड को लेकर खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी घटना के दिन रात्रि में मृतक के ऑटो से खजरी मोहल्ला के लिए रवाना हुआ था ऑटो चालक द्वारा ₹20 की राशि किराए की मांगने पर आरोपी द्वारा इनकार करने तथा इसी से हुए वाद विवाद के चलते आरोपी द्वारा ऑटो चालक मौत के घाट कुल्हाड़ी के प्रहार से उतार दिया श्री अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान जुड़ती कड़ियों के माध्यम से हम आरोपी तक पहुंचे एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि आरोपी लकडी काटने का कार्य करता था जिसके लिए वह कुल्हाड़ी का उपयोग किया करता था

कुछ दिन पूर्व ही उसने तमीज थी वृक्ष काटने का कार्य किया था और उसको मालूम था की कुल्हाड़ी कहां रखी हुई है वह उठा कर लाया और ऑटो चालक के सिर पर जोरदार वार कर दिया जिससे ऑटो चालक की मौत हो गई श्री अग्रवाल ने बताया कि आरोपी प्रताप  पिता  हीरालाल पटेल उम्र 41 वर्ष  निवासी खजरी मोहल्ला  दमोह को कुल्हाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया गया है हत्या का खुलासा करने के लिए ₹5000 की राशि का नगद इनाम रखा गया था उन्होंने बतलाए कि खुलासा करने में थाना कोतवाली प्रभारी प्रदीप सोनी निरीक्षक सुश्री रीता सिंह जबलपुर नाका चौकी प्रभारी विनोद शंकर यादव उप निरीक्षक आरती चौधरी आरक्षक सौरभ टंडन आरक्षक नवीन मनीष राजेश संजय देवेंद्र राम पाठक का विशेष योगदान रहा पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने बताया कि साइबर सेल की विशेष भूमिका इसमें रही

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लाखों का सिंथेटिक खोवा पकड़ा कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्यवाही


दमोह/ दीपावली के त्यौहार के आते ही मिठाईयों के बाजार पर सजने का क्रम प्रारंभ हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर मावे के अवैध कारोबार में लगे लोग भी सक्रिय हो जाते हैं ।सूत्रों की माने तो हजारों लाखों कुंटल मावे का अवैध कारोबार होता है ।ऐसे ही अवैध कारोबार के मामले को लेकर सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा यात्री बस को भारी मात्रा में  मावा  सहित पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई है ।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबिर ने बतलाया की एक बस MP 36 पी 0 211 मैं रखकर काफी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक मामा लाया जा रहा है जो दमोह नगर की मिठाई की दुकानों के अलावा समीप के क्षेत्रों में पहुंचाया जाना है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक भूपेंद्र पटेल क्रमांक 65 आरक्षक देवेंद्र रैकवार क्रमांक 528  द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचित किया तथा बस को स्थानीय बस स्टैंड पर पकड़ लिया सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी सुश्री रीता सिंह ने अपने सहयोगी स्टाफ के साथ पहुंच कर बस को थाने लेकर आए बस की तलाशी के दौरान 85 बोरी मावा की बरामद की गई बताया जाता है कि प्रत्येक के बुरी लगभग 50 किलो की है

वही मावे के बने केक तथा कुछ और मिठाइयां भी बरामद की गई इस दौरान खाद्य अधिकारी राकेश अहिरवार ने पुलिस थाना पहुंचकर मावा की जांच करते हुए प्रथम दृष्टया ही सारे मावा को सिंथेटिक बतलाते हुए कार्यवाही प्रारंभ कर दी ।बरामद हो गए की कीमत लाखों में बतलाई जाती है ।सिटी कोतवाली पुलिस की सक्रियता के कारण हजारों लोगों के जीवन से खिलवाड़ होने से बच गया। यात्रियों से खचाखच भरी बस को पंचनामा के पश्चात रवाना कर दिया गया तो वहीं दूसरी ओर खाद्य विभाग एवं पुलिस द्वारा प्रकरण के संबंध में कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।


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How to Register FIR Online in Delhi for Lost Article or Document (Mobile App also Available)

Delhi Police has introduced this hassle free method to Register FIR Online(e-FIR). Previously, what used to happen was if you have lost any document you would have to go to the Police Station to File an FIR. However, with the introduction of e-FIR Service for people from Delhi most of the people would now do it online. You must also make note of some more things to do When your Wallet/Purse is Lost or Stolen.

Important NOTE : This service to Register FIR Online is only for people who have lost their Article(s) or Important Document(s). This service should not be used for any other queries, crime or theft related Complaints. Registering false report is a punishable offense.

You can use this Online FIR Portal for Lost Articles like :

  • Wallet/Purse
  • PAN Card
  • Passport
  • Important Documents like School or College Marksheets or Degree
  • Aadhaar Card
  • Driving License etc

Complete Procedure to Register FIR Online for Lost Article or Document in Delhi (Android App Also Available)

Step 1 : Click on this Link to Register FIR Online (

Step 2 : Follow the Instructions to fill the Police Report Form :

  • Complainant’s Name : Enter the name of the person who wants to register the Complaint
  • Father’s/Mother’s Name : Enter the Father’s/Mother’s Name of the Complainant
  • Complainant’s Address : Enter the Postal Address of the Complainant
  • Complainant’s Mobile Number : Enter the Complainant’s Mobile Number
  • Complainant’s Email Address : Enter the E-mail address of the Complainant
  • Place of Loss in Delhi : Enter the name of the Area/Place/Locality where the Article or Document was lost
  • Date of Loss : Enter the Date, Month & Year of Loss
  • Time of Loss : Enter the time at which the article/document was lost
  • Lost Articles : Enter the name of Lost Article, Description : Enter the Description of Lost Article & Add the Article. You must add different Articles one by one.
  • Any other details : You can enter any other information you want to enter in this box. The information should not be the same as mentioned above.
  • Enter the Code as shown in the Box
  • Click on “Submit”

Register FIR Onine Form 1


Android Users can Download the Mobile App to Register FIR Online :

Android users can search for “Delhi Police Lost Report” App in Play Store. Alternatively, you can click the link below to download this app

Register FIR Onine android App

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यदि वह पुलिसकर्मी होता तब भी क्या उसे यात्रियों को मारने का अधिकार मिल जाता है…

करन निम्बार्क:मुंबई

मुंबई, 29 सितम्बर 2017,मुंबई की जीवन रेखा है लोकल ट्रेन सेवा। मुंबई का अस्तित्व इसके बिना अधुरा है। प्रतिदिन लाखों यात्री घर से कार्यालय और कार्यालय से घर लौटते हैं। इस सेवा को सुचारू रूप से चलाने का दायित्व है कई कन्धों पर और इसकी रक्षा का दायित्व है रेल्वे पुलिस बल पर। हालाँकि रेल यात्रियों का भी कुछ दायित्व है सार्वजनिक संपत्ति के प्रति और अन्य यात्रियों के प्रति। शुक्रवार की सुबह एलफिस्टन रोड पर घटित हुई घटना दुखद भी है और निंदनीय भी। इसमें कहीं ना कहीं बिना सोचे विचारे भगदड़ मचाने वाले यात्रियों की भी भूल है।

प्रतिदिन यात्रा के समय कुछ ना कुछ विवाद घटित होते रहता है। प्रतिदिन एक ही ट्रेन के एक ही डिब्बे में वर्षों से यात्रा करनेवाले सहयात्री एक परिवार की तरह हो जाते हैं। यात्रा के दौरान लगभग सभी यात्री एकदूजे का सहयोग करते हैं। एक ऐसी घटना जो शायद लोगों तक ना पहुँच सकी इसका उल्लेख हम करना चाहते हैं। शुक्रवार की सुबह जब विरार से चर्चगेट के लिए ८:४० की लोकल ट्रेन चलने लगी तभी एक सावला रंग, सशक्त शरीर लंबा कद, साधारण कपड़ों में एक युवक चढ़ा और अचानक गेट (द्वार) पर पहले से खड़े यात्रियों से अशिष्ट होकर गेट पर खड़े रहने के लिए कहने लगा। जब उन्होंने समझाया कि यहाँ पर्याप्त जगह नहीं है तब भी वह धक्का देकर आगे बढ़ा और जब एक यात्री ने उसे रोका तो उसे माँ-बहन की गाली देते हुए उस पर हाथ उठा दिया। जैसा हमने पहले उल्लेख किया कि प्रतिदिन एकसाथ यात्रा करने वाले एक परिवार की तरह होते हैं इसलिए सहयात्रियों ने उसका विरोध किया और उन्हें छुडाने लगें।

जब इस युवक पर ये लोग भारी पड़ने लगें तब वह चिल्लाया कि मैं रेल्वे पुलिस से हूँ और जब यात्रियों ने उसका पहचान पात्र माँगा तब उसने केवल एक पल के लिए कोई पहचान पत्र निकाला जिसपर उल्लेखित था कि वह अभी प्रशिक्षण ले रहा थायदि वह पुलिसकर्मी भी होता तब भी क्या उसे यात्रियों से अशिष्ट व्यवहार करने, उन्हें मारने का अधिकार मिल जाता है? शायद उसने सोचा होगा कि पुलिस में हूँ तो कोई विरोध नहीं होगा लेकिन जागरूक यात्रियों ने न केवल अपने सहयात्री का जीवन बचाया अपितु उसका विरोध भी किया। जैसा कि स्पष्ट है कोई भी कामकाजी व्यक्ति पुलिस के पचेडों में पड़ना पसंद नहीं करता लेकिन क्या यह रेलमंत्री और रेल्वे पुलिस दल के लिए एक बड़ा सवाल नहीं है कि पुलिस आम आदमी की रक्षक है या भक्षक?

जो व्यक्ति दिन दहाड़े ऐसा कृत्य कर सकता है क्या वह रात के सन्नाटे में पुलिस बनने के बाद कोई घिनौना अपराध नहीं कर सकता? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, न्याय करनेवाले ही अन्याय करने लगें तो आम आदमी कहाँ और किसके पास जाए? कल तो ये लोग आम आदमी को भी किसी झूठे मामले में फँसा सकते हैं। उम्मीद है कि सरकार और रेल्वे पुलिस अपने कर्मचारियों को जनता के प्रति उनके दायित्व और कर्तव्य से अवगत करायेगी और उन्हें सिखाएगी कि जनता तभी उन्हें सम्मान देगी तभी उनका सहयोग करेगी जब वे जनता का, आम आदमी का सम्मान करेंगे, उनकी रक्षा करेंगे।

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प्रद्युमन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, हत्या में शामिल एक और व्यक्ति का खुल गया राज!

हरियाणा के गुरुग्राम में रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुए छात्र प्रद्युमन की हत्या से जुड़े नए नए राज सामने आ रहे है. पुलिस के अनुसार प्रद्युमन की हत्या में बस का कंडक्टर अकेले शामिल था जो कि इस समय पुलिस की गिरफ्त में है. घटना के कुछ ही घंटों के बाद पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद कंडक्टर अशोक ने हत्या का गुनाव कबूल भी किया था लेकिन अब इस मामले सब कुछ उल्टा होता नजर आ रहा है. अशोक से जेल में मिलने गयी उसकी पत्नी ने जो बात कही है उससे हर तरफ सन्नाटा पसर गया है. पुलिस भी अशोक की पत्नी के दावों पर चुप्पी साधी हुई है.


घटना स्थल पर मौजूद था ‘काला चश्मा’ पहने संदिग्ध व्यक्ति 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेल में बंद अशोक से मिलने के लिए उसकी पत्नी और उसकी भाभी गयी थी. जिनसे अशोक ने कहा कि उसने किसी को नही मारा है बल्कि घटना के सथल पर प्रिंसिपल के अलावा वहां एक काला चस्मा पहना हुआ एक व्यक्ति खड़ा हुआ था. आपको बता दें कि जिस व्यक्ति की बात अशोक की पत्नी कर रही है पुलिस के पास भी उस व्यक्ति की कोई जानकारी नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि वह व्यक्ति कौन था?



काला चश्मा पहने व्यक्ति पर पुलिस का बोलने से इनकार

अशोक कुमार के वकील मोहित वर्मा ने भी इस बात का जिक्र किया है कि वहां एक काला चश्मा पहने एक शख्स भी मौजूदा था, जिसे पुलिस अभी तक नहीं पहचान पाई है.पुलिस ने इस मामले पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है. वहीँ अशोक की पत्नी ममता का कहना है कि पुलिस अशोक को टॉर्चर कर रही  हैं. पति पर आरोप सिद्ध करने के लिए पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की हैं. 


अशोक की भाभी अनुराधा का कहना है कि अशोक ने बताया कि वो “जब बाथरूम में गया था तो प्रद्युमन के अलावा दो बच्चे और मौजूद थे जो कराटे सीखकर आये थे. उसके बाद बाथरूम से निकलकर वो पानी पीकर जा ही रहा था कि पीछे स्कूल टीचर ने आवाज लगाई कि अशोक इस बच्चे को क्या हो गया इसको उठाओ जल्दी.”  अशोक ने आगे कागे कहा कि  ” उस वक्त वहां प्रिंसिपल, एक टीचर, और एक छह फुट लंबा काला चश्मा पहना आदमी खड़ा था”


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भारतीय जवान को सरेआम मारा था थप्पड़ उससे जुड़ी आई एक और बड़ी खबर, इस बार उस महिला को पुलिस ने…

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में एक महिला सेना के जवान को सरेआम बेशर्मी से पीटती नजर आ रही थी. यकीनन इस वीडियो को देखकर हर हिन्दुस्तानी का खून खौल उठा था. ऐसे में इस महिला से जुड़ी एक बड़ी ख़बर ये आ रही है कि उस महिला को अब गिरफ्तार कर लिया गया है. अबतक मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि महिला गुरुग्राम की रहने वाली है.


जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जिस जवान पर महिला थप्पड़ बरसाती नज़र आई थी उस जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अपने कुछ और साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे. मामले के अनुसार वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी. इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को बड़ी ही बेशर्मी से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.

जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जिस जवान पर महिला थप्पड़ बरसाती नज़र आई थी उस जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अपने कुछ और साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे. मामले के अनुसार वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी. इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को बड़ी ही बेशर्मी से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.

पीड़ित सैनिक के मुताबिक महिला बिना किसी कारण उनपर लगातार ही थप्पड़ बरसाये जा रही थी. सैनिक का दावा है कि उनका वाहन महिला की गाड़ी से कई मीटर दूर था और वो इस बात को नहीं समझ पाए कि आखिर महिला इतने तैश में आई तो आयीं क्यों? सैनिक महावीर ने ये तक बताया कि जब उन्होंने महिला से कहा कि आप भारतीय सेना के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कैसे कर सकती हैं, तब भी महिला ने सेना को गंदी गालियां भी दी थी.


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दिल्ली विश्वविधालय में हुए चुनाव में बड़ा खुलासा…तो इस घपले की वजह से जीती है NSUI

दिल्ली विश्वविधालय में हुए चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा था लेकिन असल में इस चुनाव के पीछे का खेल कुछ और ही है. दरअसल यह चुनाव ABVP हारी नहीं है बल्कि हराई गयी है. सुनने में अजीब है लेकिन यही सच है. आज हम आपको इसके पीछे का पूरा माजरा समझाने वाले हैं.

दरअसल ABVP का उम्मेदवार था रजत चौधरी जो मात्र 2000 वोटों से हारा है, सवाल यह है कि एक ऐसा प्रताशी भी इस चुनाव में लड़ा था जिसका नाम और परचा दोनों ही रजत चौधरी से मिलते हुए थे. आपको बता दें राजा चौधरी नाम से भी एक कैंडिडेट ने इस चुनाव में भाग लिया था जिसे 3000 वोट मिली हैं.

राजा चौधरी की पार्टी का नाम भी ABVP था जिसका मतलब है अखिल भारतीय विद्या परिषद. यानी खेल साफ़ है रजत चौधरी हारा नहीं है बल्कि हराया गया है.

Vikrant  @vikrantkumar

कांग्रेस  जीतने के बाद अच्छे दिन के सब्जबाग ऐसे ही देख रही है जैसे कमिनिस्ट JNU विद्यार्थी परिषद जीतने के बाद देखते है!


Vikrant @vikrantkumar

Congress used Dummy confidante to trick ABVP voters, but real concern should be NOTA, check their numbers.

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आपको बता दें यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का खुलासा हुआ है इससे पहले भी कई बार डमी कैंडिडेट की मदद से इस तरह का चुनाव लड़ा गया है. बता दें इस चुनाव में मात्र कैंडिडेट का नाम लिखा होता है जिसके चलते डमी कैंडिडेट काफी कारगर साबित होता है.


बहुगुणा ने बीबीसी हिंदी से कहा, ”इस हार के कई कारण हैं. स्थानीय मुद्दे, यूनिवर्सिटी से जुड़े विषय और हमारे ख़िलाफ़ खड़े किए गए डमी उम्मीदवार, सब मिलाकर इस हार के लिए ज़िम्मेदार हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ना चाहिए.”

यह बात साफ़ है कि चुनाव में धांधलेबाजी की गयी है लेकिन यह तरीक अभी कानूनी रूप से गलत नहीं है

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ऐसे थे प्रद्युम्न के आखिरी 10 मिनट जिसे जानकर आप रो पड़ेंगे !

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल में 8 सितंबर को प्रद्युम्न नाम के 7 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. पुलिस ने इस हत्या के आरोपी कंडक्टर, बस ड्राईवर और स्कूल के ही स्टाफ को गिरफ्तार किया है. जानकरी के अनुसार आरोपी कंडक्टर ने 7 साल के बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश की और नाकाम होने पर उसने मासूम बच्चे की हत्या कर दी. स्कूल के अंदर चाकू लेकर जाने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं.


स्कूल में हुई हत्या के बाद पूरे देश में यह सवाल बन गया है कि अब बच्चे कहां सुरक्षित हैं. जिस स्कूल के भरोसे बच्चे को छोड़ दिया जाता वहां भी अब इस तरह के काम किये जा रहे हैं. स्कूल में 7 साल के मासूम की इतनी बेरहमी से गला रेतकर हत्या करने के मामले ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं. इस मासूम की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.


कुछ ऐसे थे मासूम प्रद्युम्न के आखिरी 10 मिनट

प्रद्युम्न के पिता ने सुबह 7.55 बजे उसे स्कूल छोड़ा. प्रद्युम्न ने स्कूल रिसेप्शन से प्रवेश करने के बजाय बस स्टॉप वाले दरवाजे से एंट्री की. 8 बजे प्रद्युम्न टॉयलेट गया, 2-3 मिनट के अंदर ही उसकी हत्या कर दी गयी. 5 मिनट तक वह वहीं पड़ा रहा. 8.08 पर उसे अस्पताल ले जाया गया. 8.10 पर प्रद्युम्न के परिवार वालों को इस मामले की जानकारी दी गयी.


हैरान करने वाली बात यह है आरोपी कंडक्टर ही उसे अस्पताल तक लेके आया. पकड़े गए आरोपी कंडक्टर से पुलिस ने पूछताछ की और उसने 2 घंटे के अंदर ही अपना गुनाह कबूल लिया. आरोपी कंडक्टर अशोक ने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि बच्चों के टॉयलेट में मैं गलत काम कर रहा था. उसी समय वह बच्चा वहां आ गया और उसने मुझे यह सब करते हुए देख लिया. यह सब देखकर वह शोर मचाने लगा तो मैंने उसे दो बार चाकू से मारा और फिर उसका गला रेत दिया. इसके आगे आरोपी कंडक्टर ने कहा कि- उस समय मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गयी थी. मैं गलत काम करना चाहता था. आपको बता दें कि इस हत्या में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. मामले की अभी जाँच चल रही है.

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प्रद्युम्न्न का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने किया ऐसा खुलासा…

गुडगाँव में रेयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की हत्या को काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं आया है जिससे केस को कोई ठोस दिशा मिल सके. केस सामने आने के बाद से ही एक ही थ्योरी है जिस पर लगातार ही स्कूल दबाव बने पर तुला हुआ है तो वहीँ दूसरी ओर प्रद्युम्न के घर वाले इस बात को मानने से सिरे से इनकार कर रहे हैं कि प्रद्युम्न की हत्या कंडक्टर ने की है.


पहली थ्योरी के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या कंडक्टर ने की थी वो भी महज़ इस वजह से कि वो प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण करने की कोशिश में नाकाम रहा था. हालाँकि परिवार ने हमेशा इस थ्योरी पर सवाल उठाये थे. ऐसे में परिवार की इस विश्वास को मनाओ उस वक़्त और ही मजबूती मिल गयी जब प्रद्युम्न की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. जानकारी के लिए बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये बात साफ़ हो गयी है कि प्रद्युम्न की हत्या से पहले उसका यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था. प्रद्युम्न की पोस्मॉर्टम करने वाले डॉक्टरों में से एक दीपक माथुर ने कहा कि उसके साथ यौन उत्पीड़न नहीं किया गया था.

पोस्टमार्टम में हुए इस खुलासे के बाद स्कूल प्रशासन पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. सवाल ये कि अगर प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण की कोशिश हुई ही नहीं तो कंडक्टर ने उसे मारा क्यूँ? आखिर पहले ही दिन से ये थ्योरी क्यों चलायी जा रही है कि प्रद्युम्न के यौन शोषण की कोशिश की गयी थी और नाकाम होने पर उसे मौत के घाट उतार दिया गया? अब जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये बात साफ़ हो गयी है कि प्रद्युम्न के साथ कोई गलत काम की कोशिश नहीं की गयी थी तो आखिर क्या इअसी वजह रही होगी जिसके चलते मासूम प्रद्युम्न को इतनी बेरहमी से मार दिया गया?

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हेलीकॉप्टर में अपनी बेटी के साथ कुछ ऐसा करते नज़र आये बाबा रहीम.

25 अगस्त को देश ने वो नज़ारा देखा जो आजतक हम सिर्फ फिल्मों में देखा या कहानियों में सुना करते थे. मौका था हाईकोर्ट की तरफ से आने वाले उस एक फैसले का. फैसले एक “इंसानी-बाबा” पर लगे यौन शोषण का. अपने कारनामों का फैसला सुनने के लिए बाबा राम रहीम सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर करीब 800 गाड़ियों के साथ सिरसा से पंचकुला के लिए निकले थे.



मीडिया रिपोर्ट्स की ख़बरों की मानें तो बताया जा रहा है कि बाबा के इस पांच घंटे के सफर में साए की तरह उनकी  बेटी हरमनप्रीत उनके साथ ही मौजूद थी. बता दें कि हरमनप्रीत, रहीम की गोद ली बेटी हैं. मिली जानकारी के मुताबिक बाबा जब कोर्ट में पहुंचे थे उनके साथ में हरमनप्रीत भी साथ में थी.


बताया जा रहा है कि फैसले के बाद जब आर्मी के हेलीकॉप्टर से राम रहीम को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) रोहतक के अंदर अस्थायी जेल में पांच बजकर एक मिनट पर हेलीपेड पर उतारा गया, तो भी सबको चौंकते हुए हरमनप्रीत भी उनके साथ ही उतरी.


..लेकिन बेटी का साथ होना से भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये रही कि जिस वक़्त बाबा को फैसला सुनाते हुए दोषी करार दिया गया, जिसको सुनकर ही उनके समर्थक दंगा-फ़साद करने लगे वहीँ दूसरी तरफ बाबा इन सब के बावजूद मज़े में हेलीकॉप्टर में बैठे चॉकलेट खाते नज़र आये.


जी हाँ, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां साध्वियों से दुष्कर्म का दोषी जरूर ठहराया गया है लेकिन इससे उनके रुतबे में शायद ही कोई आंच आई हो. 5 साल पुराने इस केस में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोषी बेशक सुनाये गए हों लेकिन उनको देखकर आप बिलकुल नहीं कह सकते कि ये बलात्कार के दोषी ठहराए गए हैं.


फैसले के बाद ही जहाँ डेरे के गुंडों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया, मीडिया पर ताबड़तोड़ हमला किया वहीँ राम रहीम मज़े में दिखे. एक तरफ जहां लाशों गिर रही थीं, वहीं राम रहीम हेलिकॉप्टर से रोहतक जाते समय टेंशन मिटाने के लिए चॉकलेट खाता रहा.


जानिए कोर्टरूम में क्या हुआ था?

बता दें कि राम रहीम के कोर्ट में पहुंचते ही सीबीआई जज जगदीप सिंह ने उसके केस की फाइल देखी, फिर अपने नायब कोर्ट को कहा कि आरोपी राम रहीम को हिरासत में ले लो. जज का फैसला आया और जैसे ही बाबा को हिरासत में लिया गया, सबको समझ में आ गया कि बाबा को सजा होनी तय है, समर्थक तो वहीँ गले फाड़ कर रोने लगे.

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लाखों रुपये और 1.23 Kg सोने से पूजा कर रहा था ब्रोकर, भगवान ने तो नहीं पर आयकर विभाग ने देख लिया

बेंगलुरु के रहने वाले रियल एस्टेट ब्रोकर, के. सूर्यनारायण ने घर पर ऐसी पूजा कराई कि वो भगवान की नज़रों में तो नहीं, पर आयकर विभाग की नज़रों में आ गए. इस ब्रोकर ने घर पर वरलक्ष्मी पूजा कराई थी, जिसके चढ़ावे मे इन्होंने लाखों रुपये और सोने के कलश चढ़ाए थे. जनाब की किस्मत के तारे तब गर्दिश में आ गए जब इन्होंने ये तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. देखते ही देखते भगवान और उनके चढ़ावे के दर्शन हज़ारो लोगो ने कर लिए और उन पर सवाल उठाने लगे.

इस पर सूर्यनारायण का कहना है कि ये कमाई उनकी मेहनत की है. उन्होंने बताया कि इस साल उन्होंने 13 लाख का टैक्स भरा है और उनकी कुल संपत्ति 15 करोड़ की है. सूर्यनारायण का कहना है कि उन्होंने बैंक से 88 लाख रुपये निकाले थे, 1.23 किलो सोने से मंदिर सजाया था.



सोशल मीडिया पर लोग इस पर विश्वास नहीं कर रहे और इनकी संपत्ति की जांच की मांग कर रहे हैं. सूर्यनारायण का कहना है कि वो एक आॅटो ड्राइवर के बेटे हैं और ये सब उनकी मेहनत की कमाई है. उन्हें अफ़सोस है कि ये तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसके बाद लोग उन्हें ग़लत समझ रहे हैं. 


Source- Indiatoday

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विकास बराला को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी ने दिया बड़ा बयान, विकास ने दी थी ऐसी धमकी जिसे सुनकर…

Chandigarh/ IAS की बेटी वर्णिका कुंडू की गाड़ी का पीछा करने और छेड़छाड़ के आरोपी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास और उसके दोस्त आशीष को जब कोर्ट में पेश किया गया तो दोनों की हालत ख़राब थी. दोनों डरे और सहमे हुए थे. वहां मौजूद लोगों का कहना है कि विकास और उसका दोस्त डर के कारण कांप रहे थे गुरूवार को इन दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था. इन दोनों से पूछताछ हुई और उसके बाद इन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में डाल दिया गया.



जिन पुलिसवालों ने आशीष और विकास को दबोचा उन्होंने दिया बयान 

इस घटना को लेकर उन पुलिसवालों ने जिन्होंने विकास और आशीष को मौका-ए-वारदात से दबोचा था ने कई बड़े खुलासे किये हैं. पुलिसवालों ने बताया कि जब विकास और आशीष को पकड़कर ले जाने लगे तो  इन रईसजादों ने उन्हें केवल धमकाया ही नहीं पिता की पावर का रौब भी दिखाया और इसके बाद इन्होंने पुलिसवालों को वर्दी तक उतरवाने की धमकी दे डाली.



मौका-ए-वारदात पर तैनात हेडकांस्टेबल सतीश कुमार व उनके साथ मौजूद वालंटियर बैसाखी ने बताया कि वो रात को एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे. रात को करीब 12:33 पर कंट्रोल रूम से उनको सूचना मिली कि एक युवती को मदद चाहिए जो हाउसिंग बोर्ड की तरफ जा रही है. उनको बताया गया कि 2 लड़के उस लड़की का पीछा कर रहे हैं और छेड़छाड़ व किडनैप करने की कोशिश कर रहे हैं.


जब मिली थी लड़की का पीछा करने की सूचना 

ये सूचना मिलने के तुरंत बाद उन्हें ये भी बताया गया कि युवक भी हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट की ओर ही आ रहे हैं. ये जानकारी मिलते ही दोनों PCR कर्मी उसी समय हाउसिंग बोर्ड चौक पर पहुंच गए और PCR वैन को साइड में लगा दी. इसके थोड़ी देर बाद ही उन्हें तेज रफ्तार से एक सफ़ेद रंग की कार सामने से आती दिखी.


नंबर प्लेट देखते ही पुलिसकर्मियों ने तत्काल विकास की गाड़ी रुकवा दी. गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर आशीष बैठा हुआ था. ड्राइविंग सीट की तरफ से खुली विंडो से हाथ डालकर PCR कर्मियों ने चाबी निकाल ली.


पुलिस घटनाक्रम को री-क्रिएट करने की कर रही है कोशिश 

इस मामले पर नज़र बनाए हुए लोगों का मानना है कि अब पुलिस का पूरा ध्यान घटनाक्रम को री-क्रिएट करके नए सबूत जुटाने में है. सूत्रों की माने तो, इन आरोपियों को थाने में जो VVIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा था वो भी अब बंद हो गया है. पुलिस ने इन आरोपियों को फ्लैग लगी गाड़ी के साथ थाने के अन्दर तो आने दिया था लेकिन अब आरोपियों को इधर-उधर ले जाने में पुलिस की गाड़ी को इस्तेमाल किया जा रहा है.


IAS की बेटी से छेड़छाड़ के मामले में रोज कोई न कोई मोड़ आ रहा है. पुलिस इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरे प्रयास कर रही है. पुलिस ने आरोपियों से कई सवाल पूछे जिनके उत्तर सुनकर आप भी शर्मिंदा महसूस करेंगे. आपको बता दें कि सेक्टर 26 के थाने में आशीष कुमार और विकास बराला से जो पूछताछ हुई उसमें इन दोनों ने सीनियर IAS की बेटी वर्णिका कुंडू के आरोपों को नकार दिया था.

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