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पीएम मोदी को लिखी इस चिट्ठी से मचा योगी सरकार में हडकंप, अधिकारियों को दिए गये निर्देश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते है. लोगो की चिट्ठियों का जवाब भी देते है. कई बार कई बच्चो ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर अपनी अपनी समस्याओं से अवगत कराते है और प्रधानमंत्री कार्यालय से इन चिट्ठियों का जवाब भी दिया जाता है. इसी तरह सराहनपुर की रहने वाली 6 साल की बच्ची ने जब अपनी समस्या को लेकर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी उसके बाद जो हुआ उसकी कल्पना बच्ची ने भी नही की होगी. बच्ची की चिट्ठी इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.

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दरअसल सराहनपुर की रहने वाली एक 6 साल की बच्ची ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी कि उसके पिता एक एक्सीडेंट के कारण पिछले साल से कोमा में चले गये है. उसके घर में अब पिता के इलाज के लिया क्या खाने तक के लिए कुछ नही बचा है. 6 साल की बच्ची ईशु ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पिता के इलाज के लिए मदद के लिए गुहार लगायी. ईशु के पिता अरुण कुमार का एक साल पहले एक्सीडेंट हो गया था तब से वो कोमा में हैं.

बच्ची के पत्र लिखने के बाद प्रदेश केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरहानपुर के जिलाअधिकारी को अरुण कुमार का इलाज कराने का आदेश दिए हैं.गंगोह ब्लाक के अलीपुरा निवासी अरुण फोटोग्राफर का काम करते थे. करीब एक साल पहले जब वो फोटोग्राफी करके वापस लौट रहे थे तो उनकी बाइक को ट्रेक्टर ने टक्कर मार दी थी जिसमें अरुण बुरी तरह घायल हो गये थे उसके बाद वो कोमा में  चले गये थे.

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CM Office, GoUP @CMOfficeUP

 श्री  ने जिलाधिकारी सहारनपुर को श्री अरुण कुमार के उपचार की अविलम्ब व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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एक साल से इलाज करवा रहे परिवार की सारी जमा पूंजी ख़त्म हो चुकी हैं. पैसा ख़त्म होने के बाद अरुण को परिवार घर ले आया. बच्ची ने पड़ोस की टीवी में प्रधानमंत्री को सुन रही थी वहीँ उसके मन में विचार आया और उसने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर मोदी जी से गुहार लगाई जिसके बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई और जिलाधिकारी को तत्काल अरुण के इलाज के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं.

 

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अगर आपकी दवाई पर भी है ये निशान तो संभल जाएँ, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ ने ज़ारी किया है ये सन्देश !

आज के जीवन में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो दवाई ना लेता हो, अंतर सिर्फ इतना है कि कुछ लोग डॉक्टर की सलाह से दवाई लेते हैं तो कुछ लोग बिना किसी से पूछे यानी अपनी डॉक्टरी के अनुसार दवाई ले लेते हैं. अब हम आपको एक ऐसी खबर बताने वाले हैं जिसे पढ़ने के बाद आप कोई भी दवाई लेने से पहले दस बार सोचेंगे.

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दरअसल मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ ने खुद एक ट्वीट करते हुए ये कहा है कि अगर आप वो दवाई जिनके पीछे लाल लकीर है उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के लेते हैं तो सावधान हो जाएँ. ऐसी दवाई डॉक्टर से बिना पूछें ना लें.

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आपको बता दें लाल निशान का मतलब है कि आपको दवाई डॉक्टर से ही पूछकर लेनी है और कोर्स पूरा करना है.

 

 

तो आपको हम भी यही सलाह देते हैं कि किसी भी दवाई को बिना डॉक्टर की सलाह के ना लें.

क्या आप जानते है दवाई के पत्ते पर क्यों होती है खाली जगह ?

क्या आप लोग जानते है कि दवाई के पत्तों में खाली जगह क्यों होती हैं ? वो गोली के आकार की खाली जगहें जिसमे दवाइयां नहीं होती.

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आप को भी लगता होगा की जब इसमें दवाइयां नहीं होती तो इन खाली जगह को बनाते क्यों हैं l आईये आपको इसके बारे में कुछ जानकारियां देते हैं l

यह खाली स्पेसेस गोलियों के साथ जुड़े होते हैं, इनकी मदद से दवाइयां आपस में नहीं मिलती और केमिकल दुश्र्प्रभाव होने से बचता हैं l

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यह दवाइयों को बचाए रखने के लिए होते हैं l दवाइयों को लाने में और ले जानें में कोई नुक्सान ना हो इसलिए भी यह खाली जगहें बनी होती हैं l  यह दवाइयों के लिए Cushioning effect की तरह हैं इससे दवाइयां ख़राब नहीं होती हैं l

 

ऐसे में पत्ते के पीछे प्रिंट की जाने वाली ( तारीख, एक्सपायरी ) आदि को छापने के लिए जगह की ज़रूरत होती हैं इसलिए खाली जगहें बनाईं जाती हैं l

इसके अलावा दवाइयों के पत्तों को काटते समय दवाई को नुक्सान से बचाने के लिए और सही डोज दिखाने के लिए यह खाली जगहें बनाईं जाती हैं l

अब आपको दुबारा दवाई के पत्तों में खाली जगहें को देखकर फिर से यह नहीं सोचना पड़ेगा की यह खाली जगहें क्यों होती हैं l

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देश के सबसे फ़िट आईपीएस ऑफ़िसर, सचिन अतुलकर

पुलिसकर्मियों में फ़िटनेस एक समस्या है. घड़े के पेट जैसे कई पुलिसकर्मी आपने भी देखे होंगे. लेकिन एक पुलिसकर्मी ऐसा भी है जो बड़े-बड़े बॉलीवुड स्टार्स को भी टक्कर दे सकता है. ये पुलिसकर्मी न सिर्फ़ फ़िट हैं, पर इनके गुड लुक्स भी किसी भी बॉलीवुड हीरो को देती है. हम बात कर रहे हैं सचिन अतुलकर की, जिन्होंने पहले ही Attempt में सिविल सर्विसेज़ की परिक्षा उत्तीर्ण कर ली थी.


आम लोगों के लिए Gym जाना या योग करना ज़्यादा एहमियत नहीं रखता, पर पुलिसकर्मियों और सीमा सुरक्षा पर तैनात जवानों के लिए फ़िट रहना बहुत ज़रूरी है. एक IPS अधिकारी बनने के लिए भी फ़िटनेस बहुत ज़रूरी है. अगर आप फ़िट नहीं हुए तो आईपीएस अधिकारी बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता.

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सचिन ने स्पोर्टस में भी कई मेडल्स हासिल किए हैं. अपने व्यस्त दिनचर्या में वे फ़िटनेस पर भी ख़ास ध्यान देते हैं.

गौरतलब है कि सचिन पर, अपहरण के आरोपी 3 दलितों पर 3rd डिग्री टॉर्चर का प्रयोग करने के लिए Show-Cause Notice दिया गया था. उस समय वे मध्य प्रदेश के सागर ज़िले के एसपी थे.

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वर्तमान में सचिन, उज्जैन के एसपी के पद पर कार्यरत हैं. जो विद्यार्थी आईपीएस बनने का सपना देख रहे हैं उन्हें सचिन से प्रेरणा लेनी चाहिए.


Image Source: Facebook

Article Source: Unite for India

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पाकिस्तानी लड़की ने एक पल में खोल दी पाकिस्तान और चीन की झूठी दोस्ती की पोल और बताया…

अब ये बात जग जाहिर है कि भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज  हर वक्त लोगों की मदद के लिए तैयार रहती हैं, चाहे वो लोग भारतीय हों या पाकिस्तानी. पिछले कुछ दिनों में कई पाकिस्तानी लोगों ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करके मदद मांगी थी और सुषमा स्वराज ने बिना कुछ सोचे समय रहते सबकी मदद की है.  हाल ही में एक बार फिर एक ऐसा मामला सामने आया है जब एक पाकिस्तान महिला ने सुषमा स्वराज से ट्वीट करके एक पाकिस्तानी लड़की ने इलाज के लिए भारत आने का वीजा मांगा जिसके जवाब में एक शख्स ने कहा कि चीन चले जाओ, वो तो तुम्हारे दोस्त हैं ना. जिसके बाद…

पाकिस्तानी महिला ने ट्वीट करके मांगी मदद..

दरअसल पाकिस्तान की एक लड़की जो इस वक़्त कैंसर से जूझ रही पाकिस्तानी छात्रा फाइजा तनवीर ने भारत आने की गुहार लगायी. फाइजा ने अपने ट्वीटर पर लिखा कि, “सियासतदानों के निकट होंगे तो होंगे चीनी, अवाम को तो हिंदुस्तानी अपने अपने लगते हैं.”

मुंह के कैंसर से जूझ रही पाकिस्तानी लड़की फाइज़ा

जिसपर एक शख्स ने ट्वीट करके फाइजा को सलाह दी  कि जब भारत उसे वीजा नहीं दे रहा तो वह अपने इलाज के लिए चीन क्यों नहीं चली जाती? चीन तो पाकिस्तान का दोस्त देश है ना?

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Faiza Tanveer @FaizaTanveer8

@SushmaSwaraj please maa meri help krain 00923355255999

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ऐसे में फाइजा ने जवाब में लिखा कि, “आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीनियों से हमारा कुछ नहीं मिलता है.  ना हमारी भाषा एक है, ना हमारे रीति रिवाज. लेकिन बात करें अगर हिंदुस्तानियों की बोली भाषा से लेकर, उनकी शक्लें भी हमारे जैसी हैं. हिंदुस्तान में रिश्तेदारियां हैं, शादियों ब्याहों में आना जाना है. दोनों मुल्कों में रोटी बेटी के रिश्ते हैं.

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ख़बरों के मुताबिक लाहौर की 25 साला फाइजा तनवीर को जबड़े का कैंसर है. ऐसे में फाइज़ा अपना इलाज करने के लिए भारत आना चाहती है पर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण बने रिश्ते के चलते उसे वीजा फिलहाल नही मिल पा रहा है. बताया जा रहा है कि फाइजा ने सोशल मीडिया से फोन नंबर ढूंढकर भारत में अनेक पत्रकारों व राजनीतिज्ञों को वीडियो क्लिप भेजें हैं तथा उसने भारत आने के लिए मेडिकल वीजा दिलाए जाने के लिए मदद मांगी है.

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पाकिस्तानी विदेश मंत्री सरताज द्वारा अपनी ही एक नागरिक के लिए पत्र लिखने में हिचकने पर फाइजा ने लिखा कि पाकिस्तान दी रियाया चों इक बंदी घट्ट वी हो जाएगी तां सरताज अजीज साब नूं कोई फरक नहीं पैंदा. फाइजा ने निराश लफ्जों में कहा कि वे तो पाकिस्तान की रहने वाली हैं. अजीज साहब उसकी हालत पर रहम नहीं कर रहे.

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कुलभूषण मसले पर फाइज़ा ने कहा कि

वहीँ सवाल जब पाकिस्तान की जेल में कैद कुलभूषण जाधव की मां के वीजे को लेकर उठा तो फाइजा ने कहा कि कुलभूषण जाधव का मामला एक राजनीतिक मामला है. ऐसे में उन्हें इसकी कोई ज्यादा समझ नहीं है. हाँ लेकिन उन्हें इतना पता है कि एक मां अगर अपने बेटे से मिलने आना चाहती है तो उसे आने देना चाहिए.

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POK के नागरिक ने मांगी इजाज़त तो सुषमा स्वराज ने कहा, इजाज़त की जरुरत नहीं इलाका..

भारत ने बहुत कोशिश की पाकिस्तान के साथ दोस्ती करने की लेकिन पाकिस्तान ने भारत को हर बार धोखा ही दिया. जब भारत ने उससे रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की तब-तब उसने भारत पर जंग थोप दी. हालांकि हर बार उसे मुंह की खानी पड़ी लेकिन अगर वो इस तरह के मुर्खतापूर्ण कदम नहीं उठाता तो कई सैनिकों की जानें नहीं जाती. उसकी नापाक हरकतों की वजह से न केवल भारत बल्कि पाकिस्तान के लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी.

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कश्मीर मुद्दे पर सुषमा ने दिया बयान 

पाकिस्तान बनने के बाद से ही वहां के हुक्मरानों ने कश्मीर का मुद्दा उछालना शुरू कर दिया. कश्मीर में घुसपैठ भी करवाई और कश्मीर के एक हिस्से पर जबरन अपना अधिकार जमाने लगा. इसके बाद भी उसकी लालसा कम नहीं हुई पाकिस्तान आज तक भी भारत के कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के लोगों को मुर्ख बनाता है और उनकी भावनाओं के साथ खेलता है. अब भारत भी पाकिस्तान के रवैये को लेकर आक्रामक रुख अपनाने लगा है, अब भारत ने पाकिस्तान को बड़े भाई की तरह समझाना बंद कर दिया है. अब भारत भी खुलकर अपने हिस्सों को लेकर बात कर रहा है. इसका ही एक नज़ारा हाल ही में देखने को मिला.

दरअसल भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के निवासी को भारत के मेडिकल वीज़ा के लिए सरताज अजीज की चिट्ठी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. सुषमा ने ट्वीट के जरिये ये बात रखी. उन्होंने लिखा POK के व्यक्ति को भारत आने के लिए अनुमति होगी, क्योंकि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

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ओसामा अली जो कि पाक अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में रहते हैं ने अपना इलाज़ दिल्ली में करवाने के लिए अनुमति मांगी. जिसके बाद सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर के कहा कि POK भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान ने गैरकानूनी तरीके से इस पर कब्जा किया है. हम उसे वीज़ा दे रहे हैं और किसी प्रकार की चिट्ठी की जरुरत नहीं है. अली के परिवार की तरफ से सिफारिश की गई थी कि मेडिकल वीज़ा के लिए सरताज़ अजीज की सिफारिशी चिट्ठी की अनिवार्यता खत्म की जाए.

 

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पाकिस्तान की बोलती बंद करने के लिए भारत अपना रहा है कड़ा रुख

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही सुषमा स्वराज ने कहा था कि अजीज ने उनके निजी खत पर कोई संज्ञान नहीं लिया, जिसमें उनके द्वारा कुलभूषण जाधव की मां के लिए पाकिस्तानी वीजा देने की बात कही गई थी. इसके बाद सुषमा स्वराज ने अपनी नाराजगी भी ज़ाहिर की थी.

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भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत लम्बे समय से कश्मीर को लेकर विवाद है. ये बात तो स्पष्ट है कि कश्मीर भारत का ही हिस्सा है और पाकिस्तान उसपर अपना झूठा दावा जताता है. भारत अब तक तो पाकिस्तान को अपना हमशाया समझकर माफ़ कर देता था लेकिन अब पाकिस्तान ने भारत के सब्र के सारे बाँध तोड़ दिए हैं, इसलिए भारत भी अब खुलकर उसके खिलाफ़ आ गया है. पाकिस्तान की बोलती बंद करने के लिए भारत अब आक्रामक रुख अपनाने लगा है. पाकिस्तान आए दिन सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और भारत भी उसको मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. सुषमा स्वराज के ट्वीट से साफ़ जाहिर हो जाता है कि अब भारत पाकिस्तान को चालाकी करने का कोई मौका नहीं देगा.

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WORLD HEPATITIS DAY – हर साल मरते है करीब 6 लाख लोग…!

भारत में वायरल हेपेटाइटिस सेहत के लिए एक चुनौती बन गया है, जिसमें हेपेटाइटिस-बी सबसे ज्यादा फैलने वाली बीमारी है। भारत के लोगों में तीन से पांच फीसदी लोग हेपेटाइटिस-बी की बीमारी से लड़ रहे है। दुनिया में हर साल 28 जुलाई को मनाए जाने वाला ‘वर्ल्ड हेपेटाइटिस-डे’ का इस बार का मेन टॉपिक ‘एलिमिनेट हेपेटाइटिस’ यानी हेपेटाइटिस को खत्म करना रखा गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जानकारी सामने आयी है कि भारत जैसे देश में हेपेटाइटिस-सी की बीमारी अब महामारी का रुप ले सकती है। WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) का मानना है देश में हेपेटाइटिस-सी से करीब सवा करोड़ लोग बीमार है, लेकिन इस बीमारी में सबसे बड़ी जो परेशानी है वो ये है कि इस बीमारी में लंबे समय तक बीमारी के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते जिससे मरीज के अंदर वायरस होने के बाद भी इसका पता नहीं चल पाता। जब तक बीमारी पता लगती है तब काफी देर हो जाती है। क्योंकि तब तक इंसान का लीवर खराब हो चुका होता है। अगर हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित मरीज का खून किसी स्वस्थ इंसान के शरीर में चढ़ाया जाए तो इससे भी यह बीमारी फैलती है। साथ ही नशेड़ियों में एक ही सीरिंज के इस्तेमाल और कुछ लोगों में असुरक्षित यौन संबंध बनाने से भी हेपेटाइटिस-सी फैलता है।

सबसे बड़ी बात ये है कि हेपेटाइटिस-सी सबसे ज्यादा उन लोगों में पाया जा रहा है, जिन्हें एचआईवी की बीमारी है। इसके बावजूद देश में इस बीमारी से जूझ रहे लोगों की पहचान के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से बातचीत के दौरान उन्हें कुछ सवाल भेजे गए जिनका सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे हर साल इस मकसद से मनाया जाता है कि लोगों को इस बीमारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरुक किया जा सके। बताया जा सके कि कैसे हेपेटाइटिस को रोका जा सकता है, कैसे इसका इलाज किया जा सकता है। हेपेटाइटिस एक ऐसी फैलने वाली बीमारियों का समूह है जिसे हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई के नाम से जाना जाता है।

हेपेटाइटिस के लक्षण

डॉ मोनिका जैन ने बताती है, ‘भारत उन 11 देशों में से एक है, जो पूरी दुनिया में मौजूद हेपेटाइटिस के मरीजों का करीब 50 फीसदी बोझ उठा रहे है। भारत में हेपेटाइटिस फैलने की असल वजह मां से बच्चे में वायरस का पहुंचना है। इस बीमारी के सबसे आम लक्षणों में स्किन या आंखों के सफेद हिस्से का पीला पड़ जाना, भूख न लगना, उल्टी का आना, बुखार और थकान जो हफ्तों भर या महीनों तक शरीर में रहती है। ऐसे समय पर किसी स्पेशल डॉक्टर के पास तुरंत जाना चाहिए क्योंकि इस बीमारी में आपकी जरा सी लापरवाही आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

ध्यान रखने वाली बातें

मॉनसून के समय यह बीमारी अधिक फैलती है, इसलिए इस मौसम में तैलीय, मसालेदार, मांसाहारी और भारी खाने-पीने की चीजों से परहेज करना चाहिए। पॉलिश किए हुए सफेद चावल, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, केक, पेस्ट्रीज, चॉकलेट्स, एल्कोहोलिक पेय पदार्थ से दूरी बनानी चाहिए और इनकी जगह पर शाकाहारी खाना जैसे ब्राउन राइस, हरी पत्तेदार सब्जियां, पपीता, खीरा, सलाद, नारियल पानी, टमाटर, पालक, आंवला, अंगूर, मूली, नींबू, सूखे खजूर, किशमिश, बादाम और इलायची का भरपूर सेवन करना चाहिए।’

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इस फ़ोटोग्राफ़र को 20 साल का लड़का समझ कर दिल देने की ग़लती मत करिएगा, इनकी असली उम्र 50 साल है

कुछ लोगों को देखकर ऐसा लगता है कि मानों उनकी बढ़ती उम्र थम सी गई है. ऐसे लोग जब हमारी नज़रों के सामने होते हैं, तो मन में एक ही सवाल आता है कि यार ये ख़ुद को इतना Maintain कैसे रखते हैं. इतना ही नहीं, कुछ लोग 50 की उम्र के होकर भी 20 साल के दिखते हैं. इसका जीता-जागता सबूत है, सिंगापुर के फ़ोटोग्राफ़र Chuando Tan.

इंस्टाग्राम पर Chuando Tan के 160K फ़ॉलोअर्स हैं. Chuando को देखकर आप उनकी असली उम्र का अंदाज़ा नहीं लगा सकते. Chuando की असली उम्र 50 साल हैं, लेकिन वो देखने में बिल्कुल 20 साल के लड़के की तरह दिखते हैं. 50 साल के इस शख़्स को देखकर कोई भी लड़की अपना दिल दे बैठेगी.

सभी की तरह आपके मन में भी ये ख़्याल आ रहा होगा कि भाई ये कैसे संभव है, तो हम आपको बताते हैं क्या है Chuando की इस फ़िटनेस का राज़. Chuando सुबह जल्दी और रात में देर से नहाना Avoid करते हैं. वो रोज़ाना Hainan चिकन खाते हैं. Chuando हर हफ़्ते के कई घंटे जिम में ही बिताते हैं. Chuando की एक ख़ास बात और है कि सामने वाला शख़्स उनसे कितना ही अच्छा क्यों न हो, वो कभी किसी से ईर्ष्या नहीं करते.

1. इस फ़ोटो को देखकर कौन य़कीन करेगा कि ये शख़्स 50 साल का है.


2. देखा लग रहा है न 20 साल का लड़का!


3. Chuando की बढ़ती उम्र मानों थम सी गई है.


4. Chuando 80s और 90s में सिंगापुर के पॉपलुर मॉडल भी रह चुके हैं.


5. फ़ोटोग्राफ़र बनने से पहले Chuando सिगिंग भी कर चुके हैं.


6. OMG! चेहरे की चमक तो देखो.


7. क्या बात है.


8. कैसे कर लेते हो भाई!


9. असल में ऐसे हैं महाशय.


10. लगे रहो.


11. आपके फ़िटनेस की जितनी तारीफ़ हो, कम है.


12. लोगों को आपसे कुछ सीखना चाहिए.


13. आपको देखकर लगता है, ख़ुदा आप पर कुछ ज़्यादा ही मेहरबान है. 


 

Source : boredpanda

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बिना जिम जाये ही मिलिंद सोमन ने कैसे हासिल की ग़ज़ब की फ़िटनेस

मिलिंद सोमन उन कलाकरों में से एक हैं, जो उम्र के 50वें पड़ाव पर होने के बावजूद बिलकुल फ़िट दिखाई देते हैं. आज जब उनके कई हम उम्र स्टार फ़िल्म और टीवी सीरियल चाचा और बड़े भाई का किरदार निभाते हुए दिखाई हैं. वहीं मिलिंद सोमन नंगे पांव धूप में दौड़ते हुए दिखाई देते हैं.


9 की उम्र में मिलिंद नेशनल स्विमिंग के चैंपियन बन चुके थे, 23 साल की उम्र तक वो लगातार स्विमिंग से जुड़े रहे, पर 23 साल की उम्र उन्होंने हर तरह के स्पोर्ट्स से दूरी बना ली और 38 साल की उम्र तक इससे दूरी बनाये रखी. इसके बावजूद उनकी फ़िटनेस में कोई कमी नहीं आई. हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए गए अपने इंटरव्यू में मिलिंद ने अपनी फ़िटनेस संबंधी कुछ ऐसे ही राज दुनिया के सामने रखे.


इस इंटरव्यू में मिलिंद ने बताया कि वो अपनी ज़िंदगी में कभी जिम नहीं गए. मिलिंद के मुताबिक, जिम सिर्फ़ वो लोग जाते हैं, जिन्हें बॉडी-बिल्डिंग का शौक है. फ़िटनेस के लिए शायद ही कोई जिम जाता है. मिलिंद रात 10:30 तक सो जाते हैं और सुबह 5 बजे तक अपना बिस्तर छोड़ देते हैं और जब भी वक़्त मिलता है दौड़ने के लिए निकल जाते हैं.

इसके अलावा मिलिंद अपने खाने को ले कर सजग रहते हैं. वो मीठे में सिर्फ़ शहद लेते हैं. इसके अलावा वो पैक्ड फ़ूड से हमेशा दूर रहते हैं.

सिर्फ़ मिलिंद ही नहीं, बल्कि उनकी माता जी भी फ़िटनेस की काफ़ी शौक़ीन रही हैं, जो कभी उनकी तरह ही उनके साथ दौड़ती हुई दिखाई देती हैं. हाल ही में मिलिंद की माता जी अपनी फ़िटनेस से एक बार फिर इंटरनेट सेंसेशन बन गईं. दरअसल, उन्होंने लगातार 80 सेकंड तक खुद को एक ही मुद्रा में रखा, जिसकी लोगों ने काफ़ी तारीफ़ की थी.

 

 

Source: HT

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अब ब्रश के लिए मेहनत नहीं करनी होगी, इस आॅटोमैटिक टूथब्रश ‘Amabrush’ से 10 सेकंड में चमकेंगे दांत

वो वक़्त शायद लद जाए जब हम टूथपेस्ट में नमक के लिए परेशान रहते थे. जल्द ही दुनिया को एक आधुनिक टूथब्रश मिलने वाला है, जिसमें पेस्ट नहीं लगता, न ही इसके लिए आपको अपने हाथों को ज़ोर देना पड़ेगा. 'Amabrush' नाम का ये टूथब्रश, जो मात्र 10 सेकंड में आपके सारे दांत साफ़ कर देगा.


ये देखने में नकली दांत जैसा है, जो आसानी से आपके दांतों में फ़िट हो जाता है. इसके बाद इसमें लगे बटन को आपको आॅन कर देना है, बाकी काम ये खु​द कर लेगा. इसके तार काफ़ी मुलायम हैं, जिससे आपके मसूड़ों को नुकसान न पहुंचे. इसमें लगा वाइब्रेटर दांतों को पूरी तरह साफ़ करता है.


इसके आविष्कारक का दावा है कि ये बैक्टीरिया-प्रतिरोधी सिलिकॉन से बना है, जो इसे आम टूथब्रश से बेहतर बनाता है. वो ये भी दावा करते हैं कि ये आपकी ज़िन्दगी के 100 दिन बचाता है.आप सोच रहे होंगे कैसे? दरअसल इस टूथब्रश को बनाने वालों को कहना है कि कोई भी व्यक्ति कम से कम दो मिनट तक अपने दांत साफ़ करता है, जबकी ये सिर्फ़ 10 सेकंड में आपके दांत पूरी तरह साफ़ कर सकता है. इसमें कोई आम टूथ पेस्ट नहीं लगता, बल्कि एक अनोखा टूथ पेस्ट कैप्सूल लगता है.



इस Amabrush की कीमत 70 पाउंड यानि करीब 5836 रुपये होगी और कैप्सूल की कीमत 2.60 पाउंड यानि करीब 270 रुपये/पैकट होगी, जो एक महीने चलेगा.


ये Amabrush दिसंबर में लॉन्च होगा. 

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OMG अगर आप भी चाहते है की शराब पीने के बाद आपके पेट में भी ऐसा छेद न हो तो ये खबर सिर्फ आपके लिए है

कहते हैं कि रेस्टोरेंट या बाहर कहीं भी कुछ नया ट्राई करने से पहले अच्छी तरह उसकी जानकारी होना बहुत ज़रूरी है, वरना लेने के देने पड़ सकते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ दिल्ली के 30 साल के एक शख़्स के साथ.

ये शख़्स गुरुग्राम के एक पब में जाता है और अपने लिए कॉकटेल ऑर्डर करता है. देखने में ये ड्रिंक काफ़ी खूबसूरत लग रही होती है और उसमें से सफ़ेद धुआं निकल रहा होता है. वो शख़्स अपने ग्लास को उठाता है और एक बार में पूरी ड्रिंक खत्म कर देता है. थोड़ी देर बाद उसके पेट में काफ़ी तेज़ दर्द शुरू होता है और सांस लेने में तकलीफ़ होने लगती है. वो गुरुग्राम के एक हॉस्पिटल पहुंचता है और उसकी हालत देख कर डॉक्टर उसकी सर्जरी करते हैं.

Source: HT

सर्जरी के दौरान डॉक्टर्स ने जो देखा उससे उनके होश उड़ गए. डॉक्टर्स ने बताया कि उन शख़्स पेट में एक बड़ा छेद हो गया था. लेकिन सवाल ये था कि ऐसा क्या था उस ड्रिंक में जो उस शख़्स के पेट का ये हाल हुआ.

दरअसल जो कॉकटेल उस शख़्स ने ऑर्डर की थी, उसे सजाने के लिए लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है और इसकी वजह से उठ रहे धुंए के खत्म हो जाने के बाद इसे पीया जाता है. लेकिन शख़्स ने बिना इसकी परवाह किए वो ड्रिंक एक बार में पी ली.

Source: india

नाइट्रोजन का इस्तेमाल अक्सर तेज़ी से ड्रिंक्स को ठंडा करने के लिए किया जाता है. ये शरीर को काफ़ी ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकती है. इस शख़्स के साथ जो हुआ वो इसके ख़तरनाक होने का प्रमाण है.

डॉक्टर्स ने उसे तीन दिन अपनी देख-रेख में रखा है. तीन दिन बाद शख़्स की तबीयत और उसके शरीर की हालत देखने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.

Source: HT

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WWE में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला बन गयी हैं, हरियाणा की कविता देवी

WWE विश्व भर में प्रसिद्ध है, भारत में भी इसे लेकर काफ़ी क्रेज़ है. वो बात और है कि इसमें भारतीयों के नाम ज़्यादा सुनने को नहीं मिलते. अब तक ग्रेट खली और जिंदर महल जैसे चंद खिलाड़ी ही यहां तक पहुंच पाए हैं. अब इस लिस्ट में एक महिला का नाम भी शामिल हो गया है. हरियाणा की कविता देवी इसमें हिस्सा लेने वाली पहली महिला बन गयी हैं.

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WWE @WWEIndia

Do you think Kavita Devi aka Hard KD, known for her strength will make it all the way? @WWE  

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ग्रेट खली से Wrestling के गुर सीख चुकी कविता, Hard KD, Tessa Blanchard, Abbey Laith, Taynara Conti और Alpha Female के साथ इस इवेंट के लिए चुनी गयी हैं. इससे पहले कविता ने WWE Dubai Tryout में हिस्सा लिया था. अब वो जुलाई 13-14 को होने वाले इवेंट में हिस्सा लेने वाली हैं.

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WWE @WWEIndia

Check what Kavita Devi aka Hard KD has to say to all you members of @WWE Universe India  2017

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दक्षिण एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी कविता देवी को 'माई यंग क्लासिक' के लिये चुना गया है, जो महिलाओं का पहला WWE टूनार्मेंट है.

कविता ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं पहली बार WWE महिला टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हूं. मैं भारतीय महिलाओं को अपने प्रदर्शन से प्रेरित करने का प्रयास करूंगी और इस मंच का उपयोग देश को गौरवान्वित करने के लिये करूंगी.

हम कविता को इस सफ़लता के लिए बधाई और आने वाले टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देते हैं. 

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महिला ने कार से उतर सड़क पर किया योग. योगा-डे पर इससे अच्छा क्या हो सकता है

आए दिन हम सभी को ट्रैफ़िक जाम का सामना करना पड़ जाता है. जाम में फंसने के बाद, टाइम पास करने के लिए हम या तो म्यूज़िक का सहारा लेते हैं, या फिर किसी से फ़ोन पर बात करने लग जाते हैं. ट्रैफ़िक जाम से बचने के लिए, फ्लोरिडा की एक महिला ने जो रास्ता ढूंढ़ निकाला है, वो करना हर किसी के बस की बात नहीं.

भीषण जाम को देखते हुए, ये विदेशी महिला कार से उतरी और योग मैट बिछा, बिना ज़माने की परवाह किए हुए बीच सड़क पर योग करने में जुट गई. इंटरनेशनल योगा दिवस मनाने का इससे अच्छा तरीका और क्या हो सकता था. क्रिस्टिन जॉन्सन नाम की महिला ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं इस तरह अपने दिमाग़ से ट्रैफ़िक क्लियर कर रही हूं.' वहीं सोशल मीडिया पर क्रिस्टिन का भुजंग आसन चर्चा का विषय बना हुआ है.


क्रिस्टिन, मियामी न्यू टाइम्स में काम करती है. क्रिस्टिन बताती हैं, 'एक ट्रक के कारण सड़क पर भीषण जाम लगा हुआ था. अपने मन को शांत करने के लिए, मैनें कार की ख़िड़की से बाहर झांक कर देखा, तो नज़ारा काफ़ी शानदार था. बस फिर क्या था, मैं गाड़ी से उतरी और योग करना शुरू कर दिया.'

 

क्रिस्टिन को सड़क के बीचों-बीच योग करते देख, उनके आस-पास के लोग हैरान थे. वहीं कुछ लोग क्रिस्टिन की तस्वीर ख़ींचने में लगे हुए थे. वैसे ट्रैफ़िक जाम से बचने के लिए, ये आईडिया बुरा नहीं है.  

 

Source : indiatimes

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योग दिवस के उपल्क्ष में मैराथान का किया आयोजन

अजेयभारत.कॉम /भिवानी/गुलशन महता/जिला प्रशासन व आयुष द्वारा भिवानी के भीम स्टेडियम में आज एक मैराथान का आयोजन किया गया । इस मैराथान में स्कूली बच्चों,खिलाडिय़ों,समाज के बुद्विजीवी वर्ग व आयोजको ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया । इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त धिरेंन्द्र खडग़टा ने हरी झंडी दिखाकर मैराथान को रवाना किया ।

इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त धिरेंन्द्र खडग़टा ने कहा कि इस मैराथान का आयोजन तीसरे अन्तराष्ट्रीय योग दिवस के उपल्क्ष में किया गया है । इसका मुख्य उदेश्य् आजकल के युवाओं में योग की जागृती लाना और स्वास्थ्य व खेल को बढ़ावा देना है ।

जिला आयुर्वेद अधिकारी डा० देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी अन्तराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाएगा । यह अन्तराष्ट्रीय योग दिवस राधा स्वामी सतसंग भवन रोहतक गेट भिवानी में मनाया जाएगा । आज की मैराथान का आयोजन इसी के उपल्क्ष में किया गया है । उन्होने कहा कि समय – समय पर प्रशासन कि तरफ से उन्हे आदेश व मार्ग दर्शन मिलता रहता है । योग को जनमानस तक पहुंचाना ही उनका मुख्य उदेश्य् है ।

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दिनेश वसिष्ठ ने सेक्टर -6 के कम्युनिटी सेंटर में अंतरास्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया

अजेयभारत.कॉम /गुरुग्राम /आर डव्लू ऐ सेक्टर 5 पार्ट -3 और 4 के सहयोग से अध्यक्ष दिनेश वसिष्ठ ने सेक्टर -6 के कम्युनिटी सेंटर में अंतरास्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया,इस योग विज्ञानं शिविर में सेक्टर वासियों काफी संख्या में हिस्सा लिया,लोगो को डॉक्टर सुनील आर्य ने योग करवाया और जीवन में योग के महत्व को बताया

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तोंद कम हो जाएगी अगर नाश्‍ते में खाएंगे ये स्‍नैक

कई बार सुबह के समय आपको सबसे ज्यादा भूख परेशान करती है और ऐसे में आपको भूख के अलावा और कुछ नहीं सूझता। ऑफिस में होने पर खाना खाने के लिए आपको लंच टाइम का इंतज़ार करना ही पड़ता है। ऐसे में आप एक बार से ज्यादा लंच करने के बारे में सोच भी नहीं सकते खासतौर से जब आप वजन घटाने के लिए डाइट पर हों।

ऐसे में आप सुबह के समय वजन घटाने के लिए कोई स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक स्‍नैक्‍स ले सकते हैं। ब्रेकफास्ट से लंच के बीच घंटों का अंतराल होता है और इसी समय में सबसे ज्यादा भूख लगती है। इस समय आपको कुछ गलत खाने की बजाय हैल्दी स्नैक्स लेने चाहिए।

अब आप सोच रहे होंगें कि भला हैल्दी स्नैक्स में क्या खाया जा सकता है। तो चलिए आपकी इस मुश्किल को दूर करते हुए आज हम आपको बताते हैं कि ब्रेकफास्ट से लंच के बीच लगने वाली भूख को हैल्दी स्नैक्स से कैसे दूर किया जा सकता है।

लंच से पहले भूख लगने पर आप ओवरईटिंग कर सकते हैं जिससे सिर्फ आपका वजन ही बढ़ेगा। वहीं लंच के बाद शाम तक कुछ न खाने की स्थिति में आपको शरीर कुपोषण का शिकार हो सकता है। इसके चलते आपका शरीर उस कैलोरी को खर्च करने लगता है जो उसे बचाकर रखना चाहिए। नाश्ते और लंच के बीच में हैल्दी स्नैक खाने से आपमें भरपूर एनर्जी बनी रहती है।

इसलिए लंच से पहले अपनी भूख को शांत करने के लिए आप ये हैल्दी स्नैक्स जरूर ट्राई करें। इन स्नैक्स ये आपके वजन में भी कमी आएगी। तो चलिए फिर जानते हैं इन हैल्दी स्नैक्स के बारे में।

 
 
 1. ग्रैनोला बार्स
 

VIDEO : Weight Loss Tips | Sleep more to eat less | सो कर घटाए वज़न

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

1. ग्रैनोला बार्स

 

 

ग्रैनोला बार्स में शुगर और कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। इसमें फाइबर के सात तरह के अनाज, 6 प्रकार के प्रोटीन, पांच तरह की शुगर होती है इसलिए वजन घटाने के लिए ये परफैक्ट स्नैक है।

 

 

 

 

 
2. चीज़ और एप्पल स्लाइस

 

 

2. चीज़ और एप्पल स्लाइस

 

 

ब्रेकफास्ट और लंच के बीच हैल्दी स्नैक में चीज़ सबसे बैस्ट ऑप्शन होता है। इसमें चार तरह के फाइबर और 70 कैलोरी होती है। साथ ही सेब से आपको फाइबर भी मिलता है। अगर आप वजन घटा रहे हैं या डाइट पर हैं तो ये स्नैक आपके लिए ही बना है।

 

 

 

 

3. भुने हुए छोले

 

 

3. भुने हुए छोले

 

 

एक कटोरी भुने हुए छोलों में आठ ग्राम प्रोटीन और 6 ग्राम फाइबर होता है। आप इस स्नैक को अपनी टेबल पर रखकर आराम से खा सकते हैं।

 

 

 

 

 
4. स्ट्रॉेबेरी और ग्रीक योगर्ट

 

 

4. स्ट्रॉेबेरी और ग्रीक योगर्ट

 

 

स्ट्रॉेबेरी और ग्रीक योगर्ट आपको एनर्जी से भर देता है। इस स्नैक में 20 ग्राम प्रोटीन होता है जिससे आपका पेट जल्दी भर जाता है। वहीं स्ट्रॉबेरी से प्रचुर मात्रा में प्रोटीन मिलता है।

 

 

 

 

 
5. पिस्ता

 

 

5. पिस्ता

 

 

पिस्ता में 6 ग्राम प्रोटीन और तीन ग्राम फाइबर होता है। ये स्नैक आपकी भूख को शांत करता है। साथ ही वजन घटाने के लिए ये सबसे सही स्नैक है।

 

 

 

 

 
6. उबले अंडे और आटा ब्रेड

 

 

6. उबले अंडे और आटा ब्रेड

 

 

अगर आपको ऑफिस में बहुत ज्यादा ही भूख लगती है तो आप दो उबले अंडे और आटा ब्रेड भी खा सकते हैं। ब्रेड के साथ अंडे खाने से आपको प्रोटीन, फैट और फाइबर तीनों एकसाथ मिल जाता है।

 

 

 

 

 
7. लो फैट कॉटेज चीज़ और केला

 

 

7. लो फैट कॉटेज चीज़ और केला

 

 

कॉटेज चीज़, प्रोटीन का बेहतर स्रोत है। एक चौथाई कप में दस ग्राम कॉटेज चीज़ होती है। वहीं एक केले में दस ग्राम फाइबर होता है जिससे पेट भरा रहता है। भूख मिटाने का इससे बेहतर हैल्दी तरीका आपको कोई और मिल ही नहीं सकता है।

 

 

 

 

 
8. क्रैकर्स और बादाम का मक्खन

 

 

8. क्रैकर्स और बादाम का मक्खन

 

 

क्रैकर्स में 60 कैलोरी और तीन ग्राम फाइबर होता है। आप इसके ऊपर बादाम का मक्खन या‍नि आल्मंड बटर भी लगा सकते हैं। इससे आपको प्रोटीन और हैल्दी फैट भी मिलता है।

 

 

 

 

 
9. चिकन एंड चीज़ लैटस रैप

 

 

9. चिकन एंड चीज़ लैटस रैप

 

 

अगर आप लो फैट स्नैक खाना चाहते हैं तो आपको चिकन एंड चीज़ लैटस रैप ट्राई करना चाहिए। इसमें 12 ग्राम प्रोटीन होता है। आप इसके ऊपर थोड़े चिया के बीज भी डाल सकते हैं। इससे आपको फाइबर भी मिलेगा। ये भी बैस्ट मॉर्निंग स्नैक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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सेहतमंद होने के लिए करें इन चीजों का सेवन

अगर आप अपना पुरुषार्थ यानी की मेंनपावर बढ़ाना चाहते हैं तो आज हम आपको 5 चीज़ों के ऐसे नाम बता रहे हैं जिनके सेवन से ही आप ज्यादा शक्तिशाली महसूस करेंगे ये चीज़ें ना सिर्फ आप ऊर्जावान रहेंगे बल्कि इससे आपकी शारीरिक कमजोरियां भी दूर होंगे

केला

केला ऊर्जा का सबसे ज्यादा अच्छा स्रोत है इसके सेवन से ही आप अधिक समय तक ऊर्जावान रह सकेंगे आपको ये भी बता दे कि इसमें पोटेसियम मैग्निसियम तथा फाइबर प्रचुर ज्यादा पाया जाता है
जो शरीर को अंदर से काफी मजबूत बनता है तथा कैंसर जैसे भी गंभीर रोगों से रक्षा करता है

ग्रीन टी

यै बात तो लगभग सभी जानते ही है ग्रीन टी सेहत के लिए बहुत अधिक लाभकारी है अक्सर ही पुरुषो में अधिक सिगरेट और साथ ही शराब की लत पाई जाती है
ऐसे में लोगों को अवश्य ग्रीन टी ही पीनी चाहिए इसमें एंटी ऑक्सीडेंट भी होते हैं जो कि कैंसर सेल को खत्म कर देती है इसके अलावा भी ये मोटापे में अधिक लाभकारी है

टमाटर
टमाटर का खाने में तथा सलाद के रूप में कर सकते हैं साथ ही ये पुरुषो में प्रोस्टेट कैंसर को रोकता है टमाटर को पकाकर खाएं ये अधिक बेहतर होगा.

स्प्राउट्स
स्प्राउट्स सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी है इससे आपको सारी जरूरतमंद प्रोटीन भी मिल जाते हैं और इससे पुरुषार्थ में भी वृद्धि होती
बादाम
रोजाना ४-५ बादाम का सेवन करने, और इन्हे दूध के साथ लें तो बेहतर ही होगा ये एंटी एजिंग होता है तथा शरीर को भी जरुरी पोषक तत्वों की पूर्ति करता है

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रोज शाम को जलाते हैं घर में अगरबत्ती, तो जान लीजिए इसके नुकसान


अगर आप भी अपने पूजा घर में अक्सर अगरबत्ती का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। जी हां शायद ही आपको पता होगा कि भगवान को खुश करने के लिए जलाई जाने वाली ये अगरबत्ती हमारी सेहत के लिए बेहद हानिकारक होती है।

 

आइए जानते हैं अगरबत्ती से होने वाले कुछ ऐसे नुकसान ।  

अगरबत्ती से सांस का संक्रमण होता है
हाल में हुए एक शोध में कहा गया है कि घरों में जलाई जाने वाली अगरबत्ती स्वास्थ्य के लिहाज से आपके लिए बेहद खतरनाक होती है। अगरबत्ती जलाने से हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड फैलती है। जिसकी वजह से फेफड़ों में सूजन और सांस सबंधी कई दिक्कतें हो सकती हैं। ये धुआं धूम्रपान के समय फेफड़ों में जाने वाले धुएं की तरह ही होता है।

त्वचा की एलर्जी 
लंबे समय तक अगरबत्तियों का उपयोग करने से आंखों और त्वचा की एलर्जी हो जाती है। इसको जलाने से इसमें से निकलने वाला धुआं आंखों में जलन पैदा करता है। इसके अलावा संवेदनशील त्वचा वाले लोग जब इस धुएं के संपर्क में आते हैं तो उन्हें खुजली महसूस होने लगती है।

मस्तिष्क के रोग
नियमित तौर पर अगरबत्ती का उपयोग करने से सिरदर्द, ध्यान केंद्रित करने में समस्या होना और विस्मृति आदि कई समस्याएं होती है।

गले का  कैंसर ​
अगरबत्ती का उपयोग करने से गले का  कैंसर भी हो सकता है। अगरबत्ती के धुएं से ऊपरी श्वास नलिका का कैंसर होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

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8 Tips How Lose Fat without Losing Muscle

To understand why and how this is possible and (more importantly) how to prevent it from happening, you first need to understand an important fact…

Weight Loss vs Fat Loss: It’s NOT The Same Thing!

People often say they want to lose weight. This is sort of a dumb statement, because “weight” can be a few different things. For example… water, glycogen, muscle or fat. Hell, you can cut off a leg and you’ll lose “weight” just fine.

In reality however, what most of us want to lose is fat, NOT muscle.

Now, despite some of the crazy things you may have heard before about how to lose fat, the truth is that there is just one major requirement… a caloric deficit.

As I’ve explained 1000 times before a caloric deficit is what happens when you consume less calories than your body needs to burn for energy performing all of the tasks it needs to perform over the course of the day (move, breathe, pump blood, digest food, etc.).

When that caloric deficit is present, your body is forced to find some alternative source of energy on your body to burn instead. Ideally, this would ONLY be your ugly stored body fat. However, it can also be your pretty lean muscle tissue.

Sure, you might want your body to just burn body fat and not muscle, but your body doesn’t really care about what you want. It just knows that in order for it to survive and function under the current conditions, it will need to pull stored energy from somewhere. And that can mean fat, muscle or a combination of both.

Your mission, should you choose to accept it, is to do everything you can to improve the fat:muscle loss ratio as much as possible and basically signal your body to maintain ALL of your muscle and ONLY burn body fat. But the question is… how? I thought you’d never ask.

 

1. Eat Enough Protein

A sufficient daily protein intake is the single most important dietary requirement for maintaining muscle. It’s not meal timing, or supplements, or the exact size of your caloric deficit, or the quality of the foods you eat (more on that nonsense later), or anything else diet related.

Nutritionally speaking, losing fat without losing muscle is all about eating enough protein every day. Numerous studies have proven this to be true. Even in the absence of a proper weight training routine, more of the weight you lose will be body fat rather than muscle mass just as a result of an increased protein intake.

So, the first step of any muscle-preserving diet is always getting your ideal amount of protein for the day. Just what is “ideal?” Well, the good old “1 gram of protein per pound of body weight” recommendation still remains a perfectly fine starting point for most people with this goal in mind.

2. Maintain Strength/Intensity/Weight On The Bar

And now here is the single most important training requirement for anyone who wants to lose fat without losing muscle. Simply put, the primary training stimulus required for maintaining muscle is maintaining your current levels of strength.

You know how gradually getting stronger (aka the progressive overload principle) is what signals your body to begin the muscle building process? Well, on a fat loss diet, just maintaining your current levels of strength (aka intensity, aka the weight on the bar) is what now signals your body to maintain muscle.

If that signal goes away, your body’s need to keep your pretty muscle tissue around goes away right along with it.

That’s why the insanely stupid myth of lifting heavier weights to build muscle but then lifting lighter weights (for higher reps) when you want to lose fat, get lean and get toned is the absolute WORST thing you could possibly believe when you’re trying to avoid losing muscle. In reality, you lift heavy weight to build muscle, and then lift that same heavy weight if you want to actually maintain that muscle.

If you start purposely lifting lighter weights while in a caloric deficit, your body essentially thinks: “Hmmm, it looks like we only need to lift lighter weights now. I guess all of that muscle I built for the purpose of being able to lift heavy weight is no longer needed. Time to start burning it for energy instead of body fat!”

Not too good, huh? This means that your primary weight training goal is to, at the very least, NOT lose strength. This in turn will allow you to NOT lose muscle.

For example, if you currently bench press 200lbs, your goal throughout the duration of your fat loss phase is to end up bench pressing that same 200lbs (or more if possible) when you’re done and all of the fat has been lost. The same goes for every other exercise in your routine.

Sure, you can continue trying to get stronger and continue trying to make progressive overload happen while losing fat. It can and does happen (especially for beginners, who should still be progressing consistently even in a deficit).

But, if you’re past the beginner’s stage, don’t be surprised if it’s MUCH harder to do (if not borderline impossible in some cases) and the best you can do is just maintain strength rather than increase it.

This is fine of course, as just maintaining the amount of weight you currently lift on every exercise is the  key weight training requirement for losing fat WITHOUT losing muscle.

3. Reduce Weight Training Volume and/or Frequency

A caloric deficit is really an energy deficit, and while this is fantastic (and required) for losing any amount of body fat, it kinda sucks for all things training related (recovery, work capacity, volume tolerance, performance, etc.).

What that means is, the workout routine you were (or would be) using with great success to build muscle, increase strength or make whatever other positive improvements to your body under normal circumstances (where there is no deficit present) will often be TOO MUCH for your body to tolerate and optimally recover from in the energy deficient state it is currently in.

And do you know what this scenario will ALWAYS lead to? One in which you’re not recovering properly from your workouts? A loss of strength.

And do you know what a loss of strength will ALWAYS lead to, especially while in a caloric deficit? A loss of muscle.

Like I explained a minute ago (#2 on this list), the key training requirement for maintaining muscle is simply maintaining strength. The problem is, if you’re using a workout routine that you aren’t properly recovering from, the opposite of this is going to happen.

This is something that I and so many others have learned the hard way. The workout routine that seemed perfect before when those beneficial extra calories were present is now the reason your workouts are getting harder, you’re getting weaker, reps are decreasing, weight on the bar needs to be reduced, and your fat loss phase (aka the cutting phase) ends with you having lost way more muscle and strength than you should have.

Been there, done that.

Luckily, It Can Be Prevented

How do you avoid all of this? Simple. By adjusting your weight training program to compensate for the drop in recovery that always comes with being in a caloric deficit. That means reducing training volume (the total amount of sets, reps and/or exercises being done), reducing training frequency (the total amount of workouts being done per week and per muscle group), or a combination of both.

 

4. Get Pre & Post Workout Nutrition Right… Still

I once read an article on some diet/training website that tried to make the point that pre and post workout nutrition become LESS important when your goal is fat loss rather than muscle growth. I don’t remember the exact reasoning for this (if I did, I’d be making fun of it right now), but whatever it was… it couldn’t be more wrong.

As mentioned, recovery, work capacity, volume tolerance and overall training performance in general go to ….. as a result of being in a caloric deficit. And if you haven’t heard, the entire concept of pre and post workout nutrition is practically built around improving these very aspects of training and recovery.

That makes the meals you eat before and after your workouts JUST as important (arguably even more MORE SO) when your goal is losing fat without losing muscle as opposed to just building that muscle in the first place.

5. Don’t Reduce Calories By TOO Much

As we hopefully all understand by now, in order to lose any amount of body fat, you need to create a caloric deficit (I figure if I repeat it enough times, it will sink in). And that means you’re going to need to reduce your calorie intake below maintenance level so stored body fat can be burned for energy instead.

The thing is, that deficit can be classified as small, moderate or large based on how far below maintenance you go and how much you reduce your daily calorie intake by. Now, while each degree of deficit has its own PROS and CONS , a moderate deficit of about 20% below maintenance level is what ends up being most ideal in most cases.

 

Why not a larger deficit? Why not reduce calories by even more and make fat loss happen even faster? Well, aside from being harder to actually sustain, the other major downside of a large caloric deficit is that it will have the largest negative impact on training and recovery.

And that means that reducing your calorie intake by TOO much will increase the potential for strength and muscle loss. For that reason, I’d recommend most people stick with no more than a moderate deficit. Those who are already quite lean and looking to get REALLY lean may do better with an even smaller deficit

6. Incorporate Calorie/Carb/Nutrient Cycling

I can never decide if I want to refer to it as cycling calories, carbs or nutrients (they sound different but it’s all the same thing).

Alright, calorie cycling it is:

And what it refers to is eating more calories on certain days (typically training days) and less calories on other days (typically rest days). This is done primarily by manipulating carbs and/or fat, as protein is something we want to be high every day… especially when our goal is to lose fat, NOT muscle.

Now, with a more simple and straight forward fat loss diet, you’d consume about the same amount of calories and nutrients every day and be in a similar sized deficit each day of the week.

But with calorie cycling, you’d be in a larger deficit on certain days, but then a smaller deficit (or possibly even NO deficit at all) on the other days. However, at the end of the week, the total amount of calories consumed would still be the same. It’s just the method of getting there (eating less on certain days, more on others) is different.

The theoretical purpose for doing this is to improve everything from recovery to calorie partitioning by providing our bodies with more calories/nutrients when it’s most likely to need and benefit from them (training days), and less calories/nutrients when it isn’t (rest days). This would then potentially allow us to, among other things, better maintain muscle and strength while we lose fat.

Does it actually work? Well, this is something I’ve been experimenting with a lot over the last few years, and I’ve become a HUGE fan of it.

Not just for maintaining muscle while losing fat (which I’ve found it works great for), but also for diet adherence, controlling your appetite, and keeping you happy and satisfied. And on the other side of the goal spectrum, I like it equally well for gaining muscle without gaining excess fat.

It’s definitely a subject you’ll be hearing a lot more about from me in the future.

7. Take Diet Breaks When Needed

Can we all be honest for a second? Regardless of how you go about making fat loss occur, the simple fact is that it kinda sucks either way. Your body doesn’t really like being in a caloric deficit, and as anyone who has ever tried to lose any amount of fat already knows, your mind sure as hell doesn’t like it either.

The truth is, there are a ton of physiological and psychological aspects of being in the energy deficient state required for fat loss to take place that just plain suck. From the aforementioned drop in recovery and performance to the changes in insulin, leptin, thyroid hormones and overall metabolic rate, the human body (and mind) just run a whole lot better with no deficit present.

And that brings us to the concept of the diet break.

The exact definition of what a diet break is will vary based on who you ask, but I think of it as a 1-2 week period where you come out of the deficit and back up to maintenance level for the purpose of briefly allowing all of the things that suck about fat loss to recover and go back normal for a little while.

There are dozens of potential benefits (some physical, some mental) that come from taking diet breaks like this, but the reason I’m mentioning it here are for its performance and recovery related benefits. Why? Because any improvement there will help with our goal of maintaining muscle and strength while we lose fat.

The specifics of when and how often a diet break should be taken would require its own article (consider it added to my to-do list), but the basic point is that while people with LESS fat left to lose will generally need/benefit from a diet break more than someone in the early stages of losing a lot of fat, the fact remains that it can be quite beneficial for many reasons… one of which is preserving muscle.

8. Avoid Excessive Amounts Of Cardio (Or Just Don’t Do ANY At All)

This all goes back to what I mentioned 100 times already about recovery being reduced as a result of calories being reduced. For this reason, ALL of the exercise you’re doing (not just weight training, cardio too) needs to be reduced or adjusted to some extent to compensate for this and help prevent muscle loss.

Now, weight training obviously still needs to be kept around as it provides the primary signal that tells our bodies to maintain muscle and only burn body fat. But cardio? That’s completely optional.

And honestly, I feel there is no more overrated aspect of fat loss or muscle growth than cardio. Obviously if your goal is endurance or performance related, my opinion would change. But strictly in terms of just improving the way your body looks? I hate cardio.

In fact, I rarely do any myself and my default recommendation for most people with body composition related goals is to do little or even NO cardio whatsoever. I’d much rather see people create their deficit via diet alone, use weight training to build/maintain muscle, and use cardio as a last resort tool for when you reach a point where lowering calories any further becomes too difficult and you’d rather burn those calories off instead.

Here’s why…

  • HIIT (or really any high intensity cardio) will cut into the recovery of both your nervous system AND muscle fibers almost in the same way an additional weight training workout would.
  • Typical steady state cardio (30 minutes of jogging, for example) will also cut into recovery, albeit not nearly as much as HIIT can.
  • And excessive amounts of steady state cardio (let’s say 60+ minutes of jogging and/or doing it every single day) is often quite problematic in terms of preserving muscle.

When you weigh these CONS against the PROS of cardio (it burns some calories… yay!), you begin to realize that it may not be worth doing for the purpose of losing fat… specifically for people whose primary goal is to lose that fat without losing muscle.

Don’t get me wrong here… both HIIT and steady state cardio are useful fat loss tools for sure and I’m definitely not against doing them. It’s just that, considering cardio is IN NO WAY required for losing fat and that doing it could potentially hurt your ability to maintain muscle (plus it’s boring as hell)… I don’t really see the point.

Obviously personal preferences and individual differences play an important role here too, but generally speaking… I rarely recommend cardio by default or do much of it myself. And when I do, my first choice is always 30-60 minutes of low intensity walking. Still burns a nice amount of calories and won’t cut into recovery. Win-win.

What About Eating Only Healthy & “Clean” Foods?

After looking over this list of what I’d consider to be the most important/effective ways to maintain muscle while losing fat, some people might be wondering if I forgot to mention one final tip.

The “tip” I’m referring to is to eat healthier, cleaner, natural foods instead of unhealthy, dirty, processed foods. Why? Because doing so will supposedly make a significant difference in terms of getting the “weight” you lose to be fat instead of muscle.

As nice as that theory sounds, the truth is that with all else being equal (total calorie and macronutrient intake, strength being maintained, etc.), clean vs dirty, healthy vs unhealthy, processed vs unprocessed really doesn’t matter at all in terms of calorie partitioning and whether the “weight” you lose ends up being fat (good) or muscle (bad).

Now obviously in terms of things like overall health, appetite control and diet adherence there are some big differences, which is why I’d always recommend getting most of your calories from higher quality foods rather than junky garbage. But the common thought that changes in body composition are directly influenced by a food being “clean” or “dirty” is total lie.

So no, while it’s still a great idea, it’s not an idea that will (in and of itself) improve your ability to maintain muscle while losing fat. Which means, it doesn’t belong on this list.

Goodbye Fat, Hello Muscle!

There you have it… the 8 best ways to ensure you lose fat without losing muscle in the process. The first 2 items (sufficient protein intake and maintaining strength) are BY FAR the most important. It just so happens that the majority of the other items on this list are proven to significantly help make those things (specifically strength maintenance) actually happen.

So, if you’ve ever lost any muscle or strength while trying to lose fat or are just concerned it might happen to you in the future… this is how you can prevent it.

 

Source-Gymbuilder

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5 मिनट तक इस जापानी तकनीक को आज़माने के बाद न Dieting की ज़रूरत पड़ेगी, न Gym की

फ़िट रहने के लिए आप क्या कुछ नहीं करते. घंटों Gym में पसीना बहाते हैं, ख़ुद को भूखा रखते हैं और इन सब से कुछ न हो तो ख़ुद पर कैंची चलवा लेते हैं(सर्जरी). इतना सब कुछ करने के बाद भी कभी सफ़लता मिलती है तो कभी नहीं. न जाने कितने लोग वज़न कम करने की सर्जरी के कारण मौत की नींद सो गए.

Source: The Allium

अब वज़न कम करना इतना मुश्किल नहीं. शुक्रिया अदा करिए Toshiki Fukutsudzi का. जापान के डॉक्टर ने एक आसान परन्तु अत्यंत कामगर Exercise का तरीका सुझाया है. इस व्यायाम से न सिर्फ़ आपका Posture सही होगा, बल्कि आपको पीठ के दर्द से भी राहत मिलेगी. इसके लिए आपको कुछ नहीं करना पड़ेगा. न किसी महंगी Gym Machine की ज़रूरत है और न ही किसी Sauna Belt की. इस व्यायाम के लिए सिर्फ़ एक Towel Roll चाहिए. जी सही पढ़ा. एक तौलिया, रोल किया हुआ.

Source: Shopify

एक तौलिए से वज़न कम कैसे हो सकता है? तो इसका जवाब है, विज्ञान. डॉक्टर साहब ने कमर के आस-पास के अतिरिक्त Fat की वजह की खोज की. खोज में डॉक्टर Fukutsudzi ने पाया कि Pelvis के सही जगह पर न होने के कारण कमर के आस-पास अतिरिक्त Fat जमा हो जाता है. Towel Roll व्यायाम से Pelvis को सही जगह पर स्थापित किया जा सकता है. है न कमाल की बात? सिर्फ़ तौलिए से आप अपने 'कमरे' को वापस 'कमर' बना सकते हैं.

Source: Cosmopolitan

अगर आप ये व्यायाम करना चाहते हैं तो ये Steps Follow करें:

1. लगभग 15 इंच लंबे और 4 इंच चौड़े Towel को बेलनाकार में मोड़ लें. किसी धागे से बांध लें, ताकि Fold न ख़ुले.

2. किसी समतल और मज़बूत सतह जैसे की फ़र्श, फ़िटनेस मैट या मसाज टेबल पर लेट जाएं. Roll Towel को नीचे रखें.

3. पीठ के बल लेटें और अपने कमर के पास Towel को कुछ यूं रखें कि वो आपकी नाभि के Parallel हो.

4. अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई तक खोलें, पैरों की ऊंगलियां आपस में जुड़ीं होनी चाहिए.(तस्वीर देखें)

5. हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं. हथेलियों की छोटी ऊंगलियां भी आपस में जुड़ीं होनी चाहिए. (तस्वीर देखें)

6. इस अवस्था में 5 मिनट तक लेटे रहें. धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें.

Source: Console

जापानियों ने वज़न घटाने के लिए एक और आसान सा व्यायाम इजात कर लिया है. अरे ज़्यादा कुछ नहीं करना है, सिर्फ़ 3 सेकेंड के लिए तेज़ सांस लेनी है और 7 सेकेंड के लिए छोड़नी है. एक जापानी अभिनेता से इस व्यायाम से 13 किलो वज़न घटाया था.

क्यों आसान था न? आज़माइए और भूखे रहने, Gym के लिए सुबह उठने की Tension भूल जाइए.

Source: CosmopolitanCosmopolitan

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कौन-सा फल कब खाया जाना चाहिए -शीला सहरावत

फलों का हमारे जीवन में बेहद महत्व है। सेहत की दृष्टि से तो फल उपयोगी होते ही हैं साथ ही शीघ्र एनर्जी प्राप्त करने के लिए रोगी को भी फलों के सेवन की ही सलाह दी जाती है। लेकिन अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि कौन-सा फल कब खाया जाना चाहिए।

संतरा- सुबह और रात को नहीं खाएं, दिन में खाएं। खाना खाने के 1-1 घंटा पहले या बाद में खाएं। पहले लेने से भूख बढ़ती है और बाद में लेने से भोजन पचाने में मदद करता है।

मौसंबी- मौसंबी का सेवन दोपहर में करें। धूप में जाने से कुछ देर पहले या धूप से आने के कुछ देर बाद मौसंबी खाना या जूस पीना अधिक लाभदायक होता है। इससे शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होगी।

अंगूर- अंगूर या अंगूर का जूस भी शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखता है। इसका सेवन धूप में जाने से कुछ देर पूर्व या धूप में से लौटने के कुछ देर बाद ही करें, लेकिन अंगूर और भोजन में कुछ देर का अन्तर रखें।

नारियल- वैसे तो नारियल पानी कभी भी पिया जा सकता है, जिन्हें पेट संबंधी परेशानियां हैं, एसिडिटी या अल्सर की समस्या है उनके लिए यह लाभदायक है। कोशिश करें कि नारियल पानी खाली पेट न पिएं।

आम- आम की तासीर गर्म होती है, अतः आम के साथ दूध का प्रयोग करना चाहिए। यदि आम काटकर खाया जा रहा है तो आम के टुकड़ों में शकर और थो़ड़ा-सा दूध मिलाकर पीना फायदेमंद होगा।

वजन घटाने के लिए डाइट क्लिनिक को चुनें – डाइइटिशन शीला सहरावत

कॉलबैक के लिए
* WhatsApp करे < आपका नाम> <जगह छोड़े> < आपका शहर> to 88-2626-0707
* एसएमएस “ DIET “ To 56161
* मिस्सकाल दे 9266-888-222.
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* देखे www.dietclinic.in/bma.html

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मां का Uterus बेटी को लगाकर, पुणे के डॉक्टरों ने किया भारत का पहला गर्भाशय ट्रांसप्लांट

डिकल क्षेत्र में भारत ने एक और कामयाबी हासिल कर ली है. पुणे के Galaxy Care Laparoscopy Institute ने भारत का पहला गर्भाशय ट्रांसप्लांट आॅपरेशन सफ़लता पूर्वक करवा लिया है. Dr Shailesh Puntambekar और उनकी 12 डॉक्टरों की टीम ने सफ़लतापूर्वक एक 41 वर्षीय मां का गर्भाशय उसकी बेटी में ट्रांसप्लांट किया. गुरुवार को दोपहर 12 बजे शुरू हुआ ये आॅपरेशन, रात 9:15 बजे तक चला.

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Shailesh Puntambekar @GalaxyCarePune

⚡️ “India's First Successful Womb Transplant at Galaxy Care Hospital”https://twitter.com/i/moments/865470728409239552 …

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रिपोर्ट के अनुसार, बेटी का जन्म से ही गर्भाशय नहीं था और उसे अपने बच्चे की चाह थी. वो सरोगेसी या बच्चा गोद लेने को तैयार नहीं थी. इन मां बेटी को गर्भाशय ट्रांस्प्लांट सर्जरी की जानकारी थी,जिसके बाद उन्होंने डॉक्टरों से बात थी. इत्तेफ़ाक से ये मां मेडिकल रूप से भी उचित गर्भाशय डोनर थी. डॉक्टर ने बताया कि ये भारत का पहला गर्भ प्रत्यारोपण था. 21 वर्षीय लड़की को अभी आईसीयू में डॉक्टरों की देख-रेख में रखा गया है.

Source- RBK                       Representational Image

इससे पहले ये आॅपरेशन स्वीडन में 2013 में हुआ था. तब से अब तक दुनियाभर में ऐसे 25 ट्रांसप्लांट हो चुके हैं.  

 

Source- Huffpost

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