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प्रत्येक गांव में बनाए जाएगें गौरव पट्ट ,लिखी जाएगी गांव की गौरव गाथा 

Ajeybharat/Jind/ डीसी अमित खत्री ने बताया कि हरियाणा राज्य की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान जिला के सभी गांवों में गौरव पट्टों का निर्माण करवाया जाएगा। इस पट्ट पर गांव की गौरवगाथा को लिखा जाएगा। इसका दायित्व विकास एंव पंचायत विभाग को सौंपा गया है। 


डीसी अमित खत्री ने बताया कि प्रत्येक गांव में बनाए जाने वाले इस गौरव पट्ट पर उस गांव के इतिहास को लिखा जाएगा। गांव के ऐसे जाबांज जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है तथा जाबांज जिन्होंने देश की आजादी को सहेजकर रखने के लिए विभिन्न युद्धों के दौरान अपनी जान की बाजी लगाई है,ऐसे महान शहीदों के नाम भी इस पट्ट पर अंकित किए जाएगें। इसके अलावा गांव के ऐसे युवक अथवा युवति जिन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर खेलों में गांव का नाम रोशन किया है, उनके नाम भी गौरव पट्ट पर अंकित किए जाएगें। 

डीसी ने बताया कि गौरव पट्ट बनाने व इस पर वांछित गांव के साहित्य का सृजन करने के लिए कमेटी का गठन कर कमेटी के सदस्य मनोनीत करने के निर्देश दिए गए थे। मनोनीत किए गए सदस्यों में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, सम्बंधित गांव का एक बुजुर्ग व्यक्ति जिसे गांव की सारी जानकारी हो, एक स्थानीय अच्छा वक्ता जिसे स्थानीय बातें का ज्ञान हो, को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इसी प्रकार जिला लोक सम्पर्क अधिकारी व महाविद्यालय स्तर के हिन्दी साहित्य के इतिहास के प्राध्यापक को इस कमेटी का सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी गांव में गौरव पट्ट से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी संकलित करेगी। 

डीसी अमित खत्री ने बताया कि उक्त कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूरा करवाने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता को सदस्य, जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी को सदस्य तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। यह कमेटी गौरव पट्टों का निर्माण कर अपनी रिपोर्ट देगी। 

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जानिये राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के वकील से महामहीम बनने तक के सफ़र के बारे में

देश को रामनाथ कोविंद में अपना 14वां राष्ट्रपति मिल गया है. उनके साथ इस रेस में विपक्ष की उम्मीदवार, मीरा कुमार थी, जिनको हरा कर वे राष्ट्रपति बने हैं. बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में कई नाम सामने आए थे. लालकृष्ण आडवाणी से लेकर मोहन भागवत जैसे दिग्गजों के नाम पर समर्थक आपस में ही भिड़े हुए थे. देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति के रूप में ओडिशा की द्रौपदी मुर्मु का नाम भी सामने आ रहा था. पर बीजेपी ने तुरुप का इक्का फेंका और सभी हक्के-बक्के रह गए.

अब ये हमारा धर्म भी है और फ़र्ज़ भी कि हम उनसे जुड़े कुछ Facts आप तक पहुंचाये:

1) कानपुर की मिट्टी की संतान हैं रामनाथ

Source: HT

रामनाथ का जन्म, 1 अक्टूबर, 1965 में कानपुर के एक गांव में हुआ.

2) नेता बनने से पहले कई सालों तक की वकालत

Source: IB Times

रामनाथ ने कानपुर विश्वविद्यालय से वकालत की पढ़ाई की थी. 1993 तक वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकील थे.

3) 1994 में चुवे गए राज्य सभा के सदस्य

Source: One India

रामनाथ 1994 में उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के सांसद चुने गए. मार्च, 2006 तक वे इस राज्य सभा के सदस्य रहे.

4) कई संसदीय कमिटियों के सदस्य रह चुके हैं कोविंद

Source: India TV

रामनाथ कई संसदीय कमिटियों के सदस्य रह चुके हैं. जैसे कि Parliamentary Committee on Welfare of Scheduled Castes/Tribes, Parliamentary Committee on Home Affairs, Parliamentary Committee on Social Justice आदि.

5) UN में भी किया भारत का प्रतिनिधित्व

Source: ET

रामनाथ ने 2002 में भारत की तरफ़ से UN Assembly में भाषण दिया था.

6) अनुसुचित जाति, जनजातियों और महिलाओं के हक़ के लिए लड़ी कई लड़ाईयां

Source: One India

छात्र जीवन से ही रामनाथ स्त्रियों और पिछड़ी जातियों के हक़ के लिए आवाज़ उठाते रहे हैं. 1997 में उन्होंने सरकार के एक अनुसुचित जाति और जनजाति विरोधी फ़ैसले का कड़ा विरोध किया. उनकी मेहनत से संविधान में 3 संशोधन किये गये ताकि पिछड़ों को उनका हक़ मिल सके.

7) बीजेपी के दलित मोर्चे के प्रेसिडेंट रह चुके हैं कोविंद

Source: NDTV

कोविंद ने बीजेपी दलित मोर्चे के प्रेसिडेंट का पद 1998-2002 तक संभाला.

8) प्रधानमंत्री के PA भी थे रामनाथ

Source: DNA

देश के भावी राष्ट्रपति 1977-78 के बीच मोरारजी देसाई के PA के रूप में काम कर चुके हैं.

9) IIM कोलकाता और बी.आर.अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के Board of Governors के सदस्य रह चुके हैं

Source: Apps for PC Daily

रामनाथ देश के सबसे अच्छे शिक्षण संस्थानों में से एक IIM कोलकाता के Board of Governors के और बी.आर.अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के सदस्य भी रह चुके हैं. शिक्षा के उत्थान के लिए भी उन्होंने बिहार में भी कई योजनाएं चलाईं, जिसमें अयोग्य शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक अहम है.

जिन्होंने देश के कई वर्गों के उत्थान के लिए इतना कुछ किया था, वो देश के प्रथम नागरिक पद को भी बहुत अच्छे से ही संभालेंगे, ऐसी हम आशा रखते हैं.

बाद बाक़ि बीजेपी के पुराने नेता आडवाणी ज़रा खफ़ा हैं, तो विपक्ष को मनाने वाले प्रधानमंत्री परिवार के बुज़ुर्ग को भी मना ही लेंगे.

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आखिर क्यों ख़तम करवाने में लगे हैं अरावली को नेता और सरकारी अफसर ?

Ajeybharat/Faridabad/Jitender Bhadana/​दिल्ली एनसीआर के एकमात्र बचे जंगल – अरावली क्षेत्र को आज ज्यादातर नेता और सरकारी अफसर एकजुट होकर बेचने और इसे ‘जंगल ना होने’ का तमगा देने में लगे हैं जो की आने वाले समय में पूरे दिल्ली एनसीआर के लिए बहुत बड़ा खतरा होने वाला है.

आम जनता और कुछ गैर सरकारी संस्थाएं इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं परन्तु ये विभाग और नेता थमने का नाम नही ले रहे हैं। इसके कुछ कारण हैं-

1. अरावली का क्षेत्र या तो यहां के गांवों की पर्सनल प्रोपर्टी है या वन क्षेत्र है जिनमे की PLPA की धारा 4-5 लगी है जिसके मुताबिक यहां कोई भी गैर वानिकी कार्य अपराध है। अब क्योंकि ये जमीन या तो यहां के लोगों की प्रॉपर्टी है, ये लोग इस जमीन को बेच तो सकते हैं परंतु इसमे कुछ काम नही कर सकते। इसके कारण ये जमीन बहुत ही सस्ती है।

2. फरीदाबाद एक औद्योगिक नगर रहा है, पूरे हरियाणा और आस पास के क्षेत्र के सरकारी अफसर यहाँ घूस दे कर अपना ट्रांसफर करवाते हैं ताकि मोटा पैसा कमा कर वापिस अपने इलाके में जा सके, ताकि अपनी भर्ती में दिया गया घूस का पैसा रिकवर हो सके। शहर, जो कि 80% बाहर की जनता संजो के बना है, और विकासशील रहा है, ने इन अफसरों को कमाई करवाने में पूरा सहयोग दिया है। उनको या तो इस बारे में पता ही नहीं, या फिर दिनरात की भागमभाग में उनके पास समय ही नही इनसे बात तक करने का। परिणाम स्वरूप कुछ दिन बाद ये अफसर फरीदाबाद में ही अपनी जड़ जमा जाते हैं और यहाँ प्रोपेर्टी खरीद लेते हैं। हम आपको बता दें कि ज्यादातर अफसरों ने अरावली में बड़े बड़े रकबे खरीद कर डाले हुए हैं।

3. विकासशील होने के कारण यहां के नेता अन्य जिलों से ज्यादा धन कमा लेते हैं जिसको की आम तौर पर अरावली जैसे इलाके में ही इन्वेस्ट करते हैं।

4. अरावली का लगभग पूरा क्षेत्र एक खास जाति के गाँव वालों की प्रॉपर्टी है जो कि विकास की दौड़ में अपने आप को आगे रखने के लिए अपने अरावली क्षेत्र, जो कि खेती करने योग्य नहीं है और जिसकेे डायरेक्ट बेनेफिट्स दिखाई नहीं देते हैं, को इन नेताओं और अफसरों को बड़ी आसानी से, बहुत सस्ते में बेच देते हैं।

5. यहाँ का बड़ा इलाका जंगल है, माइनिंग होने के समय से यहां आम जनता का आना जाना बहुत ही कम होता है जिसका फायदा उठा कर कुछ नेताओं और बदमाशों ने इसमें कच्ची कालोनियां काट काट कर बेची हैं जिनमे उन्होंने और सरकारी अफसरों ने खूब पैसा कमाया है। अब वो कालोनी यहां के जंगल को खत्म कर चुकी हैं। और इन नेताओं की लगातार आमदनी का स्त्रोत हैं।

6. यहाँ के कुछ स्थानीय दभंगो ने पहाड़ का एक बहुत बड़ा हिस्सा या तो खुद कब्जा लिया जिसको पुराने समय मे ही अपनी पर्सनल प्रोपर्टी बना लिया या फिर कब्जा करके उसके कागज बनवा कर सस्ते रेटों में कंपनियों और बिल्डरों को बेच दिया है।

7. आज अरावली का ज्यादातर इलाका मोटे सेठों, नेताओं और भ्रष्ट नेताओं की प्रॉपर्टी है।

8. क्योंकि यहां ज्यादातर अफसर हरियाणा के अन्य जिलों से हैं तो इनको शहर की संपदा, संसाधनों आदि से कोई मतलब नही है, ज्यादातर असफर यहाँ से कुछ भी करके मोटा पैसा कमा कर वापस निकल जाते हैं। उनको केवल 2-3 यहां रहकर कमाने का मौका मिलता है जिसका की ये भरपूर आनंद लेते हैं।

अब समय आया है कि शहर भर चुका है, अंदर शहर पुराना हो चला है, अरावली को छोड़ कर और कहीं रहने की जगह नही है। अब ये नेता और अफसर अपनी इन्वेस्टमेंट को इनकैश करने में पूरा जोर लगा रहे हैं। इन सब ने मिलकर एक स्ट्रांग लोब्बी बना ली है कि यहाँ प्लॉटिंग की जाए या बिल्डिंगे बनाएं जिससे कि उनकी इन्वेस्टमेंट पर मोटे रिटर्न्स मिल सकें।

इसके लिए सबसे जरुरी है यहां अंग्रेजों के समय से जंगल को संरक्षित करने के लिए बनाये गए एक्ट – PLPA 1900 और वन विभाग की धारा 4 जिनके अनुसार ये इलाका जंगल है और यहाँ किसी भी तरह का गैर वानिकी कार्य करना अपराध है।

अब इन लोगों ने एकजुट होकर अपनी पूरी ताकत लगा रखी है कि इस इलाके को ‘वन क्षेत्र’ ना होने का टैग कैसे लगाया जाए। इसके लिए ये कभी तो यहाँ के प्रमुख पेड़ कीकर को ‘दानवीय पेड़’ घोषित कर देते हैं, इसको कटवाने की दलील देते हैं पर जनता के विरोध पर अपनी घोषणा को गलती से छपी रिपोर्ट करार दे देते हैं और कभी पूरे फरीदाबाद की अरावली को ‘अरावली’ ही ना होने का दस्तावेज बना कर सरकार और कोर्ट को पेश करते हैं।

सरकारी अफसरों व नेताओं की ये गतिविधि ठीक उसी तरह है जिस तरह शरारती बालक छुट्टी लेने के ऊटपटांग तरीके अध्यापक को बताता है और पकड़े जाने माफी मांग लेता है।

परन्तु सेव अरावली संस्था अपने वॉलिंटियर्स, कानूनी सलाहकारों एवं आम जनता को साथ लेकर लगी है इन ‘इन्वेस्टर’ अफसरों और नेताओं के झूठे धंधों को सबके सामने लाने और आज की  जनता और आने वाली पीढयों के हित के लिए इन भ्रष्टाचारियों को यहां से घसीट कर भगाने में ।

अगर आप भी इस सच को समझते हैं और पर्यावरण के बारे में चिंतित हैं तो हमारी मुहीम का हिस्सा जरूर बनें। हम लगभग हर सोशल साइट पर उपलब्ध हैं। हमसे जुड़ने के लिए ये छोटा सा फॉर्म भरें – www.SaveAravali.org/volunteer

 

Source-SaveAravali.org

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शहर में आवारा घूमने वाली सभी गायों को पहुंचाया जाएगा गऊशालाओं में

Ajeybharat/Jind एडीसी धीरेन्द्र खडगटा ने वीरवार को पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक बुलाकर उन्हें निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के अन्दर-अन्दर शहर में सडक़ों पर आवारा घूमने वाली सभी गायों को गऊशालाओं में पहुंचाना सुनिश्चित करें। विभाग के कर्मियों ने एडीसी के आदेशों पर अमल करना भी शुरू कर दिया है। 


शहर में आवारा घूमने वाली गायों को पकडक़र उन्हें गऊशालाओं में भेजने के लिए पांच लागों का एक दल इस काम में जुट गया है। इन गायों को शहर की श्री गौशाला में छोड़ा जाएगा। श्री गौशाला संचालकों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि शहर की जितनी भी आवारा गाय हैं उन्हें वे रखने के लिए तैयार हैं। एडीसी ने कहा कि ग्राम पंचायतों को विश्वास में लेकर गांव में पशुबाड़े व छोटी गऊशाला बनाना कारगर रहेगा। क्योंकि किसी भी गांव के आवारा पशुओं का प्रबंधन उसी गांव में सहजता से हो सकेगा।

इसलिए ग्राम पंचायतों को इस काम के लिए राजी किया जाना चाहिए। एडीसी ने बताया कि 15 अगस्त से पहले-पहले जिला में आवारा घूमने वाले पशुओं को गऊशालाओं अथवा नंदीशालाओं में आश्रय देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसलिए पशुपालन विभाग के अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम करें। एडीसी ने नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी डा. एस.के.चौहान को भी निर्देश दिए है कि वे पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए कार्य करें। 


बैठक में सघन पशुधन विकास परियोजना के उपनिदेशक डा. रणबीर सिंह मलिक ने बताया कि गऊशालाओं में जितने भी पशु है सभी को टैगिंग करने का काम पूरा कर लिया गया है। द्वितीय चरण में घरों में पालतू पशुओं को भी टैगिंग करने का अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर पोलीक्लीनिक के डा. बलवंत सिंह, डा. डीपी मलिक भी उपस्थित रहे।
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गौशाला में गायों को टैग करते पशुपालन विभाग के कर्मी

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बूथ लेवल अधिकारी पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के कार्य में दिखाएं निष्ठा

Ajeybharat/Jind/हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी एवं राज्य सरकार में सचिव अंकुर गुप्ता के साथ जिला के विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारी के साथ वीडियो कान्फ्रै सिंग हुई । मुख्य चुनाव अधिकारी के निर्देशों की अनुपालना में डीसी अमित खत्री की अध्यक्षता में जिला के रिटर्निंग अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक हुई। जिसमें जिला में शत प्रतिशत पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अधिकारियों को पूरी तत्परता से काम करने के निर्देश दिए गए। 

डीसी अमित खत्री ने बताया कि एक जुलाई से जिला में पात्र लोगों के वोट बनाने व उनके मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 31 जुलाई तक निरंतर चलता रहेगा। इस अभियान में रविवार के दिन विशेष रखे गए है। इन दिनों में बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने बूथों पर उपस्थित रहकर पात्र लोगों के फार्म भरवाएगें ताकि उनके नाम मतदाता सूची में शामिल करवाए जा सके। डीसी ने जन साधारण का भी आह्वन किया है कि वे इस अभियान के दौरान अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवाएं। अभियान में विशेषकर 18 से 21 साल तक की उम्र के लड़के व लड़कियां जो किसी भी शिक्षण संस्थान में अध्यन्न कर रहे हैं उनके फार्म वहीं संस्थान में ही भरवाए जा रहे हैं। डीसी ने बताया कि इस अभियान के दौरान एक भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों को पूरी सजगता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। 

बूथ के शत प्रतिशत पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाने वाले बीएलओ को मिलेगें पुरस्कार के रूप में 15 हजार रूपए:- डीसी अमित खत्री ने बताया कि जिला के ऐसे बीएलओ जो 31 जुलाई 2017 तक अपने बूथ के शत प्रतिशत पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवा देंगें, उन्हें 15 हजार रूपए की राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। इसी प्रकार जो बीएलओ अपने बूथ के 90 प्रतिशत पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवा देगें तो उन्हें 10 हजार रूपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों को यह निर्देश दिए है कि डोर टू डोर सर्वे कर लें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए। डीसी ने कहा कि मैं खुद भी रैंडम चैकिंग करूंगा। 

जिला का 62.6 प्रतिशत टारगेट हुआ पूरा:- डीसी अमित खत्री ने बताया कि एक जनवरी 2017 के आंकड़ों के अनुसार जींद जिला की कुल आबादी 14 लाख 23 हजार 928 है। इनमें 7 लाख 61 हजार 458 पुरूष तथा 6 लाख 62 हजार 470 महिलाएं शामिल हैं। डीसी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के मानक के अनुसार जिला की कुल आबादी का 65 प्रतिशत 18 वर्ष या इससे अधिक माना गया है। अर्थात जिला में आबादी के हिसाब से 65 प्रतिशत लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने चाहिए। इस हिसाब से जिला मेंं 9 लाख 25 हजार 553 लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने चाहिए। अब तक जिला में 8 लाख 91 हजार 252 लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा चुके हैं। इस प्रकार जिला के 34001 लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाना शेष रहता है। इसको 31 जुलाई 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जींद में मतदाता सूची में नाम दर्ज करने का आंकड़ा 62.6 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 
डीसी ने रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उच्चतर शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर 18 साल तक के सभी युवक युवतियों को अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवाने के लिए प्रेरित करें। 


बीएलओ रखें स्मार्ट फोन:- डीसी अमित खत्री ने बताया कि सोशल मीडिया के इस दौर में स्मार्ट फोन सूचनाओं के तेजी के सम्प्रेषण में कारगर सिद्ध हो रहे है। इसलिए बूथ लेवल अधिकारियों को स्मार्ट फोन रखने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयेाग बूथ लेवल अधिकारियों को चुनाव से सम्बंधित सूचनाओं के सम्प्रेषण के लिए फ्री में मोबाईल पर इंटरनेट चलाने की सेवाएं उपलब्ध करवाएगा। 
बैठक में जिला के नए अतिरिक्त उपायुक्त एवं जुलाना विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी धीरेन्द्र खडगटा व सभी चुनाव कानूनगो उपस्थित रहे। 

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रेवाड़ी की रहने वाली साक्षी सिंघल ने लिखी इबारत बनी सीए

Ajeybharat/Rewari/रेवाड़ी की रहने वाली साक्षी सिंघल ने सीए की परीक्षा पास कर नगरवासियों का नाम रोशन किया है। यह कामयाबी साक्षी सिंघल ने महज 22 वर्ष की उम्र में हासिल की है।बुधवार को साक्षी सिंघल को उनके पिता पवन सिंघल समेत अनेक लोगों ने मिठाई खिलाकर बधाई दी। साक्षी सिंघल रेवाड़ी के प्रतिष्ठित  परिवार से जुड़ी हैं और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने 18 जुलाई 2017 को सीए की परीक्षा पास की थी।  

मेहनत से पूरा किया मुश्किल सफर
सीए बनना आज के दौर में अधिकतर युवाओं का सपना होता है। लेकिन यह मुकाम हासिल करने के लिए जो मेहनत और वक्त लगता है, वह कई युवाओं को सफर अधूरा छोड़ने पर ही मजबूर कर देता है।रेवाड़ी की साक्षी सिंघल ने यह भी साबित किया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं।

साक्षी सिंघल ने बताया कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नही हैं। कड़ी मेहनत और लगन से हर मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है। वह अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता पवन सिंघल  और अपनी माता को देना चाहती हैं। साक्षी सिंघल की इस कामयाबी पर उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। अजेयभारत परिवार की तरफ से भी साक्षी सिंघल को हार्दिक शुभकामनाएं 

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आखों पर पट्टी बांधकर मोटर साइकिल चलाकर किया तीन दिवसीय जादू शौ का आगाज

Ajeybharat/Jind/Haryana/ विश्व विख्यात जादूगर सम्राट शंकर जूनियर ने आज जिला में अपना तीन दिवसीय जादू शौ का कार्यक्रम स्थानीय दीवान बाल कृष्ण रंगशाला से आखों पर पट्टी बांधकर मोटर साइकिल चलाकर किया। इस मोटर साइकिल रैली को जिला सूचना एवं लोक सम्पर्क अधिकारी सूबे सिंह तथा पुलिस विभाग के अधिकारी दिनेश कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सीनियर सम्राट शंकर भी मौजूद रहे।

मोटर साइकिल रैली शुरू करने से पहले लोगों ने इस बात की भी जांच की कि क्या जादूगर को कुछ दिखाई दे रहा है या नही इसके लिए लोगों ने उनसे अखबार भी पढ़वाया । आंखों पर पट्टी बंधी होने के बावजूद जूनियर सम्राट शंकर ने अखबार की खबरों को बखूबी पढ़कर सुनाया । इन सब करतबों को देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने के लिए मजबूर हुए। हैरत अंगेज जादूई करतबों को देखकर लोगों ने उत्साह पूर्वक जादूगर का जोरदार तालियों से स्वागत भी किया। इस अवसर पर सीनियर जादूगर सम्राट शंकर ने साधारण कागज के टूकड़े से ढ़ेरों नोट बनाकर लोगों को हैरत में डाला। उन्होनें कहा कि सरकार द्वारा लोगों के मनोरंजन के लिए जीन्द जिला में तीन दिवसीय जादू का शौ आयोजित करवाया जा रहा है। इन तीन दिनों में आयोजित होने वाले जादू के शौ में न केवल लोगों को जादूई करतब दिखाए जाएगें बल्कि कोई व्यक्ति करतब सिखना चाहें तो उन्हे कु छ जादूई करतब सिखाए भी जाएगें। जादू एक ऐसी कलां है जो अंधविश्वास को खत्म करती है और दिल एवं दिमाग से व्यक्ति को भय मुक्त बनाने का काम करती है। 


मोटर साइकिल रैली शहर की मुख्य सड़कों से होती हुई भीड़-भाड़ वाले इलाकों से होती हुई गुजरी। यह मोटर साइकिल रैली शहर की जिस भी सड़क से गुजरी इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों के किनारें जमा हुए । जब यह रैली दीवान बाल कृष्ण रंगशाला से शुरू हुई तब मात्र इस रैली में मुश्ििकल से पांच या 7 मोटर साइकिल ही शामिल थी। लेकिन ज्यों -ज्यों यह रैली आगे बढ़ी रैली में मोटर साइकिलों की संख्या बढ़ती चली गई जब रैली वापिस दीवान बाल कृष्ण रंगशाला में पंहुची उस समय रैली मेें सैंकड़ों की संख्या में मोटर साइकिल शामिल थे।

लोगों ने छतों पर चढकर भी देखा रैली को – मोटर साइकिल रैली जब शहर से गुजर रही थी उस दौरान सड़कों पर काफी लोग रैली को देखने के लिए जमा हुए लेकिन जिन लोगों को भीड़ की वजह से निचे जगह नही मिल पाई उनक लोगों ने छतों पर चढ़कर रैली को देखा। जूनियर सम्राट शंकर द्वारा आंखों पर पट्टी बांधकर मोटरसाइकिल चलाने के करतब को देखकर लोगों ने कहा कि यह तो जूनियर सम्राट शंकर हैं ,सीनियर सम्राट शंकर के करतब तो और भी हैरान कर देने वाले होगें। लोग यह बातें भी करते हुए सुनाई दिये कि पहले भी सरकारें आई गई लेकिन भारतीय जनता पार्टी की इस सरकार ने इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करवा कर लोगों का दिल जीत लिया है।

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Actress Bidisha Bezbaruah allegedly commits suicide, husband arrested

 

Ajeybharat/Gurugram/Assamese actress and singer Bidisha Bezbaruah, who recently acted in Jagga Jasoos, allegedly committed suicide on Tuesday at her flat in Gurugram. Her husband Nisheet Jha was arrested on charges of abetting the suicide, reports The Hindu. The same report also stated that the deceased’s family had accused the husband of having an extra-marital affair, which had caused discord in the family and may also have led to Bidisha’s decision.

The 30-year-old actress was a well known TV personality who had performed many stage shows as well, police said. The actress recently shifted from Mumbai to Gurgram, The Quint reported.

“Bezbaruah was found hanging from a ceiling fan in her rented accommodation which she had taken recently,” Deputy Commissioner of Police (East) Deepak Saharan said. He added that her father informed police that his daughter had not been receiving his call.

“Her father suspected something foul as she was not picking the phone on Monday evening. He approached the police and gave details of her local address,” Saharan said. When the police reached the spot, the main gate and the door were locked from inside. The police team broke open the door and found her hanging, he said.

“The victim’s father claimed in his complaint that she had a love marriage but would often have quarrels with her husband,” Saharan said. Her mobile phone, Facebook and social networking site conversations are being examined by investigating teams.

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मण्डलायुक्त राजीव रंजन ने किया बाढ़ बचाव कार्यो का निरीक्षण


Ajeybharat/Jind/Haryana/Manjit Singh Yadav/हिसार के मण्डलायुक्त राजीव रंजन ने मंगलवार को जींद जिला का दौरा कर बाढ़ बचाव कार्यो की समीक्षा की। मण्डलायुक्त ने जिला की कई ड्रेनों पर जाकर उनकी सफाई व्यवस्था का भी मुआयना किया। 
इससे पूर्व मण्डलायुक्त ने लघु सचिवालय सभागार में राजस्व तथा नहर विभाग के अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी ड्रेनों की सफाई के कार्य को सुनिश्चित कर लें ताकि बारिश का पानी ड्रेनों के माध्यम से सुगमता से निकाला जा सके। उन्होंने जिला में बाढ़ बचाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का भी मुआयना किया और निर्देश दिए कि अधिकारी सभी ड्रेनों की सफाई इत्यादि के काम को पूरा करवा लें। सभी पम्प हाऊसों के रख रखाव व उनमें लगी मोटरों इत्यादि की मुरम्मत इत्यादि का कार्य भी पूरा कर लिया जाना चाहिए। 

इसके बाद मण्डलायुक्त ने कालवा-किनाना ड्रेन पर जाकर रोहतक रोड़ पर ड्रेन की सफाई के कार्य को देखा। उन्होंने कहा कि ड्रेनों की सफाई नहीं होने की सूरत में पानी का बहाव अवरूद्ध हो जाता है। इस लिए बाढ़ आने जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी ड्रेनों की सफाई समय रहते की जानी चाहिए। उन्होंने निजामपुर-भैरोखेड़ा-रामकली ड्रेन के सफाई के कार्य को भी देखा । शामलों गांव के पास उन्हंोंने डे्रन की सफाई व्यवस्था का मुआयना किया। इस मौके पर नहर विभाग के कार्यकारी अभियंता बनारसी दास ने मण्डलायुक्त को बताया कि निजामपुर-भैरोखेड़ा-रामकली ड्रेन को 11 हजार फीट तक पक्का किया जा चुका है। इस ड्रेन का लगभग 14 हजार फुट हिस्सा अभी कच्चा है, जिसे पक्का किया जाना है। इस पूरी ड्रेन को पक्का करने पर इस क्षेत्र की जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

बाढ़ कार्य निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने बाढ़ के पानी निकासी के लिए स्थापित किए गए पम्प हाऊसों का भी अवलोकन किया। डीसी अमित खत्री ने मण्डलायुक्त को बताया कि वे खुद भी इन ड्रेनों पर जाकर बाढ़ बचाव कार्यो की समीक्षा कर चुके है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे बारिश से पूर्व ही बाढ़ बचाव के सभी कार्यो को पूरा कर लें। जिन ड्रेनों की सफ ाई की जानी है तथा जिन पम्प हाऊसों पर अतिरिक्त व्यवस्था की जानी है, उसे समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। डीसी ने बताया कि ड्रेनों की सफाई के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया गया है और इस उदेश्य को लेकर सभी उपमंडल अधिकारियों व राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठकें लेकर प्रगति की समीक्षा की जा चुकी है। 
इस मौके पर नहर विभाग के अधीक्षक अभियंता यशपाल तंवर , जिला राजस्व अधिकारी रामफल कटारिया, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता बनारसी दास जागलान भी मण्डलायुक्त के साथ थे। 
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हिसार के मण्डलायुक्त राजीव रंजन ड्रेनों पर जाकर उनकी सफाई व्यवस्था एवं बाढ़ बचाव कार्यो की समीक्षा करते हुए साथ है जींद के डीसी अमित खत्री।

 

 

 

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Male Molestation:कोचिंग में पास बैठी लड़की ने मुझे ग़लत ढंग से छुआ….

वो पुरुष हैं इसीलिये पूरी तरह सुरक्षित हों ये ज़रूरी तो नहीं,                                                                     

नारी, नारी है इसीलिये पूरी तरह निर्दोष हो ये ज़रूरी तो नही.

ये कहानी शुरू होती है भोपाल से, जब एक बार बस से सफ़र के दौरान मैंने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को 14-15 साल के लड़के के Private Part पर हाथ डालते देखा. समझ में नहीं आया कि क्या करना चाहिए, उस लड़के के चेहरे पर वही भाव थे, जो कई बार मेरे चेहरे पर भी उभर आते हैं, जब कोई 'उस तरह से' छूने की कोशिश करता है. हिन्दुस्तान में ज़्यादातर लड़कियां और कुछ सीखें या ना सीखें, पर ताकती नज़रों और छूने के बहाने ढूंढने वाले हाथों के साथ जीना सीख ही जाती हैं. पर किसी लड़के के साथ ऐसा होते मैंने पहली बार देखा था. इस बात का मलाल तो हमेशा ही रहेगा कि उस बच्चे की मदद नहीं कर पाई.

Source: Ilpiccolo

ये घटना एक बहुत बड़ा Turning Point था. उस दिन मैंने अपनी आंखों से देख लिया कि पुरुष भी Molestation का शिकार होते हैं. जिस समाज में स्त्री को कमज़ोर समझा जाता है, रेप या छेड़खानी का ज़िम्मेदार उसी के चाल-चलन और कपड़ों को ठहरा दिया जाता है, ऐसे समाज के लोग इस बात को कभी हज़म नहीं कर सकते कि पुरुष भी छेड़खानी का शिकार हो सकते हैं.

Male Molestation पर उतनी बात नहीं होती जितनी होनी चाहिए. इसके दो कारण हैं, पहला लोग ये मानने को तैयार नहीं होते की पुरुषों के साथ भी ऐसा होता है दूसरा पुरुष ख़ुद भी इस पर बात करने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उन्हें Judge करने लगेंगे. सच भी यही है कि लोग इसे पुरुषों की Machismo यानि कि मर्दानगी से जोड़कर देखने लगते हैं.

Source: Weight Training

फ़िल्में समाज का आईना होती हैं, ऐसा किताबों में लिखा गया है. कुछ फ़िल्मकार ये सोचकर ही फ़िल्में बनाते हैं. पर इस गंभीर विषय को Mainstream Cinema में भी जगह नहीं मिली. फ़िल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया में इस विषय को कुछ मिनटों के लिए जगह दी गई. पर इस फ़िल्म में Male Molestation को एक Funny Scene की तरह दिखाया गया. कुछ लोग हीरो 'बद्री' के साथ छेड़कानी करते हैं और हीरोइन 'वैदेही' उसे बचाती है और अपना दुपट्टा देती है और सभी हंसने लगते हैं. यहां इतने गंभीर विषय को इतने मज़ाकिया ढंग से पेश किया जाना सरासर ग़लत था और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

इस सिलसिले में जब मैंने कुछ लोगों से बात करने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने तो इस गंभीर समस्या को हंसी में उड़ा दिया, कुछ लोगों ने मुझे पागल करार दिया, तो कुछ लोगों ने इस पूरे So-Called Concept को ही आंखों का धोखा और एक Imagination बता दिया.

Source: El-tribuno

ये Human Nature है, हम बुरी यादों को भूला देना चाहते हैं. लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि जब तक समस्या पर बात नहीं होगी, समस्या का समाधान भी नहीं मिलेगा. बहुत ज़्यादा खोज-बीन करने के बाद मुझे कुछ ऐसे लोग मिले, जो इस मामले में खुलकर बात करने को तैयार हो गए. अगर हो सके तो उनके दर्द को समझने की कोशिश कीजियेगा.

उसने Lift मांगी थी और फिर मुझे कस के पकड़ लिया था

मुझे उस रात ऑफ़िस से लौटने में देर हो गई थी, मैं जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहता था. ऑफ़िस से थोड़ी ही दूरी पर एक 20-22 साल की लड़की ने मुझे इशारे से रुकने को कहा. मैं बगल में खड़ी गाड़ी देखकर समझ गया कि उसकी गाड़ी ख़राब हो गई थी. मैंने अपनी बाइक रोक दी और उससे पूछा कि उसे कहां जाना है. उसने कहा कि थोड़ा आगे जाकर ही उसका घर है. आमतौर पर अनजानी लड़कियां ज़रा अलग होकर बैठती हैं, पर वो मुझ से सट कर बैठ गई. मुझे अजीब लगा इसीलिये मैं थोड़ा आगे हो गया. रास्ता ख़राब था इसीलिये उसने अपने हाथ मेरी कमर पर रख दिये थे. मुझे अच्छा नहीं लग रहा था, पर मुसीबत भी तो मैंने ही मोल ली थी. मुश्किल से 6-7 मिनट हुए थे उसको बैठे हुए और उसने मेरे Private Part पर अपना हाथ रख दिया.

Source: Inverse

सच कहूं मैं बहुत डर गया था, क्योंकि ऐसा मेरे साथ कभी नहीं हुआ था. एक लड़की अगर ऐसा करे तो आमतौर पर लड़के इसे मौके की तरह देखते हैं, पर मुझे बहुत गंदा लगा. मैंने बाइक रोकी और उसे डांटकर उतरने को कहा. मैं क़िस्मतवाला था कि उसने मुझे सिर्फ़ Middle Finger दिखाई और उतर गई. मैंने अपनी बाइक की रफ़्तार बढ़ाई और जैसे-तैसे घर पहुंचा. इस घटना के कई दिनों बाद तक मैं किसी को भी Lift देने की हिम्मत नहीं कर पाया. किसी अनजान लड़की के सामने आज भी असहज महसूस करता हूं.

मेरी बॉस ने मुझे अपने घर पर बुलाकर, ग़लत ढंग से Touch किया था, मैंने Resign दे दिया

मेरी नई जॉब थी, Join किये हुए मुझे सिर्फ़ 10 दिन हुए थे. तब तक मैंने पूरा ऑफ़िस तक नहीं देखा था. मेरी बॉस ने मुझे अपने घर ये कहकर Invite किया कि मेरे लिए Employees ने मिलकर Surprise पार्टी रखी है. मैं जब उनके घर गया तो वहां कोई नहीं था. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यही Surprise था. मैंने ज़रा सा असहज महसूस किया. पर मेरे पास घर वापस जाने का कोई कारण नहीं था. उन्होंने मुझे ड्रिंक्स ऑफ़र की, मैं सोफ़े पर बैठ गया. वो भी अपना ग्लास लेकर बैठ गई, सोफ़ा बड़ा था फिर भी वो मेरे से सटकर बैठ गई. मुझे बहुत अजीब लगा. पर मैं चुपचाप बैठा रहा. पीते-पीते उसने मेरी Thigh पर हाथ रख दिये और उसे सहलाने लगी. ये बहुत ही अजीब था मैंने उसका हाथ हटाया तो उसने मुझे घूरकर देखा, मैं वहां से तेज़ी से भागा और घर जाकर ही दम लिया. लैपटॉप ऑन करके मैंने अपना Resignation HR को भेज दिया.

Source: Dagospia

अकाउंट्स की कोचिंग में पास बैठी लड़की ने मुझे ग़लत ढंग से छुआ, मैंने उस क्लास में जाना छोड़ दिया

अकसर Molestation का शिकार हुआ हूं. मुझे पता है कि लड़कियां कैसा Feel करती हैं. अकाउंट्स की कोचिंग की क्लास थी. उस कोचिंग में सैकड़ों बच्चे थे, तो ज़ाहिर सी बात है कि 1-2 लड़कों को छोड़कर किसी से उतनी दोस्त नहीं थी. उस दिन कोचिंग के Break में मेरे दोस्त ने बताया था कि एक लड़की मुझे पसंद करती है और मेरी वजह से वो सुबह से रो रही है, मुझे समझ नहीं आया कि मुझे क्या करना चाहिए. मेरे दोस्त ने ही कहा कि मुझे उसके पास जाकर बैठना चाहिए. मैं Break ख़त्म होने के बाद उसके पास जाकर बैठ गया, मुझे अजीब लग रहा था क्योंकि वो मेरी वजह से रो रही थी. पर मैं जैसे ही उसके पास बैठा वो Normal हो गई, न तो वो रो रही थी और न ही दुखी नज़र आ रही थी. इतना ही नहीं, वो खिलखिलाकर मुझ से बातें करने लगी. उसने ज़बरदस्ती अपना फ़ोन नंबर मेरी नोटबुक पर लिख दिया. यहां तक तो फिर भी सब ठीक था. पर फिर उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और मुझ से सटकर बैठने लगी. मुझे उसकी ये हरकत जितनी अजीब लगी, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है.

Source: Karnaval

इस घटना का ज़िक्र मैंने जब भी किसी के सामने किया है, ज़्यादातर लोग मुझे बेवकूफ़ कहकर निकल जाते हैं. क्योंकि मैंने एक 'मौका' छोड़ दिया था. क्या करूं मुझे लड़कियां मौका नहीं इंसान लगती हैं.

मंदिर के पंडित जी ने मंदिर में ही मेरे साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की

सुनने में अजीब लगता है, पर मुझे अच्छे से याद है मैं 12वीं कक्षा में पढ़ता था और मां के साथ मंदिर गया था. मां पूजा में व्यस्त थीं और मैं इधर-उधर घूम रहा था. तभी पीछे से आकर किसी ने मुझे कसकर पकड़ लिया. उसका Private Part मेरे Hips पर था. मैंने गर्दन घुमाकर देखा, तो वो मंदिर के ही पुजारी थे और मुस्कुरा रहे थे. मैं ख़ुद को जैसे तैसे छुड़ाकर भाग गया. मैंने ये घटना अपनी मां से भी नहीं कही.

Source: Valeriemall

ऐसे ना जाने कितने ही पुरुष हैं जो हर रोज़ ऐसी घटनाओं का शिकार होते हैं और चुपचाप रह जाते हैं, क्योंकि वो जानते हैं कि कोई भी उनकी बात का यक़ीन नहीं करेगा. अगर किसी पुरुष के साथ रेप भी हो जाए तो इससे जुड़ा एक भी क़ानून, हमारे देश में नहीं है. हमारे समाज ने तो यही मान लिया है कि स्त्रियां कभी ग़लत हो ही नहीं सकती. देश के क़ानून की तरफ़ भी देखें तो ज़्यादातर क़ानून स्त्रियों के ही पक्ष में है. Molestation के बारे में Victims को खुलकर बात करनी चाहिए. इसमें झिझक, शर्म महसूस हो, तो ऐसे लोगों से बातें करें जिन पर आप सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं. अगर आप भी कभी ऐसी घटना का शिकार हुए हैं, तो सबसे पहले ये सोच अपने दिमाग़ से निकालें, कि इस पर बात करने से आपकी मर्दानगी कम हो जाएगी.  

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पुरुषों के साथ छेड़खानी पुरुषों के साथ रेप पुरुषों के साथ हिंसा़ पुरुषों की सुरक्षा

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राजनीति की शतरंज पर नेता पुत्रों की बिछती बिसात,क्या दिल्ली का प्रयोग MP में भी करेगी भाजपा?

परिवारवाद के चलते कार्यकर्ताओं में कहीं खुशी कहीं गम

उठते अंदरूनी विरोध के स्वरों में समय का इंतजार

डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव

Ajeybharat/Bhopal/ यह बात अलग है कि अभी लोकसभा,विधानसभा,नगरीय निकाय हों या फिर अन्य चुनाव होने में काफी समय बाकी है परन्तु नेता पुत्रों ने ताल ठोकना प्रारंभ कर दिया है। बात किसी एक दल की नहीं अपितु देखा जाये तो सभी दलों में एैसा देखा जा सकता है परन्तु परिवारवाद का आरोप लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी को भी अनेक मामलों में कांग्रेस के नक्शेकदम पर देखा जा सकता है। जिसको लेकर जिन नेता पुत्रों को मैदान में उतारा जा रहा है उनके अपने तर्क हैं, परन्तु मामला तो पार्टी के सिद्धांतों का है? प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह की बात करें या फिर पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह की या फिर प्रदेश के कद्ावर मंत्री जयंत कुमार मलैया,गोपाल भार्गव की इन सभी के पुत्रों के साथ ही प्रदेश के अनेक मंत्री,सांसदों,विधायकों के पुत्र आगामी चुनाव में उतरने या उतारने की तैयारी मंे बतलाये जाते हैं। वैसे देखा जाये तो अनेक क्षेत्रों में तो गत विधान सभा चुनाव के बाद ही कुछ नेता पुत्रों की अचानक सक्रियता बढ गयी थी। अनेक जगहों पर तो सीधे हस्तक्षेप के साथ ही मंत्री,विधायक से कम नहीं स्वयं को आंक रहे हैं नेता पुत्र वहीं उनके उत्साह वर्धन में व्यक्ति परिक्रमा एवं चरण वंदना में लगे रहने वालों की भी जमकर चर्चा बनी हुई है? 

युवराजों की फौज,कार्यकर्ता पशोपेश में-

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चैहान के पुत्र का भी पदापर्ण राजनीति के क्षेत्र में हो चुका है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के पुत्र कार्तिकेय सिंह,वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया,मंत्री गोपाल भार्गव के पुत्र अभिषेक भार्गव दीपू,मंत्री माया सिंह के पुत्र पीतांबर सिंह, नरोत्तम मिश्रा पुत्र डॉ. सुकर्ण मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय पुत्र आकाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पुत्र देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर उर्फ रामू, राज्यसभा सांसद प्रभात झा पुत्र तुष्मुल झा,जैसे प्रमुख नेता मंत्री पुत्रों के नाम बतलाये जाते हैं। इसी क्रम में माया सिंह पुत्र पीतांबर सिंह गौरीशंकर शेजवार  पुत्र मुदित शेजवार, गौरीशंकर बिसेन की पुत्री मौसम बिसेन हिरनखेड़े, पारस जैन पुत्र संदेश जैन, कुसुम मेहदलेे भतीजे पार्थ मेहदले, रामपाल सिंह पुत्र दुर्गेश राजपूत, सूर्यप्रकाश मीणा पुत्र देवेश राजनीतिक मैदान में उतरने की पूरी तैयारी कर चुके हैं।

बतलादें कि प्रदेश भर में आयोजित होने वाले अनेक राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में नेता पुत्रों के भाग लेने के साथ क्षेत्रों में दौरे करने कराने तथा उनको स्थापित करने के लिये मंत्री,नेताओं के करीबी एवं परिक्रमा वाले लोग लगे देखे जा सकते हैं। यह बात अलग है कि संगठन के लिये लगातार समय देने वाले अपना जीवन आहुत करने वाले कार्यकर्ता को आत्म चिंतन करने पर मजबूर कर दिया है जिसकी संख्या अधिक बतलायी जाती है? कहने का मतलब साफ है कि आसानी से अनेक स्थानों पर नेता पुत्रों को स्वीकार करने में समस्या आ रही है। इसके पीछे का एक बडा कारण नेता पुत्रों का सहजता की जगह अपने को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध कर आगे बढना एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करना भी बतलाया जाता है। परिणाम वर्तमान में होने वाले सरकार एवं संगठनों के कार्यक्रमों की विफलता एवं उपस्थिति से आसानी लगाया जा सकता है?

परिवारवाद के चलते कहीं खुशी कहीं गम-

नेता पुत्रों के अचानक मैदान में आने और उनको स्थापित करने के लिये नेताओं और उनके कुछ समर्थकों के चलते कहीं खुशी कहीं गम का माहौल देखा जा सकता है? दरसल नेता पुत्रों की सिर्फ इसी बात से पहचान होना कि वह फलां नेता का पुत्र है और बने बनाये प्लेटफार्म पर आकर बैठ रहा है भी एक महत्वपूर्ण कारण कहा जा सकता है। जबकि फर्श बिछाकर विषम परिस्थिति में भी दशकों से कार्य करने वाले अनेक कार्यकर्ताओं के मन में कहीं न कहीं आत्मगिलानी या उपेक्षा का कारण बन रहा है? जिसके चलते प्रदेश में एैसे अनेक स्थानों पर परिक्रमा नहीं करने वालों के विरूद्ध पार्टी के ही चर्चितों द्वारा परेशान करने के मामले प्रकाश में आते ही रहते है? सागर संभाग की दो विधानसभा क्षेत्र की स्थितियां किसी से छिपी नहीं है जहां स्वयं क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल कार्यकर्ता रूपी अपने साक्षात भगवान के लिये संघर्ष करते देखे जा सकते हैं। पार्टी के ही सूत्रों की माने तो प्रहलाद पटेल के हस्तक्षेप से कर्मठ कार्यकर्ताओं को काफी हद तक शक्ति मिली है और वह अपने आपको सुरक्षित महसूस करने लगे हैं? नही ंतो सोशल मीडिया के साथ ही पोस्टरवाय के रूप में चर्चितों का मामला कौन नहीं जानता जो आये दिन चर्चाओं में बना ही रहता है?

प्रदेश की राजनीति में –

परिवारवाद को लेकर हमेशा आक्रामक रहने वाली भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट्र संदेश दिल्ली के नगरीय निकाय के चुनाव में देने का प्रयास किया हालांकि इसका लाभ भी उसको मिला। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में हालांकि कुछ अलग रहा लेकिन वहां पार्टी का लक्ष्य दशकों के वनवास को राजसिंहासन प्राप्त करना था। बात करें मध्यप्रदेश की तो नेताओं के युवराजों की बिछात राजनैतिक शतरंज में बिछने लगी है। सत्ता प्राप्त करने और संगठन में दबदबा बनाने के लिये पद प्राप्त करने ऐडीचोटी का जोर लगते देखा जा सकता है। राज्य के एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के साथ अनेक नेताओं के पुत्रों को स्थापित करने के लिये उनके समर्थक लगे हुये हैं। यह बात अलग है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेताओं को अपने परिजनों पुत्रों को टिकिट के लिये जबरन दबाब बनाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुये एैसा न करने हेतु कहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सागर में  2017 की 10 एवं 11 जनवरी को सम्पन्न हुई प्रदेश कार्य समीति की बैठक में वंशवाद एवं परिवारवाद से भारतीय जनता पार्टी को मुक्त करने के लिये संकल्प प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। यह बात अलग है कि कुछ नेताओं ने दबी जुबान से उक्त मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया था। अब कितना कार्य उक्त प्रस्ताव को लेकर होगा यह तो समय की गर्त में है परन्तु इस बात से साफ हो जाता है कि अनेक नेताओं को इसकी परवाह नहीं है और वह पुत्र मोह में संगठन से उपर मानकर स्वयं को चल रहे हैं।

सोशल मीडिया,पोस्टर वाय बन सक्रियता दिखाते –

नेता पुत्रों की उपस्थिति इस समय जनता के मध्य जितनी दर्ज करायी जा रही उससे कहीं अधिक संख्या सोशल मीडिया पर बनी हुई देखी जा सकती है। वकायदा उनके समर्थक एवं परिक्रमा में लगे लोग सोशल मीडिया में उपस्थिति दर्ज कराने में लगे हुये हैं। अनेक जगहांे पर तो पार्टी का नाम और प्रोफाईल फोटो इन्हीं की देखी जा सकती है जिसमें बढ चढकर जमीनी हकीकत से दूर किन्तु अपने आप में सबसे बडे सक्रिय होने के दावे किये जाते हैं। ज्ञात हो कि मंत्री, नेताओं के पुत्र-पुत्रियों सहित उनके परिजन राजनीति में अपना स्थान बनाने में लगे हुए हैं। वहीं पोस्टर वाय के रूप में भी अधिकांश अपने नाम की चर्चा लोगों में बनाये हुये हैं जिनकी चर्चा भी जमकर बनी हुई है। ज्ञात हो कि सोशल मीडिया की तरह नगरों के प्रमुख चैराहों,तिराहों के साथ अनेक सार्वजनिक स्थानों पर बडे-बडे होर्डिंग इनके चित्रों से सुसज्जित देखे जा सकते हैं। विदित हो कि अचानक नेता,मंत्री पुत्रों की सक्रियता सोशल मीडिया पर बढने के साथ ही सार्वजनिक समारोहों में बढने लगी है। अधिकांश जगहों पर तो इनके समर्थक या इनकी छबि चमकाने में लगे परिक्रमाधारी किसी भी शासकीय,अर्धशासकीय,सामाजिक कार्यक्रमों का पता लगाकर उनमें अतिथि बनाने के लिये सक्रियता दिखलाते देखे जा सकते हैं। अधिकांश जगहों पर तो शासकीय कार्यक्रमों में प्रतिबंध के बाबजूद भी इनके फोटो बेनर में लगे देखे जा सकते हैं?

वंशवाद,सक्रिय कार्यकर्ताओं के हक पर डांका –

वंशवाद,परिवारवाद की भेंट चढते देश के अनेक राजनैतिक दलों के परिणामों से कौन परिचित नहीं है। कांग्रेस पार्टी के प्रमुख पद पर नेहरू,इंदिरा,राजीव,सोनिया और अब राहुल,प्रियंका का विरासत को संभालना वंशवाद का प्रमुख उदाहरण राजनैतिक हलकों में माना जाता है। वहीं इसी को आगे बढाते हुये कांग्रेस सहित अनेक पार्टियों के नेता पुत्रों के दखल और सियासत में सक्रियता के साथ आगे बढने बढाने के बडी संख्या में आये दिन समाचार प्राप्त होते ही रहते हैं। वहीं कांग्रेस सहित अन्य दलों पर वंशवाद का आरोप लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेता पुत्रों की राजनैतिक शतरंज पर बिछती बिसात से उसके वंशवाद के विरोध मामले को लेकर प्रश्न चिन्ह अंकित होने लगे हैं? अगर यह कहा जाये कि कांग्रेस के नक्शेकदम पर भाजपा ने अपने कदम बढाते हुये मजबूत करना प्रारंभ कर दिया है तो शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी? बात करें मंत्री जयंत कुमार मलैया के पुत्र सिद्धार्थ उर्फ छोना मलैया की या फिर मंत्री गोपाल भार्गव के पुत्र अभिषेक उर्फ दीपू भार्गव की या फिर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह,गौरीशंकर बिसेन/मौसम बिसेन, मंदार और मिलिंद महाजन सुमित्रा महाजन, कार्तिकेय शिवराज सिंह चैहान, आकाश कैलाश विजयवर्गीय सहित यशोवर्द्धन चैबे विधायक अरुणोदय चैबे देवेंद्र सिंह/नरेंद्र सिंह तोमर,अक्षय राजे भंसालीयशोधराराजेसिंधिया,राजेंद्रकृष्णरामष्णकुसमारिया,मुदित/

गौरीशंकरशैजवार,सोनू/कैलाशचावला,राजकुमार/सत्यनारायणजटिया,जितेंद्र/थावरचंद गहलोत,संदीप/ कमल पटेल,पीतांबर सिंह माया सिंह,डॉ. सुकर्ण मिश्रा डॉ. नरोत्तम मिश्रा,मौसम बिसेन गौरीशंकर बिसेन, दुर्गेश राजपूत रामपाल सिंह,देवेश सूर्यप्रकाश मीणा के नाम प्रमुख बतलाये जाते हैं जिनके नामों की चर्चा बनी हुई सुनी जा सकती है? वैसे देखा जाये तो परिवारवाद,वंशवाद के दलदल में शायद ही एैसी कोई राजनैतिक पार्टी हो जो धंसती न जा रही हो?रोग के फैलने से राजनैतिक दलों के संगठनों में अपना जीवन का सर्वस्य निछावर कर देने वाले कर्मठ कार्यकताआंे में उपेक्षा का भाव जागृत होने लगा है? प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में परिवारवाद के बढते प्रभाव में जिन नेताओं के परिजनों के नाम सामने आ रहे हैं उनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया स्व. माधवराव सिंधिया,अजय सिंह राहुल स्व. अर्जुन सिंह,अरुण यादव स्व. सुभाष यादव,डा. निशिथ पटेल श्रवण पटेल,संजय पाठक सत्येंद्र पाठक,दीपक जोशी कैलाश जोशी,विश्वास सारंग कैलाश सारंग,सुंदरलाल तिवारी श्रीनिवास तिवारी/धु्रवनारायण सिंह गोविंद नारायण सिंह,हर्ष सिंह गोविंद नारायण सिंह,शैलेंद्र शर्मा

लक्ष्मीनारायण शमार्,राजेंद्र वर्मा पे्रम चंद वर्मा,सावन प्रकाश सोनकर, राघवजी पुत्री ज्योति शाह,रमेश भटेरे दिलीप भटेरे,ओमप्रकाश सखलेचा वीरेंद्र कुमार सखलेचा,राजवर्धन सिंह दत्तीगांव स्व.प्रेम सिंह,सत्यनारायण पटेल रामेश्वर पटेल,सत्यपाल सिंह सिकरवार (नीटू) पूर्व विधायक गजराज सिंह सिकरवार,हिना कावरे पूर्व मंत्री स्व लिखीराम कांवरे,कमलेश पटेल पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल जैसे नेताओं के पुत्रों के नाम सामने आ रहे हैं? उक्त मामले को लेकर कर्मठ एवं पार्टी के लिये पूरा जीवन समर्पित करने वाले कार्यकर्ताओं के हक पर डाका डलते जाने की जमकर चर्चा इस समय राजनैतिक हलकों में देखी जा सकती है?अनेक मामलों में तो कार्यकर्ताओं की उपेक्षा एवं नेता पुत्रों की सार्वजनिक एवं आये दिन कहीं न कहीं न करने के मामले चर्चाओं में सुने जा सकते हैं? संगठन के शीर्ष पर बैठे नेताओं ने अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में एक बडा संकट खडा हो सकता है एैसा राजनीति के क्षेत्र के जानकार बतलाते हैं।

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मिलिए रामायण की सीता से, अब ये कॉस्मेटिक कंपनी में रिसर्च मार्केटिंग टीम की हेड हैं

बचपन का वो रविवार तो आपको याद ही होगा. जब दादा-दादी के साथ बैठ कर सुबह-सुबह रामायण देखते थे. 1987 में बने इस धार्मिक सीरियल के सारे किरदार हिट थे. राम बने अरुण गोविल को आज भी लोग भगवान राम ही मानते हैं और हनुमान जी का नाम सुनते ही दारा सिंह की शक्ल ज़हन में आती है. इसी तरह सीता माता का चेहरा भी हमारे दिमाग में आज भी वैसा का वैसा ही बना है. सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया, 15 साल की उम्र में ही टीवी पर दिख गई थीं. सीता के नाम पर कोई और छवि इसलिए भी नहीं बनती है क्योंकि दीपिका ने इस किरदार के बाद टीवी की दुनिया को टाटा कर दिया था.

 

Source- Wholecelebfacts

सालों से लोगों के दिमाग में ये सवाल आता है कि, रामायण वाली सीता अब कहां हैं या कैसी दिखती हैं. दीपिका चिखलिया अब अपने पति की कॉ​स्मेटिक कंपनी में रिसर्च मार्केटिंग टीम की हेड हैं. इस सीरियल के बाद दीपिका ने कॉस्मेटिक कंपनी के मालिक हेमंत टोपीवाला से शादी कर लीऔर उसके बाद वो अपने परिवार और काम में व्यस्त हो गईं.

 

 

अब दीपिका कुछ ऐसी दिखती हैं.

 

 

रामायण के बाद दीपिका को कई टीवी सीरियल के लिए एक्टिंग प्रोजेक्ट आॅफ़र हुए पर उन्होंने नहीं किए. हां कुछ फ़िल्में उन्होंने ज़रूर कीं. दीपिका अब दो बेटियों की मां हैं और अपना वक़्त घर और बिज़नेस को ही देती हैं. 

Source- Celebrityborn

 

Source- Jansatta

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73 साल के बद्री 72 दिनों में 22,200 किलोमीटर की रोड ट्रिप कर सबको अपना Fan बना चुके हैं

हम में से ज़्यादातर लोग शायद 22,200 किलोमीटर गाड़ी चला कर दुनिया घूमने के बारे सोच भी न सकें, लेकिन एक 73 साल के व्यक्ति ने ऐसा सोचा भी और किया भी. वो लन्दन तक गाड़ी चला कर पहुंचे और इस बीच कई जगहों पर घूमे.

 

73 वर्षीय बद्री बलदावा और उनकी 63 वर्षीय पत्नी पुष्पा ने 10 साल की पोती निशी के साथ मुंबई से लंदन का सफ़र सड़क से पूरा किया. उन्होंने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर इस सफ़र की तस्वीरें शेयर की हैं.


वो मार्च 23 को अपनी बीएमडब्लू एक्स 5 पर रवाना हुए थे और 19 देशों को पार करते हुए 72 दिनों में लंदन पहुंचे. इसकी प्लानिंग वो 2016 से कर रहे थे. 23 मार्च को गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब से वो रवाना हुए थे.


बद्री बलदावा ने कहा कि मुंबई से लंदन जाने के लिए कोई और रास्ता नहीं था. अगर वो पाकिस्तान और अफगानिस्तान होते हुए जाते, तो उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी. तिब्बत के रास्ते उत्तर की ओर नहीं जा सकते थे, क्योंकि चीन इसकी इजाज़त नहीं देता.


बलदावा, स्टील निर्यातक और पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं. वो अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं. वो पहले भारतीय दंपति हैं, जिसने 90 डिग्री नार्थ पोल के साथ-साथ माउन्ट एवेरस्ट जैसी जगहें घूमी हैं.


 

इस ट्रिप के दौरान वो भारत को और करीब से जान पाए. गंगा के घाटों से लेकर चेरापूंजी तक उन्होंने घूमा. एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने चार दिनों में चार देशों को पार किया. 2 जून को वो लन्दन पहुंचे.

 मुंबई की इस जोड़ी ने दुनिया को दिखा दिया है कि सपनों को पूरा करने में उम्र कभी बाधा नहीं बनती. 

 

Source:Topyaps

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प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं:सुनीता वर्मा

Ajeybharat/Narnaul/सरकार कानून व्यवस्था सुधारने की बजाय एक एनजीओ की तरहं काम कर रही है, प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं, थोड़ी सी बारिश ही सरकार के दावों की पोल खोल देती है…लेकिन सरकार पौधारोपण के कामों में व्यस्त है' उक्त विचार आज बसपा जिला अध्यक्षा सुनीता वर्मा ने अपने नारनौल स्थित कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलते हुए व्यक्त किये।


बसपा पार्टी किसानों, दलितों और मुस्लिमों पर बीजेपी पार्टी द्वारा किये जा रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ जिले में जल्द ही आंदोलन चलाया जाएगा
उन्होंने कहा की बसपा पार्टी जिले में युवाओं का नया कैडर खड़ा करेगी, पार्टी संगठन में भी 75 फीसदी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेंगी, जिले में जल्द ही महिलाओं और बामसेफ का भी अलग से संगठन तैयार किया जा रहा है। पार्टी का डिजिटल कार्यालय नारनौल में स्थापित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन  मान्यवर प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के हाथों जल्द ही करवाया जाएगा।

इस मौके पर उनके साथ जिला प्रभारी राव ओमप्रकाश आर्य, अशोक दास व चारों विधानसभा अध्यक्ष भी रहे, राहुल बौद्ध, अजय बौद्ध, कांशीराम, दलबीर जी, हवासिंह बौद्ध, भीम सिंह दहिया, शिवकुमार पटवारी, माडुराम सरपंच, नरसिंह सैनी, कृष्ण फौजी सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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मन को हमेशा स्थाई रखें, भटकता मन कामयाबी में रुकावट : एडीसी आमना तस्नीम

Ajeybharat/Jind/ पढ़ाई करते समय मन को एकाग्र रखना सफलता की निशानी है, जो विद्यार्थी पढ़ते समय मन में अन्य विचारों को स्थान देते है उन्हें सफलता मिलने में समय लगता है। उक्त विचार जिला प्रशासन द्वारा हुड्डा के वाणिज्यिक परिसर में चल रहे स्वामी विवेकानन्द कैरियर काउंसलिंग सेंटर के विद्यार्थियों द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त आमना तस्नीम के सम्मान में आयोजित विदाई पार्टी के दौरान एडीसी ने व्यक्त किए। 

एडीसी आमना तस्नीम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी विद्यार्थी अपनी डिग्री की पढ़ाई करते समय ही जारी रखें। हमेशा पढ़ाई का वह फार्मूला अपनाया जाये जो आपको कम समय में अधिक शब्दों को कवर कर सकें। सहायक शब्दों को अपने मन दिमाग में स्थाई रखें ताकि उन्हें पढऩे की जरुरत ही ना पड़े तथा वह शब्द अपने आप जुड़ते चले जायें। इसके लिए कुछ दिन प्रैक्टिस करने की जरुरत है। विद्यार्थियों द्वारा यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के सवाल पर एडीसी ने कहा कि आपका लक्ष्य निश्चित होना चाहिये। अपने लक्ष्य के अनुसार पाठयक्रम व समय का प्रबंधन करें, उससे संबंधित अच्छे लेखकों की पुस्तकों को लेकर अपनी तैयारी करें। एडीसी ने बताया कि साक्षात्कार के समय वह ड्रेस पहने, जो आपके सभ्य होने का संकेत देती है ऐसी ड्रेस कभी भी न पहनें जिससे आपको खुद परेशानी महसूस होती हो। विद्यार्थी जीवन में समय का सदूउपयोग करें क्योंकि यही समय आपके जीवन को बुलंदियों तक लेकर जाता है।

उन्होंने सेंटर के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि मैं सेंटर में वह कुछ ही क्लास ले सकीं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के लिए कुछ पुस्तकों के नाम लिखे जिनमें 'दा ट्राचटेनबर्ग स्पीड सिस्टम ऑफ बेसिक मैथेमेटिक्सÓ 'वारेन एडं मार्टिनÓ 'थोमसन एडं मार्टिनजÓ 'नार्मन लविनÓ में हाऊ टू रीड बेटर एडं फास्टर आदि पुस्तकों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सेंटर संयोजक जितेन्द्र अहलावत, शिक्षक प्रवेश कुमार, राजेन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश गिल, संजय फुलिया तथा संध्या, प्रियंका, कविता, शकुंतला, मनीषा, रमेश कुमारी, रजनी, संजना, सुजाता, देवन्द्र, श्योरण आदि विद्यार्थियों ने एडीसी को स्मृति चिह्न भेंट किये । 
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गुरुगृाम के नए डीसी बने विनय प्रताप सिंह

गुरुग्राम (Ajeybharat.com) 13 जुलाई,2017; ढाई साल से अधिक समय तक गुरुगृाम में एडीसी के रूप में अपनी सेवा देने के बाद विनय प्रताप सिंह को गुड़गाँव में ही पदोंऊनीति दे कर गुड़गाँव का नया डी॰सी॰ बना दिया है हरदीप सिंह का स्थान लिया । पिछले ढाई सालों में विनय प्रताप ने एडीसी रहते अपनी सभी को भारी पूरी तरह से निभाया गुड़गाँव में वाईवरेंट हरियाणा हो या इन्वेस्टर सब्मिट या फिर प्रशासन की कोई भी जीमेदारी सभी को श्री प्रताप ने अपनी कार्यकुशलता से सम्भाला। इस दौरान डीआरडीए के सीईओ, स्पेशल ऑफ़िसर स्मार्ट ग्रीड प्रोजेक्ट, श्रम विभाग के आयुक्त जैसे अतिरिक्त भार भी रहे परन्तु सभी का जीमेदारोयो का श्री प्रताप ने भली भाँति निर्वाहा किया। 2011 में यूपीएससी कीं परीक्षा में 14वाँ स्थान प्राप्त कर हरियाणा का नाम रोशन करने वाले विनय प्रताप को हरियाणा सरकार में ही अपनी सेवा देने का मौक़ा मिला। श्री प्रताप जी की धर्म पत्नी प्रांजल सिंह एक आई॰आर॰एस॰ अधिकारी और गुड़गाँव में ही जीएसटी विभाग में आयुक्त के पद पर कार्यरत है।

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Gurugram Welcome Vinay Pratap Singh is one of the youngest deputy commissioners(DCs) in the state

Ajeybharat/Gurugram/At 29 years, IAS officer Vinay Pratap Singh is one of the youngest deputy commissioners(DCs) in the state. With his appointment as DC of Gurgaon this week, city residents are hoping for a solution to long-pending issues such as potholed roads, waterlogging during monsoon, harassment of homebuyers by builders and traffic congestion. Apart from his age, his familiarity with Gurgaon is also in his favour as he has been the additional DC of Gurgaon for almost three years.

Singh too acknowledged the residents’ expectations due to his experience with the city since November 21, 2014, when he joined as ADC.

Hailing from Faridabad, Singh graduated from the Birla Institute of Technology (BITS) in Pilani, Rajasthan, with a B Tech in electronics. In 2011, he cleared the civil services examinations and after nearly six and a half years of service, the state government promoted him to DC of Gurgaon.

“There is no doubt that he is young and dynamic. The real challenge is before him now and we hope he does not disappoint us. However, I would also add that the DC alone cannot change a lot unless the state government allows him to act. We are hoping that the new DC brings relief to homebuyers who are being harassed by developers in Gurgaon, but only time will tell,” said Shephalika Sharma, vice president, Federation of apartment owners’ association, Gurgaon.

Another resident, Shashi Kant Sharma of Sector 5, said, “The plan to connect the city with the metro network and removal of Kherki Daula toll are stuck in a political tangle. We hope the new DC resolves these issues.”

Last year, there was massive waterlogging at Hero Honda Chowk during the monsoon. The reason for this was that the main Badshahpur drain is too narrow at Khandsa to drain out rainwater timely and failed the city in the excessive rain in July last year. While efforts have been underway to widen the drain at Khandsa, every successive DC has failed to resolve it till date.

Similarly, completion of the city’s two peripheral roads (SPR and NPR) is stuck in litigation, also delaying work on other infrastructure projects and development in the areas along these two roads. The city also does not have solid waste management system, a master plan to harvest rainwater, and the renewable energy plan is still in its initial stages due to low enforcement.

Assuring that he will connect with people actively through social media to get a better understanding of their problems and their solutions, Singh sad, “I will fulfil the expectations of the residents and the state government.”

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We lost the lives of 10 Indians in Saudi: Sushma Swaraj

Total News

Ajeybharat/New Delhi

Due to a fire in a house in the Gulf country Saudi Arabialate iast late night, 10 Indians died and 6 were injured. India's Foreign Minister Sushma Swaraj told about the incident on the social media and said that I have spoken to the Jeddah Consul General. A woman had sought help from Sushma Swaraj for bringing her husband's body from Saudi, after which Sushma disclosed this in her reply. Sushma Swaraj further said that the city of Najran in Saudi Arabia is about 900 kilometers away from Jeddah and our workers are reaching there by the available first flight. Our officials are constantly in contact with the governor there and I am constantly being updated. According to the information, Indians living in this house in the city of Najran used to work in a construction firm in Saudi Arabia and the reason for the fire was being reported as a short circuit.

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Travel Websites, जिनकी मदद से आप घर बैठे कर सकते हैं अपने सफ़र की सारी Planning

सफ़र पर निकलने से पहले सबसे बड़ी चिन्ता इस बात की रहती है कि टिकट कैसे लेंगे, कैसे जाएंगे और जाने के बाद कहां रुकेंगे? इसके अलावा अपने बज़ट के हिसाब से होटल का पता लगाना भी एक बड़ा सिरदर्द होता है. इन सब बातों से जो लोग भी परेशान हैं, उनके लिए ट्रैवल वेबसाइट्स हैं. इन ट्रैवल वेबसाइट्स पर जाकर टिकट से लेकर होटल की बुकिंग बहुत ही आसानी से की जा सकती है.

आज हम आपको 15 ऐसी ही ट्रैवल वेबसाइट्स के बारे में बताएंगे, जो आपके सफ़र को बेहद आसान बना सकती हैं.

1. Ticketgoose


Ticketgoose, उन लोगों के लिए काफ़ी बेहतरीन है, जो ज़्यादा लम्बे सफ़र पर नहीं जाते हैं और बस से यात्रा करना पसंद करते हैं. ये वेबसाइट बस सेवा मुहैया करवाती है. इससे टिकट बुक करना काफ़ी आसान है. गोवा, चेन्नई, बेंगलुरु और कोच्चि जैसे शहरों में Ticketgoose अपनी बस सेवा देती है.

2. Expedia


अगर आपको लगता है कि आपको सफ़र में वो नहीं मिला, जिसका वादा किया गया था, तो ये वेबसाइट आपके अतिरिक्त पैसों को लौटा देगी. ये Expedia की सबसे बड़ी ख़ूबी है. Expedia बेहतरीन ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग कम्पनी है, जो किफ़ायती दामों पर हवाई जहाज़ और बस की टिकट उपलब्ध करवाती है.

3. MakeMyTrip


MakeMyTrip वेबसाइट पर International ट्रैवल पर आकर्षक ऑफ़र और छूट मिलती है. इस वेबसाइट का एक ब्लॉग भी है, जहां पर ये मौसम के अनुसार बेहतरीन पर्यटन स्थलों की जानकारी देते हैं. MakeMyTrip से आप यात्रा के लिए टिकट के साथ-साथ होटल भी बुक कर सकते हैं. इसे भारत की सबसे बेहतरीन ट्रैवल वेबसाइट माना जाता है.

4. IRCTC


IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) दुनिया की सबसे बड़ी रेल सेवाएं देने वाली वेबसाइट्स में से एक है. ये अपने यात्रियों के लिए काफ़ी किफ़ायती और आकर्षक दरों पर टिकट पेश करती है. IRCTC के माध्यम से आप न केवल ट्रेन, बल्कि हवाई जहाज़ और Luxury ट्रेन की टिकट भी बुक कर सकते हैं. IRCTC की वेबसाइट आम लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.

5. Veena World


Veena World वेबसाइट Veena Patil Hospitality Pvt. Ltd. के द्वारा संचालित की जाती है. इस वेबसाइट से आप हवाई जहाज़ से लेकर बस तक के टिकट की Booking कर सकते हैं. Veena World वेबसाइट से ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरह से टिकट बुक की जा सकती है.इसका ऑफ़िस मुम्बई में है.

6. Indian Holiday


जैसा की नाम से ही पता चलता है कि Indian Holiday, भारत की ट्रैवल वेबसाइट है. इस वेबसाइट को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय से भी मान्यता प्राप्त है. Indian Holiday 20 सालों से ट्रैवल के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही है. ये वेबसाइट मुख्य रूप से पर्यटन स्थलों के लिए अपनी सेवाएं मुहैया करवाती है.

7. Thomas Cook


Thomas Cook एक इन्टरनेशनल ट्रैवल कम्पनी है, जो दुनिया के कई देशों में अपनी सेवाएं प्रदान करती है. इस वेबसाइट के ज़रिए आप हवाई जहाज़ से लेकर क्रूज़ यात्रा का मज़ा ले सकते हैं. इस वेबसाइट पर टिकट के साथ-साथ हनीमून के लिए होटल भी बुक किए जा सकते हैं. Thomas Cook वेबसाइट अपने ग्राहकों को समय-समय पर आकर्षक छूट भी देती है.

8. TravelGuru


TravelGuru एक बेहतरीन वेबसाइट है, जिससे दुनिया भर में किफ़ायती दामों में होटल बुक किए जा सकते हैं. ये ट्रैवल वेबसाइट समय-समय आकर्षक ऑफ़र भी निकालती है और भाग्यशाली लोगों को तय कीमत से आधे में होटल बुकिंग मिल जाती है.

9. Incredible India


Incredible India, भारत सरकार की आधिकाारिक पर्यटन वेबसाइट है. इस वेबसाइट पर भारत के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकारी दी गई है. इसके अलावा इस वेबसाइट से वीज़ा, हवाई टिकट से लेकर बस के टिकट तक की जानकारी ली जा सकती है. अपनी इन ख़ूबियों की वजह से Incredible India दुनिया की सबसे ज़्यादा ट्रैफ़िक वाली वेबसाइटों में से एक है.

10. Goibibo


Goibibo, एक बेहद लोकप्रिय ऑनलाइन ट्रैवल वेबसाइट है. ये वेबसाइट कई तरह के आकर्षक ऑफ़र की मदद से ग्राहकों को लुभाती है. Goibibo का मुख्य कार्यालय गुरूग्राम (पहले गुड़गांव) में है और यहां से वेबसाइट पूरी दुनिया में अपने ग्राहकों को होटल की सुविधायें उपलब्ध करवाती है.

11. ClearTrip


ट्रैवल करने वाले लोगों के लिए ClearTrip एक बेहतरीन ट्रैवल वेबसाइट है क्योंकि इसके माध्यम से हवाई जहाज़ के टिकट से लेकर होटल तक आसानी से बुक हो जाता है. ये वेबसाइट अपने ग्राहकों को सारी सेवाएं काफ़ी कम दामों में मुहैया करवाती है, जिसकी वजह से लोगों के बीच ClearTrip ख़ासी लोकप्रिय है.

12. Travelchacha


Travelchacha वेबसाइट की मदद से आप अपनी यात्रा को काफ़ी आसान बना सकते हैं. ये वेबसाइट आपको अपनी छुट्टी को बेहतर ढंग से मनाने के विकल्प देती है. इसके माध्यम से देश-विदेश में कहीं भी टिकट और होटल बुक कर सकते हैं.

13. Travelogy India


जो लोग भारत में या फिर भारत के नज़दीकी देश जैसे भूटान और नेपाल में यात्रा के लिए टिकट और होटल बुक करना चाहते हैं, उनके लिए Travelogy India अच्छी ट्रैवल वेबसाइट साबित हो सकती है. ये ट्रैवल कम्पनी आकर्षक दामों में अपने ग्राहकों को अच्छी सुविधाएं मुहैया करवाती है.

14. Ezeego1


Ezeego1 भी एक अच्छी ट्रैवल वेबसाइट है, जो लोगों को सस्ती दरों पर हवाई जहाज़ के टिकट और होटल को बुक करवाने में मदद करती है. ये वेबसाइट हमेशा कोई न कोई स्पेशल ऑफ़र देती रहती है, जिसका फ़ायदा उठा कर लोग अपने सफ़र को सस्ता और यादगार बनाते हैं.

15. Yatra


Yatra वेबसाइट अपने ग्राहकों को किफ़ायती दामों पर हवाई जहाज़, ट्रेन और बस के टिकट बुक करवाने का ऑफ़र देती है. इस वेबसाइट की मदद से आप अपने सफ़र को काफ़ी आसान और सस्ता बना सकते हैं. Yatra वेबसाइट के द्वारा समय-समय पर देश-विदेश का सफ़र करने पर काफ़ी आकर्षक ऑफ़र दिए जाते हैं.

ये सभी ट्रैवल वेबसाइट्स काफ़ी विश्वसनीय और लोकप्रिय हैं. इन वेबसाइट्स की मदद से लोगों का टिकट की लम्बी लाइन में खड़े रहने वाला कीमती समय बच जाता है. इसके अलावा लोगों को ट्रैवल वेबसाइट्स की मदद की वजह से अब होटल ढूंढने के लिए भी धक्के नहीं खाने पड़ते हैं. आप भी अगर कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन वेबसाइट्स की मदद से अपनी टिकट और होटल बुक करके निश्चिन्त हो जाइए.

 

Article Source: Walkthroughindia & Indiatravelblog

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आगामी अगस्त माह में आयोजित करवाये जायेगें चार कानूनी जागरूकता शिविर: CJM

Ajeybharat/Jind/जुलाई जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा लोगों को कानून से जुड़ी जानकारी देने के लिए अगस्त माह में चार कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जायेगा। 
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी डा0 अशोक कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आगामी अगस्त माह में आयोजित करवाये जाने वाले कानूनी जागरूकता शिविरों का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इस माह में ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र की मलिन बस्तियों रहने वाले लोगों को कानून से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित क
रवाये जायेगें। उन्होंने बताया कि अगस्त माह का पहला कानूनी जागरूकता शिविर 6 अगस्त को सिवाहा गांव में आयोजित करवाया जायेगा। दूसरा कानूनी जागरूकता शिविर 13 अगस्त को ब्रहामणवास गांव में, तीसरा कानूनी जागरूकता शिविर 20 अगस्त को दुड़ाना गांव में तथा चौथा कानूनी जागरूकता शिविर 27 अगस्त को ललित खेड़ा गांव में आयोजित करवाया जायेगा। 
उन्होंने बताया कि अगस्त माह में आयोजित होने वाले सभी कानूनी जागरूकता शिविर सांय साढ़े तीन बजे प्रारम्भ होगें। जागरूकता शिविरों में वकीलों द्वारा कानून से जुड़ी जानकारी लोगों को उपलब्ध करवाई जायेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में कानूनी जागरूकता शिविरों में भाग लेकर कानून से जुड़ी जानकारी हासिल करे।

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