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थावे विद्यापीठ ने संगीतकार धनंजय मिश्रा को दी पी एच डी की मानद उपाधि

संगीतकार धनंजय मिश्रा को बिहार के गोपालगंज स्थित थावे विद्यापीठ ने भोजपुरी भाषा को बढ़ावा देने और कला संस्कृति के माध्यम से समाज में भाईचारा कायम करने के सशक्‍त प्रयास के लिए पी एच डी की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया। धनंजय मिश्रा बमुखी प्रतिभा के धनी हैं और वे संगीत के साथ – साथ रचनात्मक कार्यो में भी गहरी रूचि रखते हैं। वे भोजपुरी फिल्‍मों में प्रतिष्ठित संगीताकार है और कई सुपरहिट गानों में संगीत दे चुके हैं। उनकी इन्‍हीं खूबियों को देखते हुए थावे विद्यापीठ के कुलपति, कुलसचिव एवं प्रतिकुलपति द्वारा पी एच डी की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया गया। इस पर धनंजय मिश्रा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 19 फरवरी की शाम मेरे जीवन की यादगार शाम थी। मुझे थावे विद्यापीठ के कुलपति, कुलसचिव एवं प्रतिकुलपति के हाथों PHD की मानद उपाधि दी गयी। मैं अभिभूत हूं और मैं आभार व्यक्त करता हूं थावे विद्यापीठ के माननीय कुलपति माननीय कुलसचिव, थावे विद्यापीठ के इस समिति के तमाम सदस्यों का और डॉ अरविंद आनंद जी (प्रतिकुलपति ) का, जिन्होंने मुझे इस योग्य समझा।

उन्‍होंने कहा कि साथ ही मैं विशिष्ट आभार मेरे 13 करोड़ भोजपुरी भाषा भाषी जनता जनार्दन को देना चाहूंगा, जिनकी वजह से मैं यहां हूं। मेरी कामयाबी में उनके बिना संभव न थी। धनंजय मिश्रा ने अपने फैंस को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के प्यार स्नेह व आशीर्वाद के बगैर मैं शून्य हूं। जीवन पर्यंत आपके स्नेह और आशीर्वाद का आकांक्षी हूं। ये मानद उपाधि मेरे माता-पिता, मेरा परिवार और मेरे सभी शुभचिंतको को समर्पित करता हूं। बता दें कि फिल्‍मों में अपनी संगीत का जादू बिखेर चुके धनंजय मिश्रा इन दिनों भोजपुरी की अब तक की सबसे महंगी फिल्म ‘दबंग सरकार’ में भी अपना संगीत दे रहे हैं, जिसमें मुख्‍य भूमिका भोजपुरिया सुपर स्‍टार खेसारीलाल यादव निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग लखनऊ में शुरू हो गई है।

योगेश राज मिश्रा निर्देशित इस फिल्‍म का निर्माण सी व्यू फिल्म्स और क्रिएटर्स लैब के बैनर तले हो रहा है। इसके निर्माता हैं – दीपक कुमार और राहुल वोहरा हैं। को-प्रोड्यूसर दिनेश तिवारी और प्रचारक संजय भूषण पटियाला व आनंद कृष्‍णा है। लेखक मनोज पांडेय, संगीतकार धनंजय मिश्रा हैं। फिल्‍म के कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी और अरूण राज हैं और डीओपी अमिताभ चंद्रा और रविंद्र नाथ गुरू का है।

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सफाई कर्मी की लडकी राष्ट्रीय हाॅकी में चयन होने प्राचार्य का रोडा

डा.एल.एन.वैष्णव
दमोह/भले ही भारत सरकार के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी खेलो इंडिया के नाम से देश भर में छिपी हुई खिलाडियों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के प्रयास में लगे हों विश्व पटल पर भारत के खिलाडियों के खेल का जौहर दिखलाने का संकल्प ले प्रस्तुति देने प्रोत्साहित करने में लगे हों। मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चैहान लगातार खेलों और खिलाडियों को प्रोत्साहित करने में लगे हों सरकारें करोडों रूपयों का बजट खेल में उपलब्ध करा रही हो। परन्तु कुछ नकारा अधिकारियों के चलते उभरती खेल प्रतिभाओं के मार्ग में रोडा अटकाने से भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं एवं उद्ेश्यों में पलिता लगते देखा जा सकता है? जी हां हम आपको एैसे ही एक वाक्ये से अवगत कराने जा रहे हैं जिसमें एक उभरती हाॅकी की नवोदित खिलाडी की राह में कांटे डालने के प्रयास किये गये?वह भी एक दलित वर्ग की छात्रा के साथ उसी के विद्यालय के प्राचार्य ने जिस प्रकार लापरवाही की तथा मध्यप्रदेश शासन के संबधित विभाग एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश को भी बलाये ताक पर रखने का पूरा प्रयास किया गया है अगर यह कहा जाये तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। विदित हो कि शालेय हाॅकी टूर्नामेंट के लिये दमोह नगर के निजी विद्यालय ओजस्वनी के छात्र कुणाल दास वैष्णव एवं उत्कृष्ठ विद्यालय दमोह की एक छात्रा रागनी बाल्मिकी का मध्यप्रदेश की हाॅकी टीम में राष्द्रीय स्तर की पंजाब के जालंधर होने वाली हाॅकी प्रतियोगिता के लिये किया गया था। दोनों खिलाडियों को उमरिया केंप तक पहुंचाने के लिये म.प्र.शासन के संबधित विभाग द्वारा पत्र
 
लोक.शि.संचानालय/क/शा.शि/बी/राष्ट्रीय/26/2017.18/321/ दिनांक 25 जनवरी 2018 के द्वारा संबधित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया था कि संबधित खिलाडियों को प्रदेश के उमरिया में केम्प तक पहंुचाने की व्यवस्था करें। वहीं उक्त पत्र के परिपालन में जिला शिक्षा अधिकारी दमोह द्वारा पत्र क्रं/ क्रीडा/2018/427 दिनांक 30 जनवरी 2018 को खिलाडियों को उमरिया पहुंचाने की पूरी व्यवस्था करने के लिये लिखा गया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि निजि विद्यालय ओजस्वनी द्वारा जहां आदेश का पालन किया गया तो वहीं शासकीय उत्कृष्ठ विद्यालय के प्राचार्य द्वारा इसमें घोर लापरवाही दिखलाने का पूरा प्रयास किया गया जिसके चलते वह होनहार छात्रा केंप में जाने के लिये भटकती रही।
 
छात्रा रागनी बाल्मिकी के अनुसार प्राचार्य के.के.पांडे का कहना है कि उनके पास कोई फंड नहीं होता है न ही कोई पैसे मिलते हैं न ही हमारे पास कोई शिक्षक पहंुचाने के लिये है। अगर स्वयं जाना है तो जाओ हमारी कोई जबाबदारी नहीं है। बतलादें कि दमोह से उमरिया का किराया एक्सप्रेस टेªन से मात्र सत्तर रूपये एवं आरक्षण सहित एक सौ चालीस रूपया लगता है। रागनी बाल्मिकी के अनुसार वह लगातार कई दिनों तक प्राचार्य के पास गयी तो कभी फंड,शिक्षक,पत्र प्राप्त न होने जैसे बहाने बनाते रहे। विदित हो कि रागनी बाल्मिकी एक सफाई कर्मी की पुत्री है उसके माता,पिता एवं भाई सफाई कामगार हैं। विदित हो कि रागनी एवं कुणाल दमोह के हाॅकी फीडर सेंटर में कोच रियाजुद्दीन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जिन्होने दमोह का दम ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिता में दिखलाया था जहां इनका चयन प्रदेश की टीम में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिये किया गया था। विदित हो कि छात्रा को केंप तक जाने की व्यवस्था चयनित छात्र कुणाल दास वैष्णव ने की जिसके कारण होनहार खिलाडी केंप पहुंची।
 
प्राचार्य का गैर जिम्मेदाराना बयान-
उत्कृष्ठ विद्यालय के प्राचार्य के.के.पांडे से जब उक्त संबध में जानकारी चाही तो उनका कहना है कि हमारे यहां से कोई नहीं गया है। हमने जिला शिक्षा अधिकारी को बतला दिया था कि हमारी कोई व्यवस्था नहीं है आप जानो कोई आपके यहां से जाये तो पहंुचा दो। पूछंने पर कि क्या रागनी केंप गयी है वह कहते हैं गयी होगी हमें नहीं पता है सुना है वह पहुंच गयी है। पूंछने पर पहुंचने की जानकारी मिलने का माध्यम क्या है प्राचार्य पंाडे कहते हैं कि शिक्षक एैसी चर्चा कर रहे थे तो हमने सुना है। पूंछने पर अभी वह कहां है कहते हैं हम यह थोडे पता करते रहेंगे कि कहां है। पूंछने पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी खेलो इंडिया के तहत खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम कर रहे हैं। मुख्य मंत्री शिवराज सिंह खेलो को प्रोत्साहित कर रहे हैं और आप एक छात्रा को जो कि दमोह और आपके विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने जा रही हो को भेजने के लिये शासन प्रशासन के आदेशों को बलाये ताक पर रख रहे हैं? इसलिये तो नहीं कि वह एक दलित छात्रा है अपने को फंसता देख कहते हैं कि छात्रायें सभी बराबर हैं।
 
बतलादें कि मध्यप्रदेश शासन के संबधित विभाग द्वारा खिलाडियों को खेलने के लिये तथा परीक्षाओं में बाद में सम्मिलित होने तक आदेश क्रमांक /शाशि./बी.खेलोइंडिया/36/2017-18/346दिनांक1/2/2018 द्वारा संबधित जिलों को भेज दिया था। जिससे सरकार की मंशा खिलाडियों एवं खेल को प्रोत्साहन देने की स्पष्ट्र दिखलायी दे रही है। जबकि योजना में पलीता लगाने की उत्कृष्ठ विद्यालय के प्रार्चाय की उक्त लापरवाही से भी स्पष्ट दिखती है?सूत्र बतलादें कि प्रदेश के कद्वार मंत्री के पुत्र से नजदीकी होने का दम प्राचार्य भरते रहते हैं मामले में कितनी सच्चाई है इस बात को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म बतलाया जाता है।
 
इनका कहना है-
-संबधित विद्यालयों के प्राचार्य को लिखित रूप से लोक शिक्षण संचानालय भोपाल के आदेशानुसार निर्देश भेजे गये थे। जिसकी पावती है जहां तक फंड का सबाल है तो सिर्फ केंप तक भेजने की व्यवस्था करनी थी जबकि उसके आगे तो प्रदेश सरकार द्वारा सारी व्यवस्था की है। प्राचार्य द्वारा इस संबध में लापरवाही की है।
डी.आर.राय (जिला क्रीडा अधिकारी)
-उत्कृष्ठ विद्यालय के प्राचार्य द्वारा जो किया है वह घोर आपत्ति जनक है मेरी संज्ञान में मामला आया है कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद नियम अनुसार कार्यवाही अवश्य होगी।
अजब सिंह (जिला शिक्षा अधिकारी)
-उत्कृष्ठ विद्यालय द्वारा ओछी मानसिकता के चलते दलित वर्ग की छात्रा के मार्ग में रोडा अटकाने का प्रयास किया है। में इसकी निंदा करता हंू । प्रदेश सरकार एवं संबधित विभाग में शिकायत करते हुये कार्यवाही की मांग करूंगा।
बी.डी.बाबरा (जिला अध्यक्ष अहिरवार समाज एवं जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ भाजपा)
 
 

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Ex PM’s Son is unethical employer, who exploits his employees very badly:H.L Pathak

Today, we are talking about an bad/unethical employer, who exploits his employees very badly by ignoring all kind of Labour Laws & unfortunately, he was my employer as well since 14 years to whom I had given my dedicated & honest ser vices . Yes, we are talking about Mr.Naresh Gujral S/O Ex-PM Late Sh. I K Gujral, Chairman of Span Group of Companies based at Okhla-3, New Delhi-110020. Below is his pic just to identify him.

 

I was associated with him from 2003-2017 as Deputy Manager-HR/IR/Admn. During my tenure, I had never given him any chance of mistake and all off sudden, he advise me to go on compulsory leave on the ground of lack of business orders or  loss in Business for that he given assurance me that he will pay me salary till I not get adjusted somewhere in his known circle, It means since last 7 months I am sitting at home and during this period he get released only one month salary & 6 months salary have become due now and he started not to respond my calls in this regard. In fact, he terminated my services illegally without any written communication in this regard. He does not bother of any law since he is an sitting MP- Rajysabha from Siromani Akali Dal Quota. I was totally depend on my monthly salary. Apart from salary income, I have no other source of Income. I am family person blessed with 4 children- 2 daughters & 2 sons and 3 children are in higher education. In such conditions, you imagine, how can I & my family  survive? Now, there is an outstanding of mine on him as my legal dues approx Rs.11-12 lacs and after approaching n number of times, unable to receive my legal dues. I have even given them reminder/intimation of taking legal assistance in this regard but not bothering due to his political & money power. As, you all must be aware that our judiciary system also supports only to rich & powerful people in India. I had approached to so many news channels/news papers &  through social media – Facebook & Twitter but none has responded yet, So lastly, putting before all of you.

He has not done the same with me alone, there are 50 more poor  labourers have also become victim of his such illegal activities within the Group. He operates so many companies from the same place & steeling Tax & other legal dues quite handsomely, which would come out few lacs per month.

Neither, he is good employer, good politician, good son of his parents nor he is good guardian. Why I am telling you about his personal cum professional life- reason & logics are there. You all must be aware that EX-PM Sh. I K Gujral had been expired & afterward he captured the legacy of I K Gujral sahib being the elder son to him but he treats his younger brother Mr. Vishal Gujral, who is an Educationist & Green Card holder of USA in a very odd manner, which was observed & seen by everyone at the time of Chouthala of Late Sh. I K Gujral. During the regime of I K Gujral, he was the mastermind of Wheat Scam taken place according to Punjab Keshri Hindi News paper reports but he escaped due to non-revengeful politics by Atal Bihari Vajpayeeji`s Regime. He is quite greedy & bad son of his parents. It was observed at the time of his mother Late Smt Sheela Gujral death. He get criminated her body through electric, who given birth to him and afterward, he did not follow further customs. At that time, he was quite criticised by everyone, what kind of son he is?

By H L Pathak

 

I am not trying to get any kind of sympathy but all kind of richers & bad employers must taught a perfect lesson, so please all criticise at the fullest level.

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Airtel revises Rs 93 plan to offer 4G data, free voice for 28 days

The Indian telecom industry has become a fierce battleground for telcos as incumbents battle against the disruptive newbie, Reliance Jio. Between offering free 4G and voice calling services, and low-cost tariffs since last April, Jio has managed to rake in over 160 million subscribers across India. As telcos continue to fight against one another, Airtel has managed to maintain its dominance by adjusting to the changing trends.

Airtel is the biggest telecom operator in India and also Jio's biggest rival. From low-cost prepaid tariffs to affordable smartphones under its "Mera Pehla Smartphone" programme, Airtel has kept its position secure. The telco boasts its high-quality service as compared to rivals in order to downplay the competition.

Airtel has been revising series of its prepaid plans in order to level with what Jio is offering to win over customers. While there are several prepaid options for customers while looking for unlimited data and voice calling options, subscribers looking for low-cost tariffs are in

for a treat. As Airtel continues its prepaid plan revision spree, the existing Rs 93 prepaid plan gets extended validity.

Available to users in Andhra Pradesh and Telangana at the moment, Rs 93 prepaid plan now offers 1GB 4G/3G data with unlimited voice calling and SMSes for 28 days. Earlier, the validity of this particular pack was 10 days, which makes it an obvious choice for those who rely on more calls and less data.

Airtel hasn't revealed if and when the extended validity of Rs 93 plan will apply to other circles, but it is bound to happen sooner than later.

How does Airtel Rs 93 compete against Jio Rs 98?

It's all in the competition. Airtel's revision of Rs 93 plan places it in direct competition with Jio's existing Rs 98 tariff.

Reliance Jio's prepaid tariff offers 2GB 4G data with unlimited local, STD and roaming calls along with 300 SMSes free for 28 days. Access to Jio's suite of apps is complimentary on all prepaid plans the telco offers.

In both cases of Airtel and Jio, respective plans do not have any daily cap, which means users can use up the entire high-speed data allotment in a day or 28 days. In order to continue high-speed internet in 4G speeds, users must recharge with data add-on packs, which are available at a lower cost on Jio's network.

This is certainly not the first time Airtel has revised its prepaid plans to benefit subscribers. Last month, the telco extended the validity of its Rs 399 tariff, which offers 1GB data per day, unlimited local and STD calls, free roaming and 100 SMSes per day for 84 days. Prior to that, Airtel announced extra data and validity on two of its 1GB/per day prepaid plans. The Rs 448 and Rs 509 plans give users 82 and 91 days validity with unlimited calling and 1GB

data per day

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All You Need To Know About Alauddin Khilji, The Most Powerful Ruler Of The Khilji Dynasty

Ever since announced that his next project after Bajirao Mastani was going to be Padmavati, controversies started erupting from various corners of India protesting the film. The film had faced numerous delays in production with members of Rajput outfit 'Karni Sena' vandalising the film's set in Jaipur and physically assaulting Sanjay Leela Bhansali along with other crew members. The film was later titled .

These fringe political outfits and the religious groups were protesting the film over the fact that it "hurt their sentiments" and "defamed the Rajput community" even though the makers and actors repeatedly denied that. They were also under the impression that the film featured intimate scenes between Queen Padmavati and Alauddin Khilji, something the cast & the crew of the film again denied. 

But, all the controversies surrounding the film, along with a positive reception to the trailer for the film, generated high curiosity from the audiences for the ruthless King Alauddin Khilji. Everyone wanted to know the story of the apparently barbaric and maniac king who was shown in the trailer as a total madman. A lot of people still don't know much about the Turk ruler. So here's everything you need to know about Alauddin Khilji:

Birth and Parents: 

Alauddin Khilji was born Ali Gurshasp to Shihabuddin Masud and had 3 brothers. He was born in the year 1266-1267 in Birbhum district in West Bengal. After his parents passed away, Khilji and his brothers were brought up by their uncle and the 1st ruler of the Khilji dynasty, Jalaluddin Khilji. Alauddin married Jalaluddin's daughter and later on murdered his father in law to take over the throne of the Delhi Sultanate. It was Alauddin's dream to become the second Sikander (Alexander).

Kingdom: 

He was the most successful ruler of the Khilji dynasty and ruled for 2 decades from his seat in Delhi. At the heights of his power, the Khilji dynasty ruled major parts of Afghanistan till Bihar and from Kashmir till Karnataka. He married 4 times. 

Administrative Changes: As much as a maniac and barbaric as he is thought to be, he did introduce groundbreaking market, agrarian and military reforms that helped the farmers and peasants of India. He levied no extra cess on the farmers and cut zamindars and landowners out of the loop from the tax system. He directly collected tax from the farmers and that left them free from the hands of zamindars. He also kept a large standing army ranging from hundreds of thousands. He also banned drinking, gambling and drug consumption from the public view in the later years of his life.

Defended India: 

He also defended India from the ravaging Mongols who controlled most of Asia back then. Mongols were utterly ruthless, divided into different tribes and attacked countries from multiple places. They were known for their brutality. Khilji kept India, its culture and its people safe from the Mongols

Bisexual:

 Its been a matter of contention among the historians for a long time now and most of them agree on the fact that Khilji was in fact, a bisexual and had a soft corner for Malik Kafur, a slave-kid he brought from the "Bachcha Baazar" in Gujarat after being mesmerized by his beauty. Its also said that he had a zenana of more than 70,000 males, females and children of which 30,000 women were widows of the men his armies had killed.

Padmavati: 

The name that started it all (the controversies). Malik Muhammad Jayasi wrote the poem in 1540 which was a fictional account of Khilji's siege of Chittor and many historians believe that Padmavati didn't exist in real life. Though, in the poem, its said that Rani Padmavati was a beautiful princess from the Singhal Kingdom in Sri Lanka and after Ratan Sen, the ruler of Chittor, heard about her from a talking parrot, he won her hand after an adventurous quest. Khilji also heard about her beauty and planned to capture Chittor and Padmavai in order to make her his royal consort. He also falsely befriended Ratan Sen according to the poem in order to capture Padmavati.

Death:

 It is said that after Padmavati committed Jauhar along with other Rajput women, he was haunted by the wails of the women of Chittor for the rest of his life and went mad. Though in real life, he suffered from an illness and lost control of himself. He died in January 1316 in Delhi and is buried in the Qutub Complex in Mehrauli, Delhi. 

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भारत मुटरेजा (शिक्षक) को गुरुग्राम में मिला ‘द लीजेंड ऑफ सुभाष चंद बोस अवार्ड -2018

देश के महान स्वतन्त्रता सेनानी नेता सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर गुरुग्राम के स्वतंत्रता सेनानी भवन में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में गुरुग्राम में कार्यरत अध्यापक भारत मुटरेजा (राष्ट्रीय स्तरीय इंटीग्रल हुमनिज़्म अवार्ड व शिक्षक प्रशस्ति पत्र से सम्मानित) को "द लीजेंड ऑफ सुभाष चन्द्र बोस अवार्ड – 2018" से सम्मानित किया गया ।
वर्तमान में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, फाजिलपुर झाड़सा, गुरुग्राम में कार्यरत शिक्षक भारत मुटरेजा को यह अवार्ड उनके द्वारा बच्चों की पढ़ाई के साथ साथ उनमें खेल की भावना का भी विकास करने तथा आत्म-शिक्षण की भावना का विकास करने, इसी के साथ साथ समय समय पर पौधा रोपण अभियान, स्वच्छता जागरूकता अभियान, वोटर जागरूकता अभियान आदि भी चलाते रहने व रैली के माध्यम से लोगों को भी जागरूक करने हेतु दिया गया।
इसके अतिरिक्त वह समय समय पर लोगों को पानी की बचत के बारे में भी जागरूक करते रहते हैं।
कमज़ोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएँ लगाकर सामान्य बच्चों के बराबर लाने का प्रयास लगातार करते रहना व रक्दान करना इनके प्रमुख कार्य रहे हैं।

यह अवार्ड उन्हें कार्यक्रम की मुख्यातिथि हरियाणा अनुसूचित जाति / जनजाति की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने प्रदान किया।
इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के दिव्यांग विभाग के प्रमुख दिनेश शास्त्री और मिस स्वैगर रुचिका श्रीवास्तव एवं नवयुग संगठन के अध्यक्ष भाई ओमबीर ठाकरान की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था 'यंग इंडियन ऑर्गेनाइजेशन' व 'लक्ष्य फॉउंडेशन' के संयुक्त तताधान में आयोजित किया गया था। 
भारत जी इससे पहले भी अपनी विभिन्न सामाजिक उपलब्धियों की बदौलत राष्ट्रीय स्तरीय 'इंटीग्रल हुमनिज़्म अवार्ड" व "शिक्षक प्रशस्ति पत्र" से सम्मानित होकर क्षेत्र का मान बढा चुके हैं।
'द लीजेंड ऑफ सुभाष चन्द्र बोस अवार्ड' प्रदेशभर के समर्पित बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और शिक्षाविदों को प्रदान किया जाता है, इस बार बादशाहपुर से इस सम्मान को पाने वाले वे एक मात्र प्रतिभागी रहे।

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भारतीय मुद्रा पर हो नेता सुभाष बोस की तस्वीर – मंडन मिश्र

भिवानी – भारत के स्वतंतत्रता संग्राम के महानायक नेता जी सुभाष चन्द्र बांस की तस्वीर भारतीय नोटो पर अंकित की जाए। ये मांग हरियाणा हिन्दू
महासभा अभियान समिति के संयोजक मंडन मिश्र ने समस्त राष्टीय जागृति मंच


द्वारा नेहरू पार्क में आयोजित समारोह मे मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए । उन्होने कहा कि नेता जी भारत के सबसे महान क्रान्तिकारी नेता थे। समारोह के अध्यक्ष रामचन्द्र तिवारी ने कहा नेता जी को सरकार ने नेता जी को सम्मान नहीं दिया। नेता जी ने अग्रेंजों से सघर्ष करते हुए वर्मा में जाकर अपने संगठन को मजबुत किया।

मंच के प्रधान सोमदत धनानियाँने कहा कि आज भी नेता जी के विचार प्रासंगिक हैं। नेता जी द्वारा दिया गया नारा तुम मुझे खुन दो मैं तुम्हे आजादी दूगा। आज के समय में इस नारे का बहुत महत्व हैं। मास्टर राजेन्द्र शर्मा ने in देशभक्ति गीत सुनाकर सबको देश भक्ति से ओत प्रोत कर दिया। आरडी कौशिक ने कहा कि देश की जनता को अपने आजादी के नायकों को कभी भी नहीं भुलना चाहिए। इस अवसर पर जगदीश पांचाल,सुमित महता,राजकुमार प्रजापति,आरडी कौशिक,रामचन्द्र
तिवारी,राजन्द्र शर्मा आदि उपस्थित थे।

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सुनीता वर्मा को मिला ‘द लीजेंड ऑफ सुभाष चंद बोस अवार्ड -2018’

देश के महान स्वतन्त्रता सेनानी नेता सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर गुरुग्राम के स्वतंत्रता सेनानी भवन में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में महेंद्रगढ़ जिले से प्रमुख समाजसेविका और 'हसनपुरिया ग्रामीण जन सेवा समिति' की निदेशक सुनीता वर्मा को "द लीजेंड ऑफ सुभाष चन्द्र बोस अवार्ड – 2018" से सम्मानित किया गया ।
वर्तमान में वार्ड नंबर 9 से जिला पार्षद सुनीता वर्मा को यह अवार्ड उनके द्वारा कराए गए विभिन्न जनहित व सामाजिक कार्यों तथा पिछड़ों व दलितों के उत्थान के लिए किये गए उनके प्रयासों के लिए कार्यक्रम की मुख्यातिथि हरियाणा अनुसूचित जाति / जनजाति की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने प्रदान किया।
इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के दिव्यांग विभाग के प्रमुख दिनेश शास्त्री और मिस स्वैगर रुचिका श्रीवास्तव एवं नवयुग संगठन के अध्यक्ष भाई ओमबीर ठाकरान की गरिमामयी उपस्थिति रही।


यह आयोजन प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था 'यंग इंडियन ऑर्गेनाइजेशन' व 'लक्ष्य फॉउंडेशन' के संयुक्त तताधान में आयोजित किया गया था। 
बसपा जिला अध्यक्षा वर्मा इससे पहले भी अपनी विभिन्न सामाजिक उपलब्धियों की बदौलत 'भारत गौरव अवार्ड', 'नारी शक्ति अवार्ड', 'राजीव गांधी एक्सिलेंस अवार्ड' सहित दर्जनों राष्ट्रीय पुरुष्कारों से सम्मानित होकर क्षेत्र का मान बढा चुकी हैं।


'द लीजेंड ऑफ सुभाष चन्द्र बोस अवार्ड' प्रदेशभर के समर्पित बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और शिक्षाविदों को प्रदान किया जाता है, इस बार महेंद्रगढ़ जिले से इस सम्मान को पाने वाली एक मात्र प्रतिभागी सुनीता वर्मा रही।

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खट्टर के अकुशल नेतृत्व ने हरियाणा को बलात्कारी प्रदेश बना दिया है:सुनीता वर्मा

नारनौल में नसीबपुर रोड़ स्थित बसपा जिला कार्यालय में पार्टी जिला अध्यक्षा सुनीता वर्मा ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक में प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अन्याय और अत्याचार की घटनाओं पर चिंता जताते हुए बीजेपी सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासन में दुष्कर्म, अपहरण, हत्या जैसी आपराधिक घटनाओं की बढ़ोतरी हुई है, सीएम खट्टर के अकुशल नेतृत्व ने हरियाणा को बलात्कारी प्रदेश बना दिया है। असामाजिक तत्वों में कानून का कोई खौफ नही रहा, दुष्कर्मियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। प्रदेश की खट्टर सरकार कानून और सुरक्षा व्यवस्था सम्भालने की बजाय गौ, गीता और औऱ गौशालाओं में ही उलझ कर रह गई।


अटेली से बसपा प्रत्याशी रही वर्मा ने बीजेपी को घेरते हुए आरोप लगाया कि अपराधियों द्वारा दलित लड़कियों को ही दुष्कर्म का शिकार बनाया जाना, जातीय विद्वेषता के आधार पर सरकार की इन मामले में बरती जाने वाली संवेदनहीनता और लीपापोती का नतीजा है।
वर्मा के अनुसार प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर ही अत्याचार होना बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करता है, हफ्ते भर में घटित रेप के 14 मामले में छ: साल बाद हरियाणा ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है।

पूर्व उप जिला प्रमुख रही सुनीता वर्मा ने बैठक में सभी अभिभावकों की पीड़ा सांझा करते हुए बताया कि आज माता – पिता अपनी बेटी को घर से बाहर भेजने के बाद किसी अनहोनी से आशंकित रहता है, मासूम बच्चियां तक डरी और सहमी हुई हैं, क्या यही बीजेपी का रामराज्य है ? बैठक में फैसला लिया गया कि यदि एक हफ्ते में कानून व्यवस्था में कोई सुधार नही हुआ तो जिले में एक बड़ा प्रदर्शन करके खट्टर सरकार का पुतला फूंका जाएगा।


इस मौके पर विक्रम चौधरी नांगलचौधरी, प्रमोद कटारिया अटेली, हवासिंह बौद्ध सिहमा, भीम भरोस, एडवोकेट भीम सिंह दहिया, बीएल गोठवाल, पंकज डाडैया, नरसिंह कारिया, सुरेंद्र सैदपुर, प्रधान रतिराम दोस्तपुर, अमरनाथ सिरोहा, राहुल बौद्ध, नीरज अम्बेडकर, महेंद्र दूलोठ, बबरिभान बलाह कलां सहित पार्टी के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

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अब बिना ड्राइविंग लाइसेंस चला सकेंगे गाड़ी !

सरकार जल्द ही एम-परिवहन एप को भी लॉन्च करेगी जिसमें परिवहन से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी। वहीं इसकी मदद से यूजर्स लाइसेंस रिन्युअल जैसी 20 से 30 अलग अलग सर्विस का भी फायदा उठा सकते हैं।

 

नई दिल्ली : कार, स्कूटर, मोटर साइकिल या किसी भी वाहन को चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आर सी) जैसे कागजातों की जरूरत खत्म करते हुए आज इनके डिजिटल मोबाइल ऐप औपचारिक रुप से जारी किए गए।

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने यहां एक कार्यक्रम में डीएल और आरसी के डिजिटल मोबाइल ऐप जारी किए। उन्होंने इस मौके पर कहा कि इससे प्रशासनिक जटिलता कम होगी और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा। गडकरी ने कहा कि इससे कागज रहित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि देश में 19 करोड़ 60 लाख 72 हजार 380 वाहन पंजीकृत हैं। डिजिटल मोबाइल प्रारुप के लिए नौ करोड़ वाहनों और चालकों का डाटाबेस तैयार कर लिया गया है। देशभर के 1000 से अधिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को डिजिटल किया जा सकेगा। इस डिजिटल मोबाइल ऐप को डिजीटलॉकरडाटकामडाट इन से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस ऐप के जरिए लाइसेंस और आर.सी मोबाइल फोन में रखी जा सकेगी। केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि लाइसेंस और डीएल के इलैक्ट्रोनिक स्वरुप से फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा और कागजातों की जांच आसानी से हो सकेगी। इससे नकली और असली कागजातों का भी पता चल सकेगा।

ऐसे करें इस्तेमाल :

सरकार ने इसके लिए एक वेबसाइट digilocker.gov.in बनाई है। यहां से आप डिजिलॉकर ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद आप अपना डिजिलॉकर अकाउंट खोल सकते हैं, इसके लिए आपको मोबाइल नंबर डालना पड़ता है फिर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आपके मोबाइल नंबर पर आएगा जिसे इस्तेमाल कर मोबाइल नंबर को ऑथेंटिकेट कर सकते हैं फिर यूजरनेम और पासवर्ड सेलेक्ट करना होगा। डिजिलॉकर अकाउंट बनने के बाद आप अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं। डिजिलॉकर की अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आप अपना आधार नंबर भी दे सकते हैं।

ऐप में मिलेंगी 20 से 30 सर्विस :

सरकार जल्द ही एम-परिवहन एप को भी लॉन्च करेगी जिसमें परिवहन से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी। वहीं इसकी मदद से यूजर्स लाइसेंस रिन्युअल जैसी 20 से 30 अलग अलग सर्विस का भी फायदा उठा सकते हैं। इस एप से जुड़ी सबसे बड़ी मुश्किल डेटा सिक्‍योरिटी की थी लेकिन इस एप में सभी बातों का ख्याल रखा गया है।

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महेंद्रगढ़ जिले के बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा नारनौल स्थित नई कचहरी मैदान में बसपा प्रमुख मायावती का 62वां जन्म दिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया।

सर्वसमाज के सम्मान व स्वाभिमान की प्रतीक बसपा सुप्रीमो के जन्म दिन पर कार्यक्रम के मुख्यातिथि डॉo कृपाराम पुनिया – पूर्व आईएएस अधिकारी व पूर्व मंत्री हरियाणा सरकार ने केक काटकर खुशियां मनाई और शुभकामनाएं दी, उन्होंने अपने संबोधन में बहन कुo मायावती को दलितों, पिछड़ों व शोषित लोगों के हकों के लिए लड़ने वाली जिंदा देवी बताया, उन्होंने कहा कि आज बाबा साहेब डॉo भीमराव आंबेडकर के द्वारा लिखा गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ भारतीय संविधान कुछ मनुवादी ताकतों की कुत्सित मंशा के चलते संकट में है, उन्होंने समस्त बहुजन समाज से अपने व्यक्तिगत हितों औऱ स्वार्थों को त्याग कर संविधान की रक्षार्थ बसपा के नीले झंडे के नीचे एकजुट होने का आह्वान किया।


जन्म दिवस को जनकल्याण कारी दिवस के रूप में मनाने के कारण इस मौके पर वंचित तबके के 200 जरूरतमंद लोगों को कम्बल भी वितरित किये गए।
जिले भर से आये पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी झंडे लगी सैंकड़ों बाइकों के काफिले के साथ शहर के मुख्य बाजार से मंच स्थल तक 'बाबा साहेब अमर रहे', 'माo कांसीराम अमर रहे' के गगनभेदी नारों के साथ फूलमालाओं से मुख्यातिथि और उनके साथ आये अन्य आगन्तुकों का जोरदार स्वागत किया।
आयोजन के विशिष्ट अतिथि जिला प्रभारी अशोक दास नारनौलिया, पार्टी जिला अध्यक्षा सुनीता वर्मा तथा मंचासीन राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच रोशनी देवी तथा आज ही पार्टी को ज्वाइन करने वाले नीरपुर से प्रदीप यादव ने भी सभा को संबोधित किया।


अटेली से पार्टी प्रत्याशी रही सुनीता वर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आगन्तुकों और आर्थिक सहयोगकर्ताओं का भी मंच से आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि बसपा विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरहं से तैयार है, और कार्यकर्ताओं से भी तय समय से पहले जल्द चुनाव होने का संकेत देते हुए बहुजन समाजहित में पार्टी के लिए चुनावी कमान संभालने का आह्वान किया, वर्मा ने कहा कि इस बार बसपा प्रदेश की सत्ता में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।
जनसभा में वक्ताओं ने भिमाकोरे गांव हिंसा प्रकरण और सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा देश के हालात तथा लोकतन्त्र के लिए खतरा बताने वाले दिए गए बयानों के मुद्दे भी उठाये।


इस अवसर पर मिशनरी सिंगर हवासिंह बौद्ध, सिवानी से रामनिवास खिच्ची, नांगल चौधरी विधानसभा अध्यक्ष विक्रम चौधरी, अटेली से प्रमोद कटारिया, आशा पुनिया, के.डी. सूंठवाल, नीरज अम्बेडकर, राहुल बौद्ध, प्रधान रतिराम दोस्तपुर, पंकज डाडैया, संदीप यादव, माडूराम सरपंच, दलबीर हवलदार, कपिल देव बाछौदिया, घमन सिंह मण्डलाना, डॉo रामेश्वर दयाल, बीएल गोठवाल, कृष्ण, दलीप नांगलचौधरी, कांसीराम सेका, फौजी धनखड़, बुधराम चौधरी, सुमित मेहरा मिर्जापुर, रविन्द्र बौद्ध, सचिन ककराला, लालसिंह प्रिंसिपल, सतपाल चोटीवाला, सुमन बौद्ध, रामसिंह नम्बरदार, मनोज लहरोडिया, सुनील पुनिया पूर्व एक्सईन रिटायर्ड सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे

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भारत पहुंचे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, इन महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर समझौते की उम्मीद

नई दिल्ली : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने छह दिवसीय दौरे के तहत रविवार को भारत पहुंचे। इस दौरान नेतन्याहू साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रही। भारत पहुंचे नेतन्याहू का सोमवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक तौर पर स्वागत किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सरकार के कई कैबिनेट मंत्री मौजूद थे। इस मौके पर नेतन्याहू ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच यह दोस्ती में एक नए युग की सुबह है। स्वागत समारोह के बाद पीएम नेतन्याहू ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वागत समारोह के बाद पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज इजरायल और भारत के मध्य दोस्ती की एक नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक इजरायल दौरे के बाद दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को लेकर जबरदस्त उत्साह है। यह उत्साह मेरी भारत यात्रा, मेरी पत्नी और इजरायल के लोगों के साथ जारी है और गहराई से आगे बढ़ रहा है। यह यात्रा हमारे लोगों के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति लाने के लिए एक मजबूत भागीदारी का शुभारंभ है।

इससे पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को भारत को इजरायल का खास दोस्त बताया। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों के नागरिकों और नेताओं के बीच काफी अच्छे संबंध हैं और ये संबंध संयुक्त राष्ट्र में किए गए वोट से नहीं टूटने वाले हैं। बता दें कि अभी हाल में ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के खिलाफ वोट दिया था। एक इंटरव्यू में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि भारत ने जब संयुक्त राष्ट्र में येरुशलम को इजरायल बनाए जाने के अमेरिकी प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया था तो वे थोड़े निराश जरूर हुए थे। नेतन्याहू ने कहा कि हम थोड़े निराश जरूर हुए थे लेकिन एक वोट से कुछ नहीं होता। भारत और इजरायल की दोस्ती बरकरार रहेगी।

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सिगरेट के धुएं से ज़्यादा खतरनाक है अगरबत्ती, हो सकती हैं ये बीमारियां

मंदिरों में भी बहुत ज्यादा मात्रा में इन खुशबूदार बत्तियों का उपयोग किया जाता है. लेकिन क्या आपको मालूम है आपकी हर सुबह को अध्यात्म से भर देने वाली ये चीज़ आपको बीमार बना सकती है.

ई दिल्ली: सभी घरों में हर सुबह पूजा-पाठ में अगरबत्ती और धूपबत्ती का इस्तेमाल होता हैं. इससे घर का हर एक कोना भगवान की भक्ति से महक उठता है. मंदिरों में भी बहुत ज्यादा मात्रा में इन खुशबूदार बत्तियों का उपयोग किया जाता है. लेकिन क्या आपको मालूम है आपकी हर सुबह को अध्यात्म से भर देने वाली ये चीज़ आपको बीमार बना सकती है. 2013 में हुई एक रिसर्च के मुताबिक इन बत्तियों का धुआं सिगरेट के धुएं से ज़्यादा खतरनाक होता है. 

अगरबत्ती और धूपबत्ती के धुएं से आपको दिल संबंधी बीमारियां, सिर में दर्द और कैंसर तक हो सकता है. नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी में हुई इस रिसर्च में दो तरीकों की बत्तियों पर रिसर्च की गई. यह दोनों बत्तियां 96 प्रतिशत लोगों के घरों में इस्तेमाल होती हैं. इसे तीन घंटों तक एक कमरे में जलाया और पूरे 24 घंटे तक इस बंद कमरे में ह्यूमन लंग सेल्स को रखा गया. इसमें पाया कि इससे निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड. सल्फर डाइऑक्साइड और निट्रोजेन ऑक्साइड इंसान के लिए फेफड़ों को खराब करने के लिए काफी हैं. इसका प्रभाव ठीक सिगरेट के धुएं जैसा हुआ. 

इतना ही नहीं 2008 में हुई एक और रिसर्च में पाया गया कि इन बत्तियों का लगातार इस्तेमाल रेस्पिरेटरी कैंसर का कारण भी बन सकता है. 

इसके अलावा यह धुआं अस्थमा मरीज़ों के लिए भी खतरनाक होता है. वहीं, जिन घरों में नियमित तौर पर अगरबत्ती और धूपबत्ती का इस्तेमाल होता है वहां रहने वाले लोगों में अस्थमा के लक्षण देखें जाते हैं. 
 

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माता सावित्रीबाई फुले का 187 वां जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया

नारनौल में नसीबपुर रोड स्थित ब स पा कार्यालय में क्रांति ज्योति माता सावित्रीबाई फुले का 187 वां जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया, इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवी श्री सुरेश जांगड़ा ने की । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुनीता वर्मा जिला अध्यक्ष ब स पा तथा विशिष्ट अतिथि संजय वर्मा प्राचार्य गणेश शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान चुड़िना रहे ।

मंच संचालन करते हुए डॉ सुशील 'शीलू' ने उनके जीवन एवं विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला । इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण, सावित्रीबाई फुले को समर्पित "थी शिक्षा की बात, खूब लड़ी दिन रात" जिसे मिशनरी सिंगर हवासिंह बौद्ध ने गाया है ,को लांच किया गया । 

कार्यक्रम में सत्यवीर हसनपुरिया ने शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि नारी शिक्षा में सावित्रीबाई फुले का योगदान भुलाया नही जा सकता । सुरेन्द्र अम्बेडकर ने बताया कि शिक्षा ही क्रांति का अचूक हथियार है । समाज मे वही लोग सत्ताशीन रहे हैं ,जिनके हाथ मे शिक्षा की बागडौर रही है ।  रामकिशन श्रेष्ठ ने माता सावित्रीबाई फुले को याद करते हुए उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षिका बताया । सत्यवीर गुरहरिया ने उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम को रामभरोसे भीम , राहुल अम्बेडकर ,बबरिभान चौधरी ने भी सम्बोधित किया । 

कार्यक्रम में कमला देवी , सुमन बौद्ध , राजपाल श्रेष्ठ , मुकेश ढोसीवाल , नीरज अम्बेडकर , राजेन्द्र बौद्ध , नरेंद्र कुमार , रविन्द्र बौद्ध , कृष्ण कुमार पुनिया , राजेश कुमार, देशराज मण्डलाना, डॉo राजेश कनीना, हवासिंह ढोसीवाल , कृष्णा जांगड़ा ,संतरा देवी ,मीनाक्षी जांगड़ा, राहुल बौद्ध आदि लोग उपस्थित थे।

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महिलाओं को दिए सुरक्षा के टिप्स

गुरुग्राम: सेक्टर तीन, पांच और छह की महिलाओं के लिए एक विशेष कार्यशाला और सेमिनार का आयोजन किया गया। श्री राम मंदिर के हॉल में सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में सेक्टर में रहने वाले विशेष क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने काफी दिलचस्पी दिखाई और अपना योगदान दिया। इसमें घरों में सुरक्षित रहने, किचन में सुरक्षा, आपात स्थिति में सुरक्षा, सड़क पर सुरक्षा के बारे में जानकारियां दी गई। मारुति सुजुकी के अग्निशमन विभाग के अधिकारी, मारुति ड्राइ¨वग स्कूल के अधिकारियों ने आकर महिलाओं को आग की स्थिति में बचाव और सड़क पर सुरक्षा की विशेष जानकारी दी।

सेक्टर पांच में रहने वाली एमडी मेडिसिन डा. स्वाति संधू ने रोजमर्रा के जीवन में आने वाली चिकित्सा से संबंधित सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने फ‌र्स्ट एड के उपाय, मौसम में होने वाली तकलीफों के समाधान और कोई दुर्घटना होने की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करने से पहले के तमाम उपाय बताए। डा. स्वाति ने महिलाओं को सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में भी बताया। उनके साथ डा. संधू के पति वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. ब्रह्मदीप संधू भी मौजूद थे। सेक्टर पांच में रहने वाले श्रृंगेरी गैस सर्विस के निदेशक शशिकांत शर्मा ने घरेलू गैस सिलेंडर के प्रयोग में सुरक्षा और सावधानियों पर चर्चा की और बचाव के उपाय बताए।

कुकरी सेफ्टी विशेषज्ञ सुशील जैन ने रसोई घर में सावधानी पर चर्चा की। मारुति सुजुकी के अग्निशमन अधिकारी एससी पटेल ने आग लगने की स्थिति में बचाव और भीम ¨सह फोगाट ने सड़क पर सुरक्षा के उपाय बताए। हरितेश ने महिलाओं को ड्राइवग के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय बताए और उन्हें ड्राइ¨वग सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सेक्टर की महिलाएं और गणमान्य लोग मौजूद थे।

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पति ने पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी, दो बच्चे भी सौंप दिए

पटना: पत्नी के प्रेम प्रसंग की जानकारी मिलने के बाद अक्सर लोग पुलिस थानों में जाते हैं या खुद ही कोई अपराध कर बैठते हैं. मगर यहां इसके विपरीत पति ने पत्नी की शादी प्रेमी से करा दी. मंदिर में विधि-विधान से शादी के बाद कोर्ट मैरेज भी करा दी. साथ ही दो बच्चों को भी प्रेमी के हवाले कर दिया. शादी के दस साल बीतने और दो बच्चे होने के बावजूद पत्नी दूसरे युवक के प्रेम में दीवानी थी.  

बिहार के वैशाली जिले में एक दिलचस्प वाकया हुआ. पति को जब अपनी पत्नी के प्रेम प्रसंग की जानकारी मिली तो उसने पत्नी की शादी प्रेमी के साथ करवा दी. हाजीपुर के ऊंचीडीह के रहने वाले अरुण और मधु की शादी दस पहले हुई थी. शादी के बाद दो बच्चे भी हुए. अचानक हाजीपुर के मायके में पत्नी मधु की पड़ोस में रहने वाले श्रवण चौरसिया से आंखें चार हुईं और श्रवण मधु से मिलने के लिए उसके ससुराल जाने-आने लगा.

मधु से उसके ससुराल में मिलने से उसके और श्रवण के प्रेम सम्बंधों का खुलासा हो गया. कारपेंटर का काम करने वाला मधु के पति अरुण को इस बात की जानकारी मिली और इसके बाद गांव में हंगामा हुआ. श्रवण के सामने मधु ने अपने प्रेम संबंधों का जिक्र पति से किया. अरुण ने मधु को समझाने का प्रयास किया,  लेकिन प्रेम में पागल पत्नी की जिद को देखकर पति ने आश्चर्यजनक रूप से पत्नी की शादी प्रेमी से करा देने का निर्णय ले लिया.  

कुछ स्थानीय लोगों को बुलाया गया और देर रात में गांव के मंदिर में अरुण ने पूरे रीति रिवाज से पत्नी की शादी प्रेमी श्रवण से करा दी. मधु ने गांव वालों के सामने प्रेमी के साथ सात फेरे लिए. अरुण ने पत्नी की मर्जी के अनुसार दो बेटियों को भी प्रेमी के साथ जाने की रजामंदी दे दी. बाद में कोर्ट के दस्तावेज बनवाए गए.

इस मामले पर अरुण कुमार का कहना है कि उसने पत्नी को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी. वह बोली कि वह उसी के साथ रहेगी. तो गांव वालों के सामने उसकी शादी करवा दी और दोनों बच्चों को भी दे दिया. रहिमापुर गांव के मुखिया नागेंद्र सिंह ने कहा कि ''सब लोगों के सामने अरुण की पत्नी बोली कि हम उसी लड़के के साथ रहेंगे, तो हम लोग मंदिर में शादी कराकर फिर कोर्ट में दोनों को उपस्थित करा दिए.''

पूरा वाकया फिल्म की तरह संबंधों के टूटने-बनने की दिलचस्प कहानी है. पति ने न केवल हौसले और हिम्मत का परिचय दिया बल्कि कोर्ट कचहरी एवं मारपीट के लफड़े में न पड़ते हुए पत्नी की मर्जी के लिए खुद के रिश्ते की आहुति दे दी.

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अपने ही अंत की ओर बढ़ रहे हैं हम,कुदरत को ललकारते हुए-कवि अरमान राज़

जन्म के बाद ली प्रथम सांस के साथ,
भोग और विलासता के दास बन,
हर इच्छा पूर्ती की चेष्टा लिए,
अपने ही अंत की ओर बढ़ रहे हैं हम।।

कुदरत को ललकारते हुए,
अपने वज़ूद से लड़ रहे हैं हम।।
हर क्षेत्र में किस्मत को आज़माते हुए,
अंधकारमय भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं हम।।

गलतियों पर गलतियाँ करते हुए,
अपने ही मुज़रिम खुद बन रहे हैं हम।।
अपनी मर्ज़ी को बस तवज़्ज़ो देते हुए,
मौत के फंदे की ओर खुद बढ़ रहे हैं हम।।।

खुद मुट्ठी भर मिट्टी से बन कर,
स्वप्निल इमारतों को साकार कर रहे हैं हम।।
विकास पथ पर चलने की कोशिश में,
मुट्ठी भर मिट्टी मे ही मिलने चले हैं हम।।।

हर पल एक नयी और स्फूर्ति भरी,
हर शुरुआत में विनाश रच रहे हैं हम।।
स्वर्णिम भविष्य लिखने की चेष्टा लिए,
अपना ही अंत खुद लिख रहे हैं हम।।।

अपना ही अंत खुद लिख रहे हैं हम।।।
अपना ही अंत खुद लिख रहे हैं हम।।।
युवा कवि अरमान राज़

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जिन्हें मात्र हॉफ पेंट बदलने में 92 साल लग गए हों, वो अब देश का संविधान बदलने का ख्वाब पाल बैठे हैं : माo राजबीर

नारनौल -"सीमा पर जवान शहीद हो रहे है, और 56 इंच का सीना खामोश रहकर देश का प्रधानमंत्री बन कर भी बीजेपी जा प्रचार मंत्री बना बैठा है। उसके मंत्री आये दिन भड़काऊ बयानबाजी करते रहते हैं, जिन्हें मात्र हॉफ पेंट बदलने में 92 साल लग गए हों, वो अब देश का संविधान बदलने की बातें करते हैं? ये लोग सत्ता के नशे में अपने आप को संविधान से ऊपर समझने लगे हैं, बहुजन समाज इस बार इन्हें मजा चखायेगा।" – उक्त उदगार बसपा के नए प्रदेश प्रभारी माo राजबीर ने नारनौल स्थित पार्टी जिला कार्यालय में जिला समीक्षा बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने जिले में संगठन को मजबूत बनाने और 'दस यूथ – एक बूथ' की रणनीति पर जोर दिया।
इस मौके पर उनके साथ आये दूसरे प्रभारी माo नेतराम एडवोकेट तथा प्रदेशाध्यक्ष माo प्रकाश भारती ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, उन्होंने कहा कि 15 मार्च के बाद बसपा एक नए व मजबूत रूप में दिखाई देगी, स्वमं बसपा सुप्रीमो बहन कुo मायावती जी भी मार्च महीने में अपने कार्यकर्ताओं से रु – ब – रु होने हरियाणा में आ रही हैं।


बसपा जिला अध्यक्षा एवम वर्तमान में जिला पार्षद सुनीता वर्मा तथा जिला प्रभारी अशोक दास ने मुख्यातिथियों के नारनौल आगमन पर पगड़ी पहना कर स्वागत किया वहीं बसपा के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बूथ सैक्टर के सदस्यों ने आगन्तुकों का फूल मालाओं व 'बाबा साहेब अमर रहें' , 'माo कांशीराम जी अमर रहें' के गगनभेदी नारों से जोरदार स्वागत किया।

इस अवसर पर माडूराम सरपंच, दलबीर सिंह, प्रभुदयाल आजाद, डॉo ओमप्रकाश दायमा, डॉo ऋतुपर्ण, हवासिंह, नीरज, राहुल, बीएल गोठवाल, रामभरोस, बिरजू यादव, संदीप यादव, दलीप गुर्ज्जर नारेड़ी, अमरनाथ सिरोहा, कांसीराम सेका सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे

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How To Link your Aadhaar-PAN When There Is Name Mismatch ?

Earlier this month, the government extended the deadline for linking PAN with Aadhaar. The PAN-Aadhaar linking deadline was moved by three months to March 31, 2018. Previously, the last date for linking PAN card with Aadhaar card was December 31, 2017. The government has opened multiple channels – including SMS and online facilities – to ease the linking of Aadhaar with PAN. But what if any of basic details like your name, date of birth and gender are fed differently in both the identity numbers? The government has on microblogging site Twitter shared a flowchart explaining the process of linking Aadhaar card with PAN card.

 

When Aadhaar-PAN details mismatch

If your PAN details need to be changed, you can update them online through the Income Tax Department's website – incometaxindia.gov.in. If your Aadhaar details require updation, you have two ways to request changes: online and by way of visiting the enrolment centre.

The UIDAI has provided many tools on its website. One of these tools on the UIDAI portal – uidai.gov.in – enables users to request changes to their address given on Aadhaar. 

Individuals can also do this by visiting an Aadhaar enrolment centre.

When name on Aadhaar match partially with name on PAN

In case of partial name match, according to the UIDAI, changes can be made either online or by SMS. Both methods work on an OTP or one-time password based system. "OTP will be sent to the Registered Mobile Number,' the UIDAI said.

All Aadhaar details match

In case the basic details given on PAN match with those on Aadhaar, the user can simply link the two identity numbers using one of the following methods. 

Aadhaar – a 12-digit number issued by Unique Identification Authority of India or UIDAI based on the demographic and biometric information of the person – can be linked with PAN by sending an SMS to 567678 or 56161 in the following format:

UIDPAN<12-digit Aadhaar><10-digit PAN>

PAN-Aadhaar linking online

The income tax department's e-filing website – incometaxindiaefiling.gov.in – has hosted a link on its homepage to link PAN with Aadhaar. Once you are on the Income Tax Department's e-filing website, you need to spot and click on the 'Link Aadhaar' hyperlink.

Now, fill in details of your PAN, Aadhaar No. and name in the respective fields and hit 'Submit'. "ENTER NAME EXACTLY AS GIVEN IN AADHAAR CARD (avoid spelling mistakes) and submit. After verification from UIDAI, the linking will be confirmed," the taxman has said.

 

 




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MRP से ज़्यादा पैसे मांगने पर आप क़ानूनी कार्रवाई कर सकते हैं?

रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में मेहनत से कमाए हुए हर एक पैसे से हम अपनी और अपने परिवार की बहुत सारी ज़रूरतें और कुछ ख़्वाहिशें पूरी करने में लगे रहते हैं. पर आप जो सामान खरीदते हैं, क्या उनका आपसे सही मूल्य मांगा जा रहा है ? कहीं आप ज़्यादा पैसे तो नहीं दे रहे ? क्या आप उन चीज़ों पर पैसे कम करा सकते हैं ? इन सब सवालों का जवाब MRP के इर्द-गिर्द घूमता है.

MRP क्या है ?

MRP का मतलब होता है Maximum Retail Price. ये टर्म Packaged Products के लिए इस्तेमाल होता है और ये वो राशि होती है, जो सरकार द्वारा तय की जाती है. इसमें उत्पादन की लागत, बिचौलियों का लाभ और सभी कर पहले से ही शामिल होते हैं. Weights and Measures (Packaged Commodities) Rules के अनुसार, वज़न, मात्रा, निर्माता का नाम और पता जैसे कई जानकारियों के साथ MRP भी लिखना अनिवार्य है.

अगर कोई MRP से ज़्यादा पैसे मांगे ?

न सिर्फ़ पैक पर छपे MRP से ज़्यादा दाम पर सामान बेचना एक क़ानूनी अपराध है, बल्कि आपको MRP पर मोल-भाव करने का भी पूरा हक़ है. यदि कोई दुकानदार MRP से ज़्यादा पैसे मांगता है, तो आप उसके ख़िलाफ़ कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं. आम तौर पर लोग इस हद तक जाते नहीं, लेकिन ये किया जा सकता है. Basunivesh ने इस आकृति के माध्यम से बहुत ही सरल तरीके से MRP को समझाया है:


क्या विक्रेताओं के लिए MRP पर छूट देना आसान है ?

अगर आप Big Bazaar, Vishal Mega Mart जैसे किसी बड़े विक्रेता से शॉपिंग करते हैं, तो अक्सर MRP पर डिस्काउंट मिल जाता है. दरअसल ऐसे बड़े ब्रैंड्स बल्क ऑर्डर दे कर सीधा कम्पनी से सामान खरीदते हैं. Third Party Distributors न होने की वजह से, प्रॉफ़िट मार्जिन काफ़ी बढ़ जाता है और इसलिए MRP से कम दाम पर सामान बेचना इनके लिए आसान हो जाता है.

वहीं दूसरी तरफ़ इन बड़े विक्रेताओं की तुलना में अगर मोहल्ले वाले किराना स्टोर जैसे किसी छोटे व्यपारी की बात करें, तो उनके लिए सामान पर छूट देना असंभव है. बल्क में आर्डर न होने की वजह से उन्हें हर आइटम की लागत ज़्यादा पड़ती है और इसलिए ज़्यादातर दुकानदार MRP से कम में सामान नहीं बेचते हैं.

क्या कभी किसी ग्राहक को शिकायत करने पर इंसाफ़ मिला है?

एक बार नहीं. कई बार. The Hindu की एक रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के बंजारा हिल्स में स्थित सर्वि फ़ूड कोर्ट ने जब बीस रुपये की MRP वाली पानी की बोतल चालीस रुपये में एक ग्राहक Ch. Kondaiah को बेची, तो इसके ख़िलाफ़ उन्होंने डिस्ट्रिक्ट फ़ोरम में शिकायत दर्ज कराई. होटल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ग्राहक ने होटल का Ambience का भी लाभ उठाया था और क़ानून के हिसाब से मेन्यु में लिखे गए भाव न सिर्फ जायज़ है, बल्कि ग्राहक को भुगतान करना लाज़मी है. इसके जवाब में कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि होटल को पूरा हक़ है कि वो अपने मेनू कार्ड में अपने बनाये हुए खाने का कोई भी रेट तय कर सकते हैं लेकिन Packaged Products के लिए वो छपे MRP से ज़्यादा चार्ज नहीं कर सकते. अपना फ़ैसला सुनाते हुए District Consumer Disputes Redressal Forum-II ने सर्वि होटल को आदेश दिया कि वो ग्राहक को बीस हज़ार रुपये का भुगतान करें. साथ ही अतिरिक्त लिए बीस रुपये लौटाएं और ख़र्चे के नाम पर पांच हज़ार रुपये भी दें. 

ध्यान रहे

 

क्योंकि MRP से पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर सीधे-सीधे प्रभाव पढ़ता है, इसलिए आये दिन इससे जुड़े क़ानून की चर्चा होती रहती है और समय-समय पर न सिर्फ़ ग्राहक, बल्कि विक्रेताओं के हक़ को ध्यान में रखते हुए बदलाव भी लाया जाता है. हाल ही में Economic Times में आयी इस ख़बर के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने Federation of Hotel and Restaurant Associations of India के द्वारा दायर की गयी एक याचिका का समर्थन करते हुए, होटल और रेस्टोरेंट को Packed Products को MRP से ऊपर बेचने की अनुमति दे दी है.

शिकायत कैसे करें ?

अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आप डिस्ट्रिक्ट, स्टेट या नेशनल Consumer Court जा सकते हैं. किस कोर्ट में आपको जाना होगा, ये सामान की क़ीमत पर निर्भर करता है, जो 'Basunivesh (with hyperlink) कुछ ऐसे समझाते हैं.


आप अपने शहर में स्थित कोर्ट का पूरा पता और फ़ोन नंबर NCDRC की वेबसाइट पर देख सकते हैं.

एक शिक्षित नागरिक की तरह आपको अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए. इस पोस्ट को शेयर करके ग़ज़बपोस्ट की इस कोशिश 'साड्डा हक़' में हमारा साथ दीजिये. यदि कोई ऐसा विषय हो, जिसके बारे में आप जानना चाहते हों, या आपको लगता हो कि बाक़ी लोग अनजान हैं और उनके लिए जानकारी लाभदायक होगी, तो हमें ज़रूर बताइये. हम उस मुद्दे को अपने आने वाले लेख में उठाने की कोशिश करेंगे.

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