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दिल्ली के आसपास जगह मिले तो जादू एकेडमी स्थापित की जाएगी- सम्राट शंकर

Ajeybharat/Jind/Haryana/ Manjit Singh Yadav/विश्व विख्यात जादूगर सम्राट शंकर ने हरियाणा प्रदेश में जादू एकेडमी स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा सरकार उन्हें दिल्ली के आसपास पांच एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दे तो वे यहां एक एकेडमी स्थापित कर सकते हैं। 

जादूगर सम्राट शंकर ने यह बात आज स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जादू कोई टोना टोटका नही है। बल्कि यह एक उच्च कोटी की कला है। जादू एक ऐसी विधा है जिससे अंध विश्वास को समाज से जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जादू तथा योग भारतीय संस्कृति की पूरे विश्व में पहचान रहे है। इस विधा को जिंदा रखने के लिए खूब प्रयास किए जा रहे है। सरकार द्वारा भी इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे जादू विधा की ओर भी ध्यान देगी । 

उन्होंने जादूई विधा के सम्बंध में कहा कि इसमें कोई तंत्र मंत्र नहीं होते। यह मात्र हाथ की सफाई के कारनामे होते हैं। उन्होंने उन लोगों पर भी कटाक्ष किया जो इस विधा का गलत प्रयोग कर लोगों को भ्रमित कर अपने हित साधने का काम करते है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बचकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा देश विदेश में लगभग 28 हजार जादू के शो किए जा चुके है। जिनमें से 23 हजार जादू के शो से आई कमाई को जनहित के कार्य करवाने के लिए सरकार को समर्पित भी किया जा चुका है। अब तक एक करोड़ 70 लाख रूपए की राशि समाज हित के कार्यो के लिए सरकार को समर्पित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के विकास के लिए हर क्षेत्र में काम किए जा रहे है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार द्वारा इस विधा को बढ़ावा देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएं। अगर इस विधा को बढ़ावा मिल जाए तो यह लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार का बड़ा स्त्रोत बनकर उभर सकता है। 

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश वासियों का इस विधा के माध्यम से मनोरंजन करवाने के लिए हर जिला में 6-6 जादू के शो आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में प्रदेश के 10 जिलों में यह जादू के शो आयोजित होगें। इसके बाद प्रदेश के हर जिले में यह कार्यक्रम करवाए जाएगें। जींद जिला में यह जादू के शो 19 जुलाई से 21 जुलाई तक दिवान बाल कृष्ण रंगशाला में आयोजित करवाए जाएगें। पहला शो सांय 5 बजे से 7 बजे तक तथा दूसरा साढ़े सात बजे से साढ़े 9 बजे तक आयोजित होगा। उन्होंने जिला के लोगों से अपील की कि वे अधिकाधिक संख्या में इस जादू के शो को देखने के लिए शिरकत करें। उन्होंने यह भी बताया कि 19 जुलाई को आंखों पर पट्टी बांधकर मोटर साईकिल चलाने का जादूई कारनामा भी दिखाया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रात: 11 बजे दिवान बाल कृष्ण रंगशाला से शुरू होगा।

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सुंदर सिंह गुर्जर ने World Para Athletics Championship में दिलाया भारत को पहला स्वर्ण पदक

लंदन में चल रहे World Para Athletics Championship में भारत के खाते में पहला स्वर्ण पदक आ गया है. सुंदर सिंह गुर्जर ने Men's Javelin Throw के F46 Category में स्वर्ण पदक हासिल किया.

शुक्रवार को टूर्नामेंट के पहले ही दिन 21 वर्षीय सुंदर ने 60.36 मीटर की दूरी पर Javelin फेंक कर प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. ये सुंदर का Personal Best थ्रो भी था.

Source: Scoop Whoop

गौरतलब है कि कुछ तकनीकि कारणों से सुंदर का रियो Paralympics में Selection नहीं हुआ था.

एक अन्य भारतीय खिलाड़ी, 18 वर्षीय रिंकू ज़रा सी दूरी के कारण पदक से चूक गए, उन्होंने 55.12 मीटर की दूरी पर भाला फेंका था. जब कि तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले ने 56.14 मीटर की दूरी पर भाला फेंका था.

Source: Business Standard

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एचसीए ने एआईसीएफ चुनाव को अवैध करार दिया,⁠⁠⁠⁠⁠अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के चुनाव पर लगे रोक

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने 25 जून 2017 को चेन्नई में हुए अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के चुनाव को अवैध करार देकर पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है। शतरंज महासंघ पर गैर पंजीकृत राज्य संघों को वोट का अधिकार देने का आरोप लगाया गया है। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) चुनाव में राजनीति का खेल हावी हुआ है। हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए), राजस्थान चेस एसोसिएशन, उतर प्रदेश चेस एसोसिएशन, ऑल केरल चेस एसोसिएशन, महाराष्ट्र चेस एसोसिएशन व देश के अन्य कई राज्य शतरंज संघो ने केंद्रीय खेल मंत्रालय, भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) व स्पोट्र्स अथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) को शिकायत भेजकर इस मामले में संज्ञान लेने की गुहार लगाई है और एआईसीएफ चुनाव पर लोढ़ा समिति की सिफारिसे लागू करने की मांग की गई है। तीन वर्ष के लिए होने वाले चुनाव 25 जून को चेन्नई में संपन्न हुए है।

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) पर गैर पंजीकृत राज्य संघों को वोट का अधिकार देने का आरोप लगाया है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि गैर पंजीकृत राज्य संघों की सहायता से अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) का चुनाव कराया गया है जो गलत है। एचसीए के साथ देश के अन्य कई राज्य शतरंज संघ इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। चेन्नई में हुए अखिल भारतीय शतरंज महासंघ चुनाव के लिए 30 राज्य संघों से 60 व्यक्तियों को वोट का अधिकार दिया गया था। शतरंज महासंघ के नियमानुसार एक राज्य को दो वोट का अधिकार प्राप्त है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने आरोप लगाया कि महासंघ ने वोट के अधिकार के लिए जो सूची जारी की है उसमें गैर पंजीकृत राज्य संघों को वोट का अधिकार दे दिया गया था। उन्होंने दावा किया भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) द्वारा एचसीए मान्यता प्राप्त होने के बावजूद उसे वोट के अधिकार से वंचित रखा गया। अब एचसीए यह मामला लेकर दिल्ली हाई कोर्ट जाएगी।

चुनाव पर लगे रोक, चुनाव दोबारा हो :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने केंद्रीय खेल मंत्रालय से मांग की है कि अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) द्वारा संबंधित राज्य ओलिपक संघो से ही मान्यता प्राप्त राज्य शतरंज संघो को ही वोट का अधिकार दिया जाए व सूची संशोधित कर दोबारा चुनाव कराए जाए। इन चुनावों को कैंसिल कर चुनाव नए सिरे से कराए जाए। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) में खास रूतबा रखने वाले कुछ लोग अपने चहेते गैर मान्यता प्राप्त राज्य संघो को वोट का अधिकार देकर भविष्य में शतरंज महासंघ में अपना दबदबा कायम रखना चाहते है।

ओलिपक संघ से है मान्य :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि एचसीए आयकर विभाग वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पिछले कई वर्षो से आय-कर छुट प्राप्त है। एचसीए हरियाणा सरकार द्वारा सोसायटीज एक्ट-2012 के तहत पंजीकृत है। एचसीए को हरियाणा ओलिपक संघ (एचओए) व भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) से मान्यता मिली हुई है। एचसीए को प्रदेश सरकार व भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) से जिला, राज्य व नेशनल स्तर पर शतरंज स्पर्धाओं का आयोजन करने की अधिकारिक स्वीकृति मिली हुई है। एचसीए से संबंधित सभी आवश्यक कागजात एचसीए की साइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी पर उपलब्ध हैं।

आगामी शेडयूल – शतरंज का खेल कैलेंडर-2017 जारी, हर महिने चार से अधिक जिलों में होगी चैंपियनशिप :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने चालू सत्र 2017-18 का संशोधित शतरंज खेल कैलेंडर जारी किया। हर महिने चार से अधिक जिलों में एचसीए की इंटर जिला शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन होगा। हिसार, जीन्द, महेन्द्रगढ, अंबाला, भिवानी आदि में ये मुकाबले होंगे। एचसीए के स्वस्थ, उज्जवल, नवीन और सुरक्षित शतरंज की स्थापना मिशन के तहत 8-9 जुलाई को हिसार के टैगोर हाई स्कूल मंगाली में इंटर जिला अंडर-11, 15, ओपन शतरंज चैंपियनशिप होगी। 15-16 जुलाई को महेन्द्रगढ के रॉव जयराम सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में इंटर जिला अंडर-13, 19 व ओपन शतरंज चैंपियनशिप होगी। कैलेंडर की पूरी जानकारी एचसीए की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी पर देखी जा सकती हैं। एचसीए ने गुजरात, तमिलनाडू व गोवा की तरह हरियाणा में शतरंज को स्कूली पाठयक्रम में विषय के रूप में शामिल करने पर बल दिया

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नरेश शर्मा को ऑफ़ आल इंडिया चैस फेडरेशन का जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया

गुरुग्राम/ गुरुग्राम निवासी नरेश शर्मा को ऑफ़ आल इंडिया चैस फेडरेशन का जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है, नरेश शर्मा गुरुग्राम चैस फेडरेशन के महासचिव की जिम्मेवारी संभाल रहे है अभी.अजेयभारत परिवार की तरफ से उन्हें हार्दिक सुभकामनाएँ

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WWE में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला बन गयी हैं, हरियाणा की कविता देवी

WWE विश्व भर में प्रसिद्ध है, भारत में भी इसे लेकर काफ़ी क्रेज़ है. वो बात और है कि इसमें भारतीयों के नाम ज़्यादा सुनने को नहीं मिलते. अब तक ग्रेट खली और जिंदर महल जैसे चंद खिलाड़ी ही यहां तक पहुंच पाए हैं. अब इस लिस्ट में एक महिला का नाम भी शामिल हो गया है. हरियाणा की कविता देवी इसमें हिस्सा लेने वाली पहली महिला बन गयी हैं.

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Do you think Kavita Devi aka Hard KD, known for her strength will make it all the way? @WWE  

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ग्रेट खली से Wrestling के गुर सीख चुकी कविता, Hard KD, Tessa Blanchard, Abbey Laith, Taynara Conti और Alpha Female के साथ इस इवेंट के लिए चुनी गयी हैं. इससे पहले कविता ने WWE Dubai Tryout में हिस्सा लिया था. अब वो जुलाई 13-14 को होने वाले इवेंट में हिस्सा लेने वाली हैं.

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Check what Kavita Devi aka Hard KD has to say to all you members of @WWE Universe India  2017

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दक्षिण एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी कविता देवी को 'माई यंग क्लासिक' के लिये चुना गया है, जो महिलाओं का पहला WWE टूनार्मेंट है.

कविता ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं पहली बार WWE महिला टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हूं. मैं भारतीय महिलाओं को अपने प्रदर्शन से प्रेरित करने का प्रयास करूंगी और इस मंच का उपयोग देश को गौरवान्वित करने के लिये करूंगी.

हम कविता को इस सफ़लता के लिए बधाई और आने वाले टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देते हैं. 

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Sunday को भारत-पाक के बीच एक नहीं, दो-दो जंग लड़ी जा रही होंगी. पहली क्रिकेट की है, दूसरी पता है?

18 जून को हर कोई टीवी Set पर अपनी निगाहें गड़ाएं बैठा होगा

18 जून को हर तरफ़ 'इंडिया! इंडिया!' के नारे लग रहे होंगे

18 जून को भारत-पाकिस्तान भिड़ेंगे

जानते हैं, आपको पता है

Source: Sportsdiscovered

बस ये बताना था कि 18 जून को क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी के मैदान पर भी भारत-पाकिस्तान एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे.

Source: India.com

हॉकी वर्ल्ड लीग के सेमी-फाइनल मैच आजकल लन्दन में चल रहे हैं. भारत, स्कॉटलैंड, कनाडा और पाकिस्तान सहित एक ग्रुप में है. भारत ने तगड़ी शुरुआत करते हुए स्कॉटलैंड को अपने पहले मैच में 4-1 से धूल चटा दी. अपना दूसरा मैच कनाडा के साथ 17 को है और 18 यानि सन्डे को जिस दिन आधा भारत विराट कोहली एंड कंपनी को Cheer कर रहा होगा, उसी दिन इंग्लैंड में हॉकी के 16 खिलाड़ी, अपने चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान का हॉकी स्टिक से मुकाबला कर रहे होंगे.

Source: Indian Express

यहां ये कहना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि क्रिकेट के Glamour के सामने हॉकी की सादगी फीकी पड़ जाती है और हर बार क्रिकेट जीतता है. ये कहना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि हॉकी में भारत 6th रैंक पर है, जबकि पाकिस्तान 13वीं और आखरी बात, ये कहना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि भारतीय हॉकी प्लेयर्स वो Support Derserve करते हैं, जो हर वक़्त सिर्फ़ क्रिकेट को मिलता है.

Source: Indian Express

इसलिए सन्डे को जब विराट के बल्ले से निकले चौके-छक्कों पर सीटियां बजा रहे हों, तो कुछ देर के लिए चैनल बदल कर हॉकी की स्टिक से जादू करते उन 16 लड़कों के लिए तालियां भी बजा देना.

 

Source: Cricket Country 

18 जून को इंग्लैंड में जब Men in Blue पाकिस्तान को हारने के मकसद से उतरेंगे, तो याद रखना उनके पास सिर्फ़ बल्ला नहीं, हॉकी भी होगी.

 

Feature Image Source: Hindustan Times 

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खेलने की स्वतंत्रता की लड़ाई में (सीसीआई) का अहम फैसला,ऑल इंडिया चेस फेडरेशन को मिली करारी शिकस्त

एआईसीएफ अब से नही कर सकेगी किसी खिलाड़ी को बैन या प्रतिबंधित

Ajeybharat, 14 जून 2017
भारत सरकार द्वारा स्थापित भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) के खिलाफ पिछले सात सालों से लंबित एक अहम केस पर खिलाडिय़ों के पक्ष में अपना फैसला दिया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश की कॉपी एचसीए की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी से डाऊनलोड की जा सकती हैं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश के बाद अब शतरंज खिलाडिय़ों को खेलने की स्वतन्त्रता मिल गई है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की कोर्ट में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की करारी हार हुई है।

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) आदेश के बाद अब ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) द्वारा किसी खिलाड़ी को बैन या प्रतिबंधित नही किया जा सकेगा। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के समक्ष ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) को मजबूरन एक शपथ-पत्र दायर कर यह सुनिश्चत करना पडा है कि देशभर के सभी शतरंज खिलाड़ी उन सभी शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए स्वतन्त्र है जिनके आयोजन या प्रायोजन से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) का कोई लेना-देना नही होता है। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) अब देशभर के उन सभी शतरंज खिलाडिय़ों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नही कर सकेगा।

एचसीए के महासचिव कुलदीप ने बताया कि इस आदेश से पहले ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) सिर्फ अपनी ही शतरंज प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए खिलाडिय़ों को बाध्य व मजबूर करती थी। उन सभी शतरंज प्रतियोगिताओं जिसका आयोजन या प्रायोजन एआईसीएफ ने नहीे किया हो, में भाग लेने पर एआईसीएफ संबंधित खिलाड़ी को प्रतिबंधित या बैन करती थी। लेकिन एआईसीएफ अब किसी खिलाड़ी को बैन या प्रतिबंधित नही कर सकेंगी। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की बैन या प्रतिबंधित करने की नीति के चलते खिलाडिय़ों में भय व डर का माहौल बना हुआ था जिससे अब छुटकारा मिलेगा।

घटनाओं का कालक्रम :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि
नवंबर 2009 में चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने खेल कैलेंडर की घोषणा की जिसके तहत वर्ष 2009 से 2012 तक कई शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन करके चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने कुल दो करोड़ से ज्यादा के नगद पुरस्कार विजेता खिलाडिय़ों को दिए।

अक्तुबर 2010 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने वल्र्ड चेस फेडरेशन (फिडे) को चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म करने के लिए लिखा।

नवंबर 2010 में वल्र्ड चेस फेडरेशन (फिडे) ने 71 खिलाडिय़ों व दिसंबर 2010 में 55 खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म कर दी।

मार्च 2011 में पीडि़त खिलाडिय़ों ने खेल मन्त्रालय के समक्ष इस बारे अपनी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन कोई राहत नहीं मिली।

अप्रैल 2011 में वल्र्ड चेस फेडरेशन (फिडे) ने 25 खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म कर दी। इस प्रकार पूरे देश से कुल 151 खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म कर दी गई।

अगस्त 2011 में हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए), उत्तर प्रदेश चेस एसोसिएशन, राजस्थान चेस एसोसिएशन, चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कुछ खिलाडिय़ों ने दिल्ली हाई कोर्ट में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के खिलाफ एक याचिका दायर की।

नवंबर 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को इस मामले की जांच का आदेश देते हुए कहा कि यह मामला देशभर में आयोजित होने वाली उन शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों की स्वतन्त्रता व अधिकारों के संबंध में है, जिनके आयोजन से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) का कोई लेना-देना नही होता है।

फरवरी 2012 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अपने महानिदेशक को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया।

अक्तुबर 2012 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के महानिदेशक ने अपनी जांच पूरी की।

दिसंबर 2012 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) आदेश के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश से एक्स पार्टी आदेश प्राप्त कर लिए।

मार्च 2013 में मद्रास हाई कोर्ट के एकल जज के एक्स पार्टी आदेश के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अपना जोरदार पक्ष मद्रास हाई कोर्ट में रखा।

अप्रैल 2013 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने अपनी शर्तो के साथ बैन खिलाडिय़ों को छमादान देने का ऑफर रखा। शर्त ये थी कि बैन खिलाडिय़ों द्वारा चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया की प्रतियोगिताओं से जीता कुल पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत एआईसीएफ को देना होगा।
खिलाडिय़ों से पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत लेती थी एआईसीएफ :
देश के अधिकतर खिलाड़ी ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की इस गलत नीति के सामने आत्मसमर्पण कर देते थे। एआईसीएफ छमादान देने की एवज में उन खिलाडिय़ों से शतरंज प्रतियोगिताओं से जीती कुल पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत ले लेती थी।

जनवरी 2017 में मद्रास हाई कोर्ट ने एआईसीएफ को दिसंबर 2012 में दी गई अंतरिम राहत कैंसिल कर दी और कहा कि इस कोर्ट द्वारा दिसंबर 2012 में एआईसीएफ के पक्ष में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के खिलाफ दिए गए एक्स पार्टी आदेश से पूरे देश के शतरंज खिलाडिय़ों को बहुत नुकसान हुआ है।

मार्च 2017 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने मद्रास हाई कोर्ट की डबल बैंच के समक्ष भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के खिलाफ एक अपील दायर की।

5 अप्रैल 2017 को मद्रास हाई कोर्ट की डबल बैंच ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पक्ष में फैसला दिया। मद्रास हाई कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को इस मामले में आगे बढने के निर्देश दिए।

23 मई 2017 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) को एक एफिडेविट के माध्यम से यह लिखकर देने का आदेश दिया कि देश के सभी शतरंज खिलाड़ी उन सभी शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए स्वतन्त्र है जिनके आयोजन या प्रायोजन से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) का कोई लेना-देना नही होता है। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) उन सभी शतरंज खिलाडिय़ों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नही करेगा।

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दिव्यांग महिला खिलाड़ी की शिकायत पर जागा रेलवे, दिव्यांगों को लोअर बर्थ देने का आदेश

indian railway

 

नयी दिल्ली। दो दिन पहले पैरा महिला एथलीट ने रेलवे कर्मचारियों की मनमानी को लेकर शिकायत की थी। जिसकी वजह से उसे नागपुर से दिल्ली तक का सफर ट्रेन के फर्श पर लेट कर करना पड़ था। इस शिकायत पर रेल मंत्री ने सुरेश प्रभु ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किया कि दिव्यांगों को स्पेशल कोचों में लोअर बर्थ उपलब्ध करायी जायें। इन रेल कोचां में दिब्यांगों के लिये विशेष सहूलियतों का ध्यान रखा जाता है।

मंत्रालय की मानें तो दिव्यांगों के लिये 3000 स्पेशल आधुनिक कोचेस लगाये है। केन्द्र की मोदी सरकार हर साल दिव्यांगों को सहूलियतें देने के नाम पर करोड़ों का विज्ञापन कराती है। वहीं दूसरी ओर देश की एक ऐसी दिव्यांग महिला खिलाड़ी को दिल्ली आने वाली ट्रेन में नीचे की बर्थ नहीं दी जाती है।

पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने रेलवे पर दिव्यांगों के साथ बेरुखी का आरोप लगाया है। इंठरनेशनल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली सुवर्णा शनिवार की रात दिल्ली आने के लिये गरीब रथ एक्सप्रेस में सवार हुईं। उन्हें दिव्यांग कोटे में रेलवे ने ऊपर की बर्थ अलाट की थी। व्हीलचेयर के सहारे चलने वाली सुवर्णा ने गाड़ी में आने वाले टीटीई व अन्य रेलवे के अफसरों से बर्थ बदलने की गुहार लगायी लेकिन उन्होंने बर्थ नहीं बदली।

लिहाजा महिला खिलाड़ी को ट्रेन के फर्श पर रात गुजारनी पड़ी। सुवर्णा ने बताया कि नागपुर से दिल्ली आने तक 10 बार उसने टीटीई से बर्थ बदलने की गुहार लगायी। वहां मौजूद एक जानकार से रेलवे मिनिस्टर प्रभु के ट्विटर हैंडिल पर भी शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सुवर्णा का कहना है कि एक इंटरनेशनल टूर्नामेंट में पदक जीतने वाली दिव्यांग महिला खिलाड़ी को सुविधा नहीं मिलती है। रेल मंत्री भी दिव्यांग कोचों में भी सफर करें और उकी परेशानियां का एहसास करें।

 

 

 

 

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आपत्तिजनक टेप लीक होने के बाद मुश्किल में फंसे जयसूर्या

कोलंबो: पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेट सनत जयसूर्या की एक निजी आपत्तिजनक टेप लीक हो गई है जिसके बाद वह मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। उन्हें श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) में उनके चयनकर्ता के पद को लेकर भी संशय पैदा हो गया है।

चैंपियंस ट्राफी के बाद दे सकते हैं अपने पद से इस्तीफा 
पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा चयनकर्ता जयसूर्या की एक सेक्स टेप लीक हुई है जिसके बाद माना जा रहा है कि एसएलसी उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वहीं स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार जयसूर्या आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बोर्ड ही उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाएगा।

श्रीलंकाई बोर्ड के सदस्य ने कहा, हाल ही में मीडिया में जयसूर्या का एक टेप लीक हुआ है और इसके बाद हम उन्हें बोर्ड पर आगे चयनकर्ता के पद पर बरकरार नहीं रखना चाहते हैं। उन्होंने खेल और राष्ट्र को शर्मसार किया है। 47 वर्षीय पूर्व ऑलराउंडर का उनकी पूर्व पत्नी मलीका सिरिसेनागे के साथ एक सेक्स टेप लीक हुआ है लेकिन यह अभी साफ नहीं हुआ है कि यह टेप किसने लीक किया है।

इस घटना के बाद सुर्खियों में आए जयसूर्या के बोर्ड में पद पर लगभग विराम लगने की स्थिति पैदा हो गई है और बोर्ड के कई शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि चैंपियंस ट्राफी के बाद जयसूर्या बोर्ड में चयनकर्ता के पद पर नहीं होंगे। ब्रिटेन में एक जून से आईसीसी चैंपियंस ट्राफी शुरू होने जा रही है जहां श्रीलंकाई टीम भी आठ टीमों में शामिल है।

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शतरंज इंसान को सहनशील और दूरदर्शी बनता है – ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा

Gurugram: शतरंज इंसान को सहनशील और दूरदर्शी बनता है यह उदगार हैं हरियाणा के पहले ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा के | हिमांशु शर्मा आज सेंट ज़ेवियर्स स्कूल और माइंड शार्पनर चैस अकादमी द्वारा जिला चैस एसोसिएशन गुडगाँव के तत्वावधान में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे |

उन्होंने खिलाडियों को नसीहत दी की वे पढ़ाई के साथ साथ किसी न किसी खेल में ज़रूर भाग लें | जिला चैस एसोसिएशन गुडगाँव की तरफ से ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा को एक शाल, स्मृति चिन्ह और ११०००/- रूपये देकर सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट नरेश शर्मा, जिला चैस एसोसिएशन के प्रधान श्री अनिल कुमार परनामी, महासचिव श्री राजपाल चौहान, उपाध्यक्ष श्री सतीश सिंगला, सेंट ज़ेवियर्स स्कूल के प्रधानाचार्य श्री निकोलस गोम्स, कोऑर्डिनेटर श्रीमती गीता कँवर, अंतर्राष्ट्रीय ऑर्बिटर राज कुमार श्री हरीश रतनानी, श्री अनिल तिवारी, श्री जितेंदर सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित थे | 

वोट ऑफ़ थैंक्स करते हुए दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट श्री नरेश शर्मा ने सेंट ज़ेवियर्स स्कूल की प्रबंधक समिति का विशेष आभार प्रगट किया |
अंतिम परिणाम इस प्रकार रहे :

पुरुष वर्ग में आदित्य ढींगरा पहले, लोकेश हंस दुसरे, अर्णव हल्दीए तीसरे, जय मेहतानी चौथे, आयुष शर्मा पांचवें, निर्णय गर्ग छठे, कुशाग्र अग्रवाल सातवें और आदित्य सुरेश आठवें स्थान पर रहे |

महिला वर्ग में तनिष्का कोटिया पहले, रिधिका कोटिया दुसरे, हेमाक्षी चौहान तीसरे, ईश्वी अग्रवाल चौथे, राज राजेश्वरी पांचवें, नव्या तायल छठे, कृति लम्बा सातवें और आन्या अग्रवाल आठवें स्थान पर रही |

सेंट ज़ेवियर्स स्कूल के रूद्र वेदांत, धवल शाह, आर्यन यादव, अनुभव सिंघल, प्रथम मल्होत्रा, तथागत गुप्ता, मानस पॉल, सत्यव्रत, संस्कार, अभय कँवर, आरुषि भंसाली, तनिरिका शर्मा, नैंसी नांदल को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया

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हरियाणा के पहले ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा का सम्मान समारोह गुडगाँव में रविवार ३० अप्रैल को

Gurugram: सेंट ज़ेवियर्स और माइंड शार्पनर चैस अकादमी द्वारा जिला चैस एसोसिएशन गुडगाँव के तत्वावधान में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन २९ और ३० अप्रैल को सेक्टर ४९ स्थित सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल में कराया जायेगा | जिला चैस एसोसिएशन के संगठन सचिव एडवोकेट राजपाल चौहान द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है की यह प्रतियोगिता ओपन वर्ग में खेली जाएगी और इसमें किसी भी आयु वर्ग के खिलाडी भाग ले सकते हैं | प्रतियोगिता को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ऑर्बिटर राज कुमार को जिमेदारी दी गयी है |

प्रतियोगिता का शुभारम्भ शनिवार २९ अप्रैल को प्रात: ९ बजे मुख्य अतिथि के रूप में दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट नरेश शर्मा करेंगे जबकि पुरस्कार वितरण पर रविवार ३० अप्रैल को सायं: ४.०० बजे हरियाणा के पहले ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे |

इस अवसर पर जिला चैस एसोसिएशन की तरफ से ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा को सम्मानित भी किया जायेगा | सेंट ज़ेवियर्स स्कूल की प्रबंधक समिति एवं कोऑर्डिनेटर श्रीमती गीता तंवर इस प्रतियोगिता को लेकर बहुत उत्साहित हैं और इसे सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग कर रही है | 
इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग में पहले दो स्थान पर रहने वाले खिलाडी ३१ मई से ३ जून तक होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गुडगाँव का प्रतिनिधित्व करेंगे |

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पैरों ने साथ छोड़ा तो Wheelchair के सहारे दौड़ने लेगे शैलेश

अगर आप सोचते हैं कि आपने किसी का बुरा नहीं किया, और आपके साथ भी बुरा नहीं होगा, तो ये आपकी गलतफहमी है. किस्मत कभी भी आपको झटका दे सकती है. ज़रूरी नहीं ये आपके बुरे के लिए ही हो, ये उसका तरीका भी हो सकता है आपको एक मुकाम तक पहुंचाने के लिए.


गया, बिहार के रहने वाले 24 साल के शैलेश कुमार एक बेहतरीन खिलाड़ी थे. एक दिन फ़ुटबॉल खेलते हुए शैलेश के पैर में चोट आ गई. चोट ऐसी थी कि वो खुद से चल भी नहीं पा रहे थे. शैलेश ने अपने दोस्त का सहारा लिया और घर को जाने लगे. रास्ते में शैलेश के दोस्त का संतुलन बिगड़ा और वो दानों गिर पड़े. शैलेश को रीढ़ की हड्डी में भयंकर चोट आ गई. शैलेश की कमर के नीचे का हिस्सा खराब हो गया. वो चल भी नहीं सकते थे. शैलेश काफ़ी समय तक बिस्तर पर थे. जिस वजह से पिछले हिस्से में छाले पड़ गए और Urinary Tract इंफ़ेक्शन भी हो गया था. उनको व्हीलचेयर के लायक होने के लिए एक साल लग गया.


जो बचपन से स्पोर्ट्समैन रहा हो, उसे आप खेल से ज़्यादा दूर नहीं रख सकते. शैलेश व्हीलचेयर पर बास्केटबॉल खेलने लगे. उनका व्हीलचेयर पर कंट्रोल और उनकी स्पीड देखते हुए साथ के खिलाड़ियों ने उन्होंने Wheelchair Marathon के लिए प्रोत्साहित किया. सैलेश को ये बात समझ आई और खुद पर विश्वास के साथ उन्होंने मैराथॉन में भाग लेना शुरु कर दिया. इसी के साथ शैलेश ने दो सालों में Wheelchair Marathon में कई पदक जीते हैं और देश के सबसे तेज़ व्हीलचेयर Marathon रनर हैं.

शैलेश अब Chandigarh Spinal Rehab में व्हीलचेयर इस्तेमाल कर रहे लोगों के मेंटर हैं.


यहां से मिली उड़ान

चंडीगढ़ के उस Rehab Center में शैलेश को वैद्यनाथन मिले. वैद्यनाथन खुद रीढ़ की चोट से गुज़र चुके थे और शैलेश के जज़बे से प्रभावित हुए. वैद्यनाथन The Ganga Trust के सह-संस्थापक थेजो दिव्यांग लोगों के रिहैबिलिटेशन के लिए काम करती है.

The Ganga Trust अब Fuel A Dream के साथ मिल कर शैलेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का Marathoner बनाने में जुटे हैं. Fuel A Dream चैरिटी के लिए Crowd Funding करती है, ताकी लोग अपने सपने पूरे कर सकें. Fuel A Dream अब के लिए शैलेश 'Invacare Top End Eliminator OSR Racing Wheelchair' खरीदने की जद्दोजहद में लगी है, ताकि शैलेश 2020 Paralympics में भारत का नाम रौशन कर सकें.

Fuel A Dream के संस्थापक Ranganath Thota का कहना है कि-

 शैलेश अभी आम व्हीलचेयर इस्तेमाल कर रहा है, जिससे उसे काफ़ी तकलीफ़ आएंगी. इसमें ज़्यादा मेहनत लगती है. शैलेश के लिए जो व्हीलचेयर मंगवाने की तैयारी हो रही है, उसमें और अभी वाली में उतना ही फ़र्क है जितना ट्रक और स्पोर्ट्स कार में.

उस व्हीलचेयर के लिए कुल Rs 4,25,000 चाहिए, जिसमें से Rs 58,300 रुपये इकट्ठा हो चुके हैं.

अगर आप भी देश के इस उभरते हुए खिलाड़ी के साथ खड़े होना चाहते हैं, तो यहां क्लिक कर केदान की जानकारी ले सकते हैं. 

 

Article Source- Huffingtonpost

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भारतीय क्रिकेट की वो बातें, जो टीम के बारे में कई खिलाड़ी भी नहीं जानते होंगे

भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने वाले खिलाड़ी किसी स्टार से कम नहीं होते. वो क्या करते हैं, क्या खाते हैं. हर बात उनके फ़ैन्स जानना चाहते हैं. कई ऐसी भी बातें हैं, जो आज तक हम नहीं जान पाए. लेकिन क्रिकेट फैन होने के हक से आपको इन बातों का जानना ज़रूरी है. इसी से तो आप अपने स्टार के सबसे बड़े फ़ैन बनने के एक कदम नज़दीक पहुंच जाएंगे.

1.


आखिर ऐसा क्यों था, क्यों अज़हरुद्दीन के कॉलर हमेशा खड़े और हेल्मट का रंग सफेद होता था? इस सवाल का जवाब देते हैं हुए उन्होंने बताया की उन्हें गले पर धूप लगने से त्वचा की समस्या शुरू हो गई थी. इसके बाद उन्होंने अपने कॉलर खड़े रखने शुरू कर दिए और ये कब आदत बन गई पता ही नहीं चला.

वहीं अपना सफेद हेल्मेट उन्हें काफ़ी पसंद था. टेस्ट में इसे इस्तेमाल किया जाता था. फिर वन-डे में नीले रंग के हेल्मेट को पहनने का कोई नियम नहीं था, तो उन्होंने इसे पहनना शुरू कर दिया.

2. 


कपिल देव की आंखों में आंसू आ गए थे. वो भी एक Live इंटरव्यू के दौरान. इस इंटरव्यू में सवाल किया गया था कि क्या उन्होंने मैच फ़िक्सिंग कर के पैसे बनाए हैं. ये आरोप उनके साथी खिलाड़ी मनोज प्रभारकर ने उन पर लगाया था. इसका जवाब देने के दौरान कपिल भावुक हो गए थे. उनकी आंखों में आंसू आ गए. लेकिन इस सावल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि 'मै ऐसा करने से पहले आत्महत्या करना ज़्यादा पसंद करुंगा, मेरे सारे पैसे ले लो, क्योंकि मैं ऐसे घर से आता हूं, जहां पैसे से ज़्यादा बड़ी इज़्ज़त होती है'.

3.


शाहिद अफ़रीदी ने 16 साल की उम्र में ही सबसे तेज़ वन-डे शतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया था. 37 बॉल में 100 करने वाले अफ़रीदी ने ये कारनामा सचिन के बल्ले से कर दिखाया था. सचिन ने अपना एक बैट वकार यूनिस को दिया था. अफ़रीदी जब टीम में आए थे, तो उनकी माली हालत ठीक नहीं थी और उनके पास क्रिकेट किट भी नहीं थी. इस मैच में उन्हें बैटिंग के लिए बैट वकार ने दिया था और कहा था कि 'इस बैट से बैटिंग करो, ये सचिन तेंदुलकर का बैट है.'

4. 


अनिल कुंबले के इस कारनामे को कोई नहीं भूल सकता. टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट अपने नाम करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज़ बने थे. विरोधी टीम थी पाकिस्तान. लेकिन हाल ही में वसीम अकरम ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वकार नहीं चाहते थे कि कुंबले को 10वां विकेट मिले. इसलिए उन्होंने अकरम को बोला कि क्यों न हम लोग रन आऊट हो जाएं. इससे अनिल कुंबले को 10 विकेट नहीं मिलेंगे. अकरम ने वकार को जवाब दिया कि अगर उसकी किस्मत में 10 विकेट लिखें हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता. लेकिन कुंबले मुझे आऊट नहीं कर पाएगा. लेकिन अगले ओवर में ही अकरम, कुंबले की गेंद पर आऊट हो गए.

5. 


सहवाग मैदान में जितने गम्भीर दिखते थे, वो होते नहीं थे. इसका उदाहरण है ये वाक्या. सहवाग, चेन्नई में 300 रन बना कर बैटिंग कर रहे थे. तभी उन्हें 'तू जाने ना' गाना याद आया. लेकिन आगे के बोल उन्हें याद नहीं आ रहे थे. उन्होंने पवेलियन की तरफ़ इशारा किया और 12th Man, इशांत शर्मा को मैदान में बुलाया और उनसे इस गाने के बोल पूछे, उन्हें भी बोल याद नहीं थे. सहवाग ने इशांत को सुन कर गाने के बोल बताने को कहा. अगले ओवर में एक बार फिर इशांत मैदान में आए और सहवाग को गाने के बोल बता कर गए.

6. 


श्रीलंका के खिलाफ़ भारतीय टीम बल्लेबाज़ी कर रही थी. सबकी निगाहें सचिन पर थीं, लेकिन इस मैच में सचिन की हालत ख़राब थी. किसी गेंदबाज़ ने उन्हें परेशान नहीं किया था, बल्कि मैच के दौरान उनका पेट ख़राब था. उनकी तबियत इस कदर ख़राब थी कि उन्होंने बल्लेबाज़ी के दौरान अपने अंडरवियर में टिश्यू का इस्तेमाल किया हुआ था.

7. 


इस मैच को शायद ही कोई सचिन फ़ैन भूल सकता है. क्योंकि सचिन 194 पर नाबाद बल्लेबाज़ी कर रहे थे. हर कोई इंतज़ार कर रहा था सचिन के दोहरे शतक का. लेकिन तभी तत्कालीन कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी की घोषणा कर दी. इस पर सचिन को भी काफ़ी गुस्सा आया. ड्रेसिंग रूम में सचिन ने राहुल द्रविड को उन्हें अकेला छोड़ देने को कहा था.

8. 


जी हां, देश का सबसे बड़ा वॉन्टेड अपराधी दाऊद भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक पहुंच गया था. 1987 में शारहजाह में मैच के दौरान दाऊद ने ड्रेसिंग रूम में आ कर कपिल देव को मैच फ़िक्स करने के लिए कहा था. इसके बदले उन्हें बड़ी कीमत और कार गिफ़्ट करने की भी बात कही गई थी. लेकिन कपिल ने उन्हें बाहर निकाल दिया था.

9. 


मैच के बाद भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम में कई तरह के मज़ाक करती है, लेकिन एक बार मुर्गा बनाया गया था उस वक़्त टीम के कप्तान सौरव गांगुली को. पूरी टीम ने उन पर भेदभाव का आरोप लगाया था. ये पूरी साजिश युवराज की थी. मामला इतना बढ़ गया कि सौरव कप्तानी पद से इस्तीफ़ा देने जा रहे थे. तब राहुल द्रविड ने इस पूरे मज़ाक को खोला.

10.


नेटवेस्ट सीरीज़ के फ़ाइनल के दौरान भारतीय टीम मुश्किलों में दिख रही थी. सब की निगाहें सहवाग पर थीं. लेकिन एक गंदे शॉट खेलने की वजह से सहवाग आऊट हो गए. पिछले कई मैचों में सहवाग अपनी पारी में कुछ अजीब शॉट खेल कर आऊट हुए थे. इस बात पर तत्लाकीन कोच जॉन राइट्स ने उन्हें समझाया था. लेकिन उस दिन जॉन का पारा बहुत चढ़ गया और जॉन ने सहवाग का कॉलर पकड़ लिया था.

11.


1996 में इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा थे गांगुली और सिद्धू. दोंनो मैच के बाद मिली छुट्टी में लंदन घूमने निकले. ये दोनों एक पब में जा कर बैठे. उनके ठीक पीछे 2 लड़के और तीन लड़कियां बैठीं थी. तभी उन लड़कों में से एक ने गांगुली की तरफ से बियर का कैन फ़ेका. सिद्धू को इस पर गुस्सा आया और वो उस लड़के के तरफ़ बढ़े. ये देख कर गांगुली भी उनकी तरफ़ बढ़े. गांगुली ने उस लड़के को धक्का दिया, वो लड़का ज़मीन पर गिरा और उठते ही उनके सिर पर बंदूक रख दी. लड़के की एक दोस्त ने जल्दी से उस लड़के को वहां से हटाया और उसे बाहर ले गई. गांगुली आज भी वो वाक्या सोच कर डर जाते हैं. उन्हें लगा था कि उनका करियर और लाइफ़ एक साथ चली जाती, अगर वो लड़की नहीं आती.

पता नहीं ऐसे और कितने वाक्ये हैं, जिनसे हम सब अंजान हैं. अगर आपके पास भी ऐसी ही कोई अनसुनी कहानी हो, तो हमें Comment Box में लिख कर ज़रूर बताएं.

Art By: Shruti Mathur

Source-Gazabpost

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12 मेडल जीतने वाली संथी को देना पड़ा था महिला होने का सबूत, गुज़रना पड़ा अपमानजनक टेस्ट से

2006 के एशियन गेम्स में संथी सौंदराजन नाम की एथलीट के साथ जो सलूक किया गया, वो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. संथी के महिला होने पर शक़ किया गया और उसे अपमानजनक टेस्ट से भी गुज़ारना पड़ा. आज संथी आवाज़ उठा रही है क्योंकि वो चाहती है कि जो उसके साथ हुआ वो किसी भारतीय खिलाड़ी के साथ न हो. 

भारत एक ऐसा देश है, जो अपने खिलाड़ियों की कद्र तो दूर, उनकी दो वक्त की रोटी की भी गारंटी नहीं देता. राष्ट्रीय खिलाड़ी जिन्होंने देश को सम्मान दिलाया, उनकी बदहाली की कहानियां अकसर सामने आती रहती हैं. ऐसा ही कुछ हुआ संथी सौंदराजन के साथ.

Source: Respectwomen

तीन साल के संघर्ष के बाद संथी को नौकरी मिल सकी है. एथलीट संथी ने देश के लिए 12 मेडल जीते, पर उनसे उनके मेडल वापस छीन लिए गए. संथी ने डोपिंग नहीं की थी, फिर भी उनके साथ जो हुआ, वो देश के लिए भी शर्मनाक है. ये मेडल उनके जीवन भर की पूंजी थे, जिनके लिए संथी ने दिन-रात मेहनत की थी.

 

2006 में एशियन गेम्स में संथी के महिला होने पर शक़ किया गया और उन्हें आधे दिन तक दोहा में नंगा रखा गया. ये सब उन्हें झेलना पड़ा, अंतराष्ट्रीय मीडिया में उनके औरत न होने की बातें उछाली गयीं. भारत सरकार ने भी उस वक़्त देश की बेटी की इज्ज़त के लिए कुछ नहीं किया.

Source: Tarshi

संथी बताती हैं कि जब उन्होंने मेडल जीते, तो सारे देश ने जश्न मनाया, लेकिन जब उनकी आबरू इस तरह उछली जा रही थी, तब भारत मां की इस बेटी के लिए कोई नहीं आया. अब वो बस ये चाहती हैं कि जो उन्होंने सहा, ऐसी बदसलूकी किसी भारतीय खिलाड़ी के साथ न की जाये.

संथी पूरे जोश के साथ इस अन्याय के खिलाफ़ अकेली खड़ी हैं, ये केवल एक औरत के सम्मान का मुद्दा नहीं है, ये मानव अधिकारों की भी तौहीन है. 

 

Source: Azureedge

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कैंसर से लड़कर मिस्टर वर्ल्ड बना ये बॉडी बिल्डर, 16 की उम्र में खराब हो गए थे पैर

Ajay Kumar:जालंधर आनंद ने यूरोप में ऑर्गनाइज WFFW BBF मिस्टर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत को रिप्रजेंट करते हुए व्हीलचेयर बॉडी बिल्डर का खिताब अपने नाम किया। बता दें कि आनंद 16 साल की उम्र में कैंसर की चपेट में आ गए थे। जिसके बाद उनके दोनों पैर खराब हो गए थे। लेकिन, लाचारी, बेबसी और मायूसी को दरकिनार करते हुए आनंद आर्नोल्ड ने ये कॉम्पिटीशन जीता। वे अब अगले टारगेट मिस्टर यूनिवर्स चैम्पियनशिप की तैयारी में जुटे हैं।

29 साल के आनंद किदवई नगर में रहते हैं। महज 16 साल की उम्र में रीढ़ की हड्डी में कैंसर होने के बाद उनके दोनों पैर बेकार हो गए थे। तब उन्हें बिस्तर से उठने की हिम्मत नहीं थी। करीब तीन साल तक बिस्तर पर रहने के बाद फिर आनंद ने जुनून-जज्बे के साथ बतौर बॉडी बिल्डर देश-दुनिया में पहचान बनाई। यह मुकाबला वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग फेडरेशन ने यूरोप में कराया।

आनंद के मुताबिक, चैम्पियनशिप में मुकाबला काफी चैलेंजिंग था। कॉम्पिटीशन के दौरान कैटेगरी में तीन राउंड हुए। इसमें अपना बेस्ट देते हुए तीनों राउंड में उन्होंने गोल्ड मेडल झटके।  7वीं क्लास में देखा सपना पूरा करने का मौका 29साल की उम्र में मिला। जिसमें व्हीलचेयर बॉडी बिल्डर कैटेगरी में मिस्टर वर्ल्ड टाइटल उनके नाम हो गया।

इस कामयाबी का क्रेडिट वह अपने कोच रवि पराशर को देते हैं। इसमें भारत को रिप्रसेंट करना आनंद के लिए सपने से कम नहीं था। खिताब के बाद आनंद की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सबसे पहले उन्होंने अपनी मां इंद्रा अर्नोल्ड को वहीं से फोन किया। खुशखबरी सुनाते ऐसा उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह मां के ही सामने खड़े हैं। दरअसल उनका सपना पूरा होने में मां का अहम राेल रहा है।

आनंद का कहना है कि खेल कोई भी हो, अगर दिल से मेहनत करेंगे तो कामयाबी खुद-ब-खुद कदम चूमेगी। अब उनका अगला टारगेट व्हीलचेयर बॉडी बिल्डर मिस्टर यूनिवर्स चैंपियनशिप में खिताब लेना है।

इसके लिए जिम में तैयारी शुरु की है। उसके बाद पैरा-आलंपिक्स में भी हिस्सा लेना चाहते हैं। जहां पर जैवलीन थ्रो,शॉट पुट में शानदार प्रदर्शन करने की हसरत है।

 

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Brazilian model welcomes World Cup Russia 2018 mascot with revealing snaps

© Suzy Cortez

© Suzy Cortez / Facebook

Suzy Cortez, who won the coveted ‘Miss BumBum Brazil’ title in 2015 – has posted snaps of her curvy figure in a Russian national team jersey to celebrate the unveiling of ‘Zabivaka’ the wolf as the official FIFA World Cup Russia 2018 mascot.

Zabivaka was announced as mascot for the tournament on a popular Russian late-night television chat show hosted by comedian and presenter Ivan Urgant, with Cortez’s compatriot, Brazilian footballer Ronaldo, as a special guest.

READ MORE: Russian football fans choose 'Zabivaka' the wolf as mascot for World Cup 2018

Designed by student Ekaterina Bocharova, Zabivaka received 53 percent of a nationwide month-long vote to see off competition from a cat and a tiger. His name means ‘the one who scores’ in Russian and is rooted in the verb ‘to score’ (zabivat).

Now he’s been given personal approval by Cortez in the form of an array of racy pictures published to her 814,000 Instagram followers, with captions welcoming his ascension to the role.

The ‘Queen of Curves’ posted two pictures of herself in the Russian national shirt and one of an image of Zabivaka with the identical message: “Welcome #Zabivaka the wolf, Official Mascot of #Russia2018. Thank you @rfpl_org, @teamrussia and @adidasrussia #suzycortez #missbumbum#wordcup”.

The images have so far collectively amassed over 24,000 likes.

 

Cortez has also taken to Twitter – where she describes herself as “Cover Playboy México August 2016. Actress, TV Host and Model International. Miss Bumbum Official” in her profile – to post images welcoming the wolf. In one she can be seen holding a traditional Russian ‘matryoshka’ doll.

 🇷🇺🐺⚽

  • On the FIFA.com official website, Zabivaka is described as being the “youngest player on the squad, but you won’t find anyone faster, bolder, or more skillful with a football.”

However, English newspaper the Sun has instead decided to pick up on a cheeky distortion of his name

The tabloid has taken to calling the mascot 'Bonk' because the Russian word for wolf, 'Волк', which was what he was known by in the voting stages, looks similar to the English slang word.

The Sun also reported that Cortez, who has previously posed for Playboy magazine, had been invited by the “Russian Federation of football” to publicize the mascot “to the best of her ability.”

Such an organization does not exist and there is no evidence to suggest the Russian Football Union requested the advertising abilities of the model.

Cortez also showed her support – and the majority of her flesh – for this summer’s Rio 2016 Olympic Games by painting her body with the colors and emblem of the tournament in her home country.

The 2018 Russia World Cup will be played in 12 venues in 11 different Russian cities from June 14 to July 15.

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Bill Gates and Mark Zuckerberg to attend World Chess Championship

Mark Zuckerberg (L) and Bill Gates © Reuters

Mark Zuckerberg (L) and Bill Gates © Reuters

Tech guru Bill Gates and social media mogul Mark Zuckerberg have announced that they will attend the World Chess Championship (WCC) in New York next month.

“Gates and Zuckerberg have agreed to attend the match. I don’t know whether it will be at the opening or one of the later matches,” World Chess Federation (FIDE) President Kirsan Ilyumzhinov announced Wednesday, TASS reported.

“I am still waiting to hear back from [US President Barack] Obama, [presidential candidates Donald] Trump and [Hillary] Clinton. At the very least, I haven’t had a refusal,” he added.

The WCC is held annually to determine the world chess champion and will be held this year from November 11-30 in New York, with Russian Sergey Karjakin facing Norwegian Magnus Carlsen.

Carlsen won the title in 2014 and is the reigning champion.

The self-styled pioneer of ‘cool intellect’ will be looking to make it three in a row in front of former Microsoft CEO Gates and Facebook creator Zuckerberg, who have a combined estimated net worth of over $1.3 trillion.

Twenty-five-year-old Carlsen is the highest ranked chess player in the world and has already notched a victory over another Russian by beating Gary Kasparov’s twelve-year FIDE rating record when he won the London Chess Championship in 2011.

Microsoft has sponsored Carlsen since his teenage years in 2004, the year he became the youngest ever recipient of the grandmaster title at the age of 13 years and 4 months old.

Karjakin, 26, won the right to take on Carlsen by winning The Candidates Tournament 2016, an eight-man double round robin tournament held in Moscow, Russia.

He is currently ninth in the FIDE world rankings.

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Devendra Jhajharia wins gold at Rio Paralympics

New Delhi: India's Devendra Jhajharia bettered his own world record to win gold in the men's javelin throw F46 event at the 2016 Rio Paralympics.

Devendra won gold in the javelin event at the 2004 Athens Paralympics with a record throw of 62.15 metres, becoming only the second gold medallist at the Paralympics for India, and improved upon it with an attempt of 63.97 metres at the Olympic Stadium (Engenhao) here on Tuesday.

The 36-year-old is currently ranked third in the world.

Devendra competed in the event alongside fellow Indians Rinku Hooda and Sundar Singh Gurjar. Rinku finished fifth with a personal best of 54.39 metres in six attempts, while Sundar Singh Gurjar didn't start the event.

Devendra took India's tally at this edition of the Paralympics to four medals-two golds, one silver and a bronze.

The Rajasthan born athlete, with an amputated left hand, was awarded the Arjuna award in 2004 and the Padma Shri in 2012, becoming the first Paralympian to receive the honour.
 

He was electrocuted while climbing a tree when he was eight years old and his left hand had to be amputated. But that didn't deter him from pursuing his dreams. The track and field star won gold at the International Paralympic Committee's (IPC) Athletics World Championships in Lyon in 2013.

He last participated in the Paralympics 12 years ago. The F46 event did not feature in the 2008 and the 2012 editions.

Earlier on Tuesday, Ankur Dhama failed to qualify from the men's 1,500 m – T11 Round 1 event securing the 11th spot among 17 athletes, five among them getting disqualified.

He took a time of 4:37.61 to finish his race but it wasn't enough as the first six qualified for the next round.

Swimmer Suyash Jadhav couldn't qualify for the final round of the men's 200 metre Individual Medley competition. Jadhav trailed from the start and finished his heat sixth among as many swimmers with a time of 3 minute 1.05 seconds.

The 22-year-old Maharashtrian was 10th in the overall standings among 12 swimmers. The best eight athletes progressed to the final round.

Shot putter Deepa Malik on Monday confirmed India's third medal at the Paralympic Games. Deepa Malik bagged a silver medal in the women's shotput F53 event, with a personal best throw of 4.61 metres.

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OMG ! कभी-कभी खेल के मैदान में कुछ और भी दिख जाता है

ये बात तो आप भी बखूबी जानते होंगे कि पोलो, स्नूकर, टेनिस, फुटबॉल, क्रिकेट जैसे कई खेलों को दुनिया भर में बड़े शौक के साथ खेला जाता है. लेकिन मैं आपके लिए यहां इन खोलों से जुड़ी कुछ ऐसी मज़ेदार तस्वीरें लाया हूं जिन्हें कैमरे ने बिलकुल सही समय पर कैद किया है. जी हां, ये पल उन खिलाड़ियों के हैं जिनके साथ खेल के मैदान पर कुछ ऐसी अनचाही घटनाएं घट गई थीं, जिन्हें वो किसी और को बताने में शर्मा जाते हैं. पर आप उन खिलाड़ियों से जुड़ी इन तस्वीरों को नीचे दी गई लिस्ट में देख सकते हैं, यकीन मानिए इन तस्वीरों को देखने के बाद आप अपनी हंसी को रोक नहीं पाएंगे! 

1. पोलो खेलते-खेलते इनकी पोल भी खुल गई! 

2. इन भाई साहब को कोई बता दो की एक तरफ़ से इनकी अंदरूनी खूबसूरती सभी को दिख रही है. 

3. सब खेल में जद्दोजहद करते हैं लेकिन ये जनाब अपने टाइट सूट के साथ कर रहे हैं. 

4. तभी कहते हैं नाड़ा बांध कर मैदान में उतरा करो! 

5. अरे, भाई छोड़ दे उसे नहीं तो वो छोड़ देगा! 

6. पता चला इतनी ऊंचाई से कूदने पर कितना दर्द होता है! 

7. मोहतरमा अपनी चेन को बंद कर लीजिए! 

8. देखा, बड़े-बड़े खिलाड़ियों को भी अपने जूते चोरी होने की चिंता रहती है. 

9. जब पैंट उतरती है तो अच्छे-अच्छों की हालत पतली हो जाती है. 

10. जनाब आपको इस तरह की टी-शर्ट पहनना शोभा नहीं देता, अब बताओ बच्चा क्या सोचेगा. 

11. अगर ये अपने टॉप को थोड़ा सही से बांधती तो शायद ये दुर्घटना न घटती. 

12. भाई अब ये कैसी ड्रेस पहना दी खिलाड़ियों को! 

Source: oddee

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मछली बेचने से लेकर भारत के लिए 10 गोल्ड मेडल जीतने का सफर तय किया और अब 2020 ओलिंपिक के लिए कस रही है कमर

हमारे एथलीट्स रियो में जीतने के लिए जी जान लगा रहे हैं और इधर घर पर ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं जिनसे पता चलता है कि खेलों में युवाओं की रुचि किस कदर बढ़ती जा रही है। 15 साल की मनीषा कीर उन युवाओं में से एक है, मनीषा 2020 ओलिंपिक की तैयारियों में जुट गई है और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती है। उसकी कहानी का दूसरा हिस्सा जानकार आपको भी उससे बहुत प्रेरणा मिलेगी।

मनीषा भोपाल, मध्य प्रदेश के एक बहुत ही साधारण परिवार से आती है, परिवार की जीविका चलाने के लिए वो अपने पिता के साथ मछली पकड़ती थी और उन्हें बाज़ार में बेचा करती थी, पर राइफल और शूटिंग के प्रति उसका प्यार कभी कम नहीं हुआ।

मनीषा की प्रतिभा तब सामने आई जब उसकी बड़ी बहन ने उसका दाखिला मध्य प्रदेश की शूटिंग अकादमी में करवाया, जहाँ पूर्व ओलिंपियन मनशेर सिंह ने मनीषा की प्रतिभा को पहचाना। यहीं से उसका सफर शुरू हो गया, पिछले 3 सालों में उसने 3 राष्ट्रीय और 2 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अब तक वो 10 स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है। एक साल के भीतर ही मनीषा को अंतरराष्ट्रीय अंडर-16 शूटिंग वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लेने का मौका मिला।

इसी साल मई महीने में मनीषा ने फ़िनलैंड में आयोजित जूनियर शॉटगन कप में स्वर्ण पदक जीता, ये उसका दूसरा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। मध्य प्रदेश सरकार ने मनीषा को 2 लाख रुपये के पुरुस्कार से भी नवाज़ा है। वो अब अपनी तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपनी कमर कस रही है, कोच मनशेर का कहना है कि मनीषा में कोई कमी नहीं है सिवाए उसके खानपान के, मनीषा को इतना ताक़तवर बनना पड़ेगा कि वो भारी राइफल को भी सीधा पकड़ पाए।

हमारे देश ने बहुत सी निपुण महिला शूटर्स को जन्म दिया जैसे अंजली भागवत और अपूर्वी चंडेला, जिन्होंने ओलिंपिक में भारत का नेतृत्व किया। हम आशा करते हैं कि आने वाले समय में मनीषा भी भारत के लिए मेडल लेकर आएगी, तर्कसंगत मनीषा के हौसले और जज़्बे को सलाम करती है।

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