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हनुमानगढ़ ने बाड़मेर को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया

अजय कुमार विद्यार्थी/डीग/डीग के राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 62 वीं राज्य स्तरीय क्रीड़ा खो खो प्रतियोगिता के अंतिम चरण में 19 आयु वर्ग में गंगानगर ने सीकर को हराकर और हनुमानगढ़ ने बाड़मेर को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। 17 वर्ष की आयु वर्ग में के संघर्षपूर्ण मुकाबले मे हनुमानगढ़ व सीकर फाइनल में पहुंच गई  
अब फाइनल में 19 वर्ष आयु वर्ग सीकर और हनुमानगढ़ के मध्य और 17 वर्ष आयु वर्ग हनुमानगढ़ और  नागौर के मध्य दोपहर पश्चात मुकाबला होगा 
इसके अतिरिक्त स्थान निर्धारण के लिए हार्डलाइन मैच खेले जाएंगे फाइनल में पहुंचने पर विजेता टीमों ने जमकर खुशी मनाई |मुकाबले के  दौरान हजारों दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया

 

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सुपर लीग के मैचों में गंगानगर और बाड़मेर से हुए मैचों में चुरू की लड़कियां बराबर रहीं

अजय कुमार विद्यार्थी / डीग / डीग के किशन लाल जोशी राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 62 वीं राज्य स्तरीय खो-खो क्रीडा प्रतियोगिता के सुपर लीग मैच में चुरू की लड़कियों ने 17 व 19 वर्ग की दोनों प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाया और गंगानगर और बाड़मेर   को कड़ी टक्कर देते हुए मैच बराबर किया 

प्रभारी डिप्टी फिजिकल रमेशचंद इंदोलिया के अनुसार राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता के सुपर लीग मैच के 17 वर्ष आयु वर्ग में हनुमानगढ़ और अजमेर के मध्य हुए मैच में हनुमानगढ़ ने अजमेर को 13 अंकों से सीकर ने बाड़मेर को 3 अंको से नागौर से बीकानेर को 4 अंको से ,चूरु और गंगानगर मध्य मैच बराबर रहा 

इसी प्रकार सुपर लीग के सुपर लीग के 19 वर्ष आयु वर्ग में गंगानगर और बीकानेर के मध्य हुए मैच में गंगानगर ने बीकानेर को 8 अंकों से हनुमानगढ़ ने नागौर को 14 अंकों से से सीकर ने भीलवाड़ा को 4 अंकों से पराजित कर दिया जबकि बाड़मेर और चुरू के मध्य मुकाबला बराबर पर छूटा 

डीग के राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सुपर लीग के मैचों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग छात्राओं का उत्साहवर्धन करने पहुंचे Iइसके अतिरिक्त डीग में विभिन्न भामाशाहों ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों एवं प्रभारियों के लिए भोजन की निशुल्क दाल बाटी चूरमा की व्यवस्था की है।

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डीग में राज्य स्तरीय खो खो क्रीडा प्रतियोगिता का उदघाटन सोमवार को बीसूका केबिनेट मंत्री डा दिगम्बर सिह सिंह करेगें

प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 74 टीमों में से अधिकांश जिलों की टीमें आयोजन स्थल पर डीग में पहुची

 

Rajiv Vidyarthi/डीग /भरतपुर/ राज्य स्तरीय खोखो क्रीडा प्रतियोगिता का उदघाटन बी सूका केबिनेट मंत्री डा दिगम्बर सिह द्वारा सोमवार को प्रातः दस बजे किया जाएगा ।डीग के किशनलाल जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 62वीं राज्य स्तरीय क्रीडा प्रतियोगिता खो खो की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। प्रतियोगिता के संयोजक और प्रधानाचार्य तारासिहं सिनसिनवार के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 74 टीमों में से अधिकांश जिलों की टीमें आयोजन स्थल पर डीग में पहुच चुकी है।

.प्रभारी डिप्टी फिजीकल माध्य. शिक्षा खेलकूद भरतपुर डा. रमेश इंदोलिया के अनुसार आने वाली सभी टीमों के खिलाडियों का मेडीकल परीक्षण करा लिया गया हैं।

इंदोलिया के अनुसार प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिये निर्देशालय बीकानेर एवम जिला शिक्षा अधिकारी भरतपुर द्वारा प्रतिनियुक्त निर्णायक मण्डल को खेल की तकनीकी जानकारी प्रदान करने के लिये खो खो खेल क्लीनिक का आयोजन किया गया। शाम को शाम को प्रतियोगिता के संयोजक तारा सिंह सिनसिनवार ने टीम प्रभारियों पीटीआई आवास व्यवस्था के प्रभारियों से प्रभारियों की बैठक में प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों की विस्तार से चर्चा की और किसी भी परेशानी होने पर संबंधित प्रभारियों को अवगत कराने के कहा इस दौरान डीग एसडीएम दुली चंद मीणा ने प्रतियोगिता में हर प्रकार का सहयोग सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया प्रतियोगिता के संयोजक दारा सिंह सिनसिनवार ने डीग SDM को प्रतियोगिता के संबध में विस्तार से जानकारी जानकारी प्रदान की इस अवसर पर सह संयोजक पुष्पा उपाध्याय दलबीर सिंह रमेशचंद इंदोलिया हरवीर सिंह चाहर निशा शर्मा अशोक कुमार जैन , अनोज भारद्वाज सहित विभिन्न जिलों की टीम प्रभारी ,विभिन्न आवास स्थलों के प्रभारी व विभिन्न व्यवस्थाओं में लगे प्रभारी उपस्थित थे

 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. शैलेष सिंह होगें I जबकि विशिष्ट अतिथि उप निर्देशक प्रा. शिक्षा इन्द्रा सिंह , जिला शिक्षा अधिकारी माध्य. प्रथम भरतपुर कैलाश चन्द यादव ,वीरेन्द्र यादव महेश चंद रजवानी निरंजन टकसालिया होगें I

 

 

 

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अखिल कुमार ने दो राउंड में ही कंगारू मुक्‍केबाज को चित कर दिया:PRO BOXING

पेशेवर मुक्केबाज़ी के पहले मैच में भारतीय मुक्केबाज़ अखिल कुमार ने ऑस्ट्रेलियन मुक्केबाज़ टाइ गिलक्रिस्ट को करारी शिकस्त दी है. अखिल कुमार ने दो राउंड में ही कंगारू मुक्‍केबाज को चित कर दिया.

अखिल कुमार चार राउंड के जूनियर वेल्‍टरवेट(63 किलो) में उतरे थे. ऑस्‍ट्रेलिया के गिलक्रिस्‍ट को 13 मुकाबलों का अनुभव था लेकिन अखिल के मुक्‍कों का उनके पास कोई जवाब नहीं था. हालांकि पहले दौर में अखिल को चोट आई लेकिन दूसरे राउंड में वे भरपूर ऊर्जा के साथ आए और विपक्षी को ढेर कर दिया.

मैच के दौरान गिलक्रिस्ट को पेट के पास चोट भी आयी, जिसके बाद रेफरी ने खेल समाप्त कर अखिल कुमार को विजयी घोषित किया. उनके साथी जितेंद्र कुमार ने भी जीत के साथ प्रो बॉक्सिंग में आगाज किया है.

इससे पहले अखिल कुमार ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक लाकर दिए हैं. अखिल कुमार ने पहली बार पेशेवर मुक्केबाजी में भाग लिया है. जिसमें उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई टाइ गिलक्रिस्ट से हुआ.

अखिल अनुभवी मुक्केबाज़ हैं और अपने एमेच्योर करियर में उन्होंने लगभग 250 मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व किया. यह 36 वर्षीय मुक्केबाज चार दौर के मुकाबले में जूनियर वेल्टरवेट (63 किग्रा) में गिलक्रिस्ट का सामना किया.

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रेलवे ट्रैक पर मिली महिला खिलाड़ी की लाश, लापरवाही की हद तो तब हो गई जब जांच दल ने कहा कि…

एक समय ऐसा भी था जब भारत में महिलाओं को घरों से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता था, लेकिन वक्त बदला और देश की बेटियों ने घरों से बाहर कदम बढ़ाए और पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया. अभी हाल ही में देश की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने महिला विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसी तरह और खेलों में भी देश की बेटियां देश का मान बढ़ा रही हैं. बात करें अगर भारतीय महिला हॉकी की तो भारत की महिला हॉकी टीम ने भी बीते सालों में काफ़ी बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन आज हम महिला खेलों की बात नहीं कर रहे हैं आज हमारा मुख्य मुद्दा है देश में महिला खिलाड़ियों को कितनी इज्जत दी जाती है अभी हाल ही में एक महिला हॉकी खिलाड़ी के साथ हुए हादसे से पता चल जाता है कि महिलाओं की देश में क्या स्थिति है.

 

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जी हाँ आज हम उस भारतीय महिला हॉकी प्लेयर की बात कर रहे हैं जिसने अभी हाल ही में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. आपको बता दें उस महिला खिलाड़ी का नाम है ज्योति गुप्ता जिसकी डेडबॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली है और पुलिस इस केस की बिना छानबीन किए इसे आत्महत्या का रूप दे रही है आप खुद ही इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि यहीं अगर कोई हमारे देश का नेता, अभिनेता या क्रिकेट जगत का कोई खिलाड़ी इस हालत में मिलता तो हड़कंप मच जाता.

 

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इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर ज्योति गुप्ता की मृत्यु का केस जिसे पुलिस सुसाइड बता रही है ये मामला गले से नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है. यहाँ तक कि ज्योति के परिवार वाले भी इस मामले को सुसाइड नहीं मान रहे है. क्योंकि इस घटना के बाद ऐसे कई सवाल है जो हर किसी के मन में शक पैदा कर रहे हैं.

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क्या था पूरा मामला…

ज्योति गुप्ता अभी महज 21 साल की थी और इतनी कम उम्र में उन्होंने अपने घर वालों के साथ साथ हमारे देश का भी नाम रौशन किया है. आपको बता दें ज्योति के घर में अभी मातम छाया हुआ है आखिर हो भी क्यों न उनके घर का कोहिनूर हीरा जो इस देश को अलविदा कह गई. ज्योति की मा से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी बुधवार की सुबह यानी 2 अगस्त को रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय जानें के लिए निकली थी क्योंकि ज्योति कि मार्कशीट में उसका नाम गलत लिखा हुआ था जिसे वो सही कराने के लिए घर से निकली थी.

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ज्योति सोनीपत की रहने वाली थी. ज्योति की माँ ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को शाम करीब 7 बजे घर से फोन किया तब उसने बताया था कि माँ बस खराब हो गई है इसलिए 1 घंटे में घर पहुँच जाएगी. लेकिन जब ज्योति 1 घंटे के बाद भी घर नहीं पहुंची तो तो घर वाले फिर से परेशान हो गए और इस बार जब माँ ने फ़ोन मिलाया तो ज्योति का फ़ोन बंद जा रहा था. घर वाले परेशान होकर फ़ोन करते रहे लेकिन फ़ोन ऑन नहीं हुआ. रात करीब 10:30 बजे जब फोन ऑन हुआ तो उनकी बेटी की आवाज़ नहीं बल्कि पुलिस की आवाज़ उन्हें सुनाई दी जिसमें उन्हें ये बताया गया कि आपकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है. आप खुद सोचिये उस वक्त उन माँ बाप पर क्या गुज़री होगी जब उन्हें पता चला होगा कि अभी सुबह तक जो बेटी उनके साथ थी अब वो इस दुनिया में नहीं है.

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पुलिस का क्या कहना है…

पुलिस का कहना है कि चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवर ने उन्हें इस बात की सूचना दी थी कि रात करीब 8.30 बजे जब ट्रेन झज्जर रोड के पुल के पास से गुजर रही थी तभी एक लड़की अचानक ट्रेन के सामने आ गई थी और इस घटना के फ़ौरन बाद ड्राइवर ने जीआरपी को फोन करके इस मामले की जानकारी दी थी और जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो शव के पास से एक हैंड बैग और मोबाइल मिला और जब मोबाइल ऑन किया गया तो घर वालों का फ़ोन आया तभी जाकर पुलिस वालों को भी ज्योति का नाम मालूम हो सका और ये भी कि वो एक इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर थी.

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इतनी कम उम्र में क्या कुछ हांसिल नहीं किया ज्योति ने… 

ज्योति महज 21 साल की थी और 4-5 से वे भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थी. ज्योति नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट थी. ज्योति स्पेन में भी खेल चुकी थीं. स्टेट व नेशनल के अतिरिक्त ज्योति ने एशिया कप और गुवाहाटी में हुए सैफ गेम्स में भी हिस्सा लिया था और इसके साथ ही ज्योति ने अपनी टीम को कई पदक भी दिलाए थे. ज्योति को अगले हफ्ते बंगलुरु में होने वाले हॉकी कैंप में भी जाना था. वहीँ ज्योति के कोच अनिल कुमार की मानें तो ज्योति टैलेंटेड होने के साथ ही मिलनसार भी थी और हादसे वाले दिन की सुबह भी ज्योति सोनीपत के महिला हॉकी ग्राउंड में प्रैक्टिस करने भी गयीं थी.

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कुछ ऐसे सवाल जो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देंगे कि कोई इतनी नामी खिलाड़ी आत्महत्या कैसे कर सकती है…

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जी हाँ हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि अगर ज्योति डिप्रेशन का शिकार थी और आत्महत्या ही करने वाली थी तो वो सुबह प्रैक्टिस पर क्यों गई? यूनिवर्सिटी जाकर उसको अपना नाम क्यों ठीक कराना था? अगले हफ्ते बंगलुरु जाने की तैयारी क्यों कर रही थी? और जैसा कि ज्योति के कोच ने बताया कि वो मिलनसार थी तो उसने कभी कोई दिक्कत ज़ाहिर क्यों नहीं की? सबसे बड़ी बात रोहतक से सोनीपत जाने के रास्ते में वो रेवाड़ी कैसे पहुंच गई?

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चीनी बॉक्‍सर जुल्फिकार मेरे लिए कोई चुनौती नहीं है : विजेंदर सिंह

खास बातें

  1. विजेंदर का शनिवार को होगा दोहरे खिताब के लिए मुकाबला
  2. विजेंदर बोले, मैं जुल्फिकार को अनुभवी बॉक्‍सर नहीं मानता
  3. मेरे कोच ने मुकाबले के दौरान शांत बने रहने को कहा है

मुंबई: भारत के स्टार पेशेवर मुक्केबाज और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने शनिवार को होने वाले दोहरे खिताब वाले मुकाबले से पहले आज यहां अपने अब तक अजेय रहे चीनी प्रतिद्वंद्वी जुल्फिकार मैमतअली को अनुभवहीन करार दिया. विजेंदर ने पांच अगस्त को होने वाले मुकाबले से पूर्व कहा, ‘मैं अनुभवी हूं. मैं उसे अनुभवी मुक्केबाज नहीं मानता. वह युवा है और मजबूत है और हम इसके लिये तैयार हैं. मेरी इस मुकाबले के लिये रणनीति है जिस पर मैंने अपने कोच के साथ चर्चा की. मेरे कोच ने मुझे शांत बने रहने के लिये कहा है.’

उन्होंने कहा, ‘वह (जुल्फिकार) युवा है और इसलिए वह गलतियां कर सकता है. वह जल्दबाजी में दिख रहा है. पहले दौर में वह सब कुछ हासिल करना चाहेगा लेकिन तब आपको शांत बने रहना होगा.’ विजेंदर अभी डब्ल्यूबीओ एशिया पैसेफिक मिडिलवेट चैंपियन हैं और वह डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट चैंपियन जुल्फिकार का सामना करेंगे. इस भारतीय मुक्केबाज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह उनके लिये कड़ा मुकाबला नहीं होगा.

उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा नहीं मानता. अभी काफी मुकाबले लड़ने हैं. मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई चुनौती है. अगर वह आक्रामक होगा तो मैं भी उसी तरह से जवाब दूंगा.’ उन्होंने भारत और चीन के बीच सिक्किम सेक्टर में चल रहे गतिरोध का भी जिक्र किया.

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गुरुग्राम के हर्षित, अंडर-7 व तनिष्का, अंडर-15 आयु वर्ग में शतरंज के हरियाणा चैंपियन बने

गुरुग्राम : दी बहादुरगढ़ चैस फाउंडेशन द्वारा दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के तत्वावधान में सैनिक पब्लिक स्कूल, बहादुरगढ़  में तीन दिवसीय बाईसवीं हरियाणा राज्य अंडर-7 और अंडर-15 आयु वर्ग की शतरंज प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ |  हरियाणा बाल संरक्षण आयोग के सदस्य  बालकृष्ण गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में पुरस्कार वितरण किया और बच्चों को बढ़चढ़ कर खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया | इस अवसर पर दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट नरेश शर्मा, संगठन सचिव एडवोकेट राजपाल चौहान, उपप्रधान  उमेद शर्मा, स्कूल के प्राचार्य  बी एल भरद्वाज, दी बहादुरगढ़ चैस फाउंडेशन के प्रधान  कमल कांत वर्मा, महासचिव  संदीप निमावत, पानीपत से  गौरव छाबरा समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे |

गुरुग्राम के खिलाडियों ने इस प्रतियोगिता में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया | गुरुग्राम के हर्षित रतनानी ने लड़कों के अंडर-7 आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि लड़कियों के अंडर-15 आयु वर्ग में गुरुग्राम की तनिष्का कोटिया प्रथम रही |

अंतिम परिणाम इस प्रकार रहे :

लड़कों के अंडर-7 आयु वर्ग में गुरुग्राम के हर्षित रतनानी पहले, पानीपत के संभव सेतिया दुसरे, फरीदाबाद के स्वनिक गोयल तीसरे, गुरुग्राम के ध्रुव सिंह बिष्ट, यशस रैना  और अभिनव सिंह   क्रमश: चौथे, पांचवे और छठे, रोहतक के हिरेक सिंह कादयान सातवें , फरीदाबाद के जसनाम सिंह आठवें, गुरुग्राम के गौरांग गुप्ता और स्वरुप कुकदे क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर रहे |लड़कियों के अंडर-7 आयु वर्ग में सोनीपत की आन्या सिंवर पहले, गुरुग्राम की आइशा वाधवानी, श्रेया ठाकुर और अस्मि सिंह क्रमश: दुसरे, तीसरे, चौथे, सोनीपत की गुरमान कौर और चेतना गाँधी क्रमश: पांचवें, छठे, झज्जर की आन्या अरोड़ा और आन्या बोथरा क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर रहीं |

लड़कों के अंडर-15  आयु वर्ग में झज्जर के उत्तम प्रकाश शर्मा पहले, गुरुग्राम के आदित्य ढींगरा, पार्थ अरोड़ा और लोकेश हंस क्रमश: दुसरे, तीसरे, चौथे, फरीदाबाद के गर्व गौड़ समर्थ मित्तलऔर हर्ष सिंह सेंगर  क्रमश: पांचवें, छठे और सातवें, गुरग्राम के द्रव्व जैन और स्पर्श बिष्ट क्रमश: आठवें और नौवें तथा पानीपत के कशिश गाँधी दसवें स्थान पर रहे |

लड़कियों के अंडर-15 वर्ग में गुरुग्राम की तनिष्का कोटिया पहले, फरीदाबाद की भव्य गुप्ता दुसरे, गुरुग्राम की ईश्वी अग्रवाल तीसरे, सोनीपत की जूही बजाज और ख़ुशी क्रमश: चौथे और पांचवें, गुरुग्राम की नव्या तायल और अद्विका सिंह क्रमश: छठे, सातवें, पानीपत की मान्या वधवा और पेहु क्रमश: आठवें और नौवें तथा सिरसा की आँचल अरोड़ा दसवें स्थान पर रही |

दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट नरेश शर्मा ने बताया की प्रथम दो स्थान पर रहने वाले खिलाडी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेंगे और इनका समस्त खर्चा दी हरियाणा चैस एसोसिएशन वहन करेगी | उन्होंने सफल आयोजन के लिए सैनिक पब्लिक स्कूल बहादुरगढ़ की प्रबंध समिति का

 

Source-Thepublicworld

 

 

 

 

आभार व्यक्त किया |

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दिल्ली के आसपास जगह मिले तो जादू एकेडमी स्थापित की जाएगी- सम्राट शंकर

Ajeybharat/Jind/Haryana/ Manjit Singh Yadav/विश्व विख्यात जादूगर सम्राट शंकर ने हरियाणा प्रदेश में जादू एकेडमी स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा सरकार उन्हें दिल्ली के आसपास पांच एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दे तो वे यहां एक एकेडमी स्थापित कर सकते हैं। 

जादूगर सम्राट शंकर ने यह बात आज स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जादू कोई टोना टोटका नही है। बल्कि यह एक उच्च कोटी की कला है। जादू एक ऐसी विधा है जिससे अंध विश्वास को समाज से जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जादू तथा योग भारतीय संस्कृति की पूरे विश्व में पहचान रहे है। इस विधा को जिंदा रखने के लिए खूब प्रयास किए जा रहे है। सरकार द्वारा भी इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे जादू विधा की ओर भी ध्यान देगी । 

उन्होंने जादूई विधा के सम्बंध में कहा कि इसमें कोई तंत्र मंत्र नहीं होते। यह मात्र हाथ की सफाई के कारनामे होते हैं। उन्होंने उन लोगों पर भी कटाक्ष किया जो इस विधा का गलत प्रयोग कर लोगों को भ्रमित कर अपने हित साधने का काम करते है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बचकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा देश विदेश में लगभग 28 हजार जादू के शो किए जा चुके है। जिनमें से 23 हजार जादू के शो से आई कमाई को जनहित के कार्य करवाने के लिए सरकार को समर्पित भी किया जा चुका है। अब तक एक करोड़ 70 लाख रूपए की राशि समाज हित के कार्यो के लिए सरकार को समर्पित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के विकास के लिए हर क्षेत्र में काम किए जा रहे है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार द्वारा इस विधा को बढ़ावा देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएं। अगर इस विधा को बढ़ावा मिल जाए तो यह लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार का बड़ा स्त्रोत बनकर उभर सकता है। 

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश वासियों का इस विधा के माध्यम से मनोरंजन करवाने के लिए हर जिला में 6-6 जादू के शो आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में प्रदेश के 10 जिलों में यह जादू के शो आयोजित होगें। इसके बाद प्रदेश के हर जिले में यह कार्यक्रम करवाए जाएगें। जींद जिला में यह जादू के शो 19 जुलाई से 21 जुलाई तक दिवान बाल कृष्ण रंगशाला में आयोजित करवाए जाएगें। पहला शो सांय 5 बजे से 7 बजे तक तथा दूसरा साढ़े सात बजे से साढ़े 9 बजे तक आयोजित होगा। उन्होंने जिला के लोगों से अपील की कि वे अधिकाधिक संख्या में इस जादू के शो को देखने के लिए शिरकत करें। उन्होंने यह भी बताया कि 19 जुलाई को आंखों पर पट्टी बांधकर मोटर साईकिल चलाने का जादूई कारनामा भी दिखाया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रात: 11 बजे दिवान बाल कृष्ण रंगशाला से शुरू होगा।

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सुंदर सिंह गुर्जर ने World Para Athletics Championship में दिलाया भारत को पहला स्वर्ण पदक

लंदन में चल रहे World Para Athletics Championship में भारत के खाते में पहला स्वर्ण पदक आ गया है. सुंदर सिंह गुर्जर ने Men's Javelin Throw के F46 Category में स्वर्ण पदक हासिल किया.

शुक्रवार को टूर्नामेंट के पहले ही दिन 21 वर्षीय सुंदर ने 60.36 मीटर की दूरी पर Javelin फेंक कर प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. ये सुंदर का Personal Best थ्रो भी था.

Source: Scoop Whoop

गौरतलब है कि कुछ तकनीकि कारणों से सुंदर का रियो Paralympics में Selection नहीं हुआ था.

एक अन्य भारतीय खिलाड़ी, 18 वर्षीय रिंकू ज़रा सी दूरी के कारण पदक से चूक गए, उन्होंने 55.12 मीटर की दूरी पर भाला फेंका था. जब कि तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले ने 56.14 मीटर की दूरी पर भाला फेंका था.

Source: Business Standard

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एचसीए ने एआईसीएफ चुनाव को अवैध करार दिया,⁠⁠⁠⁠⁠अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के चुनाव पर लगे रोक

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने 25 जून 2017 को चेन्नई में हुए अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के चुनाव को अवैध करार देकर पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है। शतरंज महासंघ पर गैर पंजीकृत राज्य संघों को वोट का अधिकार देने का आरोप लगाया गया है। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) चुनाव में राजनीति का खेल हावी हुआ है। हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए), राजस्थान चेस एसोसिएशन, उतर प्रदेश चेस एसोसिएशन, ऑल केरल चेस एसोसिएशन, महाराष्ट्र चेस एसोसिएशन व देश के अन्य कई राज्य शतरंज संघो ने केंद्रीय खेल मंत्रालय, भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) व स्पोट्र्स अथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) को शिकायत भेजकर इस मामले में संज्ञान लेने की गुहार लगाई है और एआईसीएफ चुनाव पर लोढ़ा समिति की सिफारिसे लागू करने की मांग की गई है। तीन वर्ष के लिए होने वाले चुनाव 25 जून को चेन्नई में संपन्न हुए है।

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) पर गैर पंजीकृत राज्य संघों को वोट का अधिकार देने का आरोप लगाया है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि गैर पंजीकृत राज्य संघों की सहायता से अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) का चुनाव कराया गया है जो गलत है। एचसीए के साथ देश के अन्य कई राज्य शतरंज संघ इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। चेन्नई में हुए अखिल भारतीय शतरंज महासंघ चुनाव के लिए 30 राज्य संघों से 60 व्यक्तियों को वोट का अधिकार दिया गया था। शतरंज महासंघ के नियमानुसार एक राज्य को दो वोट का अधिकार प्राप्त है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने आरोप लगाया कि महासंघ ने वोट के अधिकार के लिए जो सूची जारी की है उसमें गैर पंजीकृत राज्य संघों को वोट का अधिकार दे दिया गया था। उन्होंने दावा किया भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) द्वारा एचसीए मान्यता प्राप्त होने के बावजूद उसे वोट के अधिकार से वंचित रखा गया। अब एचसीए यह मामला लेकर दिल्ली हाई कोर्ट जाएगी।

चुनाव पर लगे रोक, चुनाव दोबारा हो :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने केंद्रीय खेल मंत्रालय से मांग की है कि अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) द्वारा संबंधित राज्य ओलिपक संघो से ही मान्यता प्राप्त राज्य शतरंज संघो को ही वोट का अधिकार दिया जाए व सूची संशोधित कर दोबारा चुनाव कराए जाए। इन चुनावों को कैंसिल कर चुनाव नए सिरे से कराए जाए। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) में खास रूतबा रखने वाले कुछ लोग अपने चहेते गैर मान्यता प्राप्त राज्य संघो को वोट का अधिकार देकर भविष्य में शतरंज महासंघ में अपना दबदबा कायम रखना चाहते है।

ओलिपक संघ से है मान्य :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि एचसीए आयकर विभाग वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पिछले कई वर्षो से आय-कर छुट प्राप्त है। एचसीए हरियाणा सरकार द्वारा सोसायटीज एक्ट-2012 के तहत पंजीकृत है। एचसीए को हरियाणा ओलिपक संघ (एचओए) व भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) से मान्यता मिली हुई है। एचसीए को प्रदेश सरकार व भारतीय ओलिपक संघ (आईओए) से जिला, राज्य व नेशनल स्तर पर शतरंज स्पर्धाओं का आयोजन करने की अधिकारिक स्वीकृति मिली हुई है। एचसीए से संबंधित सभी आवश्यक कागजात एचसीए की साइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी पर उपलब्ध हैं।

आगामी शेडयूल – शतरंज का खेल कैलेंडर-2017 जारी, हर महिने चार से अधिक जिलों में होगी चैंपियनशिप :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने चालू सत्र 2017-18 का संशोधित शतरंज खेल कैलेंडर जारी किया। हर महिने चार से अधिक जिलों में एचसीए की इंटर जिला शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन होगा। हिसार, जीन्द, महेन्द्रगढ, अंबाला, भिवानी आदि में ये मुकाबले होंगे। एचसीए के स्वस्थ, उज्जवल, नवीन और सुरक्षित शतरंज की स्थापना मिशन के तहत 8-9 जुलाई को हिसार के टैगोर हाई स्कूल मंगाली में इंटर जिला अंडर-11, 15, ओपन शतरंज चैंपियनशिप होगी। 15-16 जुलाई को महेन्द्रगढ के रॉव जयराम सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में इंटर जिला अंडर-13, 19 व ओपन शतरंज चैंपियनशिप होगी। कैलेंडर की पूरी जानकारी एचसीए की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी पर देखी जा सकती हैं। एचसीए ने गुजरात, तमिलनाडू व गोवा की तरह हरियाणा में शतरंज को स्कूली पाठयक्रम में विषय के रूप में शामिल करने पर बल दिया

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नरेश शर्मा को ऑफ़ आल इंडिया चैस फेडरेशन का जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया

गुरुग्राम/ गुरुग्राम निवासी नरेश शर्मा को ऑफ़ आल इंडिया चैस फेडरेशन का जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है, नरेश शर्मा गुरुग्राम चैस फेडरेशन के महासचिव की जिम्मेवारी संभाल रहे है अभी.अजेयभारत परिवार की तरफ से उन्हें हार्दिक सुभकामनाएँ

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WWE में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला बन गयी हैं, हरियाणा की कविता देवी

WWE विश्व भर में प्रसिद्ध है, भारत में भी इसे लेकर काफ़ी क्रेज़ है. वो बात और है कि इसमें भारतीयों के नाम ज़्यादा सुनने को नहीं मिलते. अब तक ग्रेट खली और जिंदर महल जैसे चंद खिलाड़ी ही यहां तक पहुंच पाए हैं. अब इस लिस्ट में एक महिला का नाम भी शामिल हो गया है. हरियाणा की कविता देवी इसमें हिस्सा लेने वाली पहली महिला बन गयी हैं.

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Do you think Kavita Devi aka Hard KD, known for her strength will make it all the way? @WWE  

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ग्रेट खली से Wrestling के गुर सीख चुकी कविता, Hard KD, Tessa Blanchard, Abbey Laith, Taynara Conti और Alpha Female के साथ इस इवेंट के लिए चुनी गयी हैं. इससे पहले कविता ने WWE Dubai Tryout में हिस्सा लिया था. अब वो जुलाई 13-14 को होने वाले इवेंट में हिस्सा लेने वाली हैं.

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Check what Kavita Devi aka Hard KD has to say to all you members of @WWE Universe India  2017

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दक्षिण एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी कविता देवी को 'माई यंग क्लासिक' के लिये चुना गया है, जो महिलाओं का पहला WWE टूनार्मेंट है.

कविता ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं पहली बार WWE महिला टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हूं. मैं भारतीय महिलाओं को अपने प्रदर्शन से प्रेरित करने का प्रयास करूंगी और इस मंच का उपयोग देश को गौरवान्वित करने के लिये करूंगी.

हम कविता को इस सफ़लता के लिए बधाई और आने वाले टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देते हैं. 

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Sunday को भारत-पाक के बीच एक नहीं, दो-दो जंग लड़ी जा रही होंगी. पहली क्रिकेट की है, दूसरी पता है?

18 जून को हर कोई टीवी Set पर अपनी निगाहें गड़ाएं बैठा होगा

18 जून को हर तरफ़ 'इंडिया! इंडिया!' के नारे लग रहे होंगे

18 जून को भारत-पाकिस्तान भिड़ेंगे

जानते हैं, आपको पता है

Source: Sportsdiscovered

बस ये बताना था कि 18 जून को क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी के मैदान पर भी भारत-पाकिस्तान एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे.

Source: India.com

हॉकी वर्ल्ड लीग के सेमी-फाइनल मैच आजकल लन्दन में चल रहे हैं. भारत, स्कॉटलैंड, कनाडा और पाकिस्तान सहित एक ग्रुप में है. भारत ने तगड़ी शुरुआत करते हुए स्कॉटलैंड को अपने पहले मैच में 4-1 से धूल चटा दी. अपना दूसरा मैच कनाडा के साथ 17 को है और 18 यानि सन्डे को जिस दिन आधा भारत विराट कोहली एंड कंपनी को Cheer कर रहा होगा, उसी दिन इंग्लैंड में हॉकी के 16 खिलाड़ी, अपने चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान का हॉकी स्टिक से मुकाबला कर रहे होंगे.

Source: Indian Express

यहां ये कहना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि क्रिकेट के Glamour के सामने हॉकी की सादगी फीकी पड़ जाती है और हर बार क्रिकेट जीतता है. ये कहना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि हॉकी में भारत 6th रैंक पर है, जबकि पाकिस्तान 13वीं और आखरी बात, ये कहना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि भारतीय हॉकी प्लेयर्स वो Support Derserve करते हैं, जो हर वक़्त सिर्फ़ क्रिकेट को मिलता है.

Source: Indian Express

इसलिए सन्डे को जब विराट के बल्ले से निकले चौके-छक्कों पर सीटियां बजा रहे हों, तो कुछ देर के लिए चैनल बदल कर हॉकी की स्टिक से जादू करते उन 16 लड़कों के लिए तालियां भी बजा देना.

 

Source: Cricket Country 

18 जून को इंग्लैंड में जब Men in Blue पाकिस्तान को हारने के मकसद से उतरेंगे, तो याद रखना उनके पास सिर्फ़ बल्ला नहीं, हॉकी भी होगी.

 

Feature Image Source: Hindustan Times 

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खेलने की स्वतंत्रता की लड़ाई में (सीसीआई) का अहम फैसला,ऑल इंडिया चेस फेडरेशन को मिली करारी शिकस्त

एआईसीएफ अब से नही कर सकेगी किसी खिलाड़ी को बैन या प्रतिबंधित

Ajeybharat, 14 जून 2017
भारत सरकार द्वारा स्थापित भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) के खिलाफ पिछले सात सालों से लंबित एक अहम केस पर खिलाडिय़ों के पक्ष में अपना फैसला दिया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश की कॉपी एचसीए की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी से डाऊनलोड की जा सकती हैं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश के बाद अब शतरंज खिलाडिय़ों को खेलने की स्वतन्त्रता मिल गई है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की कोर्ट में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की करारी हार हुई है।

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) आदेश के बाद अब ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) द्वारा किसी खिलाड़ी को बैन या प्रतिबंधित नही किया जा सकेगा। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के समक्ष ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) को मजबूरन एक शपथ-पत्र दायर कर यह सुनिश्चत करना पडा है कि देशभर के सभी शतरंज खिलाड़ी उन सभी शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए स्वतन्त्र है जिनके आयोजन या प्रायोजन से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) का कोई लेना-देना नही होता है। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) अब देशभर के उन सभी शतरंज खिलाडिय़ों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नही कर सकेगा।

एचसीए के महासचिव कुलदीप ने बताया कि इस आदेश से पहले ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) सिर्फ अपनी ही शतरंज प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए खिलाडिय़ों को बाध्य व मजबूर करती थी। उन सभी शतरंज प्रतियोगिताओं जिसका आयोजन या प्रायोजन एआईसीएफ ने नहीे किया हो, में भाग लेने पर एआईसीएफ संबंधित खिलाड़ी को प्रतिबंधित या बैन करती थी। लेकिन एआईसीएफ अब किसी खिलाड़ी को बैन या प्रतिबंधित नही कर सकेंगी। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की बैन या प्रतिबंधित करने की नीति के चलते खिलाडिय़ों में भय व डर का माहौल बना हुआ था जिससे अब छुटकारा मिलेगा।

घटनाओं का कालक्रम :
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि
नवंबर 2009 में चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने खेल कैलेंडर की घोषणा की जिसके तहत वर्ष 2009 से 2012 तक कई शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन करके चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने कुल दो करोड़ से ज्यादा के नगद पुरस्कार विजेता खिलाडिय़ों को दिए।

अक्तुबर 2010 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने वल्र्ड चेस फेडरेशन (फिडे) को चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म करने के लिए लिखा।

नवंबर 2010 में वल्र्ड चेस फेडरेशन (फिडे) ने 71 खिलाडिय़ों व दिसंबर 2010 में 55 खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म कर दी।

मार्च 2011 में पीडि़त खिलाडिय़ों ने खेल मन्त्रालय के समक्ष इस बारे अपनी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन कोई राहत नहीं मिली।

अप्रैल 2011 में वल्र्ड चेस फेडरेशन (फिडे) ने 25 खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म कर दी। इस प्रकार पूरे देश से कुल 151 खिलाडिय़ों की फिडे रेटिंग खत्म कर दी गई।

अगस्त 2011 में हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए), उत्तर प्रदेश चेस एसोसिएशन, राजस्थान चेस एसोसिएशन, चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कुछ खिलाडिय़ों ने दिल्ली हाई कोर्ट में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के खिलाफ एक याचिका दायर की।

नवंबर 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को इस मामले की जांच का आदेश देते हुए कहा कि यह मामला देशभर में आयोजित होने वाली उन शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों की स्वतन्त्रता व अधिकारों के संबंध में है, जिनके आयोजन से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) का कोई लेना-देना नही होता है।

फरवरी 2012 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अपने महानिदेशक को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया।

अक्तुबर 2012 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के महानिदेशक ने अपनी जांच पूरी की।

दिसंबर 2012 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) आदेश के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश से एक्स पार्टी आदेश प्राप्त कर लिए।

मार्च 2013 में मद्रास हाई कोर्ट के एकल जज के एक्स पार्टी आदेश के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अपना जोरदार पक्ष मद्रास हाई कोर्ट में रखा।

अप्रैल 2013 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने अपनी शर्तो के साथ बैन खिलाडिय़ों को छमादान देने का ऑफर रखा। शर्त ये थी कि बैन खिलाडिय़ों द्वारा चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया की प्रतियोगिताओं से जीता कुल पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत एआईसीएफ को देना होगा।
खिलाडिय़ों से पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत लेती थी एआईसीएफ :
देश के अधिकतर खिलाड़ी ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की इस गलत नीति के सामने आत्मसमर्पण कर देते थे। एआईसीएफ छमादान देने की एवज में उन खिलाडिय़ों से शतरंज प्रतियोगिताओं से जीती कुल पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत ले लेती थी।

जनवरी 2017 में मद्रास हाई कोर्ट ने एआईसीएफ को दिसंबर 2012 में दी गई अंतरिम राहत कैंसिल कर दी और कहा कि इस कोर्ट द्वारा दिसंबर 2012 में एआईसीएफ के पक्ष में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के खिलाफ दिए गए एक्स पार्टी आदेश से पूरे देश के शतरंज खिलाडिय़ों को बहुत नुकसान हुआ है।

मार्च 2017 में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) ने मद्रास हाई कोर्ट की डबल बैंच के समक्ष भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के खिलाफ एक अपील दायर की।

5 अप्रैल 2017 को मद्रास हाई कोर्ट की डबल बैंच ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पक्ष में फैसला दिया। मद्रास हाई कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को इस मामले में आगे बढने के निर्देश दिए।

23 मई 2017 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) को एक एफिडेविट के माध्यम से यह लिखकर देने का आदेश दिया कि देश के सभी शतरंज खिलाड़ी उन सभी शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए स्वतन्त्र है जिनके आयोजन या प्रायोजन से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) का कोई लेना-देना नही होता है। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) उन सभी शतरंज खिलाडिय़ों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नही करेगा।

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दिव्यांग महिला खिलाड़ी की शिकायत पर जागा रेलवे, दिव्यांगों को लोअर बर्थ देने का आदेश

indian railway

 

नयी दिल्ली। दो दिन पहले पैरा महिला एथलीट ने रेलवे कर्मचारियों की मनमानी को लेकर शिकायत की थी। जिसकी वजह से उसे नागपुर से दिल्ली तक का सफर ट्रेन के फर्श पर लेट कर करना पड़ था। इस शिकायत पर रेल मंत्री ने सुरेश प्रभु ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किया कि दिव्यांगों को स्पेशल कोचों में लोअर बर्थ उपलब्ध करायी जायें। इन रेल कोचां में दिब्यांगों के लिये विशेष सहूलियतों का ध्यान रखा जाता है।

मंत्रालय की मानें तो दिव्यांगों के लिये 3000 स्पेशल आधुनिक कोचेस लगाये है। केन्द्र की मोदी सरकार हर साल दिव्यांगों को सहूलियतें देने के नाम पर करोड़ों का विज्ञापन कराती है। वहीं दूसरी ओर देश की एक ऐसी दिव्यांग महिला खिलाड़ी को दिल्ली आने वाली ट्रेन में नीचे की बर्थ नहीं दी जाती है।

पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने रेलवे पर दिव्यांगों के साथ बेरुखी का आरोप लगाया है। इंठरनेशनल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली सुवर्णा शनिवार की रात दिल्ली आने के लिये गरीब रथ एक्सप्रेस में सवार हुईं। उन्हें दिव्यांग कोटे में रेलवे ने ऊपर की बर्थ अलाट की थी। व्हीलचेयर के सहारे चलने वाली सुवर्णा ने गाड़ी में आने वाले टीटीई व अन्य रेलवे के अफसरों से बर्थ बदलने की गुहार लगायी लेकिन उन्होंने बर्थ नहीं बदली।

लिहाजा महिला खिलाड़ी को ट्रेन के फर्श पर रात गुजारनी पड़ी। सुवर्णा ने बताया कि नागपुर से दिल्ली आने तक 10 बार उसने टीटीई से बर्थ बदलने की गुहार लगायी। वहां मौजूद एक जानकार से रेलवे मिनिस्टर प्रभु के ट्विटर हैंडिल पर भी शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सुवर्णा का कहना है कि एक इंटरनेशनल टूर्नामेंट में पदक जीतने वाली दिव्यांग महिला खिलाड़ी को सुविधा नहीं मिलती है। रेल मंत्री भी दिव्यांग कोचों में भी सफर करें और उकी परेशानियां का एहसास करें।

 

 

 

 

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आपत्तिजनक टेप लीक होने के बाद मुश्किल में फंसे जयसूर्या

कोलंबो: पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेट सनत जयसूर्या की एक निजी आपत्तिजनक टेप लीक हो गई है जिसके बाद वह मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। उन्हें श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) में उनके चयनकर्ता के पद को लेकर भी संशय पैदा हो गया है।

चैंपियंस ट्राफी के बाद दे सकते हैं अपने पद से इस्तीफा 
पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा चयनकर्ता जयसूर्या की एक सेक्स टेप लीक हुई है जिसके बाद माना जा रहा है कि एसएलसी उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वहीं स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार जयसूर्या आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बोर्ड ही उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाएगा।

श्रीलंकाई बोर्ड के सदस्य ने कहा, हाल ही में मीडिया में जयसूर्या का एक टेप लीक हुआ है और इसके बाद हम उन्हें बोर्ड पर आगे चयनकर्ता के पद पर बरकरार नहीं रखना चाहते हैं। उन्होंने खेल और राष्ट्र को शर्मसार किया है। 47 वर्षीय पूर्व ऑलराउंडर का उनकी पूर्व पत्नी मलीका सिरिसेनागे के साथ एक सेक्स टेप लीक हुआ है लेकिन यह अभी साफ नहीं हुआ है कि यह टेप किसने लीक किया है।

इस घटना के बाद सुर्खियों में आए जयसूर्या के बोर्ड में पद पर लगभग विराम लगने की स्थिति पैदा हो गई है और बोर्ड के कई शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि चैंपियंस ट्राफी के बाद जयसूर्या बोर्ड में चयनकर्ता के पद पर नहीं होंगे। ब्रिटेन में एक जून से आईसीसी चैंपियंस ट्राफी शुरू होने जा रही है जहां श्रीलंकाई टीम भी आठ टीमों में शामिल है।

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शतरंज इंसान को सहनशील और दूरदर्शी बनता है – ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा

Gurugram: शतरंज इंसान को सहनशील और दूरदर्शी बनता है यह उदगार हैं हरियाणा के पहले ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा के | हिमांशु शर्मा आज सेंट ज़ेवियर्स स्कूल और माइंड शार्पनर चैस अकादमी द्वारा जिला चैस एसोसिएशन गुडगाँव के तत्वावधान में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे |

उन्होंने खिलाडियों को नसीहत दी की वे पढ़ाई के साथ साथ किसी न किसी खेल में ज़रूर भाग लें | जिला चैस एसोसिएशन गुडगाँव की तरफ से ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा को एक शाल, स्मृति चिन्ह और ११०००/- रूपये देकर सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट नरेश शर्मा, जिला चैस एसोसिएशन के प्रधान श्री अनिल कुमार परनामी, महासचिव श्री राजपाल चौहान, उपाध्यक्ष श्री सतीश सिंगला, सेंट ज़ेवियर्स स्कूल के प्रधानाचार्य श्री निकोलस गोम्स, कोऑर्डिनेटर श्रीमती गीता कँवर, अंतर्राष्ट्रीय ऑर्बिटर राज कुमार श्री हरीश रतनानी, श्री अनिल तिवारी, श्री जितेंदर सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित थे | 

वोट ऑफ़ थैंक्स करते हुए दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट श्री नरेश शर्मा ने सेंट ज़ेवियर्स स्कूल की प्रबंधक समिति का विशेष आभार प्रगट किया |
अंतिम परिणाम इस प्रकार रहे :

पुरुष वर्ग में आदित्य ढींगरा पहले, लोकेश हंस दुसरे, अर्णव हल्दीए तीसरे, जय मेहतानी चौथे, आयुष शर्मा पांचवें, निर्णय गर्ग छठे, कुशाग्र अग्रवाल सातवें और आदित्य सुरेश आठवें स्थान पर रहे |

महिला वर्ग में तनिष्का कोटिया पहले, रिधिका कोटिया दुसरे, हेमाक्षी चौहान तीसरे, ईश्वी अग्रवाल चौथे, राज राजेश्वरी पांचवें, नव्या तायल छठे, कृति लम्बा सातवें और आन्या अग्रवाल आठवें स्थान पर रही |

सेंट ज़ेवियर्स स्कूल के रूद्र वेदांत, धवल शाह, आर्यन यादव, अनुभव सिंघल, प्रथम मल्होत्रा, तथागत गुप्ता, मानस पॉल, सत्यव्रत, संस्कार, अभय कँवर, आरुषि भंसाली, तनिरिका शर्मा, नैंसी नांदल को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया

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हरियाणा के पहले ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा का सम्मान समारोह गुडगाँव में रविवार ३० अप्रैल को

Gurugram: सेंट ज़ेवियर्स और माइंड शार्पनर चैस अकादमी द्वारा जिला चैस एसोसिएशन गुडगाँव के तत्वावधान में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन २९ और ३० अप्रैल को सेक्टर ४९ स्थित सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल में कराया जायेगा | जिला चैस एसोसिएशन के संगठन सचिव एडवोकेट राजपाल चौहान द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है की यह प्रतियोगिता ओपन वर्ग में खेली जाएगी और इसमें किसी भी आयु वर्ग के खिलाडी भाग ले सकते हैं | प्रतियोगिता को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ऑर्बिटर राज कुमार को जिमेदारी दी गयी है |

प्रतियोगिता का शुभारम्भ शनिवार २९ अप्रैल को प्रात: ९ बजे मुख्य अतिथि के रूप में दी हरियाणा चैस एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट नरेश शर्मा करेंगे जबकि पुरस्कार वितरण पर रविवार ३० अप्रैल को सायं: ४.०० बजे हरियाणा के पहले ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे |

इस अवसर पर जिला चैस एसोसिएशन की तरफ से ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा को सम्मानित भी किया जायेगा | सेंट ज़ेवियर्स स्कूल की प्रबंधक समिति एवं कोऑर्डिनेटर श्रीमती गीता तंवर इस प्रतियोगिता को लेकर बहुत उत्साहित हैं और इसे सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग कर रही है | 
इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग में पहले दो स्थान पर रहने वाले खिलाडी ३१ मई से ३ जून तक होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गुडगाँव का प्रतिनिधित्व करेंगे |

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पैरों ने साथ छोड़ा तो Wheelchair के सहारे दौड़ने लेगे शैलेश

अगर आप सोचते हैं कि आपने किसी का बुरा नहीं किया, और आपके साथ भी बुरा नहीं होगा, तो ये आपकी गलतफहमी है. किस्मत कभी भी आपको झटका दे सकती है. ज़रूरी नहीं ये आपके बुरे के लिए ही हो, ये उसका तरीका भी हो सकता है आपको एक मुकाम तक पहुंचाने के लिए.


गया, बिहार के रहने वाले 24 साल के शैलेश कुमार एक बेहतरीन खिलाड़ी थे. एक दिन फ़ुटबॉल खेलते हुए शैलेश के पैर में चोट आ गई. चोट ऐसी थी कि वो खुद से चल भी नहीं पा रहे थे. शैलेश ने अपने दोस्त का सहारा लिया और घर को जाने लगे. रास्ते में शैलेश के दोस्त का संतुलन बिगड़ा और वो दानों गिर पड़े. शैलेश को रीढ़ की हड्डी में भयंकर चोट आ गई. शैलेश की कमर के नीचे का हिस्सा खराब हो गया. वो चल भी नहीं सकते थे. शैलेश काफ़ी समय तक बिस्तर पर थे. जिस वजह से पिछले हिस्से में छाले पड़ गए और Urinary Tract इंफ़ेक्शन भी हो गया था. उनको व्हीलचेयर के लायक होने के लिए एक साल लग गया.


जो बचपन से स्पोर्ट्समैन रहा हो, उसे आप खेल से ज़्यादा दूर नहीं रख सकते. शैलेश व्हीलचेयर पर बास्केटबॉल खेलने लगे. उनका व्हीलचेयर पर कंट्रोल और उनकी स्पीड देखते हुए साथ के खिलाड़ियों ने उन्होंने Wheelchair Marathon के लिए प्रोत्साहित किया. सैलेश को ये बात समझ आई और खुद पर विश्वास के साथ उन्होंने मैराथॉन में भाग लेना शुरु कर दिया. इसी के साथ शैलेश ने दो सालों में Wheelchair Marathon में कई पदक जीते हैं और देश के सबसे तेज़ व्हीलचेयर Marathon रनर हैं.

शैलेश अब Chandigarh Spinal Rehab में व्हीलचेयर इस्तेमाल कर रहे लोगों के मेंटर हैं.


यहां से मिली उड़ान

चंडीगढ़ के उस Rehab Center में शैलेश को वैद्यनाथन मिले. वैद्यनाथन खुद रीढ़ की चोट से गुज़र चुके थे और शैलेश के जज़बे से प्रभावित हुए. वैद्यनाथन The Ganga Trust के सह-संस्थापक थेजो दिव्यांग लोगों के रिहैबिलिटेशन के लिए काम करती है.

The Ganga Trust अब Fuel A Dream के साथ मिल कर शैलेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का Marathoner बनाने में जुटे हैं. Fuel A Dream चैरिटी के लिए Crowd Funding करती है, ताकी लोग अपने सपने पूरे कर सकें. Fuel A Dream अब के लिए शैलेश 'Invacare Top End Eliminator OSR Racing Wheelchair' खरीदने की जद्दोजहद में लगी है, ताकि शैलेश 2020 Paralympics में भारत का नाम रौशन कर सकें.

Fuel A Dream के संस्थापक Ranganath Thota का कहना है कि-

 शैलेश अभी आम व्हीलचेयर इस्तेमाल कर रहा है, जिससे उसे काफ़ी तकलीफ़ आएंगी. इसमें ज़्यादा मेहनत लगती है. शैलेश के लिए जो व्हीलचेयर मंगवाने की तैयारी हो रही है, उसमें और अभी वाली में उतना ही फ़र्क है जितना ट्रक और स्पोर्ट्स कार में.

उस व्हीलचेयर के लिए कुल Rs 4,25,000 चाहिए, जिसमें से Rs 58,300 रुपये इकट्ठा हो चुके हैं.

अगर आप भी देश के इस उभरते हुए खिलाड़ी के साथ खड़े होना चाहते हैं, तो यहां क्लिक कर केदान की जानकारी ले सकते हैं. 

 

Article Source- Huffingtonpost

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भारतीय क्रिकेट की वो बातें, जो टीम के बारे में कई खिलाड़ी भी नहीं जानते होंगे

भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने वाले खिलाड़ी किसी स्टार से कम नहीं होते. वो क्या करते हैं, क्या खाते हैं. हर बात उनके फ़ैन्स जानना चाहते हैं. कई ऐसी भी बातें हैं, जो आज तक हम नहीं जान पाए. लेकिन क्रिकेट फैन होने के हक से आपको इन बातों का जानना ज़रूरी है. इसी से तो आप अपने स्टार के सबसे बड़े फ़ैन बनने के एक कदम नज़दीक पहुंच जाएंगे.

1.


आखिर ऐसा क्यों था, क्यों अज़हरुद्दीन के कॉलर हमेशा खड़े और हेल्मट का रंग सफेद होता था? इस सवाल का जवाब देते हैं हुए उन्होंने बताया की उन्हें गले पर धूप लगने से त्वचा की समस्या शुरू हो गई थी. इसके बाद उन्होंने अपने कॉलर खड़े रखने शुरू कर दिए और ये कब आदत बन गई पता ही नहीं चला.

वहीं अपना सफेद हेल्मेट उन्हें काफ़ी पसंद था. टेस्ट में इसे इस्तेमाल किया जाता था. फिर वन-डे में नीले रंग के हेल्मेट को पहनने का कोई नियम नहीं था, तो उन्होंने इसे पहनना शुरू कर दिया.

2. 


कपिल देव की आंखों में आंसू आ गए थे. वो भी एक Live इंटरव्यू के दौरान. इस इंटरव्यू में सवाल किया गया था कि क्या उन्होंने मैच फ़िक्सिंग कर के पैसे बनाए हैं. ये आरोप उनके साथी खिलाड़ी मनोज प्रभारकर ने उन पर लगाया था. इसका जवाब देने के दौरान कपिल भावुक हो गए थे. उनकी आंखों में आंसू आ गए. लेकिन इस सावल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि 'मै ऐसा करने से पहले आत्महत्या करना ज़्यादा पसंद करुंगा, मेरे सारे पैसे ले लो, क्योंकि मैं ऐसे घर से आता हूं, जहां पैसे से ज़्यादा बड़ी इज़्ज़त होती है'.

3.


शाहिद अफ़रीदी ने 16 साल की उम्र में ही सबसे तेज़ वन-डे शतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया था. 37 बॉल में 100 करने वाले अफ़रीदी ने ये कारनामा सचिन के बल्ले से कर दिखाया था. सचिन ने अपना एक बैट वकार यूनिस को दिया था. अफ़रीदी जब टीम में आए थे, तो उनकी माली हालत ठीक नहीं थी और उनके पास क्रिकेट किट भी नहीं थी. इस मैच में उन्हें बैटिंग के लिए बैट वकार ने दिया था और कहा था कि 'इस बैट से बैटिंग करो, ये सचिन तेंदुलकर का बैट है.'

4. 


अनिल कुंबले के इस कारनामे को कोई नहीं भूल सकता. टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट अपने नाम करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज़ बने थे. विरोधी टीम थी पाकिस्तान. लेकिन हाल ही में वसीम अकरम ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वकार नहीं चाहते थे कि कुंबले को 10वां विकेट मिले. इसलिए उन्होंने अकरम को बोला कि क्यों न हम लोग रन आऊट हो जाएं. इससे अनिल कुंबले को 10 विकेट नहीं मिलेंगे. अकरम ने वकार को जवाब दिया कि अगर उसकी किस्मत में 10 विकेट लिखें हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता. लेकिन कुंबले मुझे आऊट नहीं कर पाएगा. लेकिन अगले ओवर में ही अकरम, कुंबले की गेंद पर आऊट हो गए.

5. 


सहवाग मैदान में जितने गम्भीर दिखते थे, वो होते नहीं थे. इसका उदाहरण है ये वाक्या. सहवाग, चेन्नई में 300 रन बना कर बैटिंग कर रहे थे. तभी उन्हें 'तू जाने ना' गाना याद आया. लेकिन आगे के बोल उन्हें याद नहीं आ रहे थे. उन्होंने पवेलियन की तरफ़ इशारा किया और 12th Man, इशांत शर्मा को मैदान में बुलाया और उनसे इस गाने के बोल पूछे, उन्हें भी बोल याद नहीं थे. सहवाग ने इशांत को सुन कर गाने के बोल बताने को कहा. अगले ओवर में एक बार फिर इशांत मैदान में आए और सहवाग को गाने के बोल बता कर गए.

6. 


श्रीलंका के खिलाफ़ भारतीय टीम बल्लेबाज़ी कर रही थी. सबकी निगाहें सचिन पर थीं, लेकिन इस मैच में सचिन की हालत ख़राब थी. किसी गेंदबाज़ ने उन्हें परेशान नहीं किया था, बल्कि मैच के दौरान उनका पेट ख़राब था. उनकी तबियत इस कदर ख़राब थी कि उन्होंने बल्लेबाज़ी के दौरान अपने अंडरवियर में टिश्यू का इस्तेमाल किया हुआ था.

7. 


इस मैच को शायद ही कोई सचिन फ़ैन भूल सकता है. क्योंकि सचिन 194 पर नाबाद बल्लेबाज़ी कर रहे थे. हर कोई इंतज़ार कर रहा था सचिन के दोहरे शतक का. लेकिन तभी तत्कालीन कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी की घोषणा कर दी. इस पर सचिन को भी काफ़ी गुस्सा आया. ड्रेसिंग रूम में सचिन ने राहुल द्रविड को उन्हें अकेला छोड़ देने को कहा था.

8. 


जी हां, देश का सबसे बड़ा वॉन्टेड अपराधी दाऊद भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक पहुंच गया था. 1987 में शारहजाह में मैच के दौरान दाऊद ने ड्रेसिंग रूम में आ कर कपिल देव को मैच फ़िक्स करने के लिए कहा था. इसके बदले उन्हें बड़ी कीमत और कार गिफ़्ट करने की भी बात कही गई थी. लेकिन कपिल ने उन्हें बाहर निकाल दिया था.

9. 


मैच के बाद भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम में कई तरह के मज़ाक करती है, लेकिन एक बार मुर्गा बनाया गया था उस वक़्त टीम के कप्तान सौरव गांगुली को. पूरी टीम ने उन पर भेदभाव का आरोप लगाया था. ये पूरी साजिश युवराज की थी. मामला इतना बढ़ गया कि सौरव कप्तानी पद से इस्तीफ़ा देने जा रहे थे. तब राहुल द्रविड ने इस पूरे मज़ाक को खोला.

10.


नेटवेस्ट सीरीज़ के फ़ाइनल के दौरान भारतीय टीम मुश्किलों में दिख रही थी. सब की निगाहें सहवाग पर थीं. लेकिन एक गंदे शॉट खेलने की वजह से सहवाग आऊट हो गए. पिछले कई मैचों में सहवाग अपनी पारी में कुछ अजीब शॉट खेल कर आऊट हुए थे. इस बात पर तत्लाकीन कोच जॉन राइट्स ने उन्हें समझाया था. लेकिन उस दिन जॉन का पारा बहुत चढ़ गया और जॉन ने सहवाग का कॉलर पकड़ लिया था.

11.


1996 में इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा थे गांगुली और सिद्धू. दोंनो मैच के बाद मिली छुट्टी में लंदन घूमने निकले. ये दोनों एक पब में जा कर बैठे. उनके ठीक पीछे 2 लड़के और तीन लड़कियां बैठीं थी. तभी उन लड़कों में से एक ने गांगुली की तरफ से बियर का कैन फ़ेका. सिद्धू को इस पर गुस्सा आया और वो उस लड़के के तरफ़ बढ़े. ये देख कर गांगुली भी उनकी तरफ़ बढ़े. गांगुली ने उस लड़के को धक्का दिया, वो लड़का ज़मीन पर गिरा और उठते ही उनके सिर पर बंदूक रख दी. लड़के की एक दोस्त ने जल्दी से उस लड़के को वहां से हटाया और उसे बाहर ले गई. गांगुली आज भी वो वाक्या सोच कर डर जाते हैं. उन्हें लगा था कि उनका करियर और लाइफ़ एक साथ चली जाती, अगर वो लड़की नहीं आती.

पता नहीं ऐसे और कितने वाक्ये हैं, जिनसे हम सब अंजान हैं. अगर आपके पास भी ऐसी ही कोई अनसुनी कहानी हो, तो हमें Comment Box में लिख कर ज़रूर बताएं.

Art By: Shruti Mathur

Source-Gazabpost

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