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भारतीय मूल के तनिष्क अब्राहम ने 12 साल की उम्र में हासिल कर लीं 3-3 कॉलेज डिग्रियां

किसी-किसी में सीखने के ऐसी लगन होती है कि कोई इनकी बराबरी ही नहीं कर सकता है. आपने अपने कॉलेज की डिग्री किस साल में ली होगी, 18-20 साल में, हैं न? लेकिन एक बच्चा ऐसा है, जिसने केवल 12 साल की उम्र में एक नहीं, बल्कि तीन-तीन डिग्रियां प्राप्त कर ली हैं.

जी हां, अमेरिका में रहने वाले 12 साल के एक किशोर के पास कॉलेज की तीन-तीन डिग्रियां हैं. अमेरिका के सैक्रामेंटो निवासी तनिष्क अब्राहम को कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के 'यूसी डेविस' में एडमिशन मिल गया है. इतना ही नहीं 'यूसी सैंटा क्रूज' ने तो तनिष्क को रिजेन्ट स्कॉलरशिप का प्रस्ताव भी दे दिया है. लेकिन उसने अब तक यह फैसला नहीं किया है कि वह किस यूनिवर्सिटी में पढ़ेगा?
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18 की उम्र तक डॉक्टर बनने का सपना देखने वाला भारतीय मूल का तनिष्क बायो मेडिकल इंजीनियरिंग पढ़ना चाहता है. तनिष्क का कहना है कि "मैं समझता हूं कि जब मैं MD करूंगा, तो 18 का होऊंगा." इसमें कोई हैरत की बात नहीं होगी कि जिस तरह से तनिष्क ने अब तक स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की है, तो उसके लिए यह बिलकुल भी असम्भव नहीं था कि वो पहले भी कॉलेज जा सकता था. हालांकि उसके माता-पिता ने पहले उसे गंभीरता से नहीं लिया.

उसकी मां ने टेलीविजन चैनल सीबीएस को बताया, "एक बच्चा जो छह साल की उम्र में कॉलेज जाना चाहता है, हमें ये मजाक लगा और हमने उसे नजरअंदाज़ कर दिया. लेकिन मेरे बेटे ने हार नहीं मानी. वह उन दिनों हर हाल में डायनासोर के बारे में जानना चाहता था और घर में जोर डाल रहा था कि उसे कॉलेज के कोर्स में डाला जाए." उसकी ज़िद के आगे उसके माता-पिता की एक न चली और उनको उसकी बात माननी पड़ी. उसके पिता बीजू अब्राहम का कहना है कि वह सब कुछ बहुत जल्दी सीख लेता है.

वहीं तनिष्क का कहना है कि 'कॉलेज के टीचर्स को भरोसा नहीं था. इसलिए ज़्यादातर टीचर्स उसे क्लास में नहीं लेना चाहते थे, क्योंकि उनके हिसाब से वह बहुत छोटा था. बहुत कोशिशों के बाद तनिष्क ने अमेरिकन रिवर कॉलेज के एक टीचर को मना लिया. लेकिन टीचर की शर्त थी कि उसकी मां भी क्लास में आएगी. मां ने जो खुद वेटेनरी डॉक्टर हैं, बेटे के प्यार में हां तो कर दी, लेकिन कभी-कभी उन्हें भी क्लास का मटीरियल समझने में मुश्किल होती थी. गर्व के साथ तनिष्क बताता है कि "मैंने अपनी मां को रिलेटिविटी थ्योरी समझाई."

पांच साल के अंदर तनिष्क ने जनरल साइंस, मैथेमेटिक्स और फिजिक्स के अलावा विदेशी भाषा की डिग्री पास कर ली. बायलॉजी प्रोफेसर मारलेने मार्टिनेज का कहना है कि तनिष्क को सवाल पूछने में कोई झिझक नहीं होती.

तनिष्क को यह अच्छा नहीं लगता कि बहुत से लोग उसे जीनियस समझते हैं क्योंकि जीनियस बच्चों को सब अजीबोगरीब मानते हैं. उसका कहना है कि "जब आप जीनियस के बारे में सोचते हैं, तो किसी पागल वैज्ञानिक के बारे में सोचते हैं." इसके साथ ही तनिष्क कहता है कि वह एकदम नॉर्मल बच्चा है, जिसे वीडियो गेम खेलना पसंद है. राष्ट्रपति बराक ओबामा से उसे चिट्ठी मिल चुकी है. राष्ट्रपति का ध्यान तनिष्क पर इसलिए गया क्योंकि अमेरिका में 'वंडर किड' के रूप में उसको सब लोग जानते हैं. तनिष्क की छोटी बहन दिमाग के मामले में बहुत तेज़ है और वह भी अमेरिकन रिवर कॉलेज में पढ़ रही है.

पहले उसके माता-पिता को यह डर था कि कहीं यूनिवर्सिटी में दूसरे बच्चों के साथ उसको कोई समस्या होगी. लेकिन अब उनका यह डर खत्म हो चुका है. उसके पिता का मानना है कि उसमें खास बात यह है कि वह हर उम्र के लोगों के साथ आसानी से घुल-मिल जाता है.

Source: dw

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