भक्तों ने दिखाई ऐसी भक्ति कि बाबा कालभैरव को 66 लाख रुपए की शराब चढ़ा दी

आस्था का महापर्व सिंहस्थ के दौरान कई श्रद्धालुओं का आना हुआ. सभी भक्तों ने अपनी सुख-शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. वहीं प्रशासन ने कार्यक्रम को पवित्र बनाने के लिए उज्जैन में शराब व मांस के बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. लेकिन सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि बीते 22 दिनों में भक्तों ने बाबा कालभैरव को 66 लाख रुपए की शराब चढ़ाई है. कुंभ के दौरान कालभैरव मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर अपनी श्रद्धा दिखा रहे हैं. सेवा और भक्ति सच्ची निष्ठा से की जाए तो भगवान भी उनकी सुनते हैं. अब इस ख़बर पर ही ग़ौर कर लीजिए.

शराब क्यों चढ़ाते हैं भक्त?

धार्मिक मान्यता है कि बाबा कालभैरव राजाधिराज महाकाल के सेनापति हैं. अनादिकाल से बाबा को मदिरा का भोग लगाया जाता है. बाद में रात को महाकाल की शयन आरती के बाद कालभैरव की आरती की जाती है.

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शहर में सिर्फ एक काउंटर खुला है

सिंहस्थ के दौरान प्रशासन ने उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित कर रखा है. लेकिन भक्त भावना को देखते हुए सिर्फ कालभैरव मदिरा काउंटर खुला हुआ है.

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प्रशासन की कड़ी नज़र है

शाम होते ही मंदिर के आसपास भक्तों और शराबियों का जमावड़ा लग जाता है. भगवान के बहाने शराबी भी शराब की ख़रीददारी कर रहे हैं. हालांकि आबकारी विभाग इस पर नजर रखे हुए है.

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सुबह और शाम के वक्त कालभैरव झोन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है. एक रिकॉर्ड के अनुसार, सिंहस्थ मेले में करीब 43 लाख रुपए की विदेशी तथा 23 लाख 60 हजार रुपए की देशी मदिरा का विक्रय हुआ है. हिन्दुस्तान में भक्ति के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता है. भले ही इसकी आड़ में गलत काम क्यों न हो?
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