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आईटीआई में शुरू करेंगे मकान निर्माण की विधाओं का कोर्स, 300 करोड़ रुपये जारी होंगे : कैप्टन अभिमन्यु

वित्तमंत्री ने बड़ाला में विश्वकर्मा जयंती समारोह में की शिरकत
विश्वकर्मा भवन निर्माण के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की
ग्रामीणों से किया आह्वान-24 घंटे बिजली लेने में करें सहयोग
नारनौंद, 9 नवंबर।
वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश के किसी विश्वविद्यालय द्वारा ऐसा कोर्स नहीं चलाया जाता जिसमें मकान निर्माण की विभिन्न विधाओं में कारीगर तैयार किए जाते हों, लेकिन हरियाणा की सभी आईटीआई में इसका कोर्स शुरू किया जाएगा जिसमें ईंट-पत्थर, लकड़ी, लोहा-सरिया, पलंबर, टाइल-पत्थर व पेंट करने जैसे सभी कार्यों के हुनरमंद तैयार किए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 300 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला किया है। वित्तमंत्री वीरवार सायं गांव बडाला में पांचाल समिति द्वारा आयोजित विश्वकर्मा दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि ग्रामीण जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गांव में विश्वकर्मा भवन के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने ग्रामीणों को दीपावली, गोवर्धन दिवस व विश्वकर्मा जयंती की बधाई देते हुए प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि 70 साल के आजाद भारत में हमारी परंपरागत कौशल कला व हुनर को विकसित करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। हिंदुस्तान में हजारों साल पहले बने विश्व विख्यात मंदिर, दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल, सोने की लंका, सरदार पटेल की हाल ही में बनी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा हमारे कारीगरों की कल्पना शक्ति व कला के अद्भुत नमूने हैं। लेकिन देश के ऐसे परंपरागत कौशल को विकसित करने व इनकी विधिवत् शिक्षा की ओर कोई किसी पूर्ववर्ती सरकार ने ध्यान नहीं दिया। हमारी परांपरागत विधाओं को किसी संस्थान में आधुनिक परिप्रेक्ष्य से नहीं पढ़ाया जाता। लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास हेतु पलवल में भगवान विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया जा रहा है जहां हमारे पारंपरिक हुनर को तराशने का कार्य किया जाएगा। सरकार ने निश्चय किया है कि भगवान विश्वकर्मा द्वारा प्रदान किए गए कौशल को खत्म नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी कमेरे वर्ग से आते हैं जिनकी माता ने आस-पड़ोस के घरों में काम करके उनका पालन किया और खुद नरेंद्र मोदी ने हाथ के कार्य से अपने जीवन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री कमेरे वर्ग की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं और उन्होंने भगवान विश्वकर्मा का संदेश इस देश में लागू करने का काम किया है। देश का हर युवा किसी न किसी विधा में पारंगत हो, ऐसा प्रयास करने वाले मोदी देश के प्रथम प्रधानमंत्री हैं। वे जानते हैं कि केवल 10वीं, 12वीं या कॉलेज की पढ़ाई युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं दे सकती है, इसीलिए उन्होंने देशभर में कौशल विकास केंद्रों की स्थापना करवाई है, जहां से अपनी रुचि के अनुरूप हाथ का काम सीखकर युवा रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि भगवान इंद्र की नगरी स्वर्ग और सृष्टि का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया। भगवान विश्वकर्मा हम सबके प्रेरणा स्रोत हैं। भगवान ने हम सभी को काम करने के लिए दो हाथ दिए हैं जिनके माध्यम से हम देश, समाज व स्वयं के भविष्य का निर्माण करते हैं। जिनके पास काम करने वाले दो हाथ हैं, वे सब भगवान के समान हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पूज्य पिताजी ने हमें भी बचपन में ही ऐसे संस्कार दिए थे कि जीवन में चाहे जितना धन आ जाए लेकिन हम सबको अपने हाथ से काम करने की कला जरूर सीखनी चाहिए।
वित्तमंत्री ने पांचाल समाज की मांग पर विश्वकर्मा भवन के निर्माण हेतु 11 लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए ग्रामीणों से आह्वान किया कि इस भवन के लिए गांव के हर घर, हर जाति और हर धर्म से सहयोग लेकर इसमें सर्वसमाज की हिस्सेदारी की जाए। जब सभी 36 बिरादरी इस भवन के निर्माण में सहयोग करेगी तो इसके प्रति सबके दिलों में अपनेपन की भावना आएगी। उन्होंने कहा कि इस भवन का उपयोग महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई के कोर्स करवाने, प्रोढों के लिए शिक्षा केंद्र, वाचनालय-पुस्तकालय व महिलाओं के लिए बैठकर गीत-भजन जैसी गतिविधियों के लिए भी किया जाए ताकि यह सर्व समाज की सच्ची व उपयोगी धरोहर साबित हो सके।
उन्होंने बताया कि गांव के लिए पेयजल परियोजना का शीघ्र निर्माण करवाया जाएगा। अगले 3-4 महीने के भीतर ग्रामीणों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार गांव के लिए 2.5 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना मंजूर हो चुकी है, इसके लिए धनराशि भी जारी की जा चुकी है लेकिन भाटोल के गतिरोध के चलते यह परियोजना शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे भाटोल के लोगों से संपर्क कर इस गतिरोध को दूर करवाएं, वे स्वयं भी भाटोल के ग्रामीणों से इसके लिए अनुरोध करेंगे।
वित्तमंत्री ने बडाला में खेल स्टेडियम मंजूर होने, गढ़ी, बडाला से जुलाना तक चौड़ी सडक़ का टेंडर होने, शमशान घाट की चारदिवारी, शैड, पेयजल व रास्ता पक्का करवाने जैसी घोषणाएं करते हुए हलका नारनौंद में चार कॉलेज, चार आईटीआई बनवाने, सडक़ निर्माण, स्कूल अपग्रेडेशन, नए अस्पताल व पशु अस्पताल, नारनौंद में उपमंडल भवन, स्टेडियम व व्यायामशाला के निर्माण सहित अब तक करवाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने पिछले 30 साल से पिछड़े हलके को विकास की दौड़ में शामिल करने की कोशिश की है। आज नारनौंद हलका विकास के मामले में प्रदेश के किसी अन्य हलके से पीछे नहीं हैं जिसका लाभ यहां के ग्रामीण क्षेत्रों, युवाओं व महिलाओं को मिलेगा।
कैप्टन अभिमन्यु ने ग्रामीणों से कहा कि मेरा सपना है कि ग्रामीण 24 घंटे बिजली लें। इसके लिए मुझे आपका साथ चाहिए। 
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत राज्य के 2800 गांवों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है। इसके कारण उन गांवों में अब लडक़ों के रिश्ते भी होने लगे हैं, क्योंकि बिजली मिलने के साथ ही कई प्रकार की सुविधाएं और रोजगार भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के बकाया बिलों के निपटान के लिए सरकार ने बहुत महत्वपूर्ण योजना शुरू की है जिसके तहत 100 रुपये के बकाया बिल केवल 2 से 3 रुपये जमा करवाकर निपटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 1 अक्तूबर से बिजली के रेट लगभग आधे कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण अपने बकाया बिलों का समाधान करवा ले और लाइन लोस कम करके 24 घंटे बिजली लें। जब 24 घंटे और सस्ती बिजली मिलेगी तो किसी को बिजली चोरी करने की जरूरत ही नहीं रहेगी।
समारोह में गुलाब सिंह ने पगड़ी पहनाकर व जयसिंह पांचाल ने चादर भेंट कर वित्तमंत्री का सम्मान किया। वित्तमंत्री ने पांचाल समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया। गांव की सरपंच सुमन व अन्य प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री को भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर चेयरमैन शशि ढाका, युवा भाजपा नेता अजय सिंधु, प्रो. मनदीप मलिक, बलराज लोहान, सत्यपाल श्योराण, राजेंद्र लांबा, सतपाल मल्हान, चेयरमैन राजेश पेटवाड़, जीता सिंधू, पांचाल समिति अध्यक्ष धर्मवीर पांचाल, जिला पार्षद संजय खरब, धर्मवीर गुराना, श्रीनिवास, जयसिंह, गुलाब सिंह, सत्यवान, टेकसिंह, रामनिवास पांचाल व महाबीर पांचाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

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