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रेवाड़ी जिला को कैटल स्टे्र फ्री बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई योजना बनाई

रेवाड़ी 16 सितंबर

रेवाड़ी जिला को कैटल स्टे्र फ्री बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई सोच के साथ कार्य करने की योजना बनाई है ताकि जिला में बेसहारा पशुओं को खुला छोडऩे पर लगाम कसी जा सकें। इसके लिए जिला प्रशासन ने इन बेसहारा पशुओं को पकडक़र गौशाला में रखने की योजना बनाई है।

शुक्रवार को जिला सचिवालय में एडीसी प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में इस बारे में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्र में नगर परिषद व नगर पालिका तथा ग्रामीण क्षेत्र में बीडीपीओ इसके लिए कार्य करेंगे। जो गौशाला प्रशासन द्वारा पकडे गये 100 पशुओ को रखेगी उन्हें दो लाख रूपये तथा 50 पशुओं को रखने वाली गौशाला को एक लाख रूपये की सहायता दी जाएगी।

श्री दहिया ने बताया कि जिला में छ: गौशालाएं पंजीकृत है जिनको 47 लाख रूपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बाबा मुक्तेशवरपुरी कोसली गौशाला को 20 लाख रूपये, शिव मोहन जाटूसाना को 10 लाख रूपये, मामडिया आसमपुर गोपाल कृष्ण को 10 लाख रूपये व सरस्वती गौशाला नांगलियां रणमोख को 7 लाख रूपये की राशि दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त श्री कृष्ण गौशााला बालधन व नंदेश्वर गौशाला बगथला भी पंजीकृत है। जिला में पंजीकृत गौशालाओं के अतिरिक्त लगभग दो दर्जन गौशालाएं ऐसी भी है जो पंजीकृत नहीं है।

एडीसी ने बताया कि पंजीकृत गौशालाओं में पांच हजार से अधिक पशुओं को रखा हुआ है। इसके अतिरिक्त ऐसी कई गौशालाएं भी है जिनमें 20 से 50 पशुओं को रखा गया है। जिला में लगभग एक हजार से अधिक पशु ऐसे है जो आवारा व बेसहारा है, इन पशुओ को पकडकर गौशालाओं में भेजा जाएगा।

बैठक में एसडीएम कोसली उîाम ङ्क्षसंह, जिला राजस्व अधिकारी मानव मलिक, मुक्चयमंत्री सुशासन सहयोगी सुमित चौधरी, ईओ नगर परिषद मनोज यादव, एमई नवल किशोर, सचिव बावल नगर पालिका, डीडी पशुपालन सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

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