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शिक्षा प्रणाली में मौलाना अबुल कलाम आजाद का योगदान अहम: प्रो. कुहाड़

हकेंवि में 11 नवम्बर तक शिक्षा दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित
महेंद्रगढ़ / विनीत पंसारी:  

केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी मौलाना अबुल कलाम आजाद का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने आजादी के बाद देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सराहनीय प्रयास किया। ये विचार थे कुलपति प्रो. आर. सी. कुहाड के जो उन्होंने कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किये। अब्दुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. आर. सी. कुहाड़ के सक्षम एवं ऊर्जावान नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन 08 नवम्बर को किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत महान दूरदर्शी, स्वतंत्रता सेनानी, प्रतिष्ठित शिक्षाविद और भारत के प्रथम केंद्रीय शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद को श्रद्धांजलि अर्पण के साथ हुई।

माननीय कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने अपने संदेश में कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद महान विद्वान थे, और उनका राष्ट्र निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान अहम है। उन्होंने आजादी के बाद देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक शिक्षा मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण प्रयास किए। माननीय कुलपति ने देश की शिक्षा प्रणाली में मौलाना आजाद के योगदान के बारे में समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा उनके विचारों से प्रेरणा ग्रहण करके गरीबों और जरूरतमंद लोगों को शिक्षा प्रदान करके देश के समग्र विकास में सहभागी होने की अपील की।
स्वागत भाषण शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता डाॅ. प्रमोद कुमार ने दिया तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार मलिक ने अपने संबोधन में मौलाना आजाद के योगदान की चर्चा करते हुए सामुदायिक विकास और छात्रों के समग्र विकास की दिशा में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। अनुसंधान अधिष्ठाता प्रोफेसर संजीव कुमार, ने शिक्षा और शोध की गुणवत्ता के बारे में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए श्रोताओं को आईआईटी खड़गपुर, यूजीसी, केंद्रीय शिक्षा ब्यूरो तथा अन्य शैक्षिक और व्यावसायिक मार्गदर्शन के राष्ट्रीय संस्थान खोलने के संदर्भ में मौलाना अबुल कलाम आजाद की असाधारण दृष्टिकोण से अवगत कराया। इस कार्यक्रम के दौरान निबंध लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 11 नवंबर 2018 तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ अनोज राज और डॉ नवेद हसन खान ने किया। इस अवसर पर डॉ रेणू यादव, डॉ रूबुल कलिता, डॉ. अमित सिंह, डॉ चंदवीर, डॉ. मंजू, डॉ पूजा वालिया, सुश्री किरण, डॉ अर्चना, डॉ. सरन प्रसाद, सुश्री मीनाक्षी, डॉ सीमा, दिलीप पटेल, डॉ आदित्य कुमार वर्मा सहित शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण भारी संख्या में उपस्थित थे। प्रोफेसर नीरजा धनखड़ ने धन्यवाद ज्ञापन किया और मंच संचालन सुश्री किरण ने किया।

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