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मध्यस्थता केंद्र में एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का निबटारा होना सुखद संकेत:डॉ. सुजान यादव

गुरुग्राम: व्यावसायिक न्यायालय में एक अंतरराष्ट्रीय विवाद के जाने से पहले ही जिला न्यायालय परिसर में स्थापित मध्यस्थता केंद्र ने निबटारा कर दिया। इससे उम्मीद बनी है कि बड़े से बड़े व्यावसायिक विवादों का निबटारा न्यायालय में जाने से पहले ही संभव हो सकता है। 
प्रदेश में पहली बार इस तरह से किसी अंतरराष्ट्रीय विवाद का निपटारा किया गया है। व्यावसायिक मामलों में न्यायालयों पर से दबाव कम करने के लिए केंद्र सरकार ने प्री-लिटिगेशन मेडिएशन यानी न्यायालय से बाहर मध्यस्थता को अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश का एक मात्र व्यावसायिक न्यायालय गुरुग्राम में है। इसे देखते हुए यहां पर मध्यस्थता केंद्र बनाया गया है। मध्यस्थता के लिए 29 लोगों का पैनल बनाया गया है। इसमें अधिवक्ता के साथ ही वर्तमान न्यायाधीश एवं पूर्व न्यायाधीश भी शामिल हैं। विवाद के निबटारे के लिए स्वयं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र सिंह ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई। 19 नवंबर को दोनों अंतरराष्ट्रीय कंपनियां विवाद को समाप्त करने के लिए राजी हो गईं। यह था अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच विवाद
पानीपत की एक्सपोर्ट कंपनी गरिमा कारपेट ने अमेरिका की एफिनिटी लाइंस नामक एक्सपोर्ट कंपनी के पास माल भेजा था। यह माल लगभग चार करोड़ रुपये का था। माल के बदले अमेरिकन कंपनी ने लगभग चार करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था। गरिमा कारपेट कंपनी ने इसके लिए काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। दो महीने पहले गुरुग्राम के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सुजान यादव के माध्यम से कंपनी ने मामला नियमानुसार व्यावसायिक न्यायालय में डालने से पहले मध्यस्थता केंद्र में डाल दिया। इसके बाद ईमेल के माध्यम से दोनों कंपनियों को नोटिस भेजा गया। नोटिस भेजने के बाद न्यायाधीश नरेंद्र ¨सह की मध्यस्थता में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि समझौता करने के लिए राजी हो गए।

पहली बार गुरुग्राम में व्यावसायिक न्यायालय से बाहर ही एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का निबटारा हुआ है। शुरू में मुझे यकीन नहीं था लेकिन विवाद के निबटारे से यह लगने लगा है कि किसी भी स्तर का विवाद न्यायालय से बाहर मध्यस्थता केंद्र में निबटाया जा सकता है। व्यावसायिक विवादों के निबटारे के लिए केंद्र सरकार की सोच का अब व्यापक असर दिखाई देगा।



डॉ. सुजान यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता पहली बार व्यावसायिक न्यायालय में मामला जाने से पहले ही मध्यस्थता केंद्र में एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का निबटारा होना सुखद संकेत है। इससे मध्यस्थता केंद्र का महत्व का पता सभी को चल गया। जिन कंपनियों का आपस में विवाद चल रहा है वे मध्यस्थता केंद्र में आएं। जो मामले में व्यावसायिक न्यायालय में लंबित हैं उन मामलों का निबटारा भी कंपनियां मध्यस्थतता केंद्र में करा सकती हैं।

नरेंद्र सिंह , सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी

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