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हकेंवि के समाजशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने किया नारनौल कारागार का दौरा

अपराध की पृष्ठभूमि को समझने का किया प्रयास
महेंद्रगढ़ : विनीत पंसारी:
हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ के समाजशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने नारनौल स्थित जिला कारागार का एक दिवसीय दौरा कर समाज में निरन्तर बढ़ रहे अपराध की पृष्ठभूमि को समझने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने यह शोध भ्रमण विभाग के सहायक आचार्य डॉ. युद्धवीर जैलदार के सान्निध्य में किया। किताबी ज्ञान के साथ-साथ इस भ्रमण को महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर.सी.कुहाड़ ने विभाग को भविष्य में भी ऐसे ही शोध भ्रमण आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। कुलपति का कहना था कि इससे विद्यार्थियों में विषय की समझ विकसित होती है।

कक्षा में अध्ययन के साथ-साथ अध्ययन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं को समझने में मददगार इस शोध भ्रमण के लिए विभाग की प्रभारी डॉ. रीमा गिल, डॉ. टी. लोंगकोई व मोहम्मद हनीफा ने विभाग के विद्यार्थियों व शोधार्थियों को प्रोत्साहित किया। जिला कारागार के अधीक्षक श्री सुरेन्द्र दलाल ने विभाग की टीम का स्वागत किया व जेल संबंधी जानकारियां साझा करते हुए बताया कि इस समय जिला कारागार में लगभग 550 सजा प्राप्त व विचाराधीन बन्दी बंद हैं। जिनमें 38 महिलाएं व तीन छोटे बच्चे भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि समाज में निरन्तर बढ़ रहे अपराध को पुलिस-प्रशासन व समाज दानों की सक्रिय भागीदारी से ही कम किया जा सकता है।
जेल उपाधीक्षक ने टीम को जेल में बंदियों के सुधार के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों से अवगत कराते हुए कारागार में स्थित फैक्ट्री, अस्पताल, कैंटीन, मैस आदि का दौरा करते हुए बताया कि सजायाफ्ता बंदी को काम मांगने पर उसे काम के बदले प्रतिदिन निर्धारित राशि का भुगतान भी सरकार की तरफ से किया जाता है। वहीं बंदी भी बिस्कुट, डबलरोटी, कपड़ा आदि बनाने में अपनी रूचि प्रकट कर रहे हैं। कारागार के अन्य कर्मचारियों में शामिल श्री प्रदीप, श्री ऋषिपाल, श्री महावीर आदि ने भी इस भ्रमण में सहयोग प्रदान किया। विभाग की ओर से सहायक आचार्य डॉ. युद्धवीर जैलदार ने जिला कारागार के सभी अधिकारियों का आभार प्रकट किया। इस शोध भ्रमण से प्राप्त हुई जानकारियों के आधार पर समाजशास्त्र विभाग एक रिपोर्ट भी तैयार करेगा।

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