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आज जरूरत है कि शोधार्थी बौद्धिक संपदा अधिकार बारे जागरूक हों:प्रो. अजय कुमार राजन

बौद्धिक संपदा अधिकार का मुद्दा काफी महत्त्व पूर्ण है। आज जरूरत है कि शोधार्थी बौद्धिक संपदा अधिकार बारे जागरूक हों, जिससे सभी को इसका लाभ मिले। यह उद्गार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के डीन एकेडमिक एफेयर्स प्रो. अजय कुमार राजन ने आज जेनेटिक्स विभाग द्वारा-इंटैक्युअल प्रोपर्टी राइट्स प्रोटेक्शन विषय पर आईएचटीएम कांफ्रेंस कक्ष में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। 


मुख्यातिथि प्रो. अजय कुमार राजन ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कॉपीराइट का उल्लंघन करने की प्रवृत्ति को रोकने और शोध कार्य में मौलिकता पर बल देने की बात कही। प्रो. राजन ने विश्वविद्यालय के विजन-मिशन के दृष्टिगत शोधार्थियों से बौद्धिक संपदा की उपयोगिता से समाज के उत्थान के लिए शोध कार्य करने का आह्वान किया। प्रो. राजन ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली के वैज्ञानिक और एक्सपर्ट डा. यशवंत देव ने बौद्धिक संपदा अधिकार और इसके उपयोग की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कॉपीराइट, पेटेंट की प्रक्रिया के सभी पहलुओं को सामने रखा और इसकी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, हरियाणा के एडिशनल डायरेक्टर महावीर सिंह ने भी कार्यशाला में आईपीआर के महत्त्व को रेखांकित किया। पेटेंट इंफोर्मेशन सेंटर, पंचकूला के वैज्ञानिक डा. राहुल तनेजा और आईपीआर एक्सपर्ट डा. जसविंदर ने भी आईपीआर से जुड़़ी महत्त्वपूर्ण जानकारियां सांझा की।
एमडीयू के आईपीआर सेल के निदेशक प्रो. हरीश दुरेजा ने स्वागत भाषण दिया। जेनेटिक्स विभाग के प्रोफेसर एवं इस कार्यशाला के कंवीनर प्रो. जे.पी. यादव ने कार्यशाला की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला। प्रो. यादव ने आईपीआर के महत्त्व बारे जानकारी सांझा की। कुलसचिव डा. जितेन्द्र कुमार भारद्वाज ने बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यशाला में शिरकत की। जेनेटिक्स विभाग के प्राध्यापक डा. संतोष के तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया। 

इस अवसर पर जेनेटिक्स विभाग की अध्यक्षा एवं इस कार्यशाला की को-कंवीनर प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, आईएचटीएम निदेशक प्रो. आशीष दहिया, प्रो. वीके शर्मा, प्रो. बलजीत सिंह यादव, आयोजन समिति सदस्य- डा. रीतू यादव, डा. नीलम सहरावत, डा. राजविंद्र सिंह, डा. सपना शर्मा, डा. नीलकमल, डा. मुकेश तंवर समेत विवि के प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। पेटेंट इंफोर्मेशन सेंटर, हरियाणा स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टैक्नोलोजी, पंचकूला द्वारा प्रायोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में लगभग 200 डेलीगेट्स ने भाग लिया।



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