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हकेंवि विद्यार्थियों को विशेषज्ञ ने दिया भूगोल का ज्ञान

भूगोल विषय के विकास एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण पर हुई विस्तार से चर्चा

महेंद्रगढ़ :विनीत पंसारी:
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ के भूगोल विभाग के तत्ववावधान में भूगोल विषय का विकास एवं सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण का महत्त्व एवं संसाधनों को सांझेदारी विषय पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. बीर सिंह ने साहित्य और भूगोल के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य का सम्पूर्ण ज्ञान तभी हो सकता है जब विद्यार्थी उस स्थान विशेष के भौगोलिक ज्ञान को भी प्राप्त करें क्योंकि साहित्य का आधार उसी स्थान की प्राकृतिक एवं मानवीय परिस्थितियों की उपज होती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ सदैव विद्यार्थियों हेतु ऐसे आयोजनों के लिए प्रेरित करते हैं और इस आयोजन से अवश्य ही विद्यार्थियों में भूगोल की बेहतर समझ विकसित होगी।  

भूगोल विभाग के प्रभारी डॉ. खेराज ने बताया कि यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ के मार्गदर्शन में किया गया है। यह कार्यक्रम कुलपति महोदय के संसाधनों के अधिकतम उपयोग एवं दूसरों के साथ हिस्सेदारी बांटने वाले दूरदृष्टि कार्यक्रम की एक कड़ी है। इस हेतु भूगोल विभाग ने नारनौल के स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ विचार-विमर्श किया एवं उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी सांझा की। डॉ. खेराज ने सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों के अनुसार अनुसंधान क्रियाविधि बदल जाती है।
कार्यक्रम में भूगोल विभाग के प्रोफेसर डॉ. आर.एन. यादव ने भूगोल विषय के विकास पर विस्तार से चर्चा की। भूगोल का विकास विभिन्न प्रदेशों में समय के साथ हो रहा है। भूगोल के आधार भू तकनीक एवं साधन अभी भी वही हैं जो पहले प्रयोग किए जाते थे, परंतु समय के साथ विज्ञान-तकनीकी के प्रयोग से तकनीक एवं साधन का रूप परिवर्तित हो गया है। भूगोल में मॉडल एवं सांख्यिकी का प्रयोग बढ़ता चला गया। वर्तमान में भौगोलिक सूचना तंत्र का प्रयोग बढ़ गया है। उन्होंने भूगोल के मानव जीवन में उपयोग पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में स्नातकोत्तर महाविद्यालय से आए व्याख्याता सुभाष चंद्र और सुश्री पूनम ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भौतिक एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के अपने अनुभवों को नारनौल महाविद्यालय के विद्यार्थियों से सांझा किए। कार्यक्रम के समापन में भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि भूगोल विषय सभी विषयों को आधार प्रदान करता है। आज भूगोल को एक विषय मात्र न मानकर उसे व्यापक रूप से जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है। डॉ. नरेश कुमार ने सभी आगंतुको को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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