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अज्ञात बीमारी से गोवंश की मौत के बाद बीमार बछिया को उपचार न मिलने पर ग्रामीणों ने किया रोष प्रदर्शन

पशुपालन विभाग पर बीमार गोवंश के उपचार के प्रति गंभीर नहीं होने के आरोप लगाए


सतनाली: खंड के गांव जवाहरनगर में अज्ञात कारणों से गोवंश की मौत हो गई।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग के चिकित्सकों को गोवंश की मौत होने के बाद फोन पर सूचना दी गई थी परंतु विभाग के किसी चिकित्सक ने गांव में आना तक उचित नहीं समझा तथा आरोप है कि विभाग के एक कर्मचारी ने गोभक्तों से अभद्रता भी की। इससे गोभक्तों व ग्रामीणों में विभाग के
प्रति रोष उत्पन्न हो गया तथा उन्होंने मृत गोवंश के पास जमकर नारेबाजी की तथा अपना विरोध जताते हुए आरोपी कर्मचारियों के विरूद्व सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन कर रहे गोभक्तों शक्ति, राजेश, प्रशांत, फतेह सिंह, चंदन सिंह, मनोज, आकाश, संदीप, कुलदीप, संजय, अरूण कुमार आदि ने बताया कि शनिवार देर सांय वे खेल मैदान से गांव की ओर आ रहे थे। इस दौरान जब वे
गांव की डिस्पेंसरी के पास पहुंचे तो वहां एक गोंवश मृत अवस्था में पड़ा हुआ था तथा पास ही एक अन्य गोवंश बछिया भी बीमार व असहाय थी। 

इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी गई जिस पर ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारी ने उनके साथ अभद्रता की। इसके बाद उन्होंने बीमार बछिया को निजी चिकित्सक से उपचार दिलवाया। इसकी सूचना ग्रामीणों को दी गई तो मामला बढ़ता देख विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए व बीमार बछिया का उपचार किया। ग्रामीणों की माने तो क्षेत्र में पिछले एक माह के दौरान आधा दर्जन से अधिक गोवंश की
अज्ञात कारणों से मौत हो चुकी है तथा गोवंश इस समय बीमारी की चपेट में है परंतु पशुपालन विभाग इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है।

पशुपालन विभाग द्वारा सरकार के गोवंश संरक्षण के प्रयासों को ठेंगा दिखाया जा रहा है तथा छुट्टा घूम रहे गोवंश के स्वास्थ्य व उपचार पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की कि गांव में घूम रहे गोवंश के नियमित स्वास्थ्य जांच व बीमार पशुओं को समय पर उपचार मुहैया करवाने के लिए सख्त कदम उठाए जाए ताकि गोवंश काल का ग्रास बनने से
बच सके।

इस बारें में जब पशुपालन विभाग के चिकित्सक डा. विनोद कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जवाहरनगर में सर्दी व कमजोरी के कारण गोवंश की मृत्यु हो गई थी तथा एक बछिया बीमार थी। इस बारे में पशु सहायक हरिसिंह को ग्रामीणों ने सूचना दी थी जिस पर हरिसिंह ने गांव में बीमार गोवंश का उपचार किया परंतु ग्रामीण मृत गोवंश को दबवाने की मांग पर अडे थे। सहायक ने ग्रामीणों को इस बारे में पंचायत को अवगत करवाने के लिए कहा तो इस बात पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। उन्होंने बताया कि गोवंश के उपचार के लिए
विभाग अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से निभा रहा है तथा पूरा मामला नासमझी का है।


Photo:- पशुपालन विभाग के प्रति रोष प्रकट करते गोभक्त व ग्रामीण।

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