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आयुष्मान योजना सतनाली खंड के लोगों के लिए वरदान की बजाय अभिशाप बन गई है

आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए हस्पतालों के चक्कर काट रहे गरीब परिवार, 8 वर्ष पुरानी सूची में नाम न मिलने से हो रहे निराश

समय व धन की हो रही हानि, 8 वर्ष पुरानी सूची है विभाग के पास

साक्षी वालिया, सतनाली:

केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में गरीब लोगों को सस्ती दरों पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उदेश्य से लागू की गई आयुष्मान योजना सतनाली खंड के लोगों के लिए वरदान की बजाय परेशानी का सबब बन गई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब व बीपीएल परिवारों को अपना नाम सूची में शामिल करवाने में लिए जानकारी के अभाव में महेंद्रगढ़ के उप नागरिक हस्पताल में चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जिस कारण उनके समय व धन की भी हानि हो रही है। सतनाली कस्बे से महेंद्रगढ़ उप नागरिक हस्पताल की दूरी 26 किलोमीटर है तथा जब क्षेत्र के लोग योजना के तहत अपना नाम दर्ज करवाने के लिए महेंद्रगढ़ का रूख करते है तो वहां पहुंचने के बाद भी उनका नाम दर्ज नहीं हो पा रहा। हस्पताल में उन्हें जवाब मिलता है कि उनका नाम गरीबी रेखा वाले परिवारों की सूची में नहीं है। ऐसे में गरीब परिवारों का दर्द ओर अधिक बढ़ जाता हैै तथा वे मन मसोस कर सरकार को कोसते हुए घर वापस पहुंच रहे है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र व राज्य सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ देने का खाका तैयार किया गया था। इसका लाभ केवल वहीं परिवार उठा सकते है जिनका नाम योजना के तहत सूची में शामिल है। सतनाली क्षेत्र की बात की जाए तो क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हजारों बीपीएल परिवार है जिन्हें योजना के तहत लाभ मिलना चाहिए परंतु अनेक बीपीएल परिवारों के नाम विभाग की सूची में ही नहीं है। आयुष्मान योजना के शुरू होने से गरीब परिवारों में जो उत्साह देखने को मिला था वह सूची में नाम न होने के कारण ठंडा पड़ गया है। क्षेत्र में सैकड़ों ऐसे परिवार है जिनका नाम ही योजना के लाभपात्रों की सूची में नहीं है जबकि वो गरीबी

रेखा सूची में शामिल है परंतु जो सूची स्वास्थ्य विभाग के पास है उनमें उनके नाम शामिल नहीं है। ऐसे में बीपीएल होते हुए भी वो परिवार स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने से वंचित है और स्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर है। बीपीएल परिवारों का कहना है कि उनके पास बीपीएल कार्ड होते हुए भी उनको आयुष्मान योजना में शामिल नही किया जा रहा है जबकि सरकार आयुष्मान भारत योजना का जोर शोर से प्रचार कर रही है। योजना के तहत वास्तविक पात्र परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। गरीब परिवारों का कहना है कि सरकार तुरंत प्रभाव से नया सर्वे करवाकर गरीब परिवारों को इसमें शामिल करे। मिली जानकारी के अनुसार  योजना के तहत आयुष्मान भारत योजना में स्वास्थ्य विभाग के पास जो डाटा उपलब्ध है वह 2010-11 की जनगणना के दौरान चिन्हित किए गए गरीब परिवारों की सूची के अनुसार है। उसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान भारत योजना का लाभ लोगों को
देने की योजना पर काम कर रहा है।

सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाना है प्राथमिकता:-
आयुष्मान भारत योजना के तहत सबसे पहले सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाना प्राथमिकता है। उपमंडल स्तर के बाद मरीज को जिला अस्पताल में तथा जिला के बाद उसे रोहतक पीजीआई भेजा जा सकता है। उसके अतिरिक्त आपातकालीन स्थिति
में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार होने पर योजना में शामिल किए गए निजी हस्पतालों में पांच लाख रूपयें तक का उपचार करवा सकता है। योजना के तहत
करीब 1350 बीमारियों को चिन्हित किया गया है जबकि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का निजी अस्पताल में इलाज नही हो सकता है बल्कि उसके परिवार को अपने हिसाब से इलाज करवाना होगा। उसे आयुष्मान भारत योजना में शामिल नही किया जाएगा।

क्या बोले नोडल अधिकारी
इस बारे में आयुष्मान भारत योजना के जिला नोडल अधिकारी डा. धर्मेश सैनी ने बताया कि हस्पताल में काफी ऐसे लोग आ रहे है जिनके नाम आयुष्मान भारत योजना में शामिल नही है। उनके पास जो सूची आई है उसके अनुसार ही योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के लिए लोगों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है वे योजना के पोर्टल में राशन कार्ड संख्या या मोबाइल संख्या डालने के बाद अपने नाम को सर्च कर सकते है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010-11 की जनगणना के अनुसार एक सूची तैयार की गई थी जिसके अनुसार ही योजना में लाभपात्रों को शामिल किया गया है।
जिला नोडल अधिकारी डा. धर्मेश सैनी

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