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विरासत की झलक में संस्कृति से रुबरु होंगे विद्यार्थी, स्कूलों में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन

चण्डीगढ़।

स्कूली विद्यार्थियों को हरियाणवीं संस्कृति व रीति रिवाजों से रुबरु करवाने के मकसद से राह क्लब की ओर से प्रदेश भर में ब्लॉक स्तर पर विरासत की झलक नामक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। विरासत की झलक में एकल गायन व समूह गायन, एकल नृत्य व समूह नृत्य के अलावा पगड़ी बांध व नाटक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 

यह जानकारी देते हुए राह क्लब के प्रवक्ता ने बताया कि एकल गायन में लडक़े व लड़कियां दोनों वर्ग होंगे, जबकि समूहगान केवल लड़कियों के लिए ही होगा। एकल गायन में रागनी, भजन या अन्य प्रकार के लोकगीत पर प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति देंगे, जबकि समूह गायन में होली के गीत, सावन के गीत, जज्चा, भात, शादी-विवाह, जकड़ी या प्ररम्परागत या नए लोकगीतों को शामिल किया जाएगा। 

नृत्य में तीज नृत्य, होली नृत्य, धमाल नृत्य, फाग नृत्य, मंजीरा नृत्य, लूर नृत्य, गणगौर नृत्य/घूमर नृत्य, खोडिय़ा नृत्य/बोगड़ा नृत्य या अन्य किसी प्रकार के लोक नृत्य को शामिल किया जाएगा। राह क्लब की यह प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। जिसमें पांचवीं कक्षा से लेकर दस कक्षा तक जूनियर वर्ग व कक्षा 11वीं व 12वीं को सीनियर वर्ग में रखा गया है। इस दौरान माहौल को पूर्णरुप से हरियाणवीं बनाने के लिए दर्शक विद्यार्थियों को भी हरियाणवीं परिधान पहन कर आमंत्रित किया जाएगा। दर्शकों से भी एक को बेस्ट ड्रेस/ सर्वश्रेष्ठ परिधान का अवार्ड प्रदान किया जाएगा।

दस मिनट में पूरा करनी होगा नाटक:-
हरियाणवीं बोली के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने या बदलाव का संदेश देने के लिए लघु नाटकों की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें शिक्षा विकास, स्वच्छता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, ग्रामीण विकास, महिला सशक्त्तिकरण जैसे विषयों पर विद्यार्थी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

पगड़ी बांध प्रतियोगिता रहेगी आर्कषण का केन्द्र:-
राह क्लबों की विरासत की झलक नामक इस प्रतियोगिता के दौरान हरियाणवीं पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रतिभागी दूसरे विद्यार्थियों को हरियाणवीं स्टाईल में पगड़ी बाधेंगे। इसके लिए प्रतिभागियों को पांच मिनट का समय दिया जाएगा। पगड़ी बांधने के तरीके, उसके रख-रखाव व उसके तुर्रे के हिसाब से विजेता का फैसला होगा।

हरियाणवीं धरोहर की लगेगी प्रदर्शनी:-
विरासत की झलक में प्रतियोगिता के चयनित स्कूल मेें हरियाणवीं संस्कृति व खेत खलिहान से जुड़ी पुरानी धरोहारों व साजो सम्मान पर भी एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुख्य रुप से रई, बिलौनी, चक्की, खेती के काम आने वाले पुराने औजार, आभूषण, वस्त्र, पुराने सिक्के, पनघट, रहट तथा हरियाणा के परिवहन के साधनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदशर्नी में स्कूल के सभी विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। 




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