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सर्दी के मौसम में गर्म पानी के चक्कर में जानलेवा हो सकता है गैस गीजर का प्रयोग

सस्ते के चक्कर में मांग अधिक, गैस गीजर के प्रयोग से होती है जहरीली गैस उत्पन्न

सतनाली / साक्षी वालिया:

सर्दी की आहट के साथ गर्म पानी से नहानेे का सिलसिला शुरू हो गया है। बाजार में पानी गर्म करने वाली रॉड व गैस गीजर की मांग बढ़ गई है। सर्दियों में जल्द से जल्द गर्म पानी करने के लिए गैस गीजर का प्रयोग भी बढ़ गया है। परंतु गैस गीजर का प्रयोग न केवल शरीर के लिए घातक हो सकता है बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में गैस गीजर के प्रयोग के समय सावधानी बरतने की भी आवश्यकता है।

ध्यान रहे कि बंद बाथरूमों में नहाने के लिए गर्म पानी के इस्तेमाल हेतु जब इन गैस गीजरों का प्रयोग करते है तो इन गैस गीजरों के बर्नर्स से पैदा हो रही आग के कारण ऑक्सीजन की खपत अधिक होती है तथा कार्बन-डाई-आक्साईड की मात्रा बढ़ जाती है। तंग जगह वाले बाथरूम जिनमें ताजी हवा आने जाने के प्रबंध न हो तो वहां जहरीली गैस कार्बन मोनोआक्साइड एक रंगहीन तथा गंदहीन गैस होने के साथ बेहद जहरीली गैस है, जो इंसान के लिए घुटन यहां तक कि मौत का कारण बन सकती है। यह जहरीली गैस खून के अंदर आक्सीजन को पहुंचाने में क्षमता को घटाती है और शरीर के अंदर विभिन्न अंग आक्सीजन की कमी के कारण प्रभावित होते हैं।

दिल तथा दिमाग को जरूरत के अनुसार आक्सीजन न मिलने के कारण व्यक्ति अद्र्व या गहरी बेहोशी में चला जाता है और अगर घबराहट होना, ब्लड प्रेशर कम होना, सांस उखडना व उल्टी आदि लक्षण पैदा होते है और व्यक्ति बेहोश होकर गिर पड़ता है व सांस प्रणाली बंद हो जाने से मौत भी हो सकती है।

वहीं दूसरी ओर जुगाड़ रॉड-कम लागत-मौसम में आए बदलाव के बाद पानी गर्म करने के लिए गैस गीजर व रॉड का प्रयोग सतनाली व आसपास के क्षेत्रों में किया जा रहा है तथा गैस गीजर व राड के कारण अनेक हादसे भी घटित हो चुके है।

सतनाली कस्बे में विभिन्न दुकानों पर बिक रही पानी की टंकी में लगी राड किसी कंपनी या आईएसआई से प्रमाणित नहीं है। इसके बावजूद बाजार में सरेआम बिक रही है। इसके निर्माता कम कीमत लगाकर मुनाफा कमा रहे है। प्रशासन भी इनके खिलाफ कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है। अगर समय रहते प्रशासन इस तरह के बिक रहे उत्पाद पर शिकंजा नहीं कसा तो कोई बड़ा हादसा होते देर नहीं लगेगी।
जुगाड़ से पानी गर्म करने से हो सकता है बड़ा हादसा:-
कस्बा के महेंद्रगढ़ रोड, लोहारू रोड सहित मुख्य बाजार में स्थित गीजर व राड विक्रेताओं ने बताया कि आजकल लोहे व प्लास्टिक की टंकी के उपकरण उपलब्ध हैं। इनसे हादसा होने की संभावना अन्य यंत्रों की अपेक्षा अधिक होती है। जुगाड़ से तैयार रॉड को टंकी में ही फीट कर दिया जाता है। इन रॉड लगी टंकियों की कीमत 1500 से 2000 रूपये तक की है। टंकी लोहे की चद्दर की होने के कारण करंट लगने का भय हमेशा बना रहता है। इसमें हल्की सी लापरवाही व्यक्ति की जान को जोखिम में डाल सकती है।
बंद कमरों में अंगीठियां जलाकर सोना मतलब मौत को दावत देना:-
सर्दियों के दिनों में बंद कमरों के अंदर कोयले वाली अंगीठियां, स्टोप व हीटर आदि का इस्तेमाल न करें। चिकित्सक डा. जितेंद्र चौधरी ने बताया कि ऐसे बाथरूम, जहां वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था नहीं हो और गैस गीजर से पानी गर्म किया जाता हो, वहां ऐसी दिक्कत होने की आशंका ज्यादा रहती है। पानी गर्म करने के दौरान निकलने वाली कार्ब मोनो - ऑक्साइड दम घोंट सकती है और इससे अटैक भी हो सकता है।

वहीं अधिक प्रयोग हैड इंजरी, लंगस में पानी भरने की आंशका, ब्रेन हेम्रेज, बे्रन पैरालाइज जैसी बिमारियों का भय बना रहता है। चिकित्सकों की मानें तो सुविधा के लिए लोग ऐसे संसाधन लगा लेते हैं, लेकिन उसके बारे में पूरी जानकारी लेना जरूरी नहीं समझते। यह पता होना चाहिए कि गैस गीजर क्या होता है इसके इस्तेमाल में क्या सावधानी बरतनी चाहिए। इससे निकलने वाली गैस मीठे जहर की तरह होती है। इससे हल्का हल्का नशा होता है। इसे प्रयोग करते समय कई बार पता नहीं चल पाता कि वह धीरे धीरे होश खो रहा है। गैस गीजर को बंद जगह इस्तेमाल किया जाए तो इसके परिणाम काफी घातक हो सकते हैं। इससे होने वाले खतरे में सबसे ज्यादा ब्रेन की बीमारियां शामिल हैं।
ये बरते सावधानियां:-  चिकित्सकों की मानें तो गैस गीजर बाथरूम में नहीं बल्कि ओपन स्पेस में होना चाहिए। जगह नहीं होने पर बाथरूम में एगजास्ट फैन होना जरूरी है। डोर ओपन होना चाहिए ताकि गैस का घनत्व कम रहे। बाथरूम में नहाने गए पारिवारिक सदस्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। यदि इन सावधानियों पर अमल नहीं किया जाता है तो हमारा जीवन सुरक्षित नहीं है।

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