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मंत्री रामबिलास शर्मा से लेकर सांसद धर्मबीर तक से लगा चुके गुहार नहीं हुआ फिरनी का निर्माण

पंचायत ने चार बार बनाकर भेजा मुख्य फिरनी के निर्माण का एस्टीमेट, फिर भी नहीं हो पाया मुख्य फिरनी का निर्माण पूरा

स्थानीय निवासियों में पंचायत विभाग के प्रति रोष

साक्षी वालिया, सतनाली: 

कस्बे के बस स्टैंड से बाबा भैरव मंदिर होते हुए महेंद्रगढ़ रोड तक जाने वाली गांव की मुख्य फिरनी का निर्माण कार्य पिछले चार वर्ष से अधर में है। ऐसे में मुख्य फिरनी से गुजरने वाले स्थानीय निवासियों व वाहनचालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


पंचायत द्वारा मुख्य फिरनी के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए चार बार 29 लाख 90 हजार के एस्टीमेट बनवाकर पंचायत विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है परंतु इसके बावजूद भी विभाग की ओर से मुख्य फिरनी के अधूरे निर्माण को पूरा करने की मंजूरी पंचायत को नहीं दी गई है जिस कारण स्थानीय निवासियों व वाहनचालकों में पंचायत विभाग के प्रति खासा रोष व्याप्त है। वर्तमान में हालात यह है कि मुख्य फिरनी पर जमा गंदे पानी व गंदगी के कारण यहां से वाहनों व आमजन का आवागमन करीब एक माह से बंद है जिस कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।


पंचायत द्वारा पंचायत फंड से मुख्य फिरनी का रास्ता आवागमन के लिए खोलने के उदेश्य से यहां जेसीबी की मदद से सफाई करवाकर इस पर मिट्टी आदि डलवाकर समतल करने के प्रयास शुरू किए गए है लेकिन बजट के अभाव में मुख्य फिरनी अपनी बदहाली पर आसूं बहा रही है। ध्यान रहे कि दादरी की ओर से आने वाले वाहन सतनाली कस्बे से होकर गुजरने के दौरान परेशानी उठा रहे है क्योंकि वे महेंद्रगढ़ की ओर जाने के लिए
मुख्य रूप से फिरनी के रास्ते को ही प्रयोग में लाते है।

ऐसे में मुख्य फिरनी से रोजाना सैकड़ों वाहनों का आवागमन रहता है। कभी-कभार महेंद्रगढ़ की ओर से आने व जाने वाली रोडवेज बसें भी यहीं से गुजरते हुए बस स्टैंड़ तक पहुंचती है। परंतु वर्तमान में मुख्य फिरनी में कीचड़ व दलदल के साथ गहरे गडड़ों के कारण यहां से वाहनों का आवागमन करीब एक माह से बंद है जिस
कारण स्थानीय निवासी व वाहनचालक भारी परेशानी उठा रहे है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व गांव के बस स्टैंड क्षेत्र से बाबा भैरव मंदिर के पीछे से होकर गांव के बीचोंबीच गुजरने वाली इस मुख्य
फिरनी का निर्माण शुरू करवाया गया था। निर्माण के दौरान अनुसूचित बस्ती के समीप इस फिरनी के निर्माण को अधर में छोड़ दिया गया।


वर्तमान में करीब 200 मीटर की दूरी में फिरनी का निर्माण अधूरा है। इसके निर्माण बारें अनेक बार मांग की जा चुकी है तथा विभाग व शिक्षामंत्री के समक्ष भी अनेक बार गुहार लगाई जा चुकी है। अधूरे निर्माण व गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गांव की गलियों का गंदा पानी आकर इस कच्चे रास्ते के बीचोंबीच जमा हो जाता है। वर्तमान में यहां कीचड़ व गंदे पानी के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। इस गंदे पानी व कीचड़ में मक्खी मच्छर पैदा हो गए है जिस कारण स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। ऐसे में स्थानीय निवासियों में मच्छरों के कारण मलेरिया, डेंगू आदि बिमारियां फैलने का भी भय बना हुआ है।

स्थानीय निवासियों सुंदर गोठवाल, वेदप्रकाश, राजेश कुमार, महेश कुमार, प्रभाती, दिनेश, आदि ने बताया कि द्वारा प्रशासन व विभाग द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण उनकी जीना मुहाल हो गया है तथा वे गंदगी के माहौल में जीवन बीताने को मजबूर है। ऐसा भी नहीं है कि ग्राम पंचायत ने मुख्य फिरनी के निर्माण को पूरा
करवाने के लिए प्रयास न किए हो। पंचायत द्वारा शिक्षामंत्री से लेकर पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व सांसद धर्मबीर सिंह से गुहार लगाई जा चुकी है परंतु बात आश्वासन से आगे नहीं बढ़ पाई। पंचायत ने इसके निर्माण
को लेकर चार बार एस्टीमेट बनवाकर विभाग के पास भी भेजे परंतु विभाग में जाकर ये एस्टीमेट रद्दी की टोकरी में डल जाते है। ऐसे में सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है।

पंचायत का पक्ष:-
वहीं इस बारे मे सरपंच पति होशियार सिंह उर्फ  ढिल्लू से संपर्क किया गया तो मुख्य फिरनी की बदतर हालात का मामला उनके संज्ञान में है। पंचायत द्वारा चार बार इसके अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए करीब 19 लाख 90 हजार का एस्टीमेट बनवाकर भेजा जा चुका है लेकिन मंजूरी न मिलने व पंचायत के पास पर्याप्त बजट न होने से निर्माण पूरा नहीं हो पा उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से शिक्षामंत्री, पंचायत मंत्री व सांसद तक से मिलकर अवगत करवा चुके है।

यहां तक कि वे इसके निर्माण के लिए विभाग के मुख्यालय तक के चक्कर काट चुके है लेकिन मंजूरी नहीं मिल पा रही। पंचायत को मुख्य फिरनी के निर्माण की स्वीकृति व बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। रहा। फिलहाल पंचायत द्वारा एक बार यहां जेसीबी की मदद
से सफाई करवाकर रास्ते को खोलने के प्रयास शुरू किए गए है।

कैप्सन:- मुख्य फिरनी पर जमा दलदल व कीचड़ से बने हाल

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