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भगवतगीता इंसान के मंगलमय जीवन का मार्गदर्शन है: रामानंद यादव

महेन्द्रगढ़ (विनीत पंसारी)

भगवतगीता इंसान के मंगलमय जीवन का मार्गदर्शन है। गीता का ज्ञान केवल यौद्धा अर्जुन के लिए ही नहीं अपितु धरती पर रहने वाले हर मानव जगत के लिए आवश्यक है।



उक्त उद्गार राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ में आयोजित तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव के रंगारंग सांस्कृतिक आगाज के साथ समापन अवसर पर मंगलवार को मुख्यातिथि पूर्व डिप्टी डीईओ रामानंद यादव ने उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। विशेष अतिथि के तौर पर पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह मौजूद रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य राजेन्द्र कौशिक ने की। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने हरियाणा के एतिहासिक पावन स्थल कुरूक्षेत्र में 18 दिनों तक कौरवों व पांडवों के बीच लड़े गए धर्मयुद्ध में पांडव योद्धा अर्जुन ने जब अपने सगे संबंधियों से युद्ध लडऩे से इन्कार कर दिया था तब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन का संदेश देते हुए युद्ध लड़ कर धर्म की रक्षा करने का संदेश दिया था जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण ने कहा कि था मानव शरीर में बसने वाली आत्मा का प्रमात्मा से मिलन है और यह आत्मा कभी नहीं मरती क्योंकि आत्मा तो अजर-अमर है। मनुष्य को अपने कर्म के अनुसार शुद्ध आत्मा के साथ परमपिता परमात्मा का स्मरण करते हुए बिना फल की इच्छा करते हुए शुद्ध एवं शुभ कर्म करते रहना चाहिए।




राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ के प्राचार्य राजेन्द्र कौशिक कहा कि भगवतगीता विश्व के ग्रथों से सर्वोपरि है। हिन्दुस्तान का यह पवित्र ग्रंथ मानव जगत का हर दृष्टिकोण से कल्याण करने वाला ग्रंथ है।  उन्होंने भी विचारों की अभिव्यक्ति में गीता के बारे में कहा कि भगवतगीता विश्व कल्याण का ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि गीता में ज्ञानयोग, भक्तियोग एवं कर्मयोग निहित है जिसमें जीवन को सुखमय तरीके से जीने की कला है। उन्होंने कहा कि जीओ गीता के संग और सीखो जीने का ढ़ंग।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित भाषण, एकल एवं सामुहिम नृत्य, योग कलाओं में प्रस्तुति देने वाले करीब पांच दर्जन छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया।




फोटो कैप्शन-योग नृत्य प्रस्तुत करती माडल संस्कृति स्कूल की छात्राएं
-अतिथियों का बुक्का भेंट कर सम्मान करते हुए प्राचार्य राजेन्द्र कौशिक
-विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि रामानंद यादव

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