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जींद उपचुनाव: पहली बार जींद में 'खिला कमल', BJP के कृष्ण मिड्डा करीब 13 हजार वोट से जीते

लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में जींद उपचुनाव में कांग्रेस का ट्रंप कार्ड नहीं चल पाया. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की हरियाणा में जीत लय बनाने की कोशिश नाकाम रही और इस तरह से रणदीप सुरजेवाला की हार ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है.


नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में जींद उपचुनाव में कांग्रेस का ट्रंप कार्ड नहीं चल पाया. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की हरियाणा में जीत लय बनाने की कोशिश नाकाम रही और इस तरह से रणदीप सुरजेवाला की हार ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जींद विधानसभा सीट के उपचुनाव की गुरुवार को जारी मतगणना में जीत हासिल कर ली है. जींद में जिस तरह से कांग्रेस की तैयारी थी, उसके हिसाब से ऐसा लग रहा था कि रणदीप सुरजेवाला कुछ कमाल करेंगे और हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरेंगे. मगर हरियाणा के जींद में सुरजेवाला वह इतिहास दोहराने में नाकामयाब रहे, जिसकी उम्मीद कांग्रेस पार्टी को थी. 
दरअसल, साल 1972 के बाद कोई जाट समुदाय का प्रत्याशी जींद में चुनाव नहीं जीत पाया है. रणदीप सुरजेवाला की उम्मीदवारी से ऐसा लग रहा था कि जींद का यह रिकॉर्ड टूट जाएगा इस बार, मगर आज भी जाट समुदाय का कोई नेता नहीं जीत पाया और यह रिकॉर्ड कायम रह गया. बता दें कि रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं और जाट समुदाय से ही आते हैं. 



रणदीप सुरजेवाला जींद विधानसभा उपचुनाव में तीसरे नंबर पर रहे. जींद विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल मिड्ढा ने 12248 वोटों से जीत दर्ज की है. जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के दिग्विजय सिंह चौटाला दूसरे नंबर पर रहे. यानी बीजेपी नंबर एक, जेजेपी नंबर दो और कांग्रेस नबंर तीन पार्टी रही. 

पिछले दो चुनावों में इस सीट पर विजेता रही इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) इस बार अपना जमानत भी जब्त होने से नहीं बचा पाई.  इनेलो ने उमेद सिंह को उम्मीदवार के रूप में उतारा था. दो बार के इनेलो विधायक हरि चंद मिड्ढा के निधन के बाद उपचुनाव हुआ है जिनके बेटे कृष्ण मिड्ढा भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे.

उपचुनाव के लिए मतदान 28 जनवरी को हुआ था जिसमें 1.72 लाख मतदाताओं में से लगभग 76 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह चुनाव सभी चार प्रमुख दलों सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और हाल ही में स्थापित जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के लिए एक परीक्षा थी.

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किसे मिले कितने वोट:

इनेलो - 3454
कांग्रेस - 22740
बीजेपी - 50566
जेजेपी - 37631
LSP - 13582
नोटा - 345

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