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जनमंच में आई जन समस्याएं निपटाने में कांगड़ा नंबर वन

धर्मशाला : 



उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि जनमंच में आई लोगों की समस्याओं के निपटारे में कांगड़ा जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है। उन्होंने कहा कि 3 जून 2018 को कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के ‘रे’ में हुए प्रथम जनमंच कार्यक्रम से अब तक जिला में आयोजित 9 जनमंच कार्यक्रमों में समस्याओं के निपटारे का प्रतिशत 90 फीसदी से अधिक है। वे बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। संदीप कुमार ने कहा कि जनमंच कार्यक्रमों में प्राप्त कुल 2967 समस्याओं और मांगों में से 2732 का समाधान किया जा चुका है। इनमें से लोगों से 963 समस्याएं और 2004 विभिन्न मांगें प्राप्त हुई थीं। 963 समस्याओं में से 889 के समाधान के अलावा प्राप्त 2004 मांगों में से 1843 मांगें पूरी की जा चुकी हैं। समस्याओं के निपटारे में जिला प्रशासन का रिकार्ड 92.32 फीसदी और मांगों को पूरा करने में 91.97 फीसदी रिकार्ड के साथ कांगड़ा पूरे प्रदेश में नंबर वन है।


दिखाई जनमंच पर बनाई लघु फिल्म इस मौके जिला प्रशासन द्वारा जनमंच कार्यक्रम से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाने के लिए बनाई गई लघु फिल्म भी दिखाई गई। उपायुक्त ने कहा कि जनमंच लोगों की समस्याओं के समाधान का कारगार माध्यम बना है। फिल्म में लोगों के जनमंच से जुड़े अनुभवों पर बात की गई है। 


जिला में बनेंगे तीन गौ सदन उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन ने जिला में तीन गौ सदन बनाने के लिए शुरूआती औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। डमटाल में मंदिर की 400 से 500 कनाल जमीन पर गौ सदन के निर्माण की प्रकिया जारी है। इसके अलावा जयसिंहपुर के कंगैण में 350 से 400 कनाल भूमि और ज्वालामुखी तहसील की ग्राम पंचायत सुधंगल में 400 से 500 कनाल के रकबे पर गौ सदन बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 


जिला में स्वरोजगार पर जोरसंदीप कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन युवाओं को विभिन्न विभागों की स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है । सरकार ने रोजगार कार्यालयों में स्वरोजगार प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए हैं,  इससे बड़ी संख्या में युवा लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण और स्कूलों में मिल डे मील व्यवस्था की जांच करने के लिए समय-समय पर दौरा कर रहे हैं। वे स्वयं भी कई स्कूलों में जा चुके हैं जहां उन्होंने बच्चों को परोसा गया भोजन ग्रहण किया एवं गुणवत्ता जांचने के अलावा वहां की समस्याओं को जाना और उनका समाधान किया। सभी एसडीएम भी अपने अपने क्षेत्रों में इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। 

संदीप कुमार ने कहा कि जिला में बीते वर्ष मानसून के दौरान हुई भारी बरसात से पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के 72 मामले मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत किए गए हैं।इसके अलावा मनरेगा एवं अन्य योजनाओं की मदद से क्षतिग्रस्त रास्तों, डंगों इत्यादि का निर्माण किया गया ताकि नुकसान को टाला जा सके अथवा कम किया जा सके । 


उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन फोर लेन के कार्य में प्रगति लाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन की ओर से निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन ने सक्रिय हस्तक्षेप से निर्माण को लेकर कई अड़चनों को दूर किया है। उन्होंने कहा कि फोर लेन पर चौराहों को ट्रैफिक लाइट मुक्त बनाने के लिए दिए उनके सुझाव को योजना में शामिल किया गया है। 


इस मौके अतिरिक्त उपायुक्त केके सरोच, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी मुनीष शर्मा और जिला सूचना प्रौद्योमिकी अधिकारी भूपेंद्र पाठक सहित अन्य लोग उपस्थि रहे। 

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