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सामाजिक सोच में परिवर्तन से हुआ लिगांनुपात में सुधार-उपायुक्त पकंज


जिले का लिंगअनुपात बढकर हुआ 918:- डीसी


नूंह 29 जनवरी:

उपायुक्त पकंज कुमार ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के परिणाम स्वरूप जिला नंूह का लिंगानुपात जो वर्ष 2018 में एक हजार लडक़ों पर 918 लड़कियां हो गया। लेकिन हमें इस दिशा में अभी लंबा सफर तय करना है और निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरी मुस्तेदी के साथ कार्य किया तथा जगह जगह पर लिंग जांच करने वालो पर रेड डालकर व अल्ट्रासांउड मशीनों को सील कर लिंग जांच करने वालों पर शिंकजा कसने का कार्य किया जिसके परिणाम स्वरूप लिंगानुपात में सुधार देखने को मिला। 


उन्होने बताया कि भारत की वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों में बालिकाओं के घटते हुए शिशु लिंग अनुपात को मद्देनजर रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का शुभारम्भ हरियाणा के जिला पानीपत से किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लिंग के आधार पर कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बालिकाओं के अस्तित्व व शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना तथा लड़कियों के जन्म के प्रति सकारात्मकता, शिक्षा और पोषण देने के लिए सामाजिक सोच में परिवर्तन लाना है। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में पहले चरण में यह स्कीम हरियाणा के असंतुलित लिंगानुपात वाले 12 जिलों में शुरू की गई तथा धीरे-धीरे इस योजना के तहत सम्पूर्ण हरियाणा प्रदेश को कवर किया गया। जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 0-6 वर्ष आयु वर्ग के 1000 लडक़ों के अनुपात में 830 लड़कियों का आंकड़ा होना पाया गया था, हरियाणा सरकार ने इस ओर सार्थक पहल करते हुए राज्य स्तर पर प्रचार यात्रा का आरंभ किया, जिसमें हर वर्ग के नागरिकों ने शहर तथा गांव स्तर पर यात्रा निकाल कर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में योगदान देने का संकल्प लिया। उप- सिविल सर्जन एवं पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा.आशीष सिंगला ने बताया कि वर्ष 2018 में जिले में एक हजार लडक़ो के पीछे कन्याओं का अनुपात 918 दर्ज हुआ। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान के तहत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, हरियाणा कन्या कोष, आपकी बेटी-हमारी बेटी जैसी अनेको योजनाएं लागू की गई ताकि समाज के लोगों को उनका पूरा लाभ मिल सके और लोग कन्याओं को बोझ न समझे। 

उन्होने बताया कि गांव में अब बेटी के जन्म पर कुआ पूजन गोद भराई जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहें है। ऐसा करने से हर गांव, नगर तथा शहर में बेटी के जन्म पर सकरात्मक विचार एंव रीति रिवाज़ बदलने की शुरुआत की गई। सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से बालिकाओं के कल्याण हेतू और भी बहुत सी योजनाएं चलाई गई, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के लिंग अनुपात में तेजी से सुधार हुआ है। जिला प्रशासन नूह द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मुहिम को शत प्रतिशत सफल बनाने के लिए अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास किए गये इसके लिए जिला में भी निरीक्षण, छापेमार कार्यवाही, क्लीनिक व अल्ट्रासाऊंड मशीनें सील की गईं, जिसके परिणाम स्वरूप लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिला। 

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