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लिंगानुपात सुधार कार्यक्रम में कोताही पर होगी कड़ी कार्यवाही : सोनल

लिंग जांच की सही सूचना देने पर एक लाख रूपये,अवैध गर्भपात की सूचना पर 25 हजार रूपये ईनाम
झज्जर, 22जनवरी।लिंगानुपात व बेटियों की शिक्षा में सुधार के लिए बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान प्रदेश सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। जिला में 

लिंगानुपात को शत-प्रतिशत तक के आंकड़ा प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग आपसी तालमेल को और बेहतर बनाते हुए मिशन मोड में कार्य करें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ

कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नजर आती है तो विभागीय स्तर पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यह निर्देश उपायुक्त सोनल गोयल ने लघु सचिवालय में जिला टास्क फोर्स की बैठक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम के स्टेट कार्डिनेटर डॉ जी एल सिंघल व डॉ प्रवीण भल्ला भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि अभियान की सफलता के लिए काम करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सम्मान दिया जाएगा वहीं इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही पर कड़ा एक्शन भी प्रशासनिक स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जनसरोकार का सांझा प्रयास है जिसमें सभी विभाग टीम वर्क के तौर पर काम करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करें। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले माह अवैध रूप से एमटीपी किट की बिक्री करने वालों पर छापामार कार्यवाही की गई । 

इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि गुप्त सूचना तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। सीएमओ ने बताया कि लिंग जांच की सूचना देने वाले को एक लाख रूपये तथा अवैध गर्भपात की सूचना देने वाले को 25 हजार रूपये ईनाम देने का प्रावधान है। साथ ही सूचना देने वाले का नाम व पहचान भी गुप्त रखा जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि एमटीपी किट की बिक्री के संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार द्वारा जारी नियमावली का दृढता से पालन करने की जरूरत है।

उपायुक्त श्रीमती गोयल ने बैठक में कहा कि इस अभियान को सार्थक मुहिम के रूप में बदलने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग भी इसे जनअभियान बनाए। जिन गांवों में अपेक्षाकृत लिंगानुपात कम है उन पर खास फोकस रखने की जरूरत है। उपायुक्त के निर्देश के हवाले पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी नीना खत्री ने बताया कि जिले में कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों की संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिहाज से विभाग की ओर से पत्र जारी किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि लिंग अनुपात का औसत बीते वर्षों की अपेक्षा काफी सुधरा है, लेकिन अब भी इस दिशा में निरंतर कार्य , मेहनत और जागरूकता की जरूरत है।

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