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रामदीन, रामप्यारी एवं छोटीबाई के घर पहुंचा प्रशासन, परिवार को मिल रहा है शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ


गरीबी रेखा में पहले से शामिल, प्रधानमंत्री आवास का मिल चुका है लाभ, हरसंभव मदद का भरोसा
मण्डला :
कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुजान सिंह रावत के नेतृत्व में आज जिला प्रशासन की टीम मवई विकासखण्ड के ग्राम नुनसरई जाकर रामदीन के परिवार से मुलाकात की। परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं से प्रदान किए गए लाभ की जानकारी ली एवं परिवार के आवश्यकताओं के संबंध में नियमानुसार सहयोग करने का भरोसा दिलाया।

जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत, एसडीएम बिछिया एवं अन्य अधिकारियों ने रामदीन एवं रामप्यारी के दादा रामसिंह एवं दादी बुद्धनबाई से बातचीत के दौरान घर की स्थिति के बारे में पूछा गया। बुद्धन बाई ने बताया कि इन बच्चों के पिता की मृत्यु हो चुकी है और उनकी माँ फुलिया बाई घर छोड़कर चली गई है। बुद्वनबाई के पति रामसिंह की कृषि भूमि तीन अलग-अलग गांवों मंे है। ग्राम पंचायत सारसडोली के अंतर्गत ग्राम बिलगांव में 5 एकड़, ग्राम पंचायत मवई के अंतर्गत रामतिला मंे 1.5 एकड एवं ग्राम पंचायत अमवार के अंतर्गत नुनसरई में 2.5 एकड़ है जिसमें मटर एवं चना बोया गया है। शासकीय योजनाआंे के तहत उन्हें वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल चुका है जिसमें पर्याप्त मात्रा में धान रखी पाई गई। बुद्वनबाई का नाम गरीबी रेखा की सूची में सम्मिलित है। बुद्धनबाई द्वारा अवगत कराया गया कि उन्हें राशन की कोई समस्या नहीं है उनका राशन कार्ड बना हुआ है जिससे उन्हें पर्याप्त राशन मिल जाता है। तबियत खराब होने की स्थिति में बुद्धन बाई घर के काम में बच्चों की सहायता लेती है। 


प्रशासन की ओर से जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत ने बुद्धनबाई के नाती रामप्यारी, रामदीन एवं छोटीबाई को प्रतिदिन आंगनबाडी से पोषण आहार की व्यवस्था करनेे के निर्देश दिये। 9 वर्षीय रामदीन कक्षा तीसरी में, 8 वर्षीय रामप्यारी कक्षा दूसरी में अध्ययनरत है। उन्होंने बुद्धनबाई एवं उनके पति रामसिंह को सामाजिक सुरक्षा पंेशन की सहायता दिलाने के निर्देश दिये हैं। परिवार के पास पर्याप्त कृषि भूमि होने के चलते उन्हें सिंचाई पम्प भी नियमानुसार प्रदान किए जाने का भरोसा दिलाया है। इस संबंध में श्री रावत ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। वस्तुस्थिति जानने पर पता चला कि बुद्धनबाई के पुत्र मंगल सिंह की मौत हो चुकी है। मंगलसिंह के पुत्र सम्हर सिंह की मृत्यु पर शासन के नियमानुसार 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी जिसकी राशि 2 लाख रूपये फिक्स डिपोजिट है तथा शेष राशि सेविंग अकाउंट में है जिससे आवश्यकतानुसार राशि आहरित की जाती है। बुद्धनबाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 2 सदस्यों की पात्रता पर्चीधारी है जिन्हें प्रतिमाह 10 किलो राशन दिया जाता है। वहीं उनके पुत्र मंगल सिंह के परिवार में 3 सदस्य हैं जिन्हें 15 किलो राशन प्राप्त होता है। मंगलसिंह की मृत्यु के बाद उनकी पत्नि फुलिया बाई भी परिवार में शामिल है।
सर्वशिक्षा अभियान की ओर से गणवेश तथा महिला बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों को ट्रैकशूट भी उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा मौके पर मौजूद चिकित्सकीय अमले द्वारा पूरे परिवार का मेडिकल परीक्षण किया गया एवं आवश्यकतानुसार दवाईयाँ भी प्रदान की गई। श्री रावत ने बुद्धनबाई के घर के पास स्थित मुनसरई नाले में स्टॉप डेम बनाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

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