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राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने जारी किया हरियाणा राज्य महिला आयोग का लोगो

स्त्री, सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण के लिए काम कर रहा है महिला आयोग 

भिवानी, 03 जनवरी।


हरियाणा राज्य महिला आयोग स्त्री, सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण के लिए काम कर रहा है और ये चार शब्द आयोग के स्लोगन में हैं, जिसके लिए आयोग काम कर रहा है। महिलाओं की शिकायतों का निपटारा करने के लिए जनवरी 2017 से अब तक कुल 15 संयुक्त बैचों का आयोजन किया जा चुका है। जिला व पुलिस प्रशासन के सहयोग से शिकायतों को संबंधित जिले में एक अथवा दो दिन की बैंच लगाकर निपटारा किया जाता है। 


ये जानकारी हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन व अन्य सदस्यों ने राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को चंडीगढ़ में वर्ष 2017-18 के दौरान आयोग की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए दी। इस दौरान राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने आयोग का लोगो भी जारी किया। लोगो में स्त्री, सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण मुख्यरूप से अंकित हैं। आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लोगो का पूरा आकार हरियाणा राज्य के कृषि प्रकृति का चित्रण करते हुए चौतरफा विकास का प्रतीक है। ऊपरी हिस्से पर अंकित कमल का फूल यह संदेश देता है कि पीडि़त के लिए अपमानजनक व नकारात्मक विचारों को त्याग कर उसके प्रति आदर व सम्मान का भाव रखें। कमल शक्ति की देवी का भी प्रतीक है। आंतरिक डिजाईन का बैंगनी रंग महिला लिगांनुपात को दर्शाता है, जिसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पालन किया जा रहा है। 




महिला आयोग की अध्यक्ष व पदाधिकारियों ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को बताया कि आयोग की एक वेबसाईट भी है, जिस पर पीडिज़ अपनी शिकायत भेज सकते है। इसी प्रकार से आयोग द्वारा एनआरआई सैल का भी गठन किया गया है, जो पिछले दो महिने से पूरी तरह से सक्रिय है। इस सैल के माध्यम से केंद्रीय विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय महिला आयोग, केंद्रीय सतर्कता ब्यूरो के अलावा एनआरआई दुल्हों-दुल्हनों व उनके परिवारों से लगभग 50 शिकायतें मिल चुकी है। शिकायतों के निवारण के लिए आयोग के पास विशेषज्ञों की टीम है। इसके साथ ही दुतावासों, वाणिज्य दुतावासों, केंद्रीय मंत्रालयों व विभिन्न आयोगों के साथ महिला आयोग का तालमेल है ताकि महिलाओं से संबंधित आने वाली शिकायतों का तत्परता से निवारण किया जा सकें। 

पुलिस स्टेशनों में इस प्रकार के मामलों के निपटान की कार्यवाही की समीक्षा के लिए भी पर्यवेक्षकों की विशेष टीम बनाई गई है। आयोग द्वारा महिला पुलिस थानों एवं केंद्रीय व जिला कारागारों में महिला पुलिस व महिला बंदियों की रहन-सहन और कामकाज की स्थिती की जांच की जाती है। आयोग द्वारा ऑनर किलिंग व अन्य महिला अपराधों की शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई की जाती है। इसी तरह से जिला मुख्यालयों पर बनाए गए वन स्टाप सैंटर के कार्यों की समीक्षा भी की जाती है, जंहा पर पीडि़त महिलाओं को सहायता मुहैया करवाई जाती है। इस दौरान आयोग की उपाध्यक्ष प्रीति भारद्वाज, सदस्य नम्रता गौड़ व सुमन बेदी मौजूद थी। 

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