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अरावली को उजाड़ना चाहती है हरियाणा सरकार,सेव अरावली संस्था ने किया सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

Faridabad:
पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट PLPA में संशोधन बिल लाने की तैयारी में जुटी सरकार के फैसले का विरोध सामाजिक संस्था सेव फरीदाबाद और सामाजिक संगठनों ने शुरू कर दिया है।

रविवार को शहर की कई सामाजिक सं‌स्थाओं ने अनखीर चौक पर काली पट्टी बांध कर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सबकी मांग थी कि सरकार पीएलपीए में संशोधन बिल को वापस ले और ‌अरावली संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाए। 
अनखीर चौक पर प्रदर्शन कर रहे सामाजिक संगठनों की अगुुवाई कर रही सेव फरीदाबाद टीम के सदस्य पवन भारद्वाज शून्य ने बताया कि मनोहरलाल सरकार पीएलपीए में संशोधन करने जा रही है। संशोधन होने से अरावली संरिक्षत वन क्षेत्र का बड़ा इलाका संरक्षण से बाहर हो जाएगा। सरकार इस बिल को जनहित में बता रही है। यह एक्ट ब्रिटिश राज में ़100 साल पहले बना‌या गया था ताकि वन क्षेत्र समाप्त न हो सके।
पिछली सरकारों ने अरावली में खनन की अनुमति देकर पहली गलती की थी, इसका दुष्परिणाम बड़खल झील के सूूखने के रूप में सामने आया। दूसरी गलती मनोहरलाल सरकार करने जा रही है पीएलपीए में संशोधन कर फरीदाबाद में आधी से ज्यादा अरावली में कं‌क्रीट जंगल खड़ा जाएगा।
वीर प्रताप शर्मा ने बताया कि देश में हरियाणा में सबसे कम मात्र 3.5 प्रतिशत ही हरियाली है। एक रिपोर्ट के अनुसार अरावली में एक हेक्टेयर जमीन में प्र‌ति वर्ष 25 लाख लीटर भूजल रिचार्ज होता है।
विष्णु गोयल का आरोप है कि एक्ट में संशोधन का कारण यह है कि अरावली बेनामी संप‌‌त्ति और काले धन के ‌निवेेश का गढ़ बन चुुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने जिस पीएलपीए का हवाला देकर अरावली के जिन निर्माण को अवैैध घोषित किया था, सरकार यह बिल लाकर उनको वैैध घाेषित करने जा रही है।
रेनू खट्टर ने बताया कि फरीदाबाद विश्व का सर्वाधिक प्रदूषित शहर है जहां पेड़ लगाकर और हरियाली बचाने का प्रयास करना चाहिए वहां सरकार हरियाली को खत्म करने का बिल ला रही है।
धीरज राणा ने बताया कि अरावली में हो रहे अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई रुकवाने के लिए पर्यावरण प्रेमियों के पास पीएलपीए का हथियार था इसमें संशोधन होने के बाद यह अधिकार भी छिन जाएगा। यह बिल जन ‌विरोधी और पर्यावरण विरोधी है।
पर्यावरण मंत्री शहर के ही हैं बावजूद इसके पर्यावरण संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे। यदि सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो सेव फरीदाबाद सहित शहर की अन्य सामाजिक संस्थाएं इसे रुकवाने के लिए हाईकोर्ट जाएंगी।
प्रदर्शन मेें अवतार गौड़, अमित भारद्वाज, दीपक मिश्रा, राजेेश शर्मा, अनिल चेची, हेमंत दुबे, भानू चौधरी, सतेंद्र दुग्गल, चंद्रपाल सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे !

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