Recents in Beach

header ads

अगर युद्ध हुआ तो इन बमों और विस्फोटकों का इस्तेमाल कर सकती हैं इंडियन आर्मी

New Delhi

आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने भारतीय सेना के जवानों पर IED से हमला किया. इस हमले में भारतीय सेना के 42 जवान शहीद हुए. इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाही शुरू कर दी. ताजा जानकारी के हिसाब से पुलवामा अटैक का मास्टरमाइंड और जैश ए मोहम्मद का कमांडर कामरान उर्फ गाज़ी और एक स्थानीय आतंकी हिलाल अहमद ढेर हो गया है. वहीं एक अन्य आतंकी अब भी वहां छिपा हुआ है. इस एनकाउंटर में राष्ट्रीय राइफल्स के एक मेजर समेत 4 जवान भी शहीद हुए हैं. युद्ध हो चाहे आतंकी हमले, कुछ खास किस्म के विस्फोटकों और बमों का इस्तेमाल किया जाता है. कौन से हैं विस्फोटक और बम?
IED यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस. यह एक तरह के बम होते हैं जो मिलिट्री के बमों से अलग तरीके से बनाए जाते हैं. इन्हें सड़क के किनारे लगाए जाने वाले बमों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इन बमों को बहुत कामचलाऊ तरीके से बनाया जाता है. इसीलिए इनमें घातक, विषैले, पटाखे बनाने वाले और आग लगाने वाले केमिकल शामिल होते हैं. इन्हें इस तरह से बनाया जाता है कि इसपर पांव पड़ने या गाड़ी का पहिया पड़ने से ही ये फट जाते हैं. इनका इस्तेमाल विरोधियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए किया जाता है.

डायनामाइट: डायनामाइट एक किस्म का विस्फोटक है जो नाइट्रोग्लिसरीन, सोर्बेंट (जैसे पीसे हुए कारतूस के टुकड़े या मिट्टी) और स्टेबलाइजर से बनता है. इसका आविष्कार स्वीडेन के महान रसायन वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने किया था. अब इसका प्रयोग सुरंग खोदने, पहाड़ तोड़ने और इमारतें गिराने के लिए किया जाता है.
TNT: विस्फोट के लिए प्रयोग किया जाने वाला सबसे आम रसायन है ट्राईनाइट्रोटॉलुइन या TNT. फिल्मों और वीडियोगेम वगैरह में युद्ध के दौरान इसका प्रयोग बहुत दिखाया जाता है. यह पीले रंग का एक ठोस रसायन है जिसे एक डाई के रूप में 1863 में बनाया गया था. लेकिन यह सामान्य अवस्था में विस्फोटक नहीं होता है. लेकिन यदि इसे पिघलाकर एक सांचे में भरकर एक डेटोनेटर की मदद से तेज प्रेशर लगाया जाए तो यह एक भयानक विस्फोटक साबित हो सकता है. लेकिन चूंकि ये सामान्य अवस्था में विस्फोटक नहीं है, इसीलिए इसे एक सुरक्षित विस्फोटक माना जाता है.
RDX: यह एक नाइट्रोजन विस्फोटक है. इसका मतलब यह है कि इसकी विस्फोटक प्रवृत्ति नाइट्रोजन के अणुओं के आपस में रिएक्शन करने की वजह से होती हैं. RDX को दूसरे विस्फोटकों के साथ मिलाकर अलग-अलग तरीकों से प्रयोग किया जाता है. बहुत सी आतंकी गतिविधियों में भारी मात्रा में RDX बरामद किया गया है.
PETN: दुनिया के सबसे खतरनाक विस्फोटकों में से एक है PETN जो TNT और डायनामाइट की ही तरह नाइट्रोजन से बनता है. लेकिन इसमें नाइट्रोजन के समूह अधिक होने की वजह से यह अधिक घातक है. इसको TNT और RDX के साथ ही इस्तेमाल किया जाता है. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसका भारी मात्रा में प्रयोग किया था.
बंकर-बस्टर (MOP): जैसा कि इसके नाम से साफ है, यह एक रसायन या विस्फोटक नहीं, बल्कि बना हुआ बम है. इस बम का प्रयोग आर्मी के पूरे दस्तों और बंकरों को तबाह करने के लिए किया जाता है. यह एक गैर-परमाणु बम है. इसका पूरा नाम मैसिव ऑर्डिनेंस पेनेट्रेटर यानी MOP है. इसका वजह 15 हजार किलो होता है और औसत लंबाई 20 फुट से ज्यादा होती है. इस बम की सबसे खास और खतरनाक बात यह है कि यह 60 फुट की कंक्रीट की दीवार को तोड़ सकता है और 250 फुट गहरे बंकरों को नष्ट कर सकता है.
जीबीयू-28 हार्ड टारगेट पेनेट्रेटर: ये भी बहुत विशालकाय बम होते हैं जिनका वजह 300 किलो से ज्यादा होता है. ये भी बंकर-बस्टर कहे जाते हैं क्योंकि इनका काम भी गहराई तक कंक्रीट की इमारतों को नष्ट करना होता है. ये बन 6 मीटर मोटी कंक्रीट की दीवार में सुराख कर सकते हैं.
स्पाइस बम: इजराइल में बना यह भारत का सबसे खतरनाक और ताकतवर नॉन-एटॉमिक बम है. SPICE यानी स्मार्ट प्रिसाइस इम्पैक्ट एंड कॉस्ट इफेक्टिव है. यह बम 900 किलो का है.
मदर ऑफ ऑल बम (GBU-43/B): यह एक बहुत खतरनाक बम है को 30 फुट से अधिक लम्बा और करीब 10 हजार किलो का है.

Post a Comment

0 Comments