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क्या 2019 में राहुल गाँधी प्रधान मन्त्री पद तक पहुँच पाएंगे?:पंडित दयानद शास्त्री



 ज्योतिष विश्लेषण...

क्या 2019 में राहुल गाँधी प्रधान मन्त्री पद तक पहुँच पाएंगे?

इस सन्दर्भ में राहुल गाँधी जो इस समय इंडियन नैशनल कांग्रेस के प्रधान पद पर आसीन है की कुंडली का अध्यन करने पर कुछ तथ्य उजागर होते है।

वर्ष  2019  में लोकसभा चुनावों की तिथिओं का ऎलान होने के साथ चुनावी सरगर्मिओं में तेजी आ गई है। 19 जून 1970 को राहुल गाँधी का जन्म दिल्ली में 5:50  सुबह  का लिया गया है मगर कई जगहे 18 जून 1970 भी कुंडलिओं का विश्लेषण किया गया है। यहाँ पर इसी लिए चन्द्र कुण्डली से भी विचार किया गया है।

इस कुण्डली का विश्लेषण किया जाए तो राहुल गाँधी को यूथ कांग्रेस की प्रधानगी का पदभार 25 सितम्बर 2007 को मिला था। उस समय चन्द्र में चन्द्र की दशा चल रही थी। 

चन्द्र नीच राशि में बैठा होने से पूर्ण फल ना दे सका अड़चनों से ज्यादा वास्ता रहा।

16 दिसंबर 2017 को राहुल गांधी ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रेजिडेंट का पद भार सम्भाला।  इस समय मंगल में राहु का अंतर और शनि का प्रत्यंतर चल रहा था।  मंगल छटे भाव( रोग और शत्रु भाव ) का स्वामी है और शनि नीच राशि का होने से परेशानी बढ़ती ही जा रहीं है।

लग्न का स्वामी बुध 12 वे स्थान पर बैठा है।  बुध ग्रह बुद्धि पर और वाणी पर प्रभाव रखता है और बुध 12 वे स्थान में लालकिताब के अनुसार नीच का माना जाता है , इस लिए वाणी और बुद्धि पर अच्छा असर नहीं मिलता। दशम भाव प्रोफेशन के बारे में बताता है जो पांचवे स्थान पर बैठा पूर्ण फलदायक नहीं होता। 2 रे भाव में शुक्र 9 अंश का होने से पूर्ण फल नहीं दे रहा। सूर्य और मंगल सप्तम पर पूर्ण दृस्टि डाल रहे है जो विवाह में बाधक है। इन परस्थितिओं में अच्छा राजनेता बनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गोचर में राहु 7 मार्च 2019 से इस कुण्डली में लग्न में बैठा होने से सेहत को नुकसान देगा। साढेसाती भी चल रही है जो मार्च 2020 को ख़त्म होगी।

गुरु ग्रह गोचर में 30 मार्च 2019 से 22 अप्रैल 2019 तक धनु राशि में होने से कुछ आराम मिलेगा। मगर गुरु 22 अप्रैल 2019 से पुन: वृश्चिक राशि   करेगा और 5 नवम्बर 2019 तक तक यहीं पर रहेगा। जब गुरु चन्द्र पर आते हैं तो फल अच्छे नहीं मिलते।

स्टेलर ऑक्यूपेशनल इफेक्ट्स ऑफ़ जुपिटर Stellar Occupational Effects Of Jupiter में इसके बुरे फल बताये गए है इस में वर्णन है : When Jupier moves on Moon then there will be the ill effects on the native like fear, sorrows, disappointments, various illnesses, unwanted anxiety, all round difficulities.

अगर इस को ठीक करने के उपाय किये जाये तो बुरे प्रभाव खत्म किये जा सकते है।  इसके लिए हवन , पाठ पुजा करने से काफी सुधार हो सकता है।

निष्कर्ष में कहा जा सकता है की 2019 में श्री राहुल गाँधी का प्रधान मंत्री बनना मुश्किल प्रतीत होता है।  मगर प्रधान मन्त्री बनाने में अहम् भूमिका अदा कर सकते हैं ।

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