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इन रत्नों को भूलकर भी एक साथ नहीं पहनना चाहिए...

जानिए क्यों नही पहनने चाहिए 2 या 2 से अधिक रत्न एक साथ...


भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में किसी भी ग्रह के अशुभ प्रभाव को खत्म करने और शुभ ग्रहों के प्रभाव को बढ़ाने के लिए रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। रत्नों के रंग के जरिये जिस तत्व की कमी होती है, उसकी रश्मियां शरीर को मिलती हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ जाता है।

पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि कुछ लोग कई ज्योतिषियों की सलाह लेते हैं और हर किसी के बताए रत्न धारण कर लेते हैं ।इससे उन्हें लाभ की जगह नुकसान होने लगता है क्योंकि हर रत्न किसी रत्न विशेष के साथ लाभ देता है।

पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार शत्रु ग्रहों को रत्न एक साथ पहनने पर शारीरिक, मानसिक या आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। इतना ही नहीं उसके स्वभाव और व्यवहार में भी बदलाव होने लगता है। जानते हैं किस रत्न को अन्य रत्नों के साथ नहीं पहनना चाहिए।

इन रत्नों को भूलकर भी एक साथ नहीं पहनना चाहिए...

शुरुआत सूर्य से करते हैं, जिसका रत्न माणिक्य है। इस रत्न के साथ शुक्र, शनि, राहु और केतु के रत्न यानी हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया नहीं पहनना चाहिए। यह सभी रत्न यदि मिल जाए तो ग्रहों के बीच शत्रुता को जन्म दे सकते हैं जो कि जातक का कोई बड़ा नुकसान करा सकता है

चंद्रमा का रत्न मोती है। इसके साथ हीरा, पन्ना, नीलम, गोमेद या लहसुनिया पहन लेने से नींद की कमी, मन का उचटना, कामकाज में मन नहीं लगना और तनाव की समस्या हो सकती है। मोती के साथ गोमेद या लहसुनिया पहन लेने से मोती अपना काम करना बंद कर देता है। गोमेद और लहसुनिया राहु केतु के रत्न हैं जो मोती के साथ विपरीत असर डालते हैं।

मंगल का रत्न मूंगा है। इसके शत्रु ग्रह बुध, शुक्र, राहु, शनि और केतु के रत्न यानी पन्ना, हीरा, गोमेद, नीलम और लहसुनिया नहीं पहनना चाहिए। ऐसा करने से गुस्सा बढ़ता है।

बुध का रत्न पन्ना है। इसके साथ गुरु, मंगल और चंद्रमा के रत्न यानी पुखराज, मूंगा और मोती पहनने से बचना चाहिए। इसके साथ पहन लेने से धन हानि हो सकती है।

बृहस्पति के रत्न पुखराज के साथ हीरा, पन्ना, नीलम और गोमेद नहीं पहनना चाहिए। गुरु और शुक्र परम शत्रु हैं इसलिए हीरा और पुखराज कभी भी एक हाथ में न पहनें।

शुक्र के रत्न हीरा के साथ सूर्य, चंद्र, मंगल और गुरु के रत्न यानी माणिक्य, मोती, मूंगा और पुखराज पहनने से धन हानि होने लगती है। हीरा के साथ पुखराज किसी भी स्थिति में धारण नहीं करना चाहिए।

शनि के रत्न नीलम के साथ सूर्य, मंगल, चंद्र और गुरु यानी माणिक्य, मूंगा, मोती और पुखराज नहीं पहनना चाहिए। ऐसा करने पर सेहत खराब हो सकती है। दुर्घटना के भी योग बन सकते हैं।

राहु के रत्न गोमेद के साथ माणिक्य, मूंगा, मोती और पुखराज नहीं पहनना चाहिए। इनमें से कोई भी रत्न गोमेद के साथ पहनने पर निर्णय लेने में परेशानी होती है। भ्रम की स्थिति बनी रहती है।

राहु की तरह ही केतु के रत्न लहसुनिया के साथ भी माणिक्य, मूंगा, पुखराज और मोती नहीं पहनना चाहिए। इन रत्नों को लहसुनिया के साथ पहनेंगे तो काम बिगड़ने लगेंगे। चिड़चिड़ापन रहेगा। इसलिए यदि रत्नों के बेहतर परिणाम चाहते हैं, तो दो शत्रु ग्रहों के रत्न एक साथ नहीं पहनें।

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