Recents in Beach

header ads

केंद्र में जाट आरक्षण व् गुड़गांव कैनाल से यमुना जल की मांग को लेकर शीघ्र ही आंदोलन की चेतावनी

Report by Ajay Kumar Vidyarthi




भरतपुर : लोक सभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद ही सोमबार को राजस्थान के भरतपुर में जाट व् किसान नेताओं ने पानी,आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दे दी है और कांग्रेस व् भाजपा पर झूठ बोलकर सत्ता हथियाने का आरोप लगाते हुए लोक सभा चुनावों में सबक सिखाने की चेतावनी दे दी है |
भरतपुर धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक व् किसान नेता नेम सिंह फौजदार ने कहा की प्रदेश में 33 जिले है और भरतपुर धौलपुर दो जिलों को छोड़कर अन्य सभी 31 जिलों के जाटों को केंद्र में ओबीसी में आरक्षण का लाभ मिला हुआ है जबकि भरतपुर धौलपुर के जाट समाज को सर्वे के बाद 2017 में प्रदेश में ओबीसी में आरक्षण दिया था लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार दोनों जिलों के जाटों को केंद्र में आरक्षण देने के लिए चिट्टी नहीं लिख रही है जबकि चुनावों में सरकार ने वायदा किया था |

उन्होंने कहा की जिले में उधोग धंधा नहीं होने से यहाँ के लोग सिर्फ खेती पर निर्भर है लेकिन वरसात नहीं होने व् अन्य जगहों से पानी की उपलब्धता नहीं होने से यहाँ के किसान कृषि करने में भी विफल सवित हो रहे है जिससे यहाँ के किसानों में भुखमरी का आलम है | यहाँ के किसान विगत 25 वर्षों से हरियाणा से गुड़गांव कैनाल के जरिये यमुना जल की मांग कर रहे है जो किसी भी सरकार ने पूरी नहीं की जबकि 1994 में दिल्ली,हिमाचल प्रदेश,राजस्थान,उत्तर प्रदेश,हरियाणा सरकारों के मध्य गुणगाँव कैनाल द्वारा यमुना जल का वितरण करने का समझौता हुआ था जो आज तक पूरा नहीं किया जा सका है |

कांग्रेस ने किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ़ी करने का वायदा करके सत्ता हांसिल की मगर सत्ता में आते ही सरकार किसानों को भूल गयी और आज तक किसानों का कर्ज माफ़ नहीं किया जा सका है |
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा की जाट समाज व् किसान शीघ्र ही पैदल मार्च कर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू करेंगे और फिर तिथि तय कर आंदोलन की घोषणा की जाएगी जिससे दोनों ही पार्टियों को सबक सिखाया जा सके |

भरतपुर व् धौलपुर जिलों के जाटों को केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज कई वर्षों से मांग कर रहा है जबकि पिछली भाजपा सरकार में सर्वे के बाद राज्य में दोनों जिलों के जाटों को ओबीसी में आरक्षण दे दिया था लेकिन घोषणा के बाद भी राज्य की कांग्रेस सरकार ने जाटों को केंद्र में आरक्षण देने के लिए चिट्टी नहीं लिखी है | प्रदेश के 33 जिलों में भरतपुर धौलपुर को छोड़कर सभी 31 जिले के जाटों को केंद्र में आरक्षण वंचित है जो अन्याय है |

जिले के किसान विगत 25 वर्षों से हरियाणा से गुड़गांव कैनाल देवरा यमुना जल की मांग के लिए आंदोलनरत है और भाजपा सरकार ने नहीं दिया साथ ही प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भी इस पानी की उपलब्धता के लिए किसानों के साथ वायदा किया था लेकिन पूरा नहीं हो सका | जाट समाज व् किसान मिलकर तिथि तय कर पैदल मार्च कर जागरूकता अभियान चलाएंगे और फिर आंदोलन करेंगे जिससे दोनों ही पार्टियों को लोक सभा चुनावों में सबक सिखाया जा सके |

Post a Comment

0 Comments