Recents in Beach

header ads

"एक शाम युवा शक्ति के नाम" हरियाणवी सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन किया गया

महेन्द्रगढ़ : प्रमोद बेवल

हरियाणा कला परिषद गुरुग्राम मंडल एवं युवा क्लब महेंद्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार देर सायं स्थानीय रामलीला परिषद् के प्रांगण में  "एक शाम युवा शक्ति के नाम" हरियाणवी सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन किया गया।
सांस्कृतिक संध्या में एक ओर जहां लोक गायकी का जादू चला वहीं हरियाणवी फाग, घूमर जैसे सामूहिक नृत्योंने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट-पाली के कुलपति प्रो.आरसी कुहाड़ ने मुख्य अतिथि थे जबकि हरियाणा कला परिषद के निदेशक अनिल कौशिक और गुरुग्राम मंडल के निदेशक महेश जोशी विशिष्ट अतिथि थे । मंच का संचालन रामनिवास शर्मा हांसी ने किया ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय युवा उत्सव की गोल्ड मेडलिस्ट हिसार से पधारी कुमारी मोनिका ने हरियाणवी बोली में पहली बार मां सरस्वती की वंदना कर हरियाणवी संस्कृति को नमन किया। उन्होंने महिलाओं की स्थिति पर एक सुंदर हरियाणवी लोकगीत भी प्रस्तुत किया ।
गुरुग्राम के जावेद एवं उनके दल द्वारा प्रांरभ में "मेरे पाछे-पाछे आवण का भला कौण सा मतलब तेरा सै, मैने के बुझै भाभी तनै सब बाता का बेरा सै ।" युगल नृत्य के साथ अपनी सुंदर प्रस्तुति दी। इसी ग्रुप के कलाकरों ने फागण और घूमर सामूहिक नृत्यों पर जमकर अपनी कला के रंग बिखेरे। लड़के एवं लड़कियों द्वारा प्रस्तुत इन सामूहिक हरियाणवीं नृत्यों ने सबके मन को मोह लिया ।
राष्ट्रीय रागनी गायक महिपाल सिंह द्वारा लीलो चमन के किस्से से ली गई रागनी "चमन ने चिट्ठी खोली, चिट्ठी में लीलो बोली पिया जल्दी आ" रागनी के माध्यम से अपने मधुरकंठ का जादू बिखेरा वहीं "घरां तै न जावै चाहे भैस न चरावे" लोकप्रिय रागनी की अपनी प्रतिभा के जोहर दिखाए।

कर्ण सैनी ने "पाणी आली पानी पिया दे, क्यों अनमोल खड़ी, के कुएं का नीर सपडग्या ठाके ढौल खड़ी होगी" रागनी से लोकगीत का रसास्वादन दर्शकों को करवाया। अनेक हरियाणवी गीतों की लोकप्रियता के साथ अपना नाम कमाने वाले जगबीर राठी के मंच संभालते ही दर्शकों में उत्साह छा गया। राठी ने अपने लोकप्रिय गीत "बोल तेरे मीठे-मीठे, बात तेरी साची लागे" गीत गाकर समा बांध दिया। इसके उपरांत उन्होंने एक के बाद एक सुंदर रागनियों, चुटकलों के साथ "मेरा रंग दे बंसती चोला" गाकर माहोल को देशभक्तिमय बना दिया।
स्थानीय कलाकार ईशा यादव ने भी सुंदर हरियाणवी लोकगीत की प्रस्तुति दी।

मुख्य अतिथि प्रो. कुहाड़ ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी में संस्कारों को बनाए रखने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हमारी संस्कृति और सभ्यता को बनाए रखने में अहम भूमिका अदा करते हैं । उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर को उपर उठाने के लिए हम सभी को प्रयास करना होगा । युवा क्लब के प्रधान अमित मिश्रा ने सभी का अभिवादन करते हुए संस्कारो को जीवित रखने की अपील की ।
हरियाणा कला परिषद के निदेशक कौशिक ने कहा कि हम सबको यह प्रयास करना चााहिए कि युवाओं पाश्चात्य सभ्यता से दूर कर उनमें संस्कार पैदा करें ।

मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा सभी कलाकारों को युवा मंडल महेंद्रगढ़ की ओर से पुरस्कृत किया गया। गुरुग्राम मंडल के निदेशक महेश जोशी ने सभी का आभार जताते हुए इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर करवाए जाने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर दिनकर बोहरा, सुधीर दीवान, विश्वनाथ मिश्रा, जयप्रकाश मिश्रा, सुरेश मक्कड, शैलेन्द्र सिंह एडवोकेट, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता मंजू कौशिक, मुकेश मेहता, सत्यकाम कानोडिया, साहिल भालोठिया, मास्टर बिजेंद्र सिंह, सुरेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे ।



Post a Comment

0 Comments