दक्षिण हरियाणा में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरण,पूर्व मंत्री डाॅ. एमएल रंगा ने भाजपा छोड़ी


पूर्व मंत्री जगदीश यादव ने किया भाजपा का समर्थन

बावल 84 के बदलते सियासी मूड ने दिखाया नया रंग


धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी।

दक्षिण हरियाणा में 17 वीं लोकसभा के आम चुनाव
की प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले ही राजनीतिक धमाके होने शुरू हो गए हैं।
जहां रविवार को जाटुसाना विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक एवं हरियाणा
विकास पार्टी में वन मंत्री रहे जगदीश यादव ने भाजपा का सहयोग देने की
घोषणा करते हुए अपने पैट्रोल पंप पर अपने समर्थकों की एक बैठक बुलाकर
यहां तक कह दिया कि उनके पास दो टिकटें हैं, इसलिए इनमें से उन्हें फैसला
करना था कि किधर जाना है। उनका सीधा इशारा कांग्रेस और भाजपा की ओर था।
पूर्व मंत्री जगदीश यादव ने कहा कि हम देश हित में भाजपा का सहयोग करने
का निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने गुरूग्राम लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी
राव इंद्रजीत सिंह से किसी तरह का विरोध नहीं होने तथा उनका मौजूदा कोसली
विधानसभा क्षेत्र रोहतक लोकसभा क्षेत्र में होने की वजह से भाजपा
प्रत्याशी डाॅ. अरविन्द शर्मा को समर्थन देने की बात कही। उधर पूर्व
मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चैटाला की इनेलो सरकार में शिक्षा मंत्री रहे और
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. एमएल रंगा ने बावल 84 की
महापंचायत के बाद भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बावल
विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं शिक्षा मंत्री रहे डाॅ. रंगा का यह कदम
भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह और भाजपा के लिए करारा झटका माना जा
रहा है। उधर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी कैप्टन अजय
सिंह के खेमे में पूर्व विधायक शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व विधायक रामेश्वर
दयाल के आने के बाद बावल विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक












































समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। चूंकि बावल विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति
के लिए सुरक्षित सीट है और गांव मोहनपुर की बेटी भी इसी समाज से संबंध
रखती है। ऐसी स्थिति में अगर भाजपा से अनुसूचित वोटर छिटकता है तो इसका
असर उनके विजय रथ पर जरूर पड़ेगा। बावल विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री
डाॅ. एमएल रंगा की अच्छी खासी पकड़ है। फिलहाल डाॅ. रंगा का झुकाव
कांग्रेस की ओर नजर नहीं आया मगर उनकी ओर से लोकसभा आम चुनाव में किसका
समर्थन किया जाए, इस संबंध में अपने समर्थकों के साथ बैठक बुलाने की
औपचारिकता आने वाले समय में निभाई जा सकती है। फिलहाल उनका जुड़ाव किस
राजनीतिक पार्टी के साथ होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा !


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