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कई बार शारीरिक दर्द का कारण मनोवैज्ञानिक होता है:प्रो. आर सी कुहाड़

महेन्द्रगढ़: प्रमोद बेवल

आज के तनावयुक्त परिवेश में मनोविज्ञान की सार्थकता, महत्ता एवं प्रासंगिकता बढ़ गयी है । मानसिक तनाव के कई प्रारूप हो गए हैं तथा उनसे उन्मूलन की कई विधियां भी उपलब्ध हैं । इसी प्रसंग में तनाव उन्मूलानार्थ हेतु हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने साईकोथेरेपीज पर व्याख्यान का आयोजन किया ।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर सी कुहाड़ का अभिप्रेरण एवं आंतरिक मनोबलवृद्धि, इस प्रकार के छात्रोपयोगी कार्यक्रम के आयोजनों में हमेशा साथ रहती है। इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के मनोविज्ञान विभाग के सह-आचार्य डा. हरदीप लाल जोशी ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। व्याख्यान के दौरान डा. जोशी ने व्यावहारिक बिन्दुओं पर परिचर्चा कर साईकोथेरेपीज की महत्ता पर विशेष ध्यान दिया। छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि मानसिक अवसाद की जड़ दूसरों से की गयी विसंगत तुलना है। अपने संबल को पहचानिए और उसी के अनुसार अपने जीवन लक्ष्यों का निर्धारण कीजिए। लक्ष्य एवं सामर्थ्य की विसंगति मनोवैज्ञानिक तनाव का विशेष कारण बनती है। डा. जोशी ने विशेष अनुसंधानों का हवाला देते हुए कहा कि कई बार शारीरिक दर्द का कारण मनोवैज्ञानिक होता है और ऐसी स्थिति में यदि मनोचिकित्सा विशेषज्ञ के निरीक्षण में की जाए तो सिर्फ बातें ही दवाई का काम कर सकती हैं।  उन्होंने छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी सहजता से दिए ।

कार्यक्रम में उपस्थित, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, प्रो. संजीव कुमार ने उच्च शिक्षा के दौरान होने वाली मानसिक समस्याओं के उन्मूलन हेतु प्रासंगिक संवाद प्रस्तुत कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया ।

मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डा. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि इस व्यख्यान के दौरान प्रस्तुत की गई व्यावहारिक टिप्स से छात्र बहुत ही लाभान्वित होंगे तथा अपने तनाव का निवारण स्वयं ही कर लेंगे।  प्रभारी ने बताया की इस कार्यक्रम का सफल आयोजन माननीय कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़, के सतत प्रयासों से संभव हो पाया। उन्होंने कुलसचिव रामदत्त व विभागाध्यक्ष प्रो. सारिका शर्मा का भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया ।

कार्यक्रम के आयोजन की बागडोर संभालते हुए विभाग के सहायक आचार्य डा. संदीप एवं डा.निधी वर्मा ने छात्रों को मानसिक समस्या के दौरान विशेषज्ञ तथा अपने नजदीकी लोगों से बात करने की सलाह दी।


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