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यह घोषणा पत्र है कांग्रेस की विफलताओं का सरमाया:रमन मलिक

गुरुग्राम: 
रमन मलिक हरियाणा भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस का घोषणापत्र आने के बाद अजेयभारत के साथ अपने विचार साँझा किये उन्होंने कहा की कांग्रेस का घोषणापत्र देश की सुरक्षा पर क्रूरतम प्रहार किया है. कांग्रेस पार्टी लगातार सेना के शौर्य एवं उनके शहादत का अपमान करती आई है, उसी फेहरिश्त में इजाफा करते हुए कांग्रेस एक कदम और गिर गई है.


कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि वह अफस्पा हटाएगी और सेना के अधिकार को कम करेगी. इसका मतलब यह है कि कांग्रेस ने कश्मीर में अलगाववादियों एवं आतंकवादियों से बैक एंड समझौता कर लिया है. अफस्पा हटाने का मतलब यह है कि सेना के पास से आतंकवादियों पर प्रहार करने का हथियार छीन लिए जायेंगे. इतना ही नहीं, कांग्रेस पार्टी ने वादा किया है कि वह अलगाववादियों से बात करेगी. किसको खुश करने के लिए कांग्रेस पार्टी ऐसा कर रही है? क्या कारण है कि आतंकवादियों, अलगावादियों, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और कांग्रेस का घोषणापत्र एक ही भाषा का प्रयोग करती है.


कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र सेना नागरिकों को गायब कर रही है, ‘सेक्सुअल वायलेंस' में शामिल है और लोगों को टॉर्चर करती है. (घोषणापत्र की पेज संख्या 35, पॉइंट नंबर 6) जो पहले से ही कांग्रेस के तमाम नेता कहते आये हैं. 


It says, Amend the Armed Forces (Special Powers) Act, 1958 in order to strike a balance between the powers of security forces and the human rights of citizens and to remove immunity for enforced disappearance, sexual violence and torture.


कांग्रेस के घोषणापत्र में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास और पाकिस्तान स्पोंसर्ड टेररिज्म पर कोई वादा नहीं किया गया है. अभी कल ही फेसबुक ने ऐसे पेज हटाये हैं जिसमें कांग्रेस पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर मोदी को हराने की रणनीति बना रही थी। स्पष्ट है कि कांग्रेस देश के खिलाफ बड़ी साजिश रच रही है.


कांग्रेस का इतिहास ही झूठे वादे करने का रहा है, आज तक कांग्रेस ने एक भी वादा अपने कार्यकाल में पूरा करके नहीं दिखाया.


कांग्रेस ने 2004 के घोषणापत्र में बिजली पहुंचाने का वादा किया था. 2009 और 2014 में भी यह कांग्रेस के घोषणापत्र का हिसा रहा लेकिन इसे पूरा मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में किया.


कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि वह किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए फीजिबिलिटी को एक्जामिन करेगी. वाह रे कांग्रेस पार्टी, इसने 2004, 2009, 2014 और अब 2019 में भी यही कह रही है जबकि मोदी सरकार ने देश के 12 करोड़ से अधिक किसानों को 6000 रुपये देने की शरुआत भी कर दी.


OROP 40 साल से पेंडिंग था. कांग्रेस ने 2004 के घोषणापत्र में इसे लागू करने का वादा किया था. वह 10 साल में इसे पूरा नहीं कर पाई, इसके लिए सरकार जाते समय कांग्रेस पार्टी ने केवल 500 करोड़ रुपये आवंटित किये थे. मोदी सरकार ने एक साल में ही OROP लागू किया और अब तक सैनिकों के खाते में लगभग 35,000 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई भी जा चुकी है.


2004 में कांग्रेस ने वादा किया था कि वह जनता के प्रति जवाबदेह है, इसलिए हर साल 2 अक्टूबर को पूरे किए गये वादों का लेखा जोखा जनता के सामने रखेगी। कांग्रेस ने यह भी वादा किया था कि सरकार बनने के 100 दिनों में वह एक्शन प्लान पेश करेगी. आज तक कांग्रेस की सरकार में यह हुआ ही नहीं. मोदी जी हर साल अपने कामकाज का लेखा-जोखा देश की जनता को देते हैं.


कांग्रेस पार्टी ने 2011 तक देश के हर नागरिक को आधार कार्ड देने का वादा किया था, सरकार जाने तक कांग्रेस पार्टी केवल 46 करोड़ लोगों को ही आधार कार्ड से जोड़ पाई थी. आज देश के लगभग हर नागरिक के पास आधार कार्ड है.


कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि वह सुरक्षा जरूरतों के लिए हाइएस्ट लेवल के कदम उठायेगी. रहने दीजिये राहुल बाबा, आप 10 साल में एक लड़ाकू विमान का डील तो कर नहीं पाए….


कांग्रेस ने वादा किया है कि वह सबको स्वास्थ्य सुरक्षा देगी. वास्तविकता यह है कि 2013-14 तक केवल ढाई करोड़ लोग ही इस योजना से कवर्ड हो पाए थे. मोदी जी ने देश के 50 करोड़ गरीबों को पांच लाख रुपये तक की वार्षिक स्वास्थ्य बीमा दे दी है. पिछले चार महीनों में ही 20 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो पाए हैं.


कांग्रेस ने ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को लेकर कहा है कि तीन वर्षों में हम हर गाँव को इससे जोड़ेंगे. सच्चाई यह है कि 2014 में देश के ढाई लाख ग्राम पंचायतों में से केवल 59 ग्राम पंचायत ही ब्रॉडबैंड से जुड़ पाए थे. आज मोदी सरकार के पांच वर्षों में 1.16 लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर का जाल बिछा दिया गया है


कांग्रेस पार्टी के नेता कह रहे हैं कि न्याय के लिए अन्य योजनाओं में कटौती की जायेगी. कांग्रेस स्पष्ट करे कि इसके लिए फंड कहाँ से आयेगा. कांग्रेस ने न्याय को लागू करने की कोई रूपरेखा भी पेश नहीं की कि कितने सालों में कब तक लागू किया जाएगा. कांग्रेस कह रही है कि हर गरीब को साल के 3,60,000 रुपये मिलेंगे लेकिन इसका मैकेनिज्म भी डेवलप नहीं हुआ. सच्चाई यह है कि एक भी गरीब को साल में 3,60,000 रुपये कांग्रेस नहीं देगी.

कांग्रेस पार्टी ने आज अपना घोषणापत्र नहीं बल्कि अपनी नाकामियों  के ब्यूरो की घोषणा करी है। गरीब गरीब रहा किसान आज भी बदहाली में है, हालांकि कहते हैं कि उन्होंने कर्ज माफी करें और आने वाले समय में भी किसान की कर्ज माफी से ही उसका उद्धार होगा तो अगर किसान का कर्ज माफी से ही उद्धार होना है तो पहली बारी जो कर्ज माफी हुई थी उसमें किस का उद्धार हुआ?

 इस घोषणा पत्र मैं आयात के बदले में निर्यात की एक नीति बताई है,  उसे यह दिखाती है की मेक इन इंडिया की मुहिम पर गुपचुप तरीके से प्रहार किया जा रहा है। प्रश्न यह है कि अगर इससे भारत का नुकसान है तो फायदा किसका है? इस घोषणापत्र के अंदर कांग्रेस ने अपनी मंशा की भी घोषणा करी है कि वह किसी भी प्रकार से काला धन की व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के लिए साम दाम दंड भेद की नीति अपनाते हुए ऐसे प्रयास करेगी और व्यवस्थाएं बनाएगी जिसका पूरा फायदा ऐसे लोग उठा सकें जो कि काले धन की संख्या और उत्पत्ति में कुशल रहे हैं।

  मेरे हिसाब से कांग्रेस की तो अब हालत यह है की:

 अंधेरा भगाने की उम्मीद चिराग से करी थी।

चिराग की चाहत में आशिया ही खा कर डाला।

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