Recents in Beach

header ads

गुरु रविन्द्रनाथ टैगोर के 158वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया



महेन्द्रगढ़ :  प्रमोद बेवल



हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में गुरु रविन्द्रनाथ टैगोर के 158वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने संदेश के माध्यम से कहा कि गुरु रविंद्रनाथ टैगोर "वसुधैव कुटुम्बकम्" की विचारधारा में विश्वास रखते थे और वह ऐसे संसार की कल्पना करते थे जो आपसी सद्भाव पर आधारित हो। शिक्षा में वह स्वतंत्रता को सर्वोपरि मानते थे एवं ऐसी शिक्षा प्रणाली की परिकल्पना करते थे जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित हो। उनका मत था कि शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों की सृजनात्मक शक्तियों का विकास करना होना चाहिए ।

विश्वविद्यालय की शिक्षापीठ के अधिष्ठाता डा. प्रमोद कुमार ने बताया कि गुरु रविंद्रनाथ टैगोर विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ भावात्मक विकास तथा सौंदर्य बोध पर बल देते थे। वे पाठ्यक्रम में विज्ञान, गणित के साथ-साथ गायन, कला और संगीत आदि विषयों को भी शामिल करने के पक्षधर थे ।

कार्यक्रम में विभाग के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने गुरु रविंद्र नाथ टैगोर के शिक्षा दर्शन के विषय में अपने विचार प्रस्तुत किए । कार्यक्रम में विभाग के विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे ।

Post a Comment

0 Comments