जाने और समझें शरीर के अंगों का फड़कना क्या होता हैं?


जानिए क्या होता हैं अंगों के फड़कने का प्रभाव ??

भारतीय सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार मानव शरीर के विभिन्न अंगों का फड़कना बेहद विशेष होता है। इसके अनुसार हर अंग किसी ना किसी भविष्यवाणी की तरफ इशारा करता है।
हमारे हिन्दु शास्त्रों मे अगों के फङकने को काफी महत्व दिया गया है और उनको शुभाशुभ घटनाओं का पूर्वाभास माना गया है।

ऐसा विश्वास किया जाता है कि पुरुष के शरीर के दाहिने अंगों का फङकना और स्त्री के बांयें अंगों का फङकना शुभ होता है।


सिर के अलग-अलग हिस्सों का फड़कना....

सिर के अलग-अलग हिस्सों के फड़कने का भिन्न-भिन्न अर्थ होता है जैसे-

मस्तक फड़कने से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। कनपटी फड़के तो इच्छाएं पूर्ण होती है। सिर के बाँयी ओर के हिस्से में फडकन हो तो इसे बहुत ही शुभ माना गया है। आने वाले दिनों में यात्रा करनी पड सकती है। यदि आपकी यात्रा बिजनेस से सम्बंधित है तो ज्यादा नहीं तो थोडा बहुत लाभ अवश्य होगा. आपके सिर के दांयी ओर के हिस्से में फडकन है तो यह शुभ फलदायक स्थिति है आपको धन, किसी राज सम्मान, नौकरी में पदोंन्नती, किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार, लाटरी में जीत, भूमि लाभ आदि की प्राप्ति हो सकती है।

आपके सिर का पिछला हिस्सा फडकता है तो समझ लीजिए आपका विदेश जाने का योग बन रहा है और वहाँ आपको धन की प्राप्ति भी होने वाली है. लेकिन अपने देश में लाभ की कोई संभवना नहीं है आपके सिर के अगले हिस्से में फडकन हो रही है तो यह स्थिति स्वदेश या परदेश दोनों में ही धन मान प्राप्ति का कारण बन सकती है।

आपका सम्पूर्ण सिर फडक रहा है तो यह सबसे अधिक शुभ स्थिति है आपको दुसरे का धन मिल सकता है, मुकद्दमे में जीत हो सकती है. राजसम्मान मिल सकता है. या फिर भूमि की प्राप्ति हो सकती है।


कंठ आदि का फड़कना---
कंठ गला तेज गति से फडकता है तो स्वादिष्ट और मनपसंद भोजन मिलता है. किसी स्त्री का कंठ फडकता है तो उसे गले का आभूषण प्राप्त होता है।
कंठ का बांया भाग फड़कता है तो धन की उपलब्धि कराता है।

किसी स्त्री के कंठ के निचले हिस्से का फडकना कम मूल्य के आभूषणों की प्राप्ति की सूचना देता है । कंठ का उपरी भाग फडकता है तो सोने की माला मिलने की संभावना बड जाति है। कंठ की घाटी के नीचे फडकन होती है तो किसी हथियार से घायल होने की संभावना रहती है।

सम्पूर्ण मूँछो में फडकन है तो इसका फल बहुत ही शुभ माना गया है इससे दूध, दही, घी, धन धान्य का योग बनता है। अगर आपकी मूंछ का दांया हिस्सा फडकता है तो इसे शुभ समझना चाहिए। आपकी बाँयी मूंछ फडकती है तो आपका किसी से बहस या झगडा हो सकता है।

आपके तालू में फडकन है तो यह आर्थिक लाभ का शुभ संकेत है. दाया तालू में फडकन है तो यह बिमारी की सूचना दे रहा है। बाये तालू में फडकन है तो आप किसी अपराध में जेल जा सकते है।


आँख का फड़कना---

दाहिनी आंख व भौंह फड़के तो समस्त अभिलाषा पूर्ण होती है। बांई आंख व भौंह फड़के तो शुभ समाचार मिलता है। दायीं आँख ऊपर की ओर के फलक में फडकती है तो धन कीर्ति आदि की वृद्धि होती है। नौकरी में पदोन्नति होती है नीचे का फलक फडकता है तो अशुभ होने की संभवना रहती है।

बाँयी आँख का उपरी फलक फडकता है तो दुश्मन से और अधिक दुश्मनी हो सकती है. नीचे का फलक फडकता है तो किसी से बेवजह बहस हो सकती है और अपमानित होना पड सकता है।

बाँयी आँख की नाक की ओर का कोना फडकता है जिसका फल शुभ होता है. पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।

दांयी आँख फडकती है तो यह शुभ फलदायक होता है. लेकिन अगर किसी स्त्री की दांयी आँख फडकती है तो उसे अशुभ माना जाता है।

दोनों आँखे एक साथ फडकती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुडे हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।

दांयी आँख पीछे की ओर फडकती है तो इसका फल अशुभ होता है। बाँयी आँख ऊपर की और फडकती हो तो इसका फल शुभ होता है. स्त्री की बाँयी आँख फडकती हो तो शुभ फल होता है।

दोनों गाल यदि फड़के तो अतुल धन की प्राप्ति होती है। यदि होंठ फडफ़ड़ाएं तो हितैषी का आगमन होता है। मुंह का फड़कना पुत्र की ओर से शुभ समाचार का सूचक होता है।

यदि लगातार दाहिनी पलक फडफ़ड़ाए तो शारीरिक कष्ट होता है।

शरीर के मध्य भागों का फड़कना---
पीठ फड़के तो विपदा में फंसने की संभावना रहती है। दाहिनी ओर की बगल फड़के तो नेत्रों का रोग हो जाता है। पसलियां फड़के तो विपदा आती है। छाती में फडफ़ड़ाहट मित्र से मिलने का सूचक होती है। ह्रदय का ऊपरी भाग फड़के तो झगड़ा होने की संभावना होती है। नितंबों के फड़कने पर प्रसिद्धि व सुख मिलता है।

यदी आपके पेट में फडकन है तो यह अन्न की समृद्धि की सूचना देता है। यदि पेट का दांया हिस्सा फडक रहा है तो घर में धन दौलत की वृद्धि होगी सुख और खुशहाली बडती है.अगर आपके पेट का बांया हिस्सा फडकता है तो धन समृद्धि धीमी गति से बडती है वैसे यह शुभ नहीं है. पेट का उपरी भाग फडकता है तो यह अशुभ होता है। लेकिन पेट के नीचे का भाग फडकता है तो स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति होती है।

पीठ दांयी ओर से फडक रही है तो धन धान्य की वृद्धि हो सकती है लेकिन पीठ के बांये भाग का फडकना ठीक नहीं होता है। मुकद्दमे में हार या किसी से झगडा हो सकता है। बायी पीठ में फडकन धीमी हो तो परिवार में कन्या का जन्म होना संभव है और फडकन तेज हो तो अपरिपक्व यानि समय से पहले ही प्रसव हो सकता है। पीठ का उपरी हिस्सा फडक रहा हो तो धन की प्राप्ति होती है और पीठ का निचला हिस्सा फडकता है तो बहुत से मनुष्यों की प्रशंसा मिलने की संभावना रहती है।

हाथ के विभिन्न हिस्सों का फड़कना--

दाहिनी ओर का कंधा फड़के तो धन-संपदा मिलती है। बांई ओर का फड़के तो सफलता मिलती है या रक्त विकार या वात सम्बन्धी विकार उत्पन्न हो सकते हैं और यदि दोनों कंधे फड़कें तो झगड़े की संभावना रहती है। हथेली में यदि फडफ़ड़ाहत हो तो व्यक्ति किसी विपदा में फंस जाता है। हाथों की अंगुलियां फड़के तो मित्र से मिलना होता है। दाईं ओर की बाजू फड़के तो धन व यश लाभ तथा बाईं ओर की बाजू फड़के तो खोई वस्तु मिल जाती है। दाईं ओर की कोहनी फड़के तो झगड़ा होता है, बाईं ओर की कोहनी फड़के तो धन की प्राप्ति होती है।

पैर के विभिन्न हिस्सों का फड़कना--
दाहिनी ओर की जांघ फड़के तो अपमान होता है, बाईं ओर की फड़के तो धन लाभ होता है। आपके दांये घुटने में फड़कन है तो आपको सोने की प्राप्ति हो सकती है और यदि दांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो यह शत्रु पर विजय हासिल करने का संकेत है। आपके बांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो आपके कार्य पूरा होने की संभावना बड जाती है. बाये घुटने का उपरी हिस्सा फडक रहा है तो इसका फल कुछ नहीं होता है।

गुप्तांग फड़के तो दूर की यात्रा पर जाना होता है।

दाईं ओर का अंडकोष फड़के तो खोई वस्तु की प्राप्ति होती है, बाईं ओर का फड़के तो पुत्र से सुख और विदेश यात्रा का योग बनता है। दाहिनें पैर का तलवा फड़के तो कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बाईं ओर का फड़के तो निश्चित रूप से यात्रा पर जाना होता है।

इसी प्रकार अलग-अलग अंग के फड़कने के अलग-अलग फल मिलते हैं--

• कण्ठ के फड़कने से ऐश्वर्यलाभ होता है।
• ऐसे ही मुख के फड़कने से मित्र लाभ होता है और होठों का फड़कना प्रिय वस्तु की प्राप्ति का संकेत देता है।
• यदि मस्तक फड़के तो भू-लाभ मिलता है।
• ललाट का फड़कना स्नान लाभ दिलाता है।
• यदि कंधे फड़के तो भोग-विलास में वृद्धि होती है।
• हाथों का फड़कना उत्तम कार्य से धन मिलने का सूचक है।
• वक्षःस्थल का फड़कना विजय दिलाने वाला होता है।
• हृदय फड़के तो इष्टसिद्धि दिलाती है।
• नाभि का फड़कना स्त्री को हानि पहुँचाता है।
• उदर का फड़कना कोषवृद्धि होती है।
• गुदा का फड़कना वाहन सुख देता है।
• दोनों भौंहों के मध्य फड़कन सुख देने वाली होती है।
• कपोल फड़के तो शुभ कार्य होते हैं।
• नेत्र का फड़कना धन लाभ दिलाता है।
• नेत्रकोण फड़के तो आर्थिक उन्नति होती है।
• आँखों के पास फड़कन हो तो प्रिय का मिलन होता है।

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