गर्मी के मौसम में पीने के पानी की कमी नहीं रहेगी: अशोक

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। 













































शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में उपायुक्त अशोक
कुमार ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए
दावा किया कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
इसके लिए उचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जेएनएल के माध्यम से
15 दिन नहरी जलापूर्ति होती है जबकि 15 दिन नहर बंद रहती है। कई बार 22
दिन तक नहरी पानी नहीं आता, तब पेयजल की समस्या पैदा होती है। इसके
समाधान के लिए दोनों वाटर हैड से एक किलोमीटर तक पानी जेएलएन के एक
किलोमीटर भाग में नहरी पानी भरकर रखा जा सकता है, जिसे जनस्वास्थ्य विभाग
वहां से लिफ्ट कर अपने जल संग्रहण टैंक में ले जाएगा। इसके बावजूद कोई
समस्या आती है तो पानी की कमी वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल

उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में 187 सार्वजनिक जोहड़ों अथवा तालाबों में से
181 जोहड़ों को नहरों से जोड़कर पानी भरवाया गया है। 6 तालाबों में आपूर्ति
पाइप लाइन बाधित होने की वजह से संबंधित पंचायतों को वह बाधा दूर करने के
निर्देश दिए गए हैं। चूंकि इस वक्त आचार संहिता लागू है, इसलिए जल्द यह
काम पूरा कराया जाएगा। जहां जोहड़ों में गंदा पानी भरा है, उसे बारिश आने
से पहले निकलवा लिया जाएगा ताकि तेज बारिश आने पर जोहड़ ओवर फलो ना हों।
इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने 53 डीजल पम्प सैट की व्यवस्था की
है क्योंकि बिजली चलित मोटर से ऐसी स्थिति में करंट पैदा हो सकता है।
उन्होंने रेलवे अंडर पासों और शहरी क्षेत्रों में जल भराव वाली स्थिति से
निपटने के लिए ऐसी जगहों को चिन्हित करने के साथ ही मल निकासी नालों की
जल्द सफाई करा लिए जाने के संकेत किए। उपायुक्त ने कहा कि बरसात के मौसम
में रेवाड़ी शहर के जलभराव की चार मुख्य जगहों की सबसे पहले सफाई के आदेश
दिए गए हैं, जहां वक्षों के पतों की वजह से गंदगी होने से नाले रूक जाते
हैं, इनको जल्द साफ करा दिया जाएगा।

उन्होंने संकेत किया कि पिछली बार जिले की मंडियों में 43 हजार मीट्रिक
टन सरसों खरीदी गई जबकि इस बार यह आंकड़ा 77 हजार मीट्रिक टन है। कोसली और
बावल मंडियों में यह काम पूरा हो चुका है जबकि रेवाड़ी मंडी में सोमवार तक
यह काम पूरा करा लिए जाने की उम्मीद है। उधर गेहूं की खरीद को लेकर
उन्होंने संकेत किया कि पिछले सीजन में 69 हजार मीट्रिक टन जबकि इस बार
अब तक 72 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस
बार सरसों खरीद में मौसम की वजह से कुछ परेशानी आई मगर काम शांतिपूर्वक
चला। उपायुक्त ने कहा कि खरीदी गई सरसों का उठान कराकर उसका समुचित
भंडारण करा दिया गया है जबकि गेहूं के मामले में अनाज मंडी में तिरपाल से
इसका भंडारण कराया गया है।

Post a Comment

0 Comments