Recents in Beach

header ads

विकास में वैकल्पिक ऊर्जा के विकल्पों के बारे में चर्चा हुई

महेन्द्रगढ़ : प्रमोद बेवल

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स "ज्ञान" के अंतर्गत ‘इंटीग्रेटेड लिग्नोसेलुलोसिक बायोरिफाइनरी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट‘ विषय पर विशेष कोर्स का समापन हो गया ।एक सप्ताह तक चले इस कोर्स के समापन सत्र में विश्वविद्यालय के  कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ मुख्य अतिथि थे ।

प्रो. कुहाड़ ने विदेशी विशेषज्ञ शैंगडांग यूनिवर्सिटी, चीन के प्रोफेसर यिनबो चू का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके द्वारा प्रतिभागियों को मिली जानकारी अवश्य ही इस विषय को समझने में मददगार साबित होगी । कुलपति ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों को भी इस तरह के आयोजन नियमित अंतराल पर आयोजित करने हेतु प्रेरित किया ।

यहां बता दे कि एक सप्ताह चले इस "ज्ञान" कोर्स के उद्घाटन के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रतिभागियों को सतत विकास में वैकल्पिक ऊर्जा के विकल्पों के रूप में कृषि अपशिष्टों पर जारी उनके प्रयासों से भी अवगत कराया था। उन्होंने बताया कि किस तरह से लिग्नोसेलुलोस से बायोऐथेनाल तैयार किया जा सकता है। 

कोर्स के समापन सत्र में जीवन विज्ञान पीठ के अधिष्ठाता व स्थानीय संयोजक प्रो. सतीश कुमार ने इस अवसर पर विदेशी विशेषज्ञ के द्वारा दिए गए व्याख्यानों पर चर्चा की और इस आयोजन में प्रो. कुहाड़ से मिले मार्गदर्शन व सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया । इस कोर्स में पांडिचेरी विश्वविद्यालय, एमेटी विश्वविद्यालय, जीपी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन एनवायंमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, इंस्टीट्यूट ऑफ एडवासंड मैनेजमेंट एंड रिसर्च, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय सहित हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया ।

विश्वविद्यालय में आयोजित इस "ज्ञान" कोर्स के संयोजक डा. जितेंद्र सैनी ने बताया कि इस कोर्स के दौरान करीब 50 वर्षों से अधिक शोध व अध्यापन का अनुभव रखने वाले विदेशी विशेषज्ञ प्रो. यिनबो चू ने प्रतिभागियों को न सिर्फ व्याख्यान के माध्यम से बल्कि प्रायोगिक सत्र व ट्यूटोरियल के माध्यम से इस विषय के विभिन्न पक्षों से अवगत कराया ।

कोर्स के समापन सत्र में प्रो. थिनबो चू ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ की प्रशंसा की और कहा कि उनके नेतृत्व में यह विश्वविद्यालय सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उनका यह प्रवास अच्छा रहा और वे भविष्य में भी यहां आते रहेंगे। 

























समापन सत्र में प्रो.  नीलम सांगवान, डा. गुंजन गोयल, डा. सुरेंद्र सिंह, डा. कश्यप दुबे, डा.पूजा यादव, डा. बिजेंद्र सिंह, डा. तेजपाल, डा.अश्वनी सहित भारी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित थे ।
Attachments area

Post a Comment

0 Comments