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पिंक बूथों में महिला चुनाव अधिकारी हुई परेशान


देर रात लोकल बस सेवा उपलब्ध होती तो मिलती कुछ राहत
11 बजे तक चुनाव सामग्री जमा कराने के लिए कतार में खड़ा होना पड़ा


धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्ज एसोसिएशन के पूर्व
राज्य प्रधान अनिल यादव ने हाल में हुए लोकसभा आम चुनाव में कुछ मामलों
में प्रशासनिक अनदेखी पर नाराजगी जताई। उनकी मांग है कि जिला निर्वाचन
अधिकारी इनकी समुचित जांच कराकर समीक्षा कराए ताकि चुनाव अधिकारी चुनावी
ड्यूटी को बोझ समझे।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस बार पिंक बूथ बनाए थे। बावल विधानसभा
क्षेत्र में 5 पिंक बूथ बनाए गए, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर अलग
प्रबंध व्यवस्था से 8-9 बजे तक रिलिंग दी जा सकती थी, मगर प्रशासनिक
अनदेखी की वजह से ये महिला अधिकारी रात 11 बजे तक चुनाव सामग्री जमा
कराने के लिए पुरूष कर्मचारियों की कतार में खड़ी रही। यादव ने आरोप लगाया
कि इस बार चुनाव सामग्री लेने वाले स्टाफ को समुचित प्रशिक्षण नहीं दिया
गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिंक बूथों के मुख्य को गुलाबी गुब्बारे
तथा गुलाबी टैंट से सजाया मगर वहां महिला कर्मचारियों के सोने, नहाने तक
की व्यवस्था नहीं की गई। 

अगर प्रशासन रात 10 से 12 बजे तक सेक्टर 18 से
रेलवे स्टेशन वाया बस स्टैंड नाई वाली लोकल बस सेवा मुहैया कराता, तब
सैंकड़ों कर्मचारियों को थकाऊ चुनाव डयूटी से मुक्त होने के बाद घर जाते
वक्त कुछ राहत मिलती मगर ऐसा प्रबंध नहीं किया गया।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से इस मामले की समीक्षा में पिंक बूथ की
व्यवस्था एवं बस सेवा संबंधी चुनावी विसंगतियों को लेकर जवाबदेही
सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

































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