जिस घर समाज में नारी का सम्मान होता है वहां ईश्वर का वास होता है

महेन्द्रगढ़ : प्रमोद बेवल

देवीतुल्य कन्या व नारी सम्मान करना चाहिए क्योंकि जिस घर समाज में नारी का सम्मान होता है वहां ईश्वर का वास होता है । 
सरकार की ओर से चलाया गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तब तक संभव नहीं होगा जब तक हम सब मिलकर इस 
अभियान को गति नहीं देंगे । गर्भ में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के संकल्प से लिंगानुपात का अन्तर तो कम होगा ही समाज 
व परिवार के साथ राष्ट्र की समृद्धि भी होगी ।

उपमंडल के गांव भुरजट में कन्या के जन्म को पर्व के रुप में मनाने वाले परिवार को सम्मानित करते हुए यह संदेश राष्ट्रीय 
युवा पुरस्कार विजेता मंजू कौशिक ने दिया । इस मौके पर उन्होंने उपस्थितजनों को गर्भ में कन्या भ्रूण हत्या रोकने की 
शपथ दिलवाई ।

गांव भुरजट में 16 अप्रैल को ताराचंद जांगड़ा व अनारी देवी के यहां उनकी नवजात पौत्री ने जन्म लिया । घर में कन्या की 
किलकारी सुनते ही दादा राजेश कुमार, अनूप कुमार दादी बबली, पिंकी, भुआ ज्योति, गगन चाचा अमित व समस्त जांगड़ा 
परिवार ने निर्णय लिया कि नवजात कन्या के जन्म को पर्व के रुप में मनाया जाएगा । इतना ही नहीं ननिहाल पक्ष से मामा 
मनमोहन, अमित, प्रिंस, रविन, नितिन ने लड़के के जन्म की तरह छूछक देकर सन्देश दिया कि लड़का-लड़की में भेदभाव
अब खत्म होना चाहिए ।

रविवार देर सायं नवजात कन्या की मां मोनिका पत्नी राजबीर का धूमधाम से कुआं पूजन करवाया गया । इस मौके पर 
ग्रामीणों संग सहभोज कर जांगड़ा परिवार ने समाज का आहवान किया कि लड़कियां अब किसी क्षेत्र में लड़कों से कम 
नहीं हैं । इस मौके पर सुबेदार मामचंद, सतलाल, राकेश, महेश, प्रमोद, हनुमान, लीलू हवलदार, लक्ष्मी, सुमन, राजोदेवी 
ने भी नवजात कन्या को आशीर्वाद दिया ।
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